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कोष्ठक क्यों ?
Chhattisgarh · Class 7 · 🧮 Maths · Chapter 5

कोष्ठक क्यों ?

कोष्ठकों का उपयोगBODMAS नियम (कोकाभागुयोघ)कोष्ठकों के प्रकारगणितीय संक्रियाओं का क्रमवितरण नियम

यह अध्याय छात्रों को गणितीय व्यंजकों में कोष्ठकों के महत्व और उनके उपयोग से परिचित कराता है। इसमें BODMAS नियम (कोकाभागुयोघ) का विस्तृत वर्णन किया गया है, जो विभिन्न गणितीय संक्रियाओं जैसे 'का', भाग, गुणा, योग और घटाना को हल करने के सही क्रम को समझाता है। अध्याय में विभिन्न प्रकार के कोष्ठकों - रेखा कोष्ठक, छोटा कोष्ठक, मंझला कोष्ठक और बड़ा कोष्ठक - और उन्हें हल करने के क्रम को भी समझाया गया है। यह अध्याय छात्रों को जटिल गणितीय समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से हल करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करता है।

कोष्ठकों का प्रयोग

कोष्ठकों के प्रयोग की आवश्यकता दर्शाने वाला आयत का उदाहरण।
कोष्ठकों के प्रयोग की आवश्यकता दर्शाने वाला आयत का उदाहरण।

गणित में, कोष्ठक का उपयोग दो या दो से अधिक संक्रियाओं को समूह में दर्शाने के लिए किया जाता है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन सी संक्रिया पहले की जानी है।

  • आवश्यकता: जब एक ही व्यंजक में एक से अधिक संक्रियाएँ (जोड़, घटाना, गुणा, भाग) हों और उनके हल का क्रम महत्वपूर्ण हो।
  • उदाहरण: 80 - 15 - 23 और 80 - (15 + 23) में अंतर।
  • 80 - 15 - 23 = 65 - 23 = 42 (बाएँ से दाएँ)
  • 80 - (15 + 23) = 80 - 38 = 42 (कोष्ठक के अंदर की संक्रिया पहले)
  • दोनों ही मामलों में उत्तर 42 है, लेकिन यदि प्रश्न में 15 और 23 के योग को 80 में से घटाना हो, तो कोष्ठक का प्रयोग आवश्यक है।
  • क्षेत्रफल का उदाहरण: एक आयत की लंबाई 5 इकाई और चौड़ाई 3 इकाई है। यदि लंबाई 2 इकाई और बढ़ा दी जाए, तो नया क्षेत्रफल (5+2) × 3 = 7 × 3 = 21 वर्ग इकाई होगा।
  • यदि कोष्ठक का प्रयोग न करें: 5 + 2 × 3
  • यदि पहले जोड़ करें: (5+2) × 3 = 7 × 3 = 21
  • यदि पहले गुणा करें: 5 + (2 × 3) = 5 + 6 = 11
  • सही उत्तर प्राप्त करने के लिए कोष्ठक का प्रयोग अनिवार्य है।
महत्त्वपूर्ण

कोष्ठक गणितीय व्यंजकों में संक्रियाओं के समूह को स्पष्ट करने और गणना के सही क्रम को सुनिश्चित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

गणितीय संक्रियाओं का क्रम (BODMAS/कोकाभागुयोघ)

जब किसी गणितीय व्यंजक में एक साथ कई संक्रियाएँ (जोड़, घटाना, गुणा, भाग, 'का') और कोष्ठक दिए गए हों, तो उन्हें एक निश्चित क्रम में हल किया जाता है। इस क्रम को याद रखने के लिए BODMAS या कोकाभागुयोघ नियम का उपयोग किया जाता है।

BODMAS नियम

  • B = Brackets (कोष्ठक)
  • O = Of (का) - जिसका अर्थ गुणा होता है
  • D = Division (भाग)
  • M = Multiplication (गुणा)
  • A = Addition (योग)
  • S = Subtraction (घटाना)

कोकाभागुयोघ नियम (हिंदी में)

  • को = कोष्ठक
  • का = का (गुणा)
  • भा = भा
  • गु = गुणा
  • यो = यो
  • = टाना

हल करने का क्रम:

  1. सबसे पहले कोष्ठकों को हल करें।
  2. फिर 'का' (of) वाली संक्रिया को हल करें, जिसका अर्थ गुणा होता है।
  3. इसके बाद भाग (Division) की संक्रिया करें।
  4. फिर गुणा (Multiplication) की संक्रिया करें।
  5. अंत में, योग (Addition) और घटाना (Subtraction) की संक्रियाएँ बाएँ से दाएँ क्रम में करें।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • 'का' का अर्थ हमेशा गुणा होता है, लेकिन इसे गुणा से पहले हल किया जाता है।
  • योग और घटाना, या गुणा और भाग, एक ही प्राथमिकता स्तर पर होते हैं। इन्हें हल करते समय बाएँ से दाएँ क्रम का पालन करें।
🧮सूत्र

BODMAS / कोकाभागुयोघ

B/को (कोष्ठक) → O/का (का) → D/भा (भाग) → M/गु (गुणा) → A/यो (योग) → S/घ (घटाना)

🚧ग़लत धारणा

'का' और गुणा (×) में अंतर: 'का' को गुणा से पहले हल किया जाता है। उदाहरण के लिए, 2 का 3 + 4 को (2 × 3) + 4 = 6 + 4 = 10 के रूप में हल किया जाएगा, न कि 2 × (3 + 4) = 2 × 7 = 14

कोष्ठक के प्रकार और उन्हें हल करने का क्रम

विभिन्न प्रकार के कोष्ठक और उनके हल करने का क्रम।
विभिन्न प्रकार के कोष्ठक और उनके हल करने का क्रम।

