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Chhattisgarh · Class 6 · 🔬 Science · Chapter 10

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गति के प्रकारबल और उसके प्रभावदाब की अवधारणावायुमंडलीय दाबघर्षण बल

यह अध्याय छात्रों को गति के विभिन्न प्रकारों जैसे सरल रेखीय, वृत्तीय, घूर्णन, दोलन, आवर्ती और अनावर्ती गति से परिचित कराता है। यह बल की अवधारणा, उसके प्रभावों जैसे गति, दिशा और आकार में परिवर्तन पर भी प्रकाश डालता है। अध्याय पेशीय, गुरुत्वाकर्षण, चुंबकीय, स्थिर वैद्युत और घर्षण बल जैसे विभिन्न प्रकार के बलों की व्याख्या करता है। अंत में, यह दाब की अवधारणा, इसके SI मात्रक और तरल पदार्थों पर दाब के प्रभाव को शामिल करता है, जिसमें वायुमंडलीय दाब और द्रव दाब शामिल हैं। यह छात्रों को दैनिक जीवन में इन भौतिकी अवधारणाओं को समझने में मदद करता है।

गति क्या है?

गतिशील तथा स्थिर अवस्था में कुछ वस्तुएँ
गतिशील तथा स्थिर अवस्था में कुछ वस्तुएँ
गतिशील और स्थिर वस्तुओं की पहचान
गतिशील और स्थिर वस्तुओं की पहचान
धीमी गति और अवलोकन का महत्व
धीमी गति और अवलोकन का महत्व

हमारे चारों ओर की वस्तुएँ दो अवस्थाओं में हो सकती हैं:

  • स्थिर अवस्था: जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति नहीं बदलती है।
  • उदाहरण: मकान, बिजली का खंभा, पेड़।
  • गतिशील अवस्था: जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति बदलती है।
  • उदाहरण: उड़ते हुए पक्षी, धावक, तैरती हुई मछली।

महत्वपूर्ण अवलोकन: कुछ गतियाँ इतनी धीमी होती हैं कि उन्हें तुरंत पहचानना मुश्किल होता है। ऐसे में सही निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए लंबे समय तक अवलोकन आवश्यक है।

  • उदाहरण: घड़ी की घंटे वाली सुई की गति, पौधों का बढ़ना।

निष्कर्ष: किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ होने वाले परिवर्तन को गति कहते हैं।

📖परिभाषा

गति (Motion): किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ होने वाले परिवर्तन को गति कहते हैं।

महत्त्वपूर्ण

गति का अवलोकन संदर्भ पर निर्भर करता है। पृथ्वी पर एक पेड़ स्थिर है, लेकिन पृथ्वी स्वयं सूर्य के चारों ओर घूम रही है।

गति के प्रकार

सरल रेखीय गति के उदाहरण
सरल रेखीय गति के उदाहरण
वृत्तीय गति के उदाहरण
वृत्तीय गति के उदाहरण
घूर्णन गति करता लट्टू
घूर्णन गति करता लट्टू

गति विभिन्न प्रकार की होती है, जिन्हें वस्तु के पथ और गति के तरीके के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।

1. सरल रेखीय गति (Rectilinear Motion)

  • परिभाषा: वह गति जिसमें कोई वस्तु एक सीधी रेखा में चलती है।
  • विशेषता: वस्तु का पथ सीधा होता है।
  • उदाहरण:
  • 100 मीटर की दौड़ में धावक की गति।
  • पेड़ से गिरते हुए फल की गति।
  • बंदूक से निकली गोली की गति।
  • कैम के खेल में स्ट्राइकर की गति।
  • मार्च पास्ट करते सैनिकों की गति।

2. वृत्तीय गति (Circular Motion)

  • परिभाषा: वह गति जिसमें कोई वस्तु एक वृत्ताकार मार्ग पर चलती है।
  • विशेषता: वस्तु एक केंद्र के चारों ओर घूमती है, और यह केंद्र वस्तु के बाहर होता है।
  • उदाहरण:
  • कोल्हू के बैल की गति।
  • डोरी से बंधे पत्थर को घुमाने पर पत्थर की गति।
  • चक्र झूले में बैठे बच्चे की गति।

