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पदार्थ की संरचना
Chhattisgarh · Class 7 · 🔬 Science · Chapter 3

पदार्थ की संरचना

तत्वयौगिकमिश्रणरासायनिक संकेतरासायनिक समीकरणपरमाणुकता

यह अध्याय छात्रों को पदार्थ की मूल संरचना से परिचित कराता है, जिसमें तत्व, यौगिक और मिश्रण के बीच अंतर शामिल है। यह बताता है कि शुद्ध पदार्थ एक निश्चित तापमान पर अवस्था बदलते हैं, जबकि मिश्रण नहीं। छात्र रासायनिक संकेतों और सूत्रों के महत्व को सीखते हैं, जिसमें जे.जे. बर्ज़ीलियस द्वारा दिए गए नियम भी शामिल हैं। अध्याय में परमाणुकता, अणुसूत्र और रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने की प्रक्रिया भी शामिल है, जो रासायनिक अभिक्रियाओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। यह छात्रों को दैनिक जीवन में इन अवधारणाओं के अनुप्रयोग को समझने में मदद करता है।

पदार्थों की संरचना: तत्व, यौगिक और मिश्रण

पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं में कणों की व्यवस्था
पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं में कणों की व्यवस्था

पदार्थ हमारे आस-पास हर जगह मौजूद हैं। इन्हें इनकी संरचना के आधार पर मुख्य रूप से शुद्ध पदार्थ और मिश्रण में वर्गीकृत किया जा सकता है।

शुद्ध पदार्थ

  • परिभाषा: वे पदार्थ जिनमें केवल एक ही प्रकार के कण होते हैं और उनके गुणधर्म निश्चित होते हैं।
  • प्रकार:
  • तत्व:
  • वे शुद्ध पदार्थ जो किसी भी भौतिक या रासायनिक विधि द्वारा दो या दो से अधिक सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किए जा सकते।
  • इनमें केवल एक ही प्रकार के परमाणु होते हैं।
  • उदाहरण: सोना (Au), लोहा (Fe), ऑक्सीजन (O₂), नाइट्रोजन (N₂)।
  • अब तक 118 से अधिक तत्व ज्ञात हैं, जिनमें से 94 प्रकृति में पाए जाते हैं।
  • तत्व तीनों अवस्थाओं (ठोस, द्रव, गैस) में पाए जा सकते हैं।
  • यौगिक:
  • दो या दो से अधिक तत्व निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं, जिसे यौगिक कहते हैं।
  • यौगिक के गुणधर्म उसके घटक तत्वों के गुणधर्मों से पूरी तरह भिन्न होते हैं।
  • इनके अवयवों को केवल रासायनिक विधियों द्वारा ही अलग किया जा सकता है, भौतिक विधियों द्वारा नहीं।
  • उदाहरण: पानी (H₂O), नमक (NaCl), शक्कर (C₁₂H₂₂O₁₁), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)।
  • महत्वपूर्ण अंतर: यौगिकों में अवयवों का अनुपात हमेशा निश्चित होता है, जबकि मिश्रण में नहीं।

मिश्रण

  • परिभाषा: दो या दो से अधिक शुद्ध पदार्थ (तत्व या यौगिक) जब किसी भी अनुपात में एक साथ मिल जाते हैं, लेकिन रासायनिक रूप से संयोग नहीं करते, तो मिश्रण बनाते हैं।
  • विशेषताएँ:
  • घटक पदार्थों के गुणधर्म बने रहते हैं
  • घटकों को भौतिक विधियों (जैसे छानना, वाष्पीकरण) द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है।
  • घटकों का अनुपात निश्चित नहीं होता।
  • गर्म करने पर अवस्था परिवर्तन निश्चित ताप पर नहीं होता, बल्कि एक ताप-सीमा में होता है।
  • प्रकार:
  • समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): घटक पूरी तरह से एक-दूसरे में घुल जाते हैं और मिश्रण की संरचना एक समान होती है।
  • उदाहरण: नमक का घोल, चीनी का घोल, वायु।
  • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): घटक एक-दूसरे में पूरी तरह से नहीं घुलते और मिश्रण की संरचना असमान होती है।
  • उदाहरण: रेत और नमक का मिश्रण, तेल और पानी का मिश्रण।
  • मिश्रण के उदाहरण (सारणी 3.1 से):
  • गैस में गैस: वायु
  • द्रव में गैस: सोडा वाटर (पानी में कार्बन डाइऑक्साइड)
  • द्रव में द्रव: नींबू का रस तथा पानी
  • द्रव में ठोस: समुद्री जल, शक्कर का विलयन
  • ठोस में ठोस: मिश्रधातु जैसे पीतल, काँसा
  • गैस में ठोस: धुआँ

