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एक चर का रैखिक समीकरण
Chhattisgarh · Class 9 · 🧮 Maths · Chapter 5

एक चर का रैखिक समीकरण

एक चर का समीकरणसमीकरण का हलसमीकरण के गुणधर्मसमीकरण के अनुप्रयोगबीजीय व्यंजक

यह अध्याय छात्रों को एक चर वाले रैखिक समीकरणों की अवधारणा से परिचित कराता है। इसमें समीकरणों को बनाना, उन्हें हल करना और विभिन्न गणितीय समस्याओं में उनके अनुप्रयोगों को समझना शामिल है। छात्र समानता के नियमों का उपयोग करके समीकरणों को सरल करना सीखते हैं और आयु, परिमाप, संख्या संबंधी समस्याओं जैसे विभिन्न प्रकार के शाब्दिक प्रश्नों को हल करने के लिए समीकरणों का उपयोग करते हैं। यह अध्याय बीजगणित की नींव रखता है और छात्रों को उच्च कक्षाओं में अधिक जटिल समीकरणों को समझने के लिए तैयार करता है।

चर और बीजीय व्यंजकों को समझना

एक चर का रैखिक समीकरण एक ऐसा समीकरण होता है जिसमें केवल एक चर (जैसे x, y, z आदि) होता है और उस चर की अधिकतम घात 1 होती है।

  • चर (Variable): गणित में, चर एक प्रतीक होता है जो किसी अज्ञात मान या मात्रा को दर्शाता है। इसे आमतौर पर अंग्रेजी वर्णमाला के छोटे अक्षरों जैसे x, y, z, a, b, c आदि से दर्शाया जाता है।
  • उदाहरण: x + 5 = 10 में, x एक चर है।
  • अचर (Constant): एक निश्चित संख्यात्मक मान होता है जो बदलता नहीं है।
  • उदाहरण: x + 5 = 10 में, 5 और 10 अचर हैं।
  • बीजीय व्यंजक (Algebraic Expression): चर और अचर को गणितीय संक्रियाओं (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) से जोड़ने पर बनने वाला पद। इसमें समानता (=) का चिह्न नहीं होता।
  • उदाहरण: 2x + 3, 5y - 7, x/2
  • समीकरण (Equation): दो बीजीय व्यंजकों के बीच समानता (=) का संबंध दर्शाने वाला कथन।
  • उदाहरण: 2x + 3 = 7, 5y - 7 = 13

बीजीय व्यंजकों को व्यक्त करने के तरीके:

  • किसी भी संख्यात्मक व्यंजक को कई तरीकों से व्यक्त किया जा सकता है।
  • उदाहरण: 8 को 2+6, 9-1, 2×4, 30-22 आदि के रूप में लिखा जा सकता है।
  • इसी प्रकार, बीजीय व्यंजकों को भी अलग-अलग संक्रियाओं द्वारा विभिन्न तरीकों से दर्शाया जा सकता है, लेकिन व्यंजकों की संक्रियाओं के नियमों का ध्यान रखना आवश्यक है।
  • उदाहरण: 5x को 2x + 3x, 7x - 2x, 10x/2 आदि के रूप में लिखा जा सकता है।
  • सामान्य गलती: 3x × 2x को 5x समझना गलत है। सही है 3x × 2x = 6x^2

एक चर का रैखिक समीकरण का मानक रूप:

  • ax + b = c जहाँ a, b, c वास्तविक नियत संख्याएँ हैं और a ≠ 0
  • a को चर x का गुणांक कहते हैं।
  • यदि a = 0 हो जाए, तो चर x समाप्त हो जाएगा और यह एक समीकरण नहीं रहेगा।

समीकरण के प्रकार (घात के आधार पर):

  • एक चर का एक घात का समीकरण (रैखिक समीकरण): चर की अधिकतम घात 1 होती है।
  • उदाहरण: 3x + 4 = 13
  • एक चर का द्विघात समीकरण: चर की अधिकतम घात 2 होती है।
  • उदाहरण: ax^2 + bx + c = d (जहाँ a ≠ 0)

समीकरण का हल (Solution of an Equation):

  • किसी समीकरण में चर के स्थान पर वह संख्या रखने पर जो समीकरण को सत्य बनाती है (अर्थात बायाँ पक्ष = दायाँ पक्ष), वह मान समीकरण का हल कहलाता है।
  • उदाहरण: x + 2 = 7 में, यदि x = 5 रखें तो 5 + 2 = 7 (सत्य)। अतः x = 5 इस समीकरण का हल है।
  • यदि x = 3 रखें तो 3 + 2 = 5 ≠ 7 (असत्य)। अतः x = 3 हल नहीं है।
📖परिभाषा

