समानुपात
अध्याय 'समानुपात' छात्रों को दो अनुपातों की तुलना करने और यह निर्धारित करने की अवधारणा से परिचित कराता है कि क्या वे समानुपात में हैं। यह बाहरी पदों और मध्य पदों के गुणनफल के नियम को समझाता है, जो समानुपात से संबंधित समस्याओं को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है। छात्र ऐकिक विधि का उपयोग करके अज्ञात पदों को ज्ञात करना और दैनिक जीवन की समस्याओं में समानुपात के अनुप्रयोगों को सीखेंगे। यह अध्याय गणितीय तर्क और समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण है।
अनुपात की पुनरावृत्ति
अनुपात दो समान राशियों की तुलना है। यह बताता है कि एक राशि दूसरी राशि का कितना गुना है या उसका कौन सा भाग है।
- परिभाषा: दो सजातीय राशियों की तुलना को अनुपात कहते हैं।
- चिह्न: अनुपात को
:चिह्न से दर्शाया जाता है। जैसे,aऔरbका अनुपातa : bलिखा जाता है। - भिन्न रूप: अनुपात को भिन्न के रूप में भी लिखा जा सकता है।
a : b = \(\frac{a}{b}\) - सरलतम रूप: अनुपात को हमेशा उसके सरलतम रूप में व्यक्त किया जाता है।
- उदाहरण: 10 : 25 को सरलतम रूप में 2 : 5 लिखा जाता है, क्योंकि 10 और 25 दोनों 5 से विभाज्य हैं।
- इकाइयाँ: अनुपात हमेशा समान इकाइयों वाली राशियों के बीच होता है। यदि इकाइयाँ भिन्न हों, तो उन्हें समान इकाई में बदलना आवश्यक है।
- उदाहरण: 2 मीटर और 50 सेंटीमीटर का अनुपात ज्ञात करने के लिए, पहले 2 मीटर को 200 सेंटीमीटर में बदलें। तब अनुपात 200 सेमी : 50 सेमी = 4 : 1 होगा।
- कोई इकाई नहीं: अनुपात की कोई इकाई नहीं होती, क्योंकि यह दो समान इकाइयों के भागफल से प्राप्त होता है।
याद रखें:
- अनुपात में पदों का क्रम महत्वपूर्ण होता है।
a : bऔरb : aअलग-अलग अनुपात हैं। - अनुपात के दोनों पदों को एक ही गैर-शून्य संख्या से गुणा या भाग करने पर अनुपात नहीं बदलता।
अनुपात (Ratio): दो समान प्रकार की राशियों की तुलना को अनुपात कहते हैं। इसे a : b या \(\frac{a}{b}\) के रूप में व्यक्त किया जाता है।
अनुपात की कोई इकाई नहीं होती है। यह हमेशा सरलतम रूप में व्यक्त किया जाता है।
समानुपात: परिभाषा और चिह्न
जब दो अनुपात आपस में बराबर होते हैं, तो उन्हें समानुपात में कहा जाता है।
- परिभाषा: दो अनुपातों की समानता को समानुपात कहते हैं।
- चिह्न: समानुपात को
::चिह्न से दर्शाया जाता है। - यदि
a : bऔरc : dदो अनुपात बराबर हैं, तो इसेa : b :: c : dलिखा जाता है। - इसका अर्थ है
\(\frac{a}{b} = \frac{c}{d}\)। - पढ़ने का तरीका:
a : b :: c : dको 'a का b से वही अनुपात है जो c का d से है' पढ़ा जाता है।
समानुपात (Proportion): जब दो अनुपात बराबर होते हैं, तो वे समानुपात में कहलाते हैं। यदि a : b = c : d है, तो इसे a : b :: c : d लिखा जाता है।
समानुपात के पद: बाह्य पद और मध्य पद
समानुपात a : b :: c : d में चार पद होते हैं, जिन्हें प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ पद कहा जाता है।
- प्रथम पद:
a - द्वितीय पद:
b - तृतीय पद:
c - चतुर्थ पद:
d
इन पदों को दो श्रेणियों में बांटा गया है:
- बाह्य पद (Extremes): समानुपात के पहले और चौथे पद को बाह्य पद कहते हैं।
aऔरdबाह्य पद हैं।
- मध्य पद (Means): समानुपात के दूसरे और तीसरे पद को मध्य पद कहते हैं।
bऔरcमध्य पद हैं।
उदाहरण: 2 : 3 :: 4 : 6 में,
- बाह्य पद: 2 और 6
- मध्य पद: 3 और 4
समानुपात a : b :: c : d में:
aऔरdबाह्य पद हैं।bऔरcमध्य पद हैं।
समानुपात का मूल नियम: बाह्य पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल
यह समानुपात का सबसे महत्वपूर्ण गुणधर्म है।