यौगिक और मिश्रण में अंतर

| विशेषता | यौगिक | मिश्रण | |:----------------|:---------------------------------------------|:-------------------------------------------------|: | घटक | रासायनिक रूप से जुड़े होते हैं | रासायनिक रूप से जुड़े नहीं होते, बस मिश्रित होते हैं | | अनुपात | घटकों का अनुपात हमेशा निश्चित होता है | घटकों का अनुपात अनिश्चित हो सकता है | | गुणधर्म | नए पदार्थ के गुणधर्म घटकों से भिन्न होते हैं | घटकों के गुणधर्म बने रहते हैं | | पृथक्करण | केवल रासायनिक विधियों द्वारा | भौतिक विधियों द्वारा आसानी से | | ऊर्जा परिवर्तन | निर्माण में ऊर्जा परिवर्तन (उत्सर्जन/अवशोषण) होता है | आमतौर पर कोई ऊर्जा परिवर्तन नहीं होता | | अवस्था परिवर्तन | निश्चित गलनांक/क्वथनांक होता है | गलनांक/क्वथनांक निश्चित नहीं होता |

[IMAGE: cg_c7_science_ch03_chapter_hero] - यह चित्र तत्व, यौगिक और मिश्रण की अवधारणा को स्पष्ट करता है।

महत्त्वपूर्ण

शुद्ध पदार्थों में अवस्था परिवर्तन एक निश्चित ताप पर होता है जबकि मिश्रण में यह ताप निश्चित नहीं होता।

📖परिभाषा

तत्व: वे शुद्ध पदार्थ जिनमें केवल एक ही प्रकार के परमाणु होते हैं और जिन्हें किसी भी भौतिक या रासायनिक विधि द्वारा सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता।

📖परिभाषा

यौगिक: दो या दो से अधिक तत्व जब निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं, जिसके गुणधर्म घटक तत्वों से भिन्न होते हैं।

तत्वों के संकेत

कीमियागरों के संकेत
कीमियागरों के संकेत
डाल्टन के संकेत
डाल्टन के संकेत

तत्वों को संक्षिप्त रूप से दर्शाने के लिए संकेतों का उपयोग किया जाता है। ये संकेत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य हैं।

बर्जीलियस के सुझाव (आधुनिक संकेत प्रणाली)

  • स्वीडन के वैज्ञानिक जे. जे. बर्जीलियस ने तत्वों को व्यक्त करने के लिए सरल संकेतों का उपयोग करने का सुझाव दिया।
  • नियम 1: तत्व के अंग्रेजी नाम का प्रथम अक्षर उसका प्रतीक माना जाए। इसे दीर्घ-लिपि (Capital Letter) में लिखा जाए।
  • उदाहरण: ऑक्सीजन (Oxygen) का O, नाइट्रोजन (Nitrogen) का N, सल्फर (Sulphur) का S, हाइड्रोजन (Hydrogen) का H।
  • नियम 2: जब एक ही अक्षर से एक से अधिक तत्वों के नाम प्रारंभ होते हैं, तब एक तत्व के लिए पहला अक्षर प्रतीक निर्धारित कर अन्य के लिए पहले अक्षर के साथ एक और अक्षर जोड़कर उसका प्रतीक निर्धारित किया जाए।
  • ऐसी स्थिति में पहला अक्षर दीर्घलिपि (Capital Letter) में तथा दूसरा अक्षर लघुलिपि (Small Letter) में लिखा जाता है।
  • उदाहरण:
  • C – कार्बन (Carbon)
  • Ca – कैल्शियम (Calcium)
  • Cl – क्लोरीन (Chlorine)
  • Co – कोबाल्ट (Cobalt)
  • Cr – क्रोमियम (Chromium)
  • नियम 3: कुछ तत्वों के नाम उनके ग्रीक या लैटिन नामों पर आधारित होते हैं।
  • उदाहरण:
  • सोडियम (Sodium) का संकेत 'Na' है, क्योंकि इसका लैटिन नाम 'नेट्रियम' (Natrium) है।
  • पोटैशियम (Potassium) का संकेत 'K' है, क्योंकि इसका लैटिन नाम 'केलियम' (Kalium) है।
  • लोहा (Iron) का संकेत 'Fe' है, क्योंकि इसका लैटिन नाम 'फेरम' (Ferrum) है।
  • चाँदी (Silver) का संकेत 'Ag' है, क्योंकि इसका लैटिन नाम 'अर्जेंटम' (Argentum) है।
  • सोना (Gold) का संकेत 'Au' है, क्योंकि इसका लैटिन नाम 'ऑरम' (Aurum) है।