3. घूर्णन गति (Rotational Motion)

  • परिभाषा: वह गति जिसमें कोई वस्तु अपनी धुरी के चारों ओर घूमती है।
  • विशेषता: वस्तु का घूर्णन अक्ष वस्तु के अंदर ही होता है।
  • उदाहरण:
  • घूमते हुए लट्टू की गति।
  • कुम्हार के चाक की गति।
  • घूमती हुई फिरकी की गति।
  • गतिमान पंखे की गति।
  • अपनी धुरी के चारों ओर घूमती पृथ्वी की गति।

वृत्तीय गति और घूर्णन गति में अंतर: | विशेषता | वृत्तीय गति | घूर्णन गति | |---|---|---| | घूर्णन अक्ष | वस्तु के बाहर | वस्तु के अंदर | | उदाहरण | पंखे के ब्लेड पर कोई बिंदु | पूरा पंखा |

तालिका 10.2: गति के प्रकारों की पहचान | क्र. | वस्तुएँ | गति के प्रकार (वृत्तीय/घूर्णन) | |---|---|---| | 1. | घड़ी की सुई का सिरा | वृत्तीय गति | | 2. | घड़ी की सुई | घूर्णन गति | | 3. | घूमता हुआ पंखा | घूर्णन गति | | 4. | घूमते हुए पंखे के ब्लेड पर स्थित कोई बिंदु | वृत्तीय गति | | 5. | कुम्हार का चाक | घूर्णन गति | | 6. | बैलगाड़ी का चक्का | घूर्णन गति (और सरल रेखीय) | | 7. | अपने अक्ष के चारों ओर घूमती हुई पृथ्वी | घूर्णन गति | | 8. | घूमता हुआ लट्टू | घूर्णन गति | | 9. | चक्र झूले पर बैठा बच्चा | वृत्तीय गति | | 10. | सर्कस के गोलाकार पिंजरे में घूमता हुआ मोटर साइकिल सवार | वृत्तीय गति |

📖परिभाषा

सरल रेखीय गति (Rectilinear Motion): वह गति जो एक सीधी रेखा में होती है।

📖परिभाषा

वृत्तीय गति (Circular Motion): वह गति जो वृत्ताकार मार्ग में होती है।

📖परिभाषा

घूर्णन गति (Rotational Motion): वह गति जिसमें संपूर्ण वस्तु अपनी धुरी के चारों ओर घूमती है।

दोलन, आवर्ती और अनावर्ती गतियाँ

दोलन
दोलन
आवर्ती और अनावर्ती गति
आवर्ती और अनावर्ती गति
आवर्ती और अनावर्ती गति में अंतर
आवर्ती और अनावर्ती गति में अंतर
एक ही समय में अनेक गतियाँ
एक ही समय में अनेक गतियाँ

4. दोलन गति (Oscillatory Motion)

  • परिभाषा: वह गति जिसमें कोई वस्तु अपनी माध्य स्थिति के दोनों ओर बार-बार गति करती है। इसे 'आगे-पीछे' या 'ऊपर-नीचे' की गति भी कह सकते हैं।
  • विशेषता: वस्तु एक निश्चित बिंदु के इर्द-गिर्द घूमती है।
  • उदाहरण:
  • झूले में झूलते हुए बच्चे की गति।
  • स्प्रिंग से लटके पिंड की गति।
  • दीवार घड़ी में लटके पेंडुलम की गति।
  • मंदिर में लटके घंटे की गति।

सरल लोलक का दोलन: एक सरल लोलक अपनी माध्य स्थिति 'O' से 'A' तक, फिर 'A' से 'B' तक और 'B' से वापस 'O' तक आने में एक दोलन पूरा करता है।

  • आवर्तकाल: सरल लोलक द्वारा एक दोलन पूरा करने में लगा समय उसका आवर्तकाल कहलाता है।

