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ज्यामितीय आकृतियों में परिवर्तन एवं सममिति
Chhattisgarh · Class 9 · 🧮 Maths · Chapter 12

ज्यामितीय आकृतियों में परिवर्तन एवं सममिति

परिवर्तन (Transformation)दृढ़ परिवर्तन (Rigid Transformation)स्थानांतरण (Translation)परावर्तन (Reflection)घुमाव (Rotation)अदृढ़ परिवर्तन (Non-rigid Transformation)

यह अध्याय ज्यामितीय आकृतियों में होने वाले विभिन्न परिवर्तनों और सममिति की अवधारणा का परिचय देता है। छात्र दृढ़ परिवर्तन (स्थानांतरण, परावर्तन, घुमाव) और अदृढ़ परिवर्तन (स्केलिंग) के बीच अंतर करना सीखते हैं। इसमें रैखिक सममिति और घूर्णन सममिति की विस्तृत व्याख्या भी शामिल है, जिसमें सममित रेखाओं की पहचान करना और घूर्णन का क्रम निर्धारित करना सिखाया जाता है। यह अध्याय छात्रों को दैनिक जीवन में इन अवधारणाओं के अनुप्रयोगों को समझने में मदद करता है, जैसे कि पैटर्न डिजाइन करना। यह ज्यामितीय तर्क और स्थानिक सोच के लिए एक मजबूत आधार बनाता है।

परिवर्तन (Transformation) की परिभाषा और प्रकार

ज्यामिति में परिवर्तन वह प्रक्रिया है जिसमें किसी आकृति की स्थिति, आकार (साइज) या आकृति में बदलाव होता है।

परिवर्तन के प्रकार:

  1. दृढ़ परिवर्तन (Rigid Transformation):
  • वह परिवर्तन जिसमें मूल आकृति और परिवर्तित आकृति सर्वांगसम होती हैं।
  • आकृति का आकार (साइज) और आकृति नहीं बदलती, केवल उसकी स्थिति या अभिविन्यास बदलता है।
  • उदाहरण: स्थानांतरण (Translation), परावर्तन (Reflection), घुमाव (Rotation)।
  1. अदृढ़ परिवर्तन (Non-rigid Transformation):
  • वह परिवर्तन जिसमें मूल आकृति और परिवर्तित आकृति सर्वांगसम नहीं होती हैं।
  • आकृति का आकार (साइज) बदल जाता है, जबकि आकृति समान रह सकती है।
  • उदाहरण: स्केलिंग (बढ़ाना या घटाना), जैसे किसी चित्र को बड़ा या छोटा करना।

| विशेषताएँ | दृढ़ परिवर्तन | अदृढ़ परिवर्तन | | :----------------- | :----------------------------------------- | :--------------------------------------------- | | सर्वांगसमता | मूल और परिवर्तित आकृति सर्वांगसम होती हैं। | मूल और परिवर्तित आकृति सर्वांगसम नहीं होती हैं। | | आकार (साइज) | अपरिवर्तित रहता है। | बदल जाता है (बढ़ता या घटता है)। | | आकृति | अपरिवर्तित रहती है। | अपरिवर्तित रह सकती है या बदल भी सकती है। | | उदाहरण | स्थानांतरण, परावर्तन, घुमाव | स्केलिंग (बढ़ाना/घटाना) |

दैनिक जीवन में परिवर्तन के उदाहरण:

  • फर्नीचर को एक जगह से दूसरी जगह खिसकाना (स्थानांतरण)।
  • बर्तन को सीधा से उलटा रखना (परावर्तन)।
  • झूले का घूमना (घुमाव)।
  • पासपोर्ट साइज फोटो से बड़ा फोटो बनवाना (स्केलिंग - अदृढ़ परिवर्तन)।

दृढ़ परिवर्तन की पहचान

  • यदि किसी क्रिया के बाद मिली आकृति को मूल आकृति पर रखने पर वह उसे पूरी तरह ढँक लेती है, तो वह दृढ़ परिवर्तन है।
  • दृढ़ परिवर्तन में संगत भुजाओं की लंबाई और संगत कोणों का माप अपरिवर्तित रहता है।
📖परिभाषा