तत्वों के कुछ सामान्य संकेत (सारणी 3.3 और 3.4 से)

| तत्व | अंग्रेजी नाम | संकेत | लैटिन नाम | संकेत (लैटिन से) | |:--------------|:-------------|:-----|:-------------|:----------------| | ऐलुमिनियम | Aluminium | Al | - | - | | ऑर्गन | Argon | Ar | - | - | | बोरॉन | Boron | B | - | - | | फ्लुओरीन | Fluorine | F | - | - | | हीलियम | Helium | He | - | - | | आयोडीन | Iodine | I | - | - | | मैग्नीशियम | Magnesium | Mg | - | - | | मैंगनीज़ | Manganese | Mn | - | - | | निऑन | Neon | Ne | - | - | | फॉस्फोरस | Phosphorus | P | - | - | | सिलिकॉन | Silicon | Si | - | - | | गंधक (सल्फर) | Sulphur | S | - | - | | जस्ता (जिंक) | Zinc | Zn | - | - | | पोटैशियम | Potassium | K | केलियम | K | | चाँदी (सिल्वर) | Silver | Ag | अर्जेंटम | Ag | | लोहा (आयरन) | Iron | Fe | फेरम | Fe | | ताँबा (कॉपर) | Copper | Cu | क्यूप्रेम | Cu | | टिन | Tin | Sn | स्टेनम | Sn | | सोना (गोल्ड) | Gold | Au | ऑरम | Au | | सीसा (लेड) | Lead | Pb | प्लम्बम | Pb | | पारा (मर्करी) | Mercury | Hg | हाइड्रैर्जिरम | Hg | | एंटीमनी | Antimony | Sb | स्टिबियम | Sb |

[IMAGE: TODO: डाल्टन के संकेत और कीमियागरों के संकेत दर्शाने वाला चित्र] - प्राचीन काल में कीमियागर और जॉन डाल्टन भी संकेतों का उपयोग करते थे, लेकिन आधुनिक प्रणाली बर्जीलियस द्वारा दी गई है।

महत्त्वपूर्ण

तत्वों के संकेत लिखने के लिए पहला अक्षर दीर्घ-लिपि (Capital Letter) में और यदि दूसरा अक्षर आवश्यक हो तो वह लघुलिपि (Small Letter) में लिखा जाता है।

सूत्र और परमाणुकता

क्लोरीन के तीन अणु
क्लोरीन के तीन अणु
फास्फोरस का एक अणु
फास्फोरस का एक अणु
पानी का एक अणु
पानी का एक अणु
कार्बन डाइऑक्साइड का एक अणु
कार्बन डाइऑक्साइड का एक अणु

संकेत हमें किसी तत्व के एक परमाणु की जानकारी देते हैं, जबकि सूत्र किसी तत्व अथवा यौगिक के एक अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या की जानकारी देते हैं।

परमाणु और अणु

  • परमाणु: किसी तत्व की सबसे छोटी अविभाज्य इकाई जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेती है।
  • अणु: दो या दो से अधिक परमाणुओं के रासायनिक संयोग से बना सबसे छोटा कण जो स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकता है और उस पदार्थ के सभी गुणधर्मों को दर्शाता है।
  • एक ही तत्व के परमाणु मिलकर अणु बना सकते हैं (जैसे O₂)।
  • अलग-अलग तत्वों के परमाणु मिलकर अणु बना सकते हैं (जैसे H₂O)।

परमाणुकता (Atomicity)

  • परिभाषा: किसी भी तत्व के एक अणु में उपस्थित कुल परमाणुओं की संख्या को उसकी परमाणुकता कहते हैं।
  • उदाहरण:
  • हीलियम (He) की परमाणुकता 1 है (एकपरमाणुक)।
  • ऑक्सीजन (O₂) की परमाणुकता 2 है (द्विपरमाणुक)।
  • ओजोन (O₃) की परमाणुकता 3 है (त्रिपरमाणुक)।
  • फॉस्फोरस (P₄) की परमाणुकता 4 है (चतुष्परमाणुक)।
  • सल्फर (S₈) की परमाणुकता 8 है (बहुपरमाणुक)।