5. आवर्ती गति (Periodic Motion) और अनावर्ती गति (Non-periodic Motion)

  • आवर्ती गति:
  • परिभाषा: वह गति जो एक निश्चित समय अंतराल के बाद खुद को दोहराती है।
  • विशेषता: इसमें एक नियमित पैटर्न होता है।
  • उदाहरण:
  • घड़ी की सेकंड की सुई की गति (प्रत्येक मिनट में एक चक्कर)।
  • पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की गति (प्रत्येक वर्ष में एक चक्कर)।
  • घड़ी के पेंडुलम की गति।
  • स्प्रिंग पर लटके भार की गति।
  • अनावर्ती गति:
  • परिभाषा: वह गति जो निश्चित समय अंतराल पर खुद को नहीं दोहराती है।
  • विशेषता: इसमें कोई निश्चित पैटर्न या समय अंतराल नहीं होता।
  • उदाहरण:
  • हाथ या पैरों का आगे-पीछे गति करना।
  • हमारे हृदय का धड़कना।
  • श्वास लेते समय फेफड़ों की गति।
  • वृत्ताकार मार्ग में दौड़ते धावक की गति (क्योंकि वह कभी धीमा और कभी तेज दौड़ता है)।

आवर्ती और अनावर्ती गति में मुख्य अंतर: | विशेषता | आवर्ती गति | अनावर्ती गति | |---|---|---| | दोहराव | निश्चित समय अंतराल पर | निश्चित समय अंतराल पर नहीं | | पैटर्न | नियमित और अनुमानित | अनियमित और अप्रत्याशित |

एक ही समय में अनेक गतियाँ

कई बार एक ही वस्तु एक साथ एक से अधिक प्रकार की गतियाँ प्रदर्शित करती है।

  • उदाहरण 1: साइकिल की गति
  • साइकिल का आगे बढ़ना: रेखीय गति
  • पहिया और पैडल की गति: घूर्णन गति
  • साइकिल के रिम पर स्थित कोई बिंदु: वृत्तीय गति
  • उदाहरण 2: सिलाई मशीन
  • हैंडल का घूमना: वृत्तीय गति
  • सुई की गति: दोलन गति
📖परिभाषा

दोलन गति (Oscillatory Motion): वह गति जिसमें कोई वस्तु अपनी माध्य स्थिति के दोनों ओर बार-बार गति करती है।

📖परिभाषा

आवर्ती गति (Periodic Motion): वह गति जो निश्चित समय के पश्चात दोहराई जाती है।

📖परिभाषा

अनावर्ती गति (Non-periodic Motion): वह गति जो दोहराने में भिन्न-भिन्न समय लेती है या खुद को नहीं दोहराती।

चाल, एक समान गति और असमान गति

चाल क्या है?
चाल क्या है?
चाल की गणना — सूत्र और उदाहरण
चाल की गणना — सूत्र और उदाहरण
एक समान गति
एक समान गति
असमान गति
असमान गति
दोनों में अंतर — एक नज़र में
दोनों में अंतर — एक नज़र में

चाल (Speed)

  • परिभाषा: किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में तय की गई दूरी को उसकी चाल कहते हैं। यह बताती है कि कोई वस्तु कितनी तेज़ी से चल रही है।
  • सूत्र: \( \text{चाल} = \frac{\text{तय की गई दूरी}}{\text{लिया गया समय}} \)
  • SI मात्रक: मीटर प्रति सेकंड (m/s)।
  • उदाहरण: यदि आप 500 मीटर की दूरी 50 सेकंड में तय करते हैं, तो आपकी चाल \( \frac{500 \text{ मीटर}}{50 \text{ सेकंड}} = 10 \text{ m/s} \) होगी।

एक समान गति (Uniform Motion) और असमान गति (Non-uniform Motion)

गति को तय की गई दूरी और समय अंतराल के आधार पर दो मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है।

1. एक समान गति:

  • परिभाषा: यदि कोई वस्तु समान समय अंतरालों में समान दूरी तय करे।
  • विशेषता: इस गति में वस्तु की चाल स्थिर रहती है।
  • उदाहरण: वायुयान की उड़ान (यदि वह स्थिर चाल से उड़ रहा हो), घड़ी की सेकंड की सुई की गति।

2. असमान गति:

  • परिभाषा: यदि कोई वस्तु समान समय अंतरालों में असमान दूरी तय करे।
  • विशेषता: इस गति में वस्तु की चाल बदलती रहती है।
  • उदाहरण: शहरी ट्रैफिक में चलती कार, 100 मीटर का धावक।

एक समान गति और असमान गति में अंतर: | विशेषता | एक समान गति | असमान गति | |---|---|---| | तय की गई दूरी | समान समय में समान दूरी | समान समय में असमान दूरी | | चाल | स्थिर (नियत) | बदलती रहती है | | उदाहरण | वायुयान की उड़ान, घड़ी की सुई | शहरी कार, धावक |

📖परिभाषा

चाल (Speed): एकांक समय में तय की गई दूरी। SI मात्रक: मीटर प्रति सेकंड (m/s)।

🧮सूत्र

\( \text{चाल} = \frac{\text{दूरी}}{\text{समय}} \)

📖परिभाषा

एक समान गति (Uniform Motion): समान समय अंतरालों में समान दूरी तय करना।

📖परिभाषा

असमान गति (Non-uniform Motion): समान समय अंतरालों में असमान दूरी तय करना।

बल और बल के प्रभाव

बल क्या है?
बल क्या है?
बल की परिभाषा और मात्रक
बल की परिभाषा और मात्रक
बल के प्रभाव
बल के प्रभाव
बल द्वारा चाल में परिवर्तन
बल द्वारा चाल में परिवर्तन
बल द्वारा गति की दिशा में परिवर्तन
बल द्वारा गति की दिशा में परिवर्तन
बल द्वारा वस्तु के आकार या आकृति में परिवर्तन के कुछ उदाहरण
बल द्वारा वस्तु के आकार या आकृति में परिवर्तन के कुछ उदाहरण

बल (Force)

  • परिभाषा: बल एक धक्का या खिंचाव है जो किसी वस्तु की गति की अवस्था या आकार में परिवर्तन करने का प्रयास करता है या परिवर्तन करता है।
  • SI मात्रक: न्यूटन (N)। यह सर आइजक न्यूटन के सम्मान में रखा गया है।
  • विशेषता: बल एक सदिश राशि है, जिसका अर्थ है कि इसमें परिमाण (magnitude) और दिशा (direction) दोनों होते हैं।
  • दैनिक जीवन के उदाहरण: भारी संदूक को सरकाना, दरवाजा खोलना या बंद करना, फुटबॉल को किक मारना।

बल के प्रभाव (Effects of Force)

बल किसी वस्तु पर कई तरह से प्रभाव डाल सकता है:

1. चाल में परिवर्तन (Change in Speed):

  • बल किसी स्थिर वस्तु को गति में ला सकता है (जैसे फुटबॉल को किक मारना)।
  • बल किसी गतिशील वस्तु की चाल बढ़ा या घटा सकता है।
  • उदाहरण: साइकिल की चाल बढ़ाने के लिए पैडल पर अधिक बल लगाना; ब्रेक लगाकर साइकिल की चाल कम करना।
  • गुरुत्वीय बल: पृथ्वी प्रत्येक वस्तु को अपनी ओर खींचती है, जिसे गुरुत्वीय बल कहते हैं। इसी बल के कारण वस्तुएँ नीचे गिरती हैं। वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वीय बल उसका भार कहलाता है।
  • ऊंचाई से गिरने पर वस्तु की चाल बढ़ती है क्योंकि गुरुत्वीय बल अधिक समय तक कार्य करता है।

2. गति की दिशा में परिवर्तन (Change in the Direction of Motion):