- यदि चार राशियाँ
a, b, c, dसमानुपात में हैं, अर्थात्a : b :: c : d, तो:
बाह्य पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल a × d = b × c
- उपपत्ति (Proof):
- हम जानते हैं कि
a : b :: c : dका अर्थ है\(\frac{a}{b} = \frac{c}{d}\)। - दोनों पक्षों को
b × dसे गुणा करने पर:
\(\frac{a}{b} \times (b \times d) = \frac{c}{d} \times (b \times d)\) \(a \times d = c \times b\) \(a \times d = b \times c\)
- अतः, बाह्य पदों का गुणनफल (
a × d) मध्य पदों के गुणनफल (b × c) के बराबर होता है।
- उपयोग: इस नियम का उपयोग यह जांचने के लिए किया जाता है कि दी गई संख्याएँ समानुपात में हैं या नहीं, और समानुपात में अज्ञात पद का मान ज्ञात करने के लिए भी किया जाता है।
समानुपात का मूल नियम: यदि a : b :: c : d है, तो a × d = b × c (बाह्य पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल)
समानुपात के विभिन्न रूप
यदि a : b :: c : d एक समानुपात है, तो इससे कई अन्य समानुपात बनाए जा सकते हैं, बशर्ते कि a, b, c, d में से कोई भी शून्य न हो।
| क्रम संख्या | समानुपात का रूप | विवरण | उदाहरण (1:4::8:32) | |:----------:|:----------------:|:---------------------:|:-----------------------:| | 1. | a : b :: c : d | मूल समानुपात | 1 : 4 :: 8 : 32 | | 2. | b : a :: d : c | व्युत्क्रमानुपात (Invertendo) | 4 : 1 :: 32 : 8 | | 3. | a : c :: b : d | एकांतरानुपात (Alternendo) | 1 : 8 :: 4 : 32 | | 4. | c : d :: a : b | पदों का क्रम बदलना | 8 : 32 :: 1 : 4 | | 5. | d : c :: b : a | व्युत्क्रमानुपात और क्रम बदलना | 32 : 8 :: 4 : 1 | | 6. | d : b :: c : a | एकांतरानुपात और क्रम बदलना | 32 : 4 :: 8 : 1 |
जाँच: इन सभी रूपों में बाह्य पदों का गुणनफल मध्य पदों के गुणनफल के बराबर होगा।
- जैसे,
1 : 8 :: 4 : 32में,1 × 32 = 32और8 × 4 = 32। दोनों बराबर हैं।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि समानुपात के पदों को कैसे बदला जा सकता है। यह बहुविकल्पीय प्रश्नों में उपयोगी हो सकता है।
अज्ञात पद ज्ञात करना
समानुपात के मूल नियम (a × d = b × c) का उपयोग करके, यदि समानुपात के तीन पद ज्ञात हों, तो चौथे अज्ञात पद का मान ज्ञात किया जा सकता है।
विधि:
- दिए गए समानुपात को लिखें। यदि कोई पद अज्ञात है, तो उसे
xमान लें। - बाह्य पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल सूत्र लागू करें।
- समीकरण को हल करके
xका मान ज्ञात करें।
उदाहरण: 8 : x :: 7 : 14 में x का मान ज्ञात करें।
- चरण 1: समानुपात है
8 : x :: 7 : 14। - चरण 2: बाह्य पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल
8 × 14 = x × 7
- चरण 3: समीकरण को हल करें:
112 = 7x x = \(\frac{112}{7}\) x = 16
अतः, अज्ञात पद का मान 16 है।
अज्ञात पद ज्ञात करते समय, बाह्य पदों और मध्य पदों की सही पहचान करना सुनिश्चित करें। अक्सर छात्र पदों को गलत तरीके से गुणा कर देते हैं।
ऐकिक विधि
ऐकिक विधि एक ऐसी तकनीक है जिसमें पहले एक इकाई का मान ज्ञात किया जाता है और फिर वांछित संख्या में इकाइयों का मान ज्ञात किया जाता है। समानुपात के प्रश्नों को हल करने के लिए यह एक वैकल्पिक विधि है।
विधि:
- दी गई जानकारी का उपयोग करके एक इकाई (जैसे एक वस्तु का मूल्य, एक व्यक्ति का काम, आदि) का मान ज्ञात करें।
- इस इकाई मान का उपयोग करके वांछित संख्या में इकाइयों का कुल मान ज्ञात करें।
उदाहरण: यदि 2 कॉपियों की कीमत 20 रु है, तो 5 कॉपियों की कीमत क्या होगी?