रैखिक समीकरण: वह समीकरण जिसमें चर की अधिकतम घात एक हो।

महत्त्वपूर्ण

एक चर के रैखिक समीकरण में केवल एक हल होता है।

शाब्दिक कथनों से रैखिक समीकरण बनाना

शाब्दिक कथनों को गणितीय समीकरणों में बदलना समस्या-समाधान का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इसके लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  1. अज्ञात राशि की पहचान करें: प्रश्न में जिस मात्रा को ज्ञात करना है, उसे एक चर (जैसे x) मान लें।
  2. कथन को भागों में तोड़ें: जटिल कथनों को छोटे, समझने योग्य भागों में विभाजित करें।
  3. गणितीय संक्रियाओं को पहचानें: शब्दों को गणितीय प्रतीकों में बदलें:
  • 'से अधिक', 'जोड़', 'योग' → +
  • 'से कम', 'घटाना', 'अंतर' → -
  • 'गुना', 'का' → ×
  • 'भाग', 'प्रति' → ÷
  • 'है', 'बराबर है', 'परिणाम है' → =
  1. समीकरण स्थापित करें: सभी भागों को एक साथ जोड़कर एक पूर्ण समीकरण बनाएं।

उदाहरण:

  • कथन: "किसी संख्या के तीन गुने से 4 अधिक 13 के बराबर है।"
  • चरण 1: अज्ञात संख्या को x मानें।
  • चरण 2: "किसी संख्या का तीन गुना" → 3x
  • "से 4 अधिक" → + 4
  • "13 के बराबर है" → = 13
  • चरण 3: समीकरण: 3x + 4 = 13
  • कथन: "एक लड़के की वर्तमान आयु उसके 4 वर्ष पूर्व की आयु की दुगुनी है।"
  • चरण 1: लड़के की वर्तमान आयु b वर्ष मानें।
  • चरण 2: 4 वर्ष पूर्व की आयु → b - 4
  • "4 वर्ष पूर्व की आयु की दुगुनी" → 2(b - 4)
  • "वर्तमान आयु ... दुगुनी है" → b = 2(b - 4)

महत्वपूर्ण शब्दावली:

  • क्रमागत संख्याएँ: x, x+1, x+2, ...
  • क्रमागत सम संख्याएँ: 2x, 2x+2, 2x+4, ... (या x, x+2, x+4, ... यदि x को सम माना जाए)
  • क्रमागत विषम संख्याएँ: 2x+1, 2x+3, 2x+5, ... (या x, x+2, x+4, ... यदि x को विषम माना जाए)
  • गुणज: किसी संख्या के गुणज nx के रूप में होते हैं, जहाँ n एक पूर्णांक है।
  • उदाहरण: 13 के गुणज 13x, 13(x+1), 13(x+2), ...

दो अंकों वाली संख्याएँ:

  • यदि इकाई का अंक x और दहाई का अंक y है, तो संख्या 10y + x होती है।
  • यदि अंकों का क्रम बदल दिया जाए, तो नई संख्या 10x + y होती है।

अनुपात वाले प्रश्न:

  • यदि दो राशियों का अनुपात a:b है, तो उन्हें ax और bx के रूप में माना जा सकता है।
💡सुझाव

शाब्दिक प्रश्नों को हल करते समय, प्रश्न को ध्यान से पढ़ें और प्रत्येक जानकारी को गणितीय रूप में बदलने का प्रयास करें। अज्ञात राशि को सही ढंग से परिभाषित करना महत्वपूर्ण है।

🚧ग़लत धारणा

अंकों को बदलने वाले प्रश्नों में, 10y + x और 10x + y के बीच अंतर को समझना महत्वपूर्ण है। अक्सर छात्र इसे y + x या x + y लिख देते हैं, जो गलत है।

एक चर वाले रैखिक समीकरणों को हल करना

समीकरण को हल करने का अर्थ है चर का वह मान ज्ञात करना जो समीकरण को संतुष्ट करता है। इसके लिए हम समानता के गुणों का उपयोग करते हैं।

समानता के चार नियम: ये नियम समीकरण के दोनों पक्षों पर समान संक्रिया करने की अनुमति देते हैं, जिससे समीकरण का संतुलन बना रहता है। a, b, c वास्तविक संख्याओं के लिए:

  1. जोड़ने का नियम: यदि a = b है, तो a + c = b + c
  • अर्थात, समीकरण के दोनों पक्षों में समान संख्या जोड़ने पर समानता बनी रहती है।
  • उपयोग: ऋणात्मक पदों को हटाने के लिए।
  1. घटाने का नियम: यदि a = b है, तो a - c = b - c
  • अर्थात, समीकरण के दोनों पक्षों में समान संख्या घटाने पर समानता बनी रहती है।
  • उपयोग: धनात्मक पदों को हटाने के लिए।
  1. गुणा करने का नियम: यदि a = b है, तो ac = bc
  • अर्थात, समीकरण के दोनों पक्षों में समान अशून्य संख्या से गुणा करने पर समानता बनी रहती है।
  • उपयोग: भिन्नात्मक गुणांकों को हटाने के लिए।
  1. भाग करने का नियम: यदि a = b है, तो a/c = b/c (जहाँ c ≠ 0)।
  • अर्थात, समीकरण के दोनों पक्षों में समान अशून्य संख्या से भाग करने पर समानता बनी रहती है।
  • उपयोग: चर के गुणांक को 1 बनाने के लिए।