  • बल किसी गतिशील वस्तु की दिशा बदल सकता है।
  • उदाहरण: फुटबॉल के खेल में गोलकीपर द्वारा गेंद की दिशा बदलना; क्रिकेट में बल्ले से गेंद की दिशा बदलना।

3. आकार या आकृति में परिवर्तन (Change in Shape and Size):

  • बल किसी वस्तु के आकार या आकृति में परिवर्तन कर सकता है।
  • उदाहरण: रबर की गेंद को दबाने पर उसका आकार बदलना; गूंथे हुए आटे से रोटी बनाना; स्प्रिंग को दबाना।
📖परिभाषा

बल (Force): वह धक्का या खिंचाव जो किसी वस्तु की गति की अवस्था या आकार में परिवर्तन करता है या करने का प्रयास करता है। SI मात्रक: न्यूटन (N)।

महत्त्वपूर्ण

सर आइजक न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण और गति के नियमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। [IMAGE: think_about_it_fig1013]

बल के प्रकार

बल के प्रकारों की खोज
बल के प्रकारों की खोज
पेशीय बल: शरीर की शक्ति
पेशीय बल: शरीर की शक्ति
गुरुत्वाकर्षण बल: पृथ्वी का खिंचाव
गुरुत्वाकर्षण बल: पृथ्वी का खिंचाव
चुंबक द्वारा लोहे की कीलों को आकर्षित करना
चुंबक द्वारा लोहे की कीलों को आकर्षित करना
चुंबकीय बल
चुंबकीय बल
घर्षण बल
घर्षण बल

बल को उनके कार्य और प्रकृति के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है:

1. पेशीय बल (Muscular Force)

  • परिभाषा: वह बल जो किसी जीव की मांसपेशियों की क्रिया के कारण उत्पन्न होता है।
  • विशेषता: यह एक संपर्क बल है, क्योंकि इसके लिए वस्तु का शरीर से संपर्क होना आवश्यक है।
  • उदाहरण: बैलगाड़ी को खींचना, हथौड़े से कील ठोकना, पानी की बाल्टी उठाना, रबर की गेंद को हाथ से दबाना।

2. गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force)

  • परिभाषा: ब्रह्मांड में किन्हीं भी दो वस्तुओं के बीच लगने वाला आकर्षण बल। पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल वस्तुओं को अपनी ओर खींचता है।
  • विशेषता: यह एक असंपर्क बल है, क्योंकि इसके लिए वस्तुओं का एक-दूसरे के संपर्क में होना आवश्यक नहीं है।
  • उदाहरण: जल का ढलान से नीचे बहना, वस्तु का ऊंचाई से पृथ्वी पर गिरना, पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर और चंद्रमा का पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करना।

3. चुंबकीय बल (Magnetic Force)

  • परिभाषा: वह बल जो चुंबक द्वारा चुंबकीय वस्तुओं पर लगाया जाता है।
  • विशेषता: यह आकर्षण या प्रतिकर्षण के रूप में कार्य करता है। यह भी एक असंपर्क बल है।
  • उदाहरण: चुंबक द्वारा लोहे की कीलों को आकर्षित करना।
  • चुंबकीय पदार्थ: लोहा, निकल, कोबाल्ट।
  • आकर्षण: विपरीत ध्रुवों के बीच (उत्तर-दक्षिण)।
  • प्रतिकर्षण: समान ध्रुवों के बीच (उत्तर-उत्तर या दक्षिण-दक्षिण)।

4. स्थिर विद्युत बल (Electrostatic Force)

  • परिभाषा: वह बल जो आवेशित वस्तुओं द्वारा एक-दूसरे पर लगाया जाता है।
  • विशेषता: यह आकर्षण या प्रतिकर्षण हो सकता है। यह भी एक असंपर्क बल है।
  • उत्पत्ति: घर्षण के कारण वस्तुओं में विद्युत आवेश उत्पन्न होता है।
  • उदाहरण: कंघी को सूखे बालों में रगड़ने के बाद कागज के टुकड़ों को आकर्षित करना; प्लास्टिक की प्लेट को रगड़ने पर सरसों के दानों का एक-दूसरे से दूर भागना और प्लेट से चिपके रहना।

