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रेखा गणितीय रचनाएँ
Chhattisgarh · Class 6 · 🧮 Maths · Chapter 15

रेखा गणितीय रचनाएँ

स्केल का उपयोगपरकार से वृत्त बनानासेट स्क्वायर से लंब और समांतर रेखाएँरेखाखंड का लंब समद्विभाजककोणों की रचना और समद्विभाजन

यह अध्याय छात्रों को ज्यामितीय उपकरणों जैसे स्केल, परकार, डिवाइडर, चाँदा और सेट स्क्वायर का उपयोग करके विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों और कोणों की रचना करना सिखाता है। इसमें रेखाखंडों को मापना, वृत्त बनाना, लंब और समांतर रेखाएँ खींचना, रेखाखंडों का समद्विभाजन करना और कोणों की रचना व समद्विभाजन करना शामिल है। यह अध्याय छात्रों को व्यावहारिक ज्यामिति की नींव प्रदान करता है, जो उन्हें सटीक चित्र बनाने और ज्यामितीय अवधारणाओं को समझने में मदद करता है।

स्केल का उपयोग

ज्यामितीय रचनाओं में स्केल (या रूलर) सबसे मूलभूत उपकरण है। इसका उपयोग रेखाखंड खींचने और उनकी लंबाई मापने के लिए किया जाता है।

  • स्केल के भाग:
  • स्केल पर दो प्रकार के पैमाने होते हैं: सेंटीमीटर (cm) और इंच (inch)
  • सेंटीमीटर पैमाना: 0, 1, 2, 3... आदि बड़े निशान होते हैं। प्रत्येक सेंटीमीटर को 10 छोटे खंडों में बांटा गया है।
  • सबसे छोटा खंड: 1 मिलीमीटर (mm) का होता है। यानी, 1 सेंटीमीटर = 10 मिलीमीटर
  • रेखाखंड खींचना:
  1. कागज़ पर एक बिंदु (जैसे A) चिह्नित करें।
  2. स्केल को इस प्रकार रखें कि उसका 0 का निशान बिंदु A पर हो।
  3. स्केल के किनारे के साथ-साथ पेंसिल से वांछित लंबाई तक रेखा खींचें।
  4. वांछित लंबाई के निशान पर रुकें और दूसरा बिंदु (जैसे B) चिह्नित करें।
  5. यह AB एक रेखाखंड है जिसकी लंबाई मापी गई है।
  • लंबाई मापना:
  1. जिस रेखाखंड की लंबाई मापनी है, उसके एक सिरे पर स्केल का 0 का निशान रखें।
  2. दूसरे सिरे पर स्केल पर जो संख्या आती है, वही रेखाखंड की लंबाई होती है।
  • महत्व:
  • सटीक मापन ज्यामितीय रचनाओं का आधार है।
  • इंजीनियरिंग, वास्तुकला, दर्जीगिरी और दैनिक जीवन में सटीक मापन महत्वपूर्ण है।

[IMAGE: cg_c6_maths_ch15_t1_scene1] [IMAGE: cg_c6_maths_ch15_t1_scene2] [IMAGE: cg_c6_maths_ch15_t1_scene3]

महत्त्वपूर्ण

ज्यामितीय रचनाओं में स्केल का उपयोग केवल सीधी रेखाएँ खींचने और लंबाई मापने के लिए किया जाता है।

💡सुझाव

रेखाखंड खींचते समय, पेंसिल की नोक पतली और शार्प होनी चाहिए ताकि सटीक माप मिल सके।