परिवर्तन (Transformation): किसी मूल आकृति पर क्रिया करके उसकी स्थिति, आकृति या आकार (साइज) में बदलाव होने की प्रक्रिया को परिवर्तन कहते हैं।

महत्त्वपूर्ण

दृढ़ परिवर्तन में, आकृति की आकृति और आकार (साइज) नहीं बदलते, केवल उसकी स्थिति या अभिविन्यास बदलता है।

दृढ़ परिवर्तनों के गुणधर्म

दृढ़ परिवर्तन तीन प्रकार के होते हैं, जिनमें आकृति की सर्वांगसमता बनी रहती है:

1. स्थानांतरण (Translation)

  • परिभाषा: एक ऐसी क्रिया जिसमें किसी आकृति को एक स्थान से किसी निश्चित दूरी और निश्चित दिशा में खिसकाकर दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है।
  • गुणधर्म:
  • आकृति की आकृति और आकार (साइज) अपरिवर्तित रहते हैं।
  • सभी बिंदुओं को एक ही दिशा में और एक ही दूरी पर ले जाया जाता है।
  • मूल आकृति और परिवर्तित आकृति सर्वांगसम होती हैं।
  • उदाहरण: दीवार पर टंगी तस्वीर को खिसकाना।

2. परावर्तन (Reflection)

  • परिभाषा: वह क्रिया जिसमें किसी आकृति को एक निश्चित रेखा के सापेक्ष पलटाकर परिवर्तित आकृति प्राप्त की जाती है। इस रेखा को परावर्तन की रेखा (Line of Reflection) कहते हैं।
  • गुणधर्म:
  • मूल आकृति और परिवर्तित आकृति सर्वांगसम होती हैं।
  • परावर्तन की रेखा से मूल आकृति और परावर्तित आकृति की दूरी समान होती है।
  • यदि कोई बिंदु परावर्तन रेखा पर है, तो उसका प्रतिबिंब वही बिंदु होगा।
  • परावर्तन रेखा, मूल बिंदु और उसके प्रतिबिंब को जोड़ने वाले रेखाखंड को लंबवत समद्विभाजित करती है।
  • उदाहरण: दर्पण में प्रतिबिंब देखना, पानी में किसी वस्तु का प्रतिबिंब।

3. घुमाव (Rotation)

  • परिभाषा: वह क्रिया जिसमें किसी आकृति को एक निश्चित बिंदु (घुमाव का केंद्र) के चारों ओर एक निश्चित कोण से और एक निश्चित दिशा (घड़ी की सुई की दिशा या विपरीत) में घुमाया जाता है।
  • घुमाव के लिए आवश्यक तीन बातें:
  1. घुमाव का केंद्र (Centre of Rotation): वह बिंदु जिसके आधार पर आकृति को घुमाया जाता है। यह बिंदु आकृति पर या आकृति के बाहर हो सकता है।
  2. घुमाव की दिशा: घड़ी की सुई की दिशा (दक्षिणावर्त) या घड़ी की सुई की दिशा के विपरीत (वामावर्त)।
  3. घुमाव का कोण: वह कोण जिससे आकृति को घुमाया जाता है (जैसे 90°, 180°, 270°)।
  • गुणधर्म:
  • मूल आकृति और परिवर्तित आकृति सर्वांगसम होती हैं।
  • घुमाव के केंद्र से आकृति के प्रत्येक बिंदु की दूरी घुमाव के बाद भी समान रहती है।
  • उदाहरण: पंखे का घूमना, झूले का घूमना।

दृढ़ परिवर्तनों का सारांश:

  • इन सभी परिवर्तनों में, आकृति की लंबाई, कोण और क्षेत्रफल अपरिवर्तित रहते हैं।
  • ये सभी परिवर्तन समदूरी (Isometry) कहलाते हैं क्योंकि ये दूरियों को संरक्षित रखते हैं।
📖परिभाषा

स्थानांतरण (Translation): आकृति को एक निश्चित दूरी और दिशा में खिसकाना।

📖परिभाषा

परावर्तन (Reflection): आकृति को एक निश्चित रेखा (परावर्तन की रेखा) के सापेक्ष पलटाना।