गणित में विभिन्न प्रकार के कोष्ठक होते हैं, और उन्हें हल करने का एक विशिष्ट क्रम होता है।

कोष्ठक के प्रकार

  1. रेखा कोष्ठक (Vinculum / Bar Bracket): (संख्याओं के ऊपर एक क्षैतिज रेखा)
  2. छोटा कोष्ठक (Parentheses): ( )
  3. मंझला कोष्ठक (Curly Brackets / Braces): { }
  4. बड़ा कोष्ठक (Square Brackets): [ ]

कोष्ठकों को हल करने का क्रम

जब एक व्यंजक में एक से अधिक प्रकार के कोष्ठक हों, तो उन्हें अंदर से बाहर की ओर हल किया जाता है।

  1. सबसे पहले: रेखा कोष्ठक ()
  2. दूसरा: छोटा कोष्ठक (( ))
  3. तीसरा: मंझला कोष्ठक ({ })
  4. चौथा: बड़ा कोष्ठक ([ ])

उदाहरण: [ 10 - { 5 + ( 3 - 1 ) } ]

  1. पहले छोटा कोष्ठक: [ 10 - { 5 + 2 } ]
  2. फिर मंझला कोष्ठक: [ 10 - 7 ]
  3. अंत में बड़ा कोष्ठक: 3
💡सुझाव

कोष्ठकों को हल करने का क्रम याद रखें: रेखा → छोटा → मंझला → बड़ा। यह क्रम BODMAS/कोकाभागुयोघ नियम के 'B' (Brackets) भाग के अंतर्गत आता है।

कोष्ठकों के साथ व्यंजकों का सरलीकरण

कोष्ठकों वाले व्यंजकों को सरल करते समय, BODMAS/कोकाभागुयोघ नियम और कोष्ठकों के हल करने के क्रम का पालन करना महत्वपूर्ण है।

कोष्ठक हटाने के नियम

  • कोष्ठक के बाहर + चिन्ह हो: कोष्ठक हटाने पर अंदर के पदों के चिन्ह नहीं बदलते।
  • उदाहरण: a + (b - c) = a + b - c
  • कोष्ठक के बाहर - चिन्ह हो: कोष्ठक हटाने पर अंदर के सभी पदों के चिन्ह बदल जाते हैं (धनात्मक पद ऋणात्मक हो जाते हैं और ऋणात्मक पद धनात्मक हो जाते हैं)।
  • उदाहरण: a - (b - c) = a - b + c
  • उदाहरण: a - (-b + c) = a + b - c
  • कोष्ठक के बाहर कोई चिन्ह न हो या गुणा का चिन्ह हो: कोष्ठक के बाहर की संख्या या पद का अंदर के प्रत्येक पद से गुणा होता है (वितरण नियम)।
  • उदाहरण: 2(a + b) = 2a + 2b
  • उदाहरण: a(b - c) = ab - ac

सरलीकरण के चरण

  1. सबसे अंदर के कोष्ठक (रेखा कोष्ठक, फिर छोटा कोष्ठक) से शुरू करें।
  2. कोष्ठक के अंदर की संक्रियाओं को BODMAS/कोकाभागुयोघ नियम के अनुसार हल करें।
  3. कोष्ठक के बाहर के चिन्हों या संख्याओं के अनुसार कोष्ठक हटाएँ।
  4. अगले स्तर के कोष्ठक (मंझला, फिर बड़ा) को इसी प्रकार हल करें।
  5. सभी कोष्ठक हटाने के बाद, शेष व्यंजक को BODMAS/कोकाभागुयोघ नियम का पालन करते हुए सरल करें।
  6. सजातीय पदों (like terms) को एक साथ समूहित करें और उन्हें जोड़ें या घटाएँ।
याद रखें

जब कोष्ठक के बाहर - चिन्ह होता है, तो अंदर के सभी पदों के चिन्ह बदलना सबसे आम गलती है। इस पर विशेष ध्यान दें।

वितरण नियम का उपयोग

वितरण नियम (Distributive Property) गुणा और जोड़/घटाना के बीच संबंध बताता है। यह कोष्ठकों को खोलने और व्यंजकों को सरल करने में बहुत उपयोगी है।

नियम

  • गुणा का योग पर वितरण नियम: a × (b + c) = (a × b) + (a × c)
  • गुणा का घटाना पर वितरण नियम: a × (b - c) = (a × b) - (a × c)

उपयोग

  • बड़ी संख्याओं के गुणन को सरल बनाना: जब एक संख्या को किसी ऐसी संख्या से गुणा करना हो जो 10, 100, 1000 आदि के करीब हो।
  • उदाहरण: 88 × 95 को 88 × (100 - 5) के रूप में लिखा जा सकता है।
  • = (88 × 100) - (88 × 5)
  • = 8800 - 440
  • = 8360
  • दशमलव संख्याओं के गुणन को सरल बनाना: 23.5 × 9.9 को 23.5 × (10 - 0.1) के रूप में लिखा जा सकता है।
  • = (23.5 × 10) - (23.5 × 0.1)
  • = 235 - 2.35
  • = 232.65
  • बीजीय व्यंजकों का सरलीकरण: 2(2a - 3b) को (2 × 2a) - (2 × 3b) = 4a - 6b के रूप में सरल किया जा सकता है।

वितरण नियम हमें जटिल गणनाओं को छोटे और आसान चरणों में तोड़ने में मदद करता है।

📖परिभाषा

वितरण नियम (Distributive Property): यह बताता है कि एक संख्या को दो या दो से अधिक संख्याओं के योग या अंतर से गुणा करने पर, वह संख्या उन प्रत्येक संख्याओं से अलग-अलग गुणा होती है और फिर गुणनफलों को जोड़ा या घटाया जाता है।

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