वृत्त बनाना · परकार के बारे में जानना · ज्यामितीय बॉक्स के अन्य उपकरण

परकार का उपयोग

परकार एक ज्यामितीय उपकरण है जिसका उपयोग वृत्त और चाप बनाने के लिए किया जाता है।

  • परकार के भाग:
  • इसमें दो भुजाएँ होती हैं जो एक पिवट जोड़ से जुड़ी होती हैं।
  • एक भुजा पर नुकीली नोक होती है जिसे केंद्र बिंदु पर रखा जाता है।
  • दूसरी भुजा पर पेंसिल होल्डर होता है जिसमें पेंसिल लगाई जाती है।
  • वृत्त बनाना:
  1. परकार की दोनों भुजाओं को वांछित त्रिज्या के बराबर फैलाएँ।
  2. नुकीली नोक को कागज़ पर उस बिंदु पर रखें जहाँ वृत्त का केंद्र बनाना है।
  3. पेंसिल वाली भुजा को घुमाते हुए एक पूर्ण वृत्त या चाप खींचें।
  • डिवाइडर:
  • डिवाइडर परकार जैसा ही होता है, लेकिन इसकी दोनों भुजाओं पर नुकीली नोक होती है।
  • इसका उपयोग मुख्य रूप से लंबाई को स्थानांतरित करने या रेखाखंडों की तुलना करने के लिए किया जाता है, न कि खींचने के लिए।
  • चाँदा (प्रोट्रैक्टर):
  • चाँदा एक अर्धवृत्ताकार उपकरण है जिसका उपयोग कोणों को मापने और कोणों की रचना करने के लिए किया जाता है।
  • इस पर 0° से 180° तक के निशान होते हैं।
  • कोण मापना: चाँदे के केंद्र को कोण के शीर्ष पर रखें और आधार रेखा को कोण की एक भुजा के साथ संरेखित करें। दूसरी भुजा जिस निशान से गुजरती है, वह कोण का माप होता है।
  • कोण बनाना: चाँदे के केंद्र को शीर्ष पर और आधार रेखा को एक भुजा पर रखकर वांछित कोण के निशान पर एक बिंदु चिह्नित करें। फिर शीर्ष से उस बिंदु तक एक रेखा खींचें।

[IMAGE: drawing_a_circle_with_a_compass_fig38] [IMAGE: compass_fig864] [IMAGE: drawing_a_circle_with_a_compass_figdiagram622]

🚧ग़लत धारणा

वृत्त बनाते समय, परकार की नोक को केंद्र बिंदु पर स्थिर रखना बहुत महत्वपूर्ण है। यदि नोक खिसक जाती है, तो वृत्त सटीक नहीं बनेगा।

याद रखें

परकार का उपयोग वृत्त और चाप खींचने के लिए होता है, जबकि डिवाइडर का उपयोग लंबाई मापने और स्थानांतरित करने के लिए होता है। चाँदा का उपयोग कोण मापने और बनाने के लिए होता है।

सेट स्क्वायर की सहायता से रचनाएँ करना · किसी दी हुई रेखाखण्ड पर ऐसे बिन्दु से लम्ब खींचना जो रेखा पर स्थित नहीं है

सेट स्क्वायर (Set Squares)

सेट स्क्वायर ज्यामिति बॉक्स में पाए जाने वाले दो त्रिभुजाकार उपकरण होते हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से लंबवत और समांतर रेखाएँ खींचने के लिए किया जाता है।

  • सेट स्क्वायर के प्रकार:
  1. पहला सेट स्क्वायर: इसके कोण 90°, 45°, 45° होते हैं (समद्विबाहु समकोण त्रिभुज)।
  2. दूसरा सेट स्क्वायर: इसके कोण 90°, 30°, 60° होते हैं (विषमबाहु समकोण त्रिभुज)।
  • उपयोग:
  • किसी रेखा पर लंब खींचना।
  • किसी दी गई रेखा के समांतर रेखा खींचना।
  • बिना चाँदे के 30°, 45°, 60°, 90° जैसे विशिष्ट कोण बनाना।

किसी दी हुई रेखाखंड पर ऐसे बिंदु से लंब खींचना जो रेखा पर स्थित नहीं है

रचना के चरण:

  1. एक रेखाखंड PQ खींचिए और उसके बाहर एक बिंदु M लीजिए।
  2. स्केल को इस प्रकार रखें कि उसका एक किनारा रेखाखंड PQ के अनुदिश हो।
  3. सेट स्क्वायर की एक लंबवत भुजा को स्केल से सटाकर रखें। ध्यान रहे कि स्केल हिले नहीं।
  4. स्केल को कसकर दबाए रखें और सेट स्क्वायर को स्केल से रगड़ते हुए तब तक चलाएँ जब तक कि सेट स्क्वायर की दूसरी लंबवत भुजा दिए गए बिंदु M को छूने न लगे।
  5. बिंदु M को छू रही सेट स्क्वायर की भुजा के अनुदिश एक रेखाखंड खींचें। यह रेखाखंड ML, PQ पर लंब होगा।

[IMAGE: constructing_an_altitude_step_2_fig819] (यह चित्र रचना के एक चरण को दर्शाता है) [IMAGE: perpendicular_from_a_point_to_a_line_segment_fig19iii] (यह चित्र अंतिम परिणाम दर्शाता है)