📖परिभाषा

घुमाव (Rotation): आकृति को एक निश्चित केंद्र के चारों ओर एक निश्चित कोण और दिशा में घुमाना।

💡सुझाव

याद रखें कि सभी दृढ़ परिवर्तनों में, आकृति की भुजाओं की लंबाई और कोणों का माप नहीं बदलता है।

दृढ़ ज्यामितीय परिवर्तनों का उपयोग

दृढ़ ज्यामितीय परिवर्तनों (स्थानांतरण, परावर्तन, घुमाव) का उपयोग विभिन्न पैटर्न और डिजाइन बनाने में किया जाता है।

पैटर्न निर्माण के चरण:

  1. मूल आकृति (Motif) का चयन: एक साधारण ज्यामितीय आकृति या डिजाइन चुनें।
  2. परिवर्तन लागू करना: इस मूल आकृति पर एक या एक से अधिक दृढ़ परिवर्तन लागू करें।
  • स्थानांतरण: आकृति को बार-बार खिसकाकर एक रैखिक पैटर्न (बॉर्डर) बनाया जा सकता है।
  • परावर्तन: आकृति को पलटाकर सममित पैटर्न बनाए जा सकते हैं, जैसे कि कपड़े या टाइल के डिजाइन।
  • घुमाव: आकृति को एक केंद्र के चारों ओर घुमाकर वृत्ताकार या रेडियल पैटर्न बनाए जा सकते हैं।
  1. पैटर्न का दोहराव: परिवर्तनों के संयोजन से एक दोहराव वाला पैटर्न बनता है जो बिना खाली स्थान छोड़े या बिना एक दूसरे के ऊपर रखे समतल को ढक सकता है।

उदाहरण:

  • बॉर्डर डिजाइन: एक मूल आकृति को लगातार खिसकाकर या पलटाकर दीवार के बॉर्डर बनाए जाते हैं।
  • उदाहरण के लिए, एक '3' जैसी आकृति को पलटाकर, फिर खिसकाकर और फिर घुमाकर एक जटिल बॉर्डर बनाया जा सकता है।
  • टाइलिंग पैटर्न: फर्श या दीवारों पर टाइलें अक्सर स्थानांतरण और घुमाव के संयोजन से पैटर्न बनाती हैं।
  • वस्त्र डिजाइन: साड़ी, कपड़े और वॉलपेपर पर बने डिजाइन अक्सर सममिति और परिवर्तन के सिद्धांतों पर आधारित होते हैं।

महत्व:

  • कला और डिजाइन में रचनात्मकता को बढ़ावा देता है।
  • ज्यामितीय अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझने में मदद करता है।
  • प्रकृति में पाए जाने वाले पैटर्न (जैसे पत्तियों की नसें, फूलों की पंखुड़ियाँ) को समझने में सहायक।
महत्त्वपूर्ण

पैटर्न बनाने के लिए अक्सर मूल आकृति पर स्थानांतरण, परावर्तन और घुमाव का संयोजन उपयोग किया जाता है।

सममिति (Symmetry) और सममित रेखा

सममिति किसी आकृति का वह गुण है जिसके कारण उसे किसी तरह से मोड़ने, पलटाने या घुमाने पर वह पहले जैसी ही दिखती है।

सममिति के प्रकार:

1. रैखिक सममिति (Linear Symmetry)

  • परिभाषा: जब किसी आकृति को एक रेखा के अनुदिश मोड़ने पर उसके दोनों भाग एक-दूसरे को पूरी तरह ढक लेते हैं, तो आकृति में रैखिक सममिति होती है। इस रेखा को सममित रेखा (Line of Symmetry) कहते हैं।
  • गुणधर्म:
  • सममित रेखा आकृति को दो सर्वांगसम भागों में विभाजित करती है।
  • यह एक प्रकार का परावर्तन है जहाँ परावर्तन की रेखा ही सममित रेखा होती है।
  • उदाहरण:
  • वर्ग में 4 सममित रेखाएँ होती हैं।
  • आयत में 2 सममित रेखाएँ होती हैं।
  • समबाहु त्रिभुज में 3 सममित रेखाएँ होती हैं।
  • वृत्त में अनंत सममित रेखाएँ होती हैं (उसके केंद्र से गुजरने वाली कोई भी रेखा)।
  • अंग्रेजी अक्षर 'A', 'M', 'T' में एक ऊर्ध्वाधर सममित रेखा होती है।
  • अंग्रेजी अक्षर 'B', 'C', 'D', 'E', 'K' में एक क्षैतिज सममित रेखा होती है।
  • अंग्रेजी अक्षर 'H', 'I', 'O', 'X' में ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज दोनों सममित रेखाएँ होती हैं।