अणुसूत्र (Molecular Formula)

  • अणुसूत्र किसी तत्व या यौगिक के एक अणु में उपस्थित तत्वों और उनके परमाणुओं की संख्या को दर्शाता है।
  • सूत्र लिखने के लिए अणु में उपस्थित तत्वों के संकेत के पीछे पादांक (subscript) में उसके परमाणुओं की संख्या लिखी जाती है।
  • यदि परमाणुओं की संख्या 1 है, तो उसे लिखने की आवश्यकता नहीं होती (जैसे He, H₂O में O के लिए)।

तत्वों के अणुसूत्र (सारणी 3.5 से)

| तत्व | संकेत | परमाणुकता | सूत्र | |:----------|:-----|:----------|:-----| | ब्रोमीन | Br | 2 | Br₂ | | आयोडीन | I | 2 | I₂ | | सल्फर | S | 8 | S₈ | | ऑक्सीजन | O | 2 | O₂ | | हाइड्रोजन | H | 2 | H₂ |

यौगिकों के अणुसूत्र

  • यौगिक हमेशा अणु रूप में पाए जाते हैं।
  • यौगिक का अणुसूत्र लिखने के लिए यह जानना आवश्यक है कि यौगिक किन-किन तत्वों से बना है और उसमें इन तत्वों के कितने परमाणु उपस्थित हैं।
  • उदाहरण:
  • पानी (H₂O): हाइड्रोजन के दो परमाणु और ऑक्सीजन का एक परमाणु।
  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂): कार्बन का एक परमाणु और ऑक्सीजन के दो परमाणु।
  • अमोनिया (NH₃): नाइट्रोजन का एक परमाणु और हाइड्रोजन के तीन परमाणु।

यौगिकों के अणुसूत्र (सारणी 3.6 से)

| यौगिक | तत्व जिनसे बना है | परमाणुओं की संख्या | सूत्र | |:------------------|:------------------|:-------------------|:--------| | सल्फर डाइऑक्साइड | S, O | S=1, O=2 | SO₂ | | सल्फ्यूरिक अम्ल | H, S, O | H=2, S=1, O=4 | H₂SO₄ | | नाइट्रिक अम्ल | H, N, O | H=1, N=1, O=3 | HNO₃ | | सोडियम हाइड्रॉक्साइड | Na, O, H | Na=1, O=1, H=1 | NaOH | | हाइड्रोक्लोरिक अम्ल | H, Cl | H=1, Cl=1 | HCl | | अमोनियम क्लोराइड | N, H, Cl | N=1, H=4, Cl=1 | NH₄Cl | | सोडियम कार्बोनेट | Na, C, O | Na=2, C=1, O=3 | Na₂CO₃ |

अणुओं या परमाणुओं की संख्या दर्शाना

  • किसी तत्व या यौगिक के एक से अधिक अणुओं या परमाणुओं को व्यक्त करने के लिए अणुसूत्र या परमाणु के संकेत के पहले वह संख्या लिखी जाती है।
  • उदाहरण:
  • 2NH₄Cl का अर्थ है अमोनियम क्लोराइड के 2 अणु।
  • 2O₂ का अर्थ है ऑक्सीजन के दो अणु।
  • 2Ca का अर्थ है कैल्शियम के दो परमाणु।
📖परिभाषा

परमाणुकता: किसी भी तत्व के एक अणु में उपस्थित कुल परमाणुओं की संख्या।

महत्त्वपूर्ण

अणुसूत्र में परमाणुओं की संख्या पादांक (subscript) में लिखी जाती है, जबकि अणुओं की संख्या सूत्र के पहले लिखी जाती है।

रासायनिक समीकरण

रासायनिक अभिक्रियाओं को संकेतों और सूत्रों के माध्यम से संक्षिप्त रूप में दर्शाने की विधि को रासायनिक समीकरण कहते हैं।