5. घर्षण बल (Frictional Force)

  • परिभाषा: वह बल जो दो सतहों के संपर्क में आने पर उनकी सापेक्ष गति का विरोध करता है।
  • विशेषता: यह गति की विपरीत दिशा में कार्य करता है।
  • प्रभाव: सतहों के खुरदुरेपन पर निर्भर करता है। चिकनी सतह पर घर्षण कम होता है।
  • उदाहरण: फर्श पर लुढ़कती गेंद का रुक जाना, जूतों के तले का घिसना, मशीनों के पुर्जों का घिसना, वाहनों के पहियों का घिसना।
  • लाभ: घर्षण के कारण ही हम चल पाते हैं, माचिस की तीली जला पाते हैं, रस्सी बना पाते हैं, कागज पर लिख पाते हैं।

तालिका 10.3: विभिन्न क्रियाओं में लगने वाले बल | क्र. | क्रियाएँ | लगने वाला बल | |---|---|---| | 1. | चावल से भरा बोरा उठाना | पेशीय बल | | 2. | झरने के पानी का गिरना | गुरुत्वाकर्षण बल | | 3. | मच्छरदानी की रगड़ से शरीर के बालों का खड़ा होना | स्थिर विद्युत बल | | 4. | चुंबक द्वारा कबाड़ में से लोहे के टुकड़ों को अलग करना | चुंबकीय बल | | 5. | वाहन के पहिए का घिसना | घर्षण बल | | 6. | क्रिकेट के खेल में बैट से बॉल को मारना | पेशीय बल | | 7. | हथेलियों को रगड़ना | पेशीय बल (और घर्षण बल) | | 8. | बाल्टी का कुएँ में गिरना | गुरुत्वाकर्षण बल |

📖परिभाषा

संपर्क बल (Contact Force): वह बल जिसके लिए वस्तुओं का एक-दूसरे के संपर्क में होना आवश्यक है (जैसे पेशीय बल, घर्षण बल)।

📖परिभाषा

असंपर्क बल (Non-contact Force): वह बल जिसके लिए वस्तुओं का एक-दूसरे के संपर्क में होना आवश्यक नहीं है (जैसे गुरुत्वाकर्षण बल, चुंबकीय बल, स्थिर विद्युत बल)।

💡सुझाव

संपर्क और असंपर्क बलों के उदाहरणों को याद रखें, क्योंकि ये अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।

दाब की परिभाषा और SI मात्रक

नुकीली और टूटी ऑलपिन का प्रभाव
नुकीली और टूटी ऑलपिन का प्रभाव
दाब की परिभाषा और मात्रक
दाब की परिभाषा और मात्रक
दाब का प्रभाव (कील और बोर्ड का प्रयोग)
दाब का प्रभाव (कील और बोर्ड का प्रयोग)

दाब (Pressure)

  • अवधारणा: किसी सतह पर बल का प्रभाव उस क्षेत्रफल पर निर्भर करता है जिस पर वह बल लगाया गया है।
  • उदाहरण: नुकीली ऑलपिन से कागज को भेदना आसान होता है क्योंकि उसका क्षेत्रफल कम होता है, जिससे बल का प्रभाव (दाब) बढ़ जाता है। टूटी हुई ऑलपिन का क्षेत्रफल अधिक होने के कारण दाब कम होता है।
  • परिभाषा: एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को दाब कहते हैं।
  • सूत्र: \( \text{दाब} = \frac{\text{बल}}{\text{क्षेत्रफल}} \)
  • SI मात्रक: न्यूटन प्रति वर्ग मीटर (N/m²), जिसे पास्कल (Pa) भी कहते हैं।
  • बड़ी इकाई: 1000 पास्कल = 1 किलोपास्कल (kPa)।

कील और बोर्ड का प्रयोग (क्रियाकलाप 7):