समीकरण हल करने के चरण (सामान्य विधि):

  1. समान पदों को सरल करें: यदि समीकरण के किसी भी पक्ष में समान पद हैं, तो उन्हें जोड़ें या घटाएँ।
  • उदाहरण: 4x - 2x - 5 = 4 + 6x + 3 को 2x - 5 = 7 + 6x में सरल करें।
  1. चर वाले पदों को एक पक्ष में लाएँ: चर वाले सभी पदों को समीकरण के एक पक्ष (आमतौर पर बाएँ पक्ष) में ले जाएँ और अचर पदों को दूसरे पक्ष (दाएँ पक्ष) में ले जाएँ। इसके लिए जोड़ने या घटाने के नियमों का उपयोग करें।
  • उदाहरण: 2x - 5 = 7 + 6x में, 6x को बाएँ पक्ष में लाने के लिए दोनों पक्षों से 6x घटाएँ: 2x - 6x - 5 = 7 + 6x - 6x-4x - 5 = 7
  1. अचर पदों को दूसरे पक्ष में लाएँ: अचर पदों को चर वाले पक्ष से हटाकर दूसरे पक्ष में ले जाएँ। इसके लिए जोड़ने या घटाने के नियमों का उपयोग करें।
  • उदाहरण: -4x - 5 = 7 में, -5 को दाएँ पक्ष में ले जाने के लिए दोनों पक्षों में 5 जोड़ें: -4x - 5 + 5 = 7 + 5-4x = 12
  1. चर को अकेला करें: चर के गुणांक को हटाने के लिए भाग के नियम का उपयोग करें।
  • उदाहरण: -4x = 12 में, x को अकेला करने के लिए दोनों पक्षों को -4 से भाग दें: -4x / -4 = 12 / -4x = -3
  1. हल की जाँच करें: प्राप्त चर के मान को मूल समीकरण में रखकर देखें कि क्या बायाँ पक्ष दाएँ पक्ष के बराबर आता है।

पक्षान्तरण (Transposition) विधि:

  • यह समानता के नियमों का एक संक्षिप्त रूप है।
  • जब किसी पद को समीकरण के एक पक्ष से दूसरे पक्ष में ले जाया जाता है, तो उसका चिह्न बदल जाता है
  • + वाला पद हो जाता है।
  • वाला पद + हो जाता है।
  • × वाला पद ÷ हो जाता है।
  • ÷ वाला पद × हो जाता है।
  • उदाहरण: 3x + 5 = 14
  • 3x = 14 - 5 (5 का पक्षान्तरण)
  • 3x = 9
  • x = 9 / 3 (3 का पक्षान्तरण)
  • x = 3

भिन्न वाले समीकरणों को हल करना:

  • यदि समीकरण में भिन्न हैं, तो सभी हरों का लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) लेकर समीकरण के दोनों पक्षों को गुणा करें। इससे भिन्न समाप्त हो जाते हैं और समीकरण सरल हो जाता है।
  • उदाहरण: (x+1)/2 + (x+2)/3 = (x+3)/4
  • हरों का LCM (2, 3, 4) = 12
  • दोनों पक्षों को 12 से गुणा करें: 12 [(x+1)/2 + (x+2)/3] = 12 [(x+3)/4]
  • 6(x+1) + 4(x+2) = 3(x+3)
  • अब इसे सामान्य विधि से हल करें।
🧮सूत्र

समानता के नियम:

  1. a = b $\Rightarrow$ a + c = b + c
  2. a = b $\Rightarrow$ a - c = b - c
  3. a = b $\Rightarrow$ ac = bc
  4. a = b $\Rightarrow$ a/c = b/c (जहाँ c ≠ 0)
याद रखें

समीकरण हल करते समय हमेशा समानता के नियमों का पालन करें। जो संक्रिया एक पक्ष पर करें, वही दूसरे पक्ष पर भी करें।

दैनिक जीवन की समस्याओं में रैखिक समीकरणों का अनुप्रयोग

रैखिक समीकरणों का उपयोग विभिन्न प्रकार की वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए किया जाता है। इसमें आयु संबंधी प्रश्न, संख्या संबंधी प्रश्न, ज्यामितीय आकृतियों के परिमाप/क्षेत्रफल, गति-दूरी-समय के प्रश्न, अनुपात संबंधी प्रश्न आदि शामिल हैं।