महत्त्वपूर्ण

सेट स्क्वायर की सहायता से 90°, 45°, 30° और 60° के कोणों की रचना सटीक रूप से की जा सकती है।

💡सुझाव

सेट स्क्वायर का उपयोग करते समय, उपकरणों को हिलने से रोकने के लिए उन्हें मजबूती से पकड़ना महत्वपूर्ण है।

सेट स्क्वायर और स्केल की सहायता से समान्तर रेखाएं खींचना · किसी रेखा के बाहर स्थित बिन्दु से इस रेखा के समान्तर दूसरी रेखा खींचना · किसी दी गई रेखा से निश्चित दूरी पर दूसरी समान्तर रेखा खींचना

सेट स्क्वायर और स्केल की सहायता से समांतर रेखाएँ खींचना

समांतर रेखाएँ वे रेखाएँ होती हैं जो कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं और उनके बीच की लंबवत दूरी हमेशा समान रहती है।

1. किसी रेखा के बाहर स्थित बिंदु से इस रेखा के समांतर दूसरी रेखा खींचना

रचना के चरण:

  1. एक रेखा AB खींचिए और उसके बाहर एक बिंदु P लीजिए।
  2. सेट स्क्वायर की एक लंबवत भुजा को रेखा AB के अनुदिश रखें।
  3. सेट स्क्वायर की दूसरी लंबवत भुजा के अनुदिश स्केल को सटाकर रखें। सुनिश्चित करें कि सेट स्क्वायर हिले नहीं।
  4. स्केल को मजबूती से दबाए रखें और सेट स्क्वायर को स्केल से रगड़ते हुए तब तक खिसकाएँ जब तक कि सेट स्क्वायर की भुजा बिंदु P को छूने न लगे।
  5. बिंदु P से होकर सेट स्क्वायर की भुजा के अनुदिश एक सीधी रेखा PS खींचें। यह रेखा PS, रेखा AB के समांतर होगी।

[IMAGE: constructing_parallel_lines_fig2]

2. किसी दी गई रेखा से निश्चित दूरी पर दूसरी समांतर रेखा खींचना

रचना के चरण:

  1. एक रेखा AB खींचिए।
  2. सेट स्क्वायर और स्केल का उपयोग करके रेखा AB पर एक लंब PQ खींचिए।
  3. लंब PQ पर एक बिंदु R इस प्रकार चिह्नित करें कि Q से R की दूरी वांछित दूरी (जैसे 6 सेमी) हो।
  4. सेट स्क्वायर की सहायता से बिंदु R पर लंब RS खींचिए। यह रेखा RS, रेखा AB के समांतर होगी और AB से 6 सेमी की दूरी पर होगी।

[IMAGE: constructing_parallel_lines_figprotractor]

महत्वपूर्ण: समांतर रेखाएँ खींचने का अर्थ है, दी गई रेखा पर एक लंब खींचना और फिर उस लंब पर एक और लंब खींचना। दो बार लंब खींचने से प्राप्त रेखा मूल रेखा के समांतर होती है।

उदाहरण: यदि AB पर RQ लंब है, और RQ पर RS लंब है, तो AB || RS होगा।

याद रखें

दो रेखाएँ समांतर होती हैं यदि उनके बीच की लंबवत दूरी हर जगह समान हो।

💡सुझाव

समांतर रेखाएँ खींचते समय, स्केल को स्थिर रखना और सेट स्क्वायर को धीरे-धीरे खिसकाना महत्वपूर्ण है ताकि रेखाएँ सटीक बन सकें।

परकार और स्केल की सहायता से रेखाखण्ड का समद्विभाजक खींचना :

रेखाखंड का लंब समद्विभाजक (Perpendicular Bisector)

लंब समद्विभाजक एक रेखाखंड को दो बराबर भागों में विभाजित करता है और उस पर लंबवत होता है (90° का कोण बनाता है)।

रचना के चरण:

  1. कोई भी माप का एक रेखाखंड AB खींचिए।
  2. बिंदु A पर परकार की नोक रखें और रेखाखंड AB की लंबाई के आधे से अधिक त्रिज्या लें।
  3. इस त्रिज्या से, रेखाखंड AB के ऊपर और नीचे दो चाप खींचें।
  4. अब बिंदु B पर परकार की नोक रखें और उसी त्रिज्या से (त्रिज्या बदलनी नहीं चाहिए) पहले वाले चापों को काटते हुए दो और चाप खींचें। ये चाप एक-दूसरे को दो बिंदुओं (जैसे P और Q) पर काटेंगे।
  5. बिंदुओं P और Q को स्केल की सहायता से मिलाएँ। रेखाखंड PQ ही रेखाखंड AB का लंब समद्विभाजक होगा।
  6. यह रेखाखंड PQ, AB को जिस बिंदु पर काटता है (जैसे O), वह AB का मध्य-बिंदु होगा। आप माप कर देख सकते हैं कि AO = OB होगा।
  7. साथ ही, ∠POB या ∠POA का माप 90° होगा, यह दर्शाता है कि PQ, AB पर लंबवत है।