  • जब कील का नुकीला सिरा लकड़ी के संपर्क में आता है, तो बल एक बहुत छोटे क्षेत्रफल पर केंद्रित होता है, जिससे दाब बहुत अधिक बढ़ जाता है। यह उच्च दाब कील को लकड़ी में धकेलने में मदद करता है।
  • इसके विपरीत, कील का चौड़ा सिरा अधिक क्षेत्रफल पर बल वितरित करता है, जिससे दाब कम हो जाता है और वह आसानी से प्रवेश नहीं कर पाता।

निष्कर्ष: दाब क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है। (दाब \( \propto \frac{1}{\text{क्षेत्रफल}} \))

  • क्षेत्रफल कम होने पर दाब अधिक होता है।
  • क्षेत्रफल अधिक होने पर दाब कम होता है।
📖परिभाषा

दाब (Pressure): एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला बल। SI मात्रक: पास्कल (Pa) या N/m²।

🧮सूत्र

\( \text{दाब} = \frac{\text{बल}}{\text{क्षेत्रफल}} \)

महत्त्वपूर्ण

दाब और क्षेत्रफल में व्युत्क्रमानुपाती संबंध होता है। कम क्षेत्रफल पर अधिक दाब लगता है और अधिक क्षेत्रफल पर कम दाब लगता है।

तरल पदार्थों पर दाब: वायुमंडलीय दाब

तरल पदार्थ और दाब
तरल पदार्थ और दाब
वायुमंडलीय दाब का प्रदर्शन
वायुमंडलीय दाब का प्रदर्शन
ऊंचाई और वायुमंडलीय दाब
ऊंचाई और वायुमंडलीय दाब

तरल पदार्थ (Fluids)

  • परिभाषा: वे पदार्थ जो बहने की क्षमता रखते हैं।
  • उदाहरण: द्रव (पानी, तेल) और गैस (हवा, ऑक्सीजन) दोनों तरल पदार्थ हैं।
  • विशेषता: तरल पदार्थ अपने संपर्क में आने वाली सतहों पर बल लगाते हैं, जिससे दाब उत्पन्न होता है। यह दाब सभी दिशाओं में समान रूप से कार्य करता है।

वायुमंडलीय दाब (Atmospheric Pressure)

  • परिभाषा: वायुमंडल की वायु द्वारा चारों ओर लगाए गए दाब को वायुमंडलीय दाब कहते हैं।
  • मान: पृथ्वी की सतह पर इसका मान लगभग 100 किलोपास्कल (100 kPa) होता है।
  • प्रदर्शन (क्रियाकलाप 8):
  • एक टिन के डिब्बे में पानी गर्म करने पर अंदर की हवा बाहर निकल जाती है और भाप भर जाती है।
  • डिब्बे को ठंडा करने पर भाप पानी में बदल जाती है, जिससे डिब्बे के अंदर वायु के कणों की संख्या कम हो जाती है।
  • अंदर का दाब बाहर के वायुमंडलीय दाब से बहुत कम हो जाता है।
  • बाहर का अधिक वायुमंडलीय दाब डिब्बे को अंदर की ओर धकेलता है और वह पिचक जाता है।
  • ऊंचाई का प्रभाव:
  • जैसे-जैसे हम पृथ्वी की सतह से ऊपर जाते हैं, वायुमंडल में वायु की मात्रा कम होती जाती है।
  • वायु के कणों की संख्या कम होने के कारण, उनका भार और उनके द्वारा लगाया गया दाब भी कम हो जाता है।
  • उदाहरण: ऊंचे पहाड़ों पर वायुमंडलीय दाब कम होता है। इस कारण व्यक्ति बेचैनी महसूस कर सकता है या नाक से खून आ सकता है, क्योंकि शरीर के अंदर का रक्त दाब बाहर के कम दाब की तुलना में अधिक हो जाता है।
📖परिभाषा