समस्या-समाधान की रणनीति:

  1. प्रश्न को समझें: समस्या को ध्यान से पढ़ें और पहचानें कि क्या ज्ञात है और क्या अज्ञात है।
  2. चर परिभाषित करें: अज्ञात मात्राओं को चर (जैसे x) के रूप में व्यक्त करें। यदि एक से अधिक अज्ञात हैं, तो उन्हें एक ही चर के पदों में व्यक्त करने का प्रयास करें।
  3. समीकरण बनाएँ: प्रश्न में दी गई जानकारी और संबंधों का उपयोग करके एक रैखिक समीकरण स्थापित करें।
  4. समीकरण हल करें: समानता के नियमों या पक्षान्तरण विधि का उपयोग करके समीकरण को हल करें।
  5. उत्तर की जाँच करें: प्राप्त हल को मूल शाब्दिक समस्या में रखकर देखें कि क्या यह सभी शर्तों को संतुष्ट करता है और क्या यह तार्किक रूप से सही है।

विभिन्न प्रकार की समस्याओं के लिए युक्तियाँ:

  • आयु संबंधी प्रश्न:
  • वर्तमान आयु को चर मानें।
  • 'x वर्ष बाद' → वर्तमान आयु + x
  • 'x वर्ष पूर्व' → वर्तमान आयु - x
  • अनुपात दिए होने पर, आयु को ax और bx मानें।
  • संख्या संबंधी प्रश्न:
  • क्रमागत संख्याएँ: x, x+1, x+2
  • क्रमागत सम/विषम संख्याएँ: x, x+2, x+4 (जहाँ x को सम/विषम मानें)
  • दो अंकों की संख्या: 10y + x (इकाई x, दहाई y)
  • ज्यामितीय प्रश्न (परिमाप, क्षेत्रफल):
  • आयत का परिमाप = 2(लंबाई + चौड़ाई)
  • त्रिभुज का परिमाप = तीनों भुजाओं का योग
  • त्रिभुज का क्षेत्रफल = (1/2) × आधार × ऊँचाई
  • प्रश्न में दिए गए संबंधों के अनुसार लंबाई और चौड़ाई को चर के पदों में व्यक्त करें।
  • गति-दूरी-समय प्रश्न:
  • दूरी = गति × समय
  • बहाव की दिशा में गति = स्थिर जल में गति + जलधारा की गति
  • बहाव के विपरीत गति = स्थिर जल में गति - जलधारा की गति
  • अनुपात संबंधी प्रश्न:
  • यदि अनुपात a:b है, तो राशियाँ ax और bx हैं।

उदाहरणों का विश्लेषण:

  • आयत की लंबाई-चौड़ाई: एक चर (चौड़ाई w) मानें, फिर लंबाई को w के पदों में (2w+1) व्यक्त करें। परिमाप के सूत्र में मान रखकर समीकरण बनाएँ।
  • क्रमागत सम पूर्णांक: 2x को पहला पूर्णांक मानें, फिर 2x+2, 2x+4, 2x+6 अगले पूर्णांक होंगे। प्रश्न की शर्त के अनुसार समीकरण बनाएँ।
  • परिमेय संख्या में क्या जोड़ें: अज्ञात संख्या को x मानें और प्रश्न के अनुसार समीकरण 6/7 + x = 3/14 बनाएँ। भिन्नों को हल करने के लिए LCM विधि का उपयोग करें।
  • गुणज संबंधी प्रश्न: 13 के गुणजों को 13x, 13(x+1), 13(x+2) मानें और योग को 390 के बराबर रखें।
  • दो अंकों वाली संख्या: इकाई अंक x मानें, दहाई अंक x+3 (यदि दहाई बड़ा है)। संख्या 10(x+3) + x होगी। अंकों को पलटने पर नई संख्या 10x + (x+3) होगी। दोनों के योग को 143 के बराबर रखें।
  • आयु का अनुपात: वर्तमान आयु को 4x और 5x मानें। 8 वर्ष बाद की आयु को 4x+8 और 5x+8 मानें। फिर नए अनुपात (4x+8)/(5x+8) = 5/6 से समीकरण बनाएँ।

प्रत्येक समस्या में, समीकरण बनाने की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण है। एक बार सही समीकरण बन जाए, तो उसे हल करना सीधा होता है।

💡सुझाव

शाब्दिक प्रश्नों में, अंतिम उत्तर की जाँच करना न भूलें। सुनिश्चित करें कि आपका उत्तर प्रश्न में दी गई सभी शर्तों को पूरा करता है।

याद रखें

जटिल शाब्दिक समस्याओं को हल करते समय, एक-एक वाक्य को पढ़ें और उसे गणितीय रूप में परिवर्तित करें। इससे गलती की संभावना कम होती है।

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