2. घूर्णन सममिति (Rotational Symmetry)

  • परिभाषा: जब किसी आकृति को उसके केंद्र के चारों ओर 360° से कम कोण पर घुमाने पर वह एक से अधिक बार अपनी प्रारंभिक स्थिति जैसी दिखाई देती है, तो आकृति में घूर्णन सममिति होती है।
  • घुमाव का केंद्र: वह बिंदु जिसके चारों ओर आकृति घूमती है।
  • घुमाव का कोण: वह सबसे छोटा कोण जिससे घुमाने पर आकृति अपनी मूल स्थिति जैसी दिखती है।
  • घुमाव का क्रम (Order of Rotation): एक पूरे घुमाव (360°) में आकृति जितनी बार अपनी प्रारंभिक स्थिति जैसी दिखती है, वह संख्या घुमाव का क्रम कहलाती है।
  • घुमाव का क्रम = \( \frac{360^\circ}{\text{घुमाव का कोण}} \)
  • उदाहरण:
  • समबाहु त्रिभुज: घुमाव का कोण \(120^\circ\), घुमाव का क्रम 3।
  • वर्ग: घुमाव का कोण \(90^\circ\), घुमाव का क्रम 4।
  • नियमित पंचभुज: घुमाव का कोण \(72^\circ\), घुमाव का क्रम 5।
  • वृत्त: अनंत घूर्णन सममिति।
  • अंग्रेजी अक्षर 'H', 'I', 'N', 'O', 'S', 'X', 'Z' में घूर्णन सममिति होती है।

समबहुभुज में सममिति:

  • एक समबहुभुज में उतनी ही सममित रेखाएँ होती हैं जितनी उसकी भुजाएँ होती हैं।
  • एक समबहुभुज में घुमाव का क्रम भी उसकी भुजाओं की संख्या के बराबर होता है।

| आकृति | सममित रेखाएँ | घुमाव का क्रम | घुमाव का कोण | | :----------------- | :----------- | :------------ | :------------ | | समबाहु त्रिभुज | 3 | 3 | \(120^\circ\) | | वर्ग | 4 | 4 | \(90^\circ\) | | नियमित पंचभुज | 5 | 5 | \(72^\circ\) | | नियमित षट्भुज | 6 | 6 | \(60^\circ\) | | आयत | 2 | 2 | \(180^\circ\) | | समांतर चतुर्भुज | 0 | 2 | \(180^\circ\) | | वृत्त | अनंत | अनंत | कोई भी कोण |

सममिति के अनुप्रयोग:

  • प्रकृति में (फूल, पत्तियां, जीव-जंतु)।
  • कला और वास्तुकला में (इमारतों के डिजाइन, पैटर्न)।
  • विज्ञान में (क्रिस्टल संरचनाएं, अणु)।
📖परिभाषा

सममित रेखा (Line of Symmetry): वह रेखा जो किसी आकृति को दो सर्वांगसम भागों में विभाजित करती है, जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब होते हैं।

📖परिभाषा

घूर्णन सममिति (Rotational Symmetry): जब कोई आकृति 360° से कम कोण पर घुमाने पर अपनी मूल स्थिति जैसी दिखती है।

🧮सूत्र

घुमाव का क्रम \( = \frac{360^\circ}{\text{घुमाव का कोण}} \)

💡सुझाव

समबहुभुज में सममित रेखाओं की संख्या और घुमाव का क्रम उसकी भुजाओं की संख्या के बराबर होता है।

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