[IMAGE: construction_of_perpendicular_bisector_of_a_line_segment_fig5] [IMAGE: perpendicular_bisector_of_a_line_segment_fig7]

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • चाप की त्रिज्या रेखाखंड की लंबाई के आधे से अधिक होनी चाहिए, अन्यथा चाप एक-दूसरे को नहीं काटेंगे।
  • दोनों बिंदुओं (A और B) से खींचे गए चापों की त्रिज्या समान होनी चाहिए।
📖परिभाषा

लंब समद्विभाजक: वह रेखा जो किसी रेखाखंड को दो बराबर भागों में विभाजित करती है और उस पर 90° का कोण बनाती है।

💡सुझाव

लंब समद्विभाजक खींचते समय, सुनिश्चित करें कि परकार की त्रिज्या रेखाखंड की आधी लंबाई से अधिक हो।

परकार की सहायता से अलग-अलग नाप के कोण बनाना :

परकार और स्केल का उपयोग करके कुछ विशिष्ट कोणों की रचना की जा सकती है।

60° का कोण बनाना

रचना के चरण:

  1. एक रेखाखंड OA खींचिए।
  2. बिंदु O को केंद्र मानकर, किसी भी सुविधाजनक त्रिज्या का एक चाप खींचें जो OA को बिंदु D पर काटे।
  3. अब बिंदु D को केंद्र मानकर, उसी त्रिज्या से (जो आपने पहले ली थी) एक और चाप खींचें जो पहले वाले चाप को बिंदु M पर काटे।
  4. बिंदु O को बिंदु M से मिलाते हुए एक रेखा OB खींचें।
  5. इस प्रकार, ∠AOB = 60° का कोण बनेगा।

[IMAGE: constructing_a_60_degree_angle_fig92] [IMAGE: constructing_a_60_angle_figunnameddiagrampage2]

क्यों 60°?

  • जब आप O को केंद्र मानकर एक चाप खींचते हैं और फिर उसी त्रिज्या से चाप पर एक बिंदु से दूसरा चाप काटते हैं, तो आप वास्तव में एक समबाहु त्रिभुज की रचना कर रहे होते हैं।
  • एक समबाहु त्रिभुज के सभी कोण 60° के होते हैं। इसलिए, केंद्र पर बनने वाला कोण 60° होता है।

120° का कोण बनाना

  • 60° का कोण बनाने के बाद, बिंदु M को केंद्र मानकर उसी त्रिज्या से एक और चाप काटें जो पहले वाले बड़े चाप को एक नए बिंदु (जैसे N) पर काटे।
  • O को N से मिलाने पर ∠AON = 120° का कोण बनेगा। (यह 60° का दुगुना है)

90° का कोण बनाना

  • 90° का कोण बनाने के लिए, पहले 60° और 120° के कोण बनाएँ।
  • फिर 60° और 120° के चाप बिंदुओं (M और N) को केंद्र मानकर, आधे से अधिक त्रिज्या लेकर ऊपर की ओर दो चाप काटें। ये चाप एक-दूसरे को एक बिंदु पर काटेंगे।
  • केंद्र O से इस प्रतिच्छेदन बिंदु को मिलाने पर 90° का कोण बनेगा।

[IMAGE: perpendicular_at_point_a_fig218] (यह अंतिम परिणाम दर्शाता है)

अन्य कोण:

  • 30°: 60° के कोण का समद्विभाजक खींचकर 30° का कोण बनाया जा सकता है।
  • 45°: 90° के कोण का समद्विभाजक खींचकर 45° का कोण बनाया जा सकता है।
महत्त्वपूर्ण

परकार से 60°, 120°, 90°, 30°, 45° जैसे कोणों की रचना की जा सकती है।

याद रखें

एक वृत्त पर उसकी त्रिज्या के बराबर माप वाले छः चाप काटे जा सकते हैं, और प्रत्येक चाप केंद्र पर 60° का कोण बनाता है।