तरल पदार्थ (Fluids): वे पदार्थ जो बहने की क्षमता रखते हैं (द्रव और गैस)।

📖परिभाषा

वायुमंडलीय दाब (Atmospheric Pressure): वायुमंडल की वायु द्वारा लगाया गया दाब। पृथ्वी की सतह पर लगभग 100 kPa।

महत्त्वपूर्ण

ऊंचाई बढ़ने के साथ वायुमंडलीय दाब कम होता जाता है।

द्रव का दाब और मैनोमीटर का सिद्धांत

द्रव का दाब
द्रव का दाब
समान गहराई पर द्रव दाब
समान गहराई पर द्रव दाब
मैनोमीटर का सिद्धांत
मैनोमीटर का सिद्धांत
द्रव दाब के अनुप्रयोग
द्रव दाब के अनुप्रयोग

द्रव का दाब (Pressure of Liquids)

  • विशेषताएँ:
  • द्रव जिस बर्तन में रखे जाते हैं, उसकी दीवारों और तली पर दाब डालते हैं।
  • द्रव का दाब सभी दिशाओं में कार्य करता है।
  • गहराई बढ़ने के साथ द्रव का दाब बढ़ता है।
  • प्रदर्शन (क्रियाकलाप 9):
  • एक टिन के डिब्बे में छेद करके पानी भरने पर, छेद से पानी बाहर निकलता है। छेद पर उंगली रखने पर बल का अनुभव होता है।
  • यह दर्शाता है कि द्रव दाब डालता है।
  • यदि डिब्बे में अलग-अलग ऊँचाई पर छेद किए जाएँ, तो सबसे निचले छेद से पानी सबसे दूर गिरेगा, क्योंकि वहाँ दाब सर्वाधिक होता है। [IMAGE: pressure_of_a_liquid_fig1118]

मैनोमीटर का सिद्धांत (Principle of Manometer)

  • मैनोमीटर: एक उपकरण जिसका उपयोग गैसों या द्रवों के दाब को मापने या दाब के अंतर को निर्धारित करने के लिए किया जाता है।
  • संरचना: इसमें आमतौर पर एक U-आकार की पारदर्शी नली होती है जिसमें एक ज्ञात घनत्व का द्रव (जैसे पानी या पारा) भरा होता है।
  • कार्यप्रणाली (क्रियाकलाप 10):
  • जब U-नली की एक भुजा में हवा फूंकी जाती है, तो उस भुजा में वायु दाब बढ़ जाता है।
  • बढ़े हुए दाब के कारण द्रव का स्तर उस भुजा में नीचे चला जाता है और दूसरी भुजा में ऊपर उठ जाता है।
  • द्रव के स्तरों में यह अंतर लगाए गए दाब या दाब के अंतर के समानुपाती होता है।

द्रव दाब के अनुप्रयोग

  • गोताखोर: गहरे समुद्र में गोताखोर विशेष सूट पहनते हैं क्योंकि गहरे पानी में अत्यधिक दाब उनके शरीर को नुकसान पहुँचा सकता है।
  • पानी की टंकियाँ: पानी की टंकियों में, नीचे वाले नलों से पानी अधिक तेज़ी से निकलता है क्योंकि नीचे दाब अधिक होता है।
  • हाइड्रोलिक उपकरण: हाइड्रोलिक ब्रेक और जैक जैसे उपकरण द्रव दाब के सिद्धांत पर कार्य करते हैं, जहाँ एक छोटे बल से बड़े दाब को उत्पन्न करके भारी वस्तुओं को उठाया या रोका जा सकता है।

कुछ वाहनों के टायर में आवश्यक वायुदाब: | वाहन | आवश्यक वायुदाब | |---|---| | स्कूटर | 110 - 190 kPa | | कार | 140 - 170 kPa | | ट्रक | 450 - 530 kPa |

महत्त्वपूर्ण

द्रव का दाब गहराई के साथ बढ़ता है और सभी दिशाओं में समान रूप से कार्य करता है।

📖परिभाषा

मैनोमीटर (Manometer): दाब या दाब के अंतर को मापने वाला उपकरण।

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