रासायनिक अभिक्रिया

  • जब एक या एक से अधिक पदार्थ क्रिया करके नए पदार्थ का निर्माण करते हैं, तो इस क्रिया को रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।
  • रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु न तो बनते हैं और न ही नष्ट होते हैं, केवल उनका पुनर्विन्यास होता है।
  • उदाहरण:
  • आयरन (Fe) और सल्फर (S) को गर्म करने पर आयरन सल्फाइड (FeS) बनता है। यह एक रासायनिक परिवर्तन है।

$$Fe + S \xrightarrow{\text{गर्म करने पर}} FeS$$

  • कोयला (कार्बन, C) हवा की ऑक्सीजन (O₂) से क्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) बनाता है।

$$C + O₂ \rightarrow CO₂$$

रासायनिक समीकरण के घटक

  • अभिकारक (Reactants): वे पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं। इन्हें तीर (→) के चिन्ह के बाईं ओर लिखा जाता है।
  • उत्पाद (Products): वे नए पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया के परिणामस्वरूप बनते हैं। इन्हें तीर (→) के चिन्ह के दाहिनी ओर लिखा जाता है।
  • तीर का चिन्ह (→): अभिक्रिया की दिशा को दर्शाता है।
  • जोड़ का चिन्ह (+): यदि अभिकारक या उत्पाद एक से अधिक हों तो उनके बीच जोड़ (+) का चिन्ह लगाया जाता है।
  • परिस्थितियाँ: अभिक्रिया की विशेष परिस्थितियों (जैसे गर्म करना, उत्प्रेरक की उपस्थिति, सूर्य का प्रकाश, दाब) को तीर के ऊपर या नीचे दर्शाया जाता है।
  • उदाहरण:

$$Fe + S \xrightarrow{\text{गर्म करने पर}} FeS$$ $$2H₂O \xrightarrow{\text{विद्युत अपघटन}} 2H₂ + O₂$$

रासायनिक समीकरण का संतुलन

  • संतुलित समीकरण: एक रासायनिक समीकरण जिसमें अभिक्रिया में भाग लेने वाले प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समीकरण के दोनों ओर (अभिकारक और उत्पाद की ओर) बराबर होती है।
  • यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करता है (परमाणु न तो बनते हैं और न ही नष्ट होते हैं)।
  • संतुलित समीकरण में तीर के निशान (→) के स्थान पर बराबर (=) का चिन्ह भी उपयोग किया जा सकता है।
  • उदाहरण: $Fe + S = FeS$

समीकरण को संतुलित करने के चरण (उदाहरण: जल का अपघटन)

  1. असंतुलित समीकरण लिखें: $H₂O \rightarrow H₂ + O₂$
  2. परमाणुओं की संख्या की जाँच करें:
  • बाईं ओर: H = 2, O = 1
  • दाहिनी ओर: H = 2, O = 2
  • ऑक्सीजन असंतुलित है।
  1. ऑक्सीजन को संतुलित करें: बाईं ओर $H₂O$ के आगे 2 लगाएँ।
  • $2H₂O \rightarrow H₂ + O₂$
  • अब बाईं ओर: H = 4, O = 2
  • दाहिनी ओर: H = 2, O = 2
  • अब हाइड्रोजन असंतुलित हो गया है।
  1. हाइड्रोजन को संतुलित करें: दाहिनी ओर $H₂$ के आगे 2 लगाएँ।
  • $2H₂O \rightarrow 2H₂ + O₂$
  • अब बाईं ओर: H = 4, O = 2
  • दाहिनी ओर: H = 4, O = 2
  • समीकरण संतुलित है।

रासायनिक समीकरण से प्राप्त जानकारियाँ

  1. अभिक्रिया में कौन-कौन से पदार्थ भाग लेते हैं (अभिकारक) तथा कौन-कौन से पदार्थ प्राप्त होते हैं (उत्पाद)।
  2. अभिकारकों के कितने अणु या परमाणु अभिक्रिया करके, उत्पादों के कितने अणु या परमाणु बनाते हैं।
  3. अभिक्रिया किन परिस्थितियों में होती है (तापमान, दाब, उत्प्रेरक आदि)।
📖परिभाषा

रासायनिक समीकरण: रासायनिक अभिक्रिया को संकेतों एवं सूत्रों के माध्यम से दर्शाने का सरल एवं संक्षिप्त तरीका।

महत्त्वपूर्ण

एक संतुलित रासायनिक समीकरण द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करता है, जिसके अनुसार किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु न तो उत्पन्न किए जा सकते हैं और न ही नष्ट।

💡सुझाव

रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना परीक्षा में एक महत्वपूर्ण कौशल है। अभ्यास के लिए विभिन्न उदाहरणों का उपयोग करें।

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