- चरण 1: एक इकाई का मान ज्ञात करें।
2 कॉपियों की कीमत = 20 रु 1 कॉपी की कीमत = \(\frac{20}{2}\) = 10 रु
- चरण 2: वांछित संख्या में इकाइयों का मान ज्ञात करें।
5 कॉपियों की कीमत = 10 रु/कॉपी × 5 कॉपियाँ = 50 रु
समानुपात विधि से तुलना:
- कॉपियाँ : कीमत = कॉपियाँ : कीमत
2 : 20 :: 5 : x2 × x = 20 × 52x = 100x = \(\frac{100}{2}\)x = 50
दोनों विधियों से उत्तर समान आता है। छात्र अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी विधि का उपयोग कर सकते हैं।
ऐकिक विधि: पहले एक इकाई का मान ज्ञात करें, फिर कुल मान। यह विधि विशेष रूप से उन समस्याओं के लिए उपयोगी है जहाँ सीधा अनुपात संबंध होता है।
दैनिक जीवन में समानुपात के अनुप्रयोग
अनुपात और समानुपात का उपयोग हमारे दैनिक जीवन में कई स्थितियों में होता है।
- खरीदारी: विभिन्न मात्राओं में वस्तुओं की कीमतों की तुलना करना।
- जैसे, 2 किलो टमाटर का मूल्य 16 रु है, तो 40 रु में कितने किलो टमाटर आएंगे?
2 किलो : 16 रु :: x किलो : 40 रु 2 × 40 = 16 × x 80 = 16x x = 5 किलो
- खाना पकाना: व्यंजनों में सामग्री की मात्रा को बढ़ाना या घटाना।
- यदि 6 गिलास शर्बत में 12 चम्मच शक्कर लगती है, तो 9 गिलास शर्बत में कितनी शक्कर लगेगी?
6 गिलास : 12 चम्मच :: 9 गिलास : x चम्मच 6 × x = 12 × 9 6x = 108 x = 18 चम्मच
- मानचित्र और मॉडल: वास्तविक दूरियों और मॉडल/मानचित्र पर दूरियों के बीच संबंध।
- समय और दूरी: एक निश्चित गति से तय की गई दूरी और उसमें लगने वाला समय।
- एक कार 3 घंटे में 165 किमी चलती है, तो 5 घंटे में कितनी दूरी तय करेगी?
3 घंटे : 165 किमी :: 5 घंटे : x किमी 3 × x = 165 × 5 3x = 825 x = 275 किमी
- पैसे का बँटवारा: लाभ या हानि को निश्चित अनुपात में बाँटना।
- हमीदा और अनु ने 6:9 के अनुपात में पैसे दिए। यदि कुल 45 पतंगें खरीदीं, तो उन्हें किस अनुपात में पतंगें मिलनी चाहिए?
6:9 = 2:3। तो, 45 पतंगों को 2:3 के अनुपात में बाँटेंगे। हमीदा का हिस्सा = \(\frac{2}{2+3}\) × 45 = \(\frac{2}{5}\) × 45 = 18 पतंगें अनु का हिस्सा = \(\frac{3}{2+3}\) × 45 = \(\frac{3}{5}\) × 45 = 27 पतंगें
दैनिक जीवन पर आधारित समस्याओं को हल करते समय, पहले यह पहचानें कि क्या यह सीधा अनुपात है या व्युत्क्रमानुपात (जो इस अध्याय में शामिल नहीं है)। समानुपात के अधिकांश प्रश्न सीधे अनुपात पर आधारित होते हैं।