कोण का समद्विभाजक खींचना

कोण का समद्विभाजक (Angle Bisector)

कोण का समद्विभाजक वह रेखा होती है जो किसी कोण को दो बराबर कोणों में विभाजित करती है।

रचना के चरण:

  1. एक कोण ∠ABC खींचिए।
  2. बिंदु B (कोण का शीर्ष) को केंद्र मानकर, किसी भी सुविधाजनक त्रिज्या का एक चाप खींचें जो कोण की दोनों भुजाओं AB को बिंदु D पर और BC को बिंदु E पर काटे।
  3. अब बिंदु D को केंद्र मानकर, आधे से अधिक त्रिज्या लेकर कोण के अंदर की ओर एक चाप खींचें।
  4. उसी त्रिज्या से (त्रिज्या बदलनी नहीं चाहिए) बिंदु E को केंद्र मानकर एक और चाप खींचें जो पहले वाले चाप को बिंदु R पर काटे।
  5. बिंदु B को बिंदु R से मिलाते हुए एक रेखा BR खींचें।
  6. यह रेखा BR, कोण ∠ABC का समद्विभाजक होगी। आप माप कर देख सकते हैं कि ∠ABR = ∠CBR होगा।

[IMAGE: cg_c6_maths_ch15_chapter_hero] (बायाँ भाग कोण के समद्विभाजन को दर्शाता है)

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • चाप की त्रिज्या न तो बहुत छोटी होनी चाहिए और न ही बहुत बड़ी।
  • D और E से खींचे गए चापों की त्रिज्या समान होनी चाहिए।
📖परिभाषा

कोण का समद्विभाजक: वह किरण जो किसी कोण को दो बराबर कोणों में विभाजित करती है।

💡सुझाव

कोण समद्विभाजक खींचते समय, चापों के प्रतिच्छेदन बिंदु को सटीक रूप से चिह्नित करना महत्वपूर्ण है।

दिए गए कोण के बराबर कोण की रचना करना ।

दिए गए कोण के बराबर कोण की रचना करना

यह रचना हमें किसी दिए गए कोण की प्रतिकृति बनाने में मदद करती है, बिना चाँदे का उपयोग किए।

रचना के चरण:

  1. एक दिया गया कोण ∠AOB लीजिए।
  2. एक नई रेखा QP खींचिए, जहाँ बिंदु Q पर हमें ∠AOB के बराबर कोण बनाना है।
  3. बिंदु O (दिए गए कोण का शीर्ष) को केंद्र मानकर, किसी भी सुविधाजनक त्रिज्या का एक चाप खींचें जो OA को बिंदु R पर और OB को बिंदु S पर काटे।
  4. अब बिंदु Q (नई रेखा पर शीर्ष) को केंद्र मानकर, उसी त्रिज्या से (जो आपने O से ली थी) एक चाप खींचें जो QP को बिंदु T पर काटे।
  5. परकार को बिंदु R पर रखें और उसे बिंदु S तक फैलाएँ (यानी RS की लंबाई मापें)।
  6. उसी RS की लंबाई की त्रिज्या से, बिंदु T को केंद्र मानकर एक चाप खींचें जो पहले वाले चाप को बिंदु U पर काटे।
  7. बिंदु Q को बिंदु U से मिलाते हुए एक रेखा QU खींचें।
  8. इस प्रकार, ∠PQU = ∠AOB होगा।

[IMAGE: constructing_an_equal_line_segment_figdiagram621a] (यह चाप की लंबाई स्थानांतरित करने का सिद्धांत दर्शाता है)

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • O से खींचे गए चाप की त्रिज्या और Q से खींचे गए पहले चाप की त्रिज्या समान होनी चाहिए।
  • RS की लंबाई को सटीक रूप से मापना और उसे TU चाप के लिए उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
याद रखें

यह विधि कोणों को मापने के बजाय उनकी 'चौड़ाई' को परकार से स्थानांतरित करने पर आधारित है।

💡सुझाव

सभी चापों को हल्के हाथों से खींचें ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें मिटाया जा सके। अंतिम रेखाओं को गहरा करें।

रेखाखंड के बाहर किसी बिन्दु से रेखाखंड पर लम्ब खींचना

रेखाखंड के बाहर स्थित बिंदु से रेखाखंड पर लंब खींचना

यह रचना किसी रेखा से बाहर स्थित बिंदु से उस रेखा पर सबसे छोटी दूरी (लंब) ज्ञात करने के लिए उपयोगी है।

रचना के चरण:

  1. एक रेखाखंड AB खींचिए और उसके बाहर एक बिंदु P लीजिए।
  2. बिंदु P को केंद्र मानकर, एक सुविधाजनक त्रिज्या का चाप खींचें जो रेखाखंड AB को दो बिंदुओं (जैसे D और E) पर काटे। सुनिश्चित करें कि चाप AB को दो अलग-अलग बिंदुओं पर काटे।
  3. अब बिंदु D को केंद्र मानकर, DE की आधी से अधिक त्रिज्या लेकर रेखाखंड AB के नीचे (या P के विपरीत दिशा में) एक चाप खींचें।
  4. उसी त्रिज्या से (त्रिज्या बदलनी नहीं चाहिए) बिंदु E को केंद्र मानकर एक और चाप खींचें जो पहले वाले चाप को बिंदु R पर काटे।
  5. बिंदु P को बिंदु R से मिलाते हुए एक रेखा PR खींचें।
  6. यह रेखा PR, रेखाखंड AB पर लंब होगी। जिस बिंदु पर PR, AB को काटती है (जैसे Q), वहाँ 90° का कोण बनेगा।

[IMAGE: constructing_an_arc_from_a_point_to_a_line_segment_figslitcomparisonofangles] (पहला चाप) [IMAGE: constructing_an_altitude_step_2_fig819] (D और E से चाप) [IMAGE: perpendicular_from_a_point_to_a_line_segment_fig19iii] (अंतिम लंब)

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • P से खींचा गया चाप रेखाखंड AB को दो बिंदुओं पर काटना चाहिए।
  • D और E से खींचे गए चापों की त्रिज्या DE की आधी से अधिक होनी चाहिए और समान होनी चाहिए।
याद रखें

किसी बिंदु से किसी रेखा पर खींचा गया लंब उस बिंदु से रेखा तक की सबसे छोटी दूरी होती है।

💡सुझाव

रचना करते समय, परकार के फैलाव को स्थिर रखना बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर जब समान त्रिज्या के चाप खींच रहे हों।

रेखाखंड पर स्थित बिन्दु से रेखाखंड पर लम्ब खींचना।

रेखाखंड पर स्थित बिंदु से रेखाखंड पर लंब खींचना

यह रचना किसी दिए गए बिंदु पर एक रेखाखंड के लंबवत एक रेखा बनाने के लिए उपयोगी है।

रचना के चरण:

  1. एक रेखाखंड AB खींचिए और उस पर एक बिंदु P चिह्नित कीजिए।
  2. बिंदु P को केंद्र मानकर, किसी भी सुविधाजनक त्रिज्या का एक अर्धवृत्त खींचें जो रेखाखंड AB को दो बिंदुओं (जैसे Q और R) पर काटे। (Q बाईं ओर और R दाईं ओर होगा)
  3. अब बिंदु R को केंद्र मानकर, QR की आधी से अधिक त्रिज्या लेकर अर्धवृत्त के ऊपर की ओर एक चाप खींचें।
  4. उसी त्रिज्या से (त्रिज्या बदलनी नहीं चाहिए) बिंदु Q को केंद्र मानकर एक और चाप खींचें जो पहले वाले चाप को बिंदु M पर काटे।
  5. बिंदु M को बिंदु P से मिलाते हुए एक रेखा PM खींचें।
  6. यह रेखा PM, रेखाखंड AB पर लंब होगी। अर्थात, PM ⊥ AB।

[IMAGE: bisecting_a_straight_angle_figdiagram616] (यह रचना का सिद्धांत दर्शाता है) [IMAGE: perpendicular_at_point_a_fig218] (अंतिम लंब)

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • P से खींचा गया अर्धवृत्त AB को दो बिंदुओं पर काटना चाहिए।
  • Q और R से खींचे गए चापों की त्रिज्या QR की आधी से अधिक होनी चाहिए और समान होनी चाहिए।
याद रखें

एक सीधी रेखा पर स्थित बिंदु पर लंब खींचने के लिए, उस बिंदु को केंद्र मानकर एक अर्धवृत्त बनाना और फिर अर्धवृत्त के सिरों से चाप काटकर प्रतिच्छेदन बिंदु को केंद्र से मिलाना सबसे प्रभावी तरीका है।

💡सुझाव

रचना करते समय, पेंसिल को हमेशा नुकीला रखें और हल्के हाथों से काम करें ताकि गलतियों को आसानी से सुधारा जा सके।

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