चर संख्या
अध्याय 'चर संख्या' छात्रों को बीजगणित की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराता है। इसमें चर (variables) और अचर (constants) राशियों के बीच अंतर समझाया गया है, और यह भी बताया गया है कि कैसे अक्षरों का उपयोग अज्ञात संख्याओं या बदलने वाले मानों को दर्शाने के लिए किया जाता है। छात्र सीखेंगे कि चर का उपयोग करके गणितीय संबंधों को कैसे व्यक्त किया जाए और अंकगणित के व्यापकीकरण में चर की भूमिका क्या है। यह अध्याय बीजगणित की नींव रखता है, जो भविष्य की गणितीय अवधारणाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
चर और अचर राशियाँ
गणित में, हम दो प्रकार की राशियों का अध्ययन करते हैं:
- अचर राशियाँ (Constants):
- ये वे राशियाँ हैं जिनका मान निश्चित और अपरिवर्तनीय रहता है।
- इनका मान किसी भी परिस्थिति या समय के साथ नहीं बदलता।
- उदाहरण: किसी कुर्सी का भार, कक्षा की लंबाई, एक सप्ताह में दिनों की संख्या (7), हॉकी के खेल में खिलाड़ियों की संख्या (11)।
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- चर राशियाँ (Variables):
- ये वे राशियाँ हैं जिनका मान बदल सकता है या जो अज्ञात होती हैं।
- इनका मान समय, परिस्थिति या अन्य कारकों के आधार पर बदलता रहता है।
- उदाहरण: एक पौधे की लंबाई, कुएँ का जल स्तर, जनवरी माह में दिन का तापमान, 1 किलोग्राम आलू में आलुओं की संख्या, पिताजी की उम्र, खेत में पैदा होने वाली फसल की मात्रा।
- चर राशियों को आमतौर पर हिंदी या अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों जैसे अ, ब, स, द, या क, ख, ग, घ, या a, b, c, p, q, r, x, y, z आदि से दर्शाया जाता है।
- इन्हें 'चरांक' या 'बीजांक' भी कहते हैं।
चर और अचर में मुख्य अंतर
| विशेषता | अचर राशि (Constant) | चर राशि (Variable) | |:-----------|:---------------------------------|:-----------------------------------| | मान | निश्चित, अपरिवर्तनीय | परिवर्तनशील, अज्ञात | | उदाहरण | 5, 100, एक वृत्त में कोणों की संख्या | x, y, z, तापमान, उम्र, दूरी | | प्रतीक | संख्याएँ | अक्षर (a, b, x, y आदि) | | उपयोग | निश्चित मात्राओं को दर्शाने के लिए | अज्ञात या बदलने वाली मात्राओं को दर्शाने के लिए |
चर राशियों का कोई निश्चित मान नहीं होता। उनका मान किसी भी संख्यात्मक मान को ले सकता है, जो समस्या की स्थिति पर निर्भर करता है।
अंकगणित में हम निश्चित मान वाली संख्याओं का उपयोग करते हैं, जबकि बीजगणित में हम ऐसे अक्षरों (चरों) का उपयोग करते हैं जिनका मान एक से अधिक हो सकता है।
चर संख्याओं का परिचय और उपयोग
चर संख्याएँ गणित में बहुत महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि वे हमें उन स्थितियों को व्यक्त करने में मदद करती हैं जहाँ मान निश्चित नहीं होते।
- चर का प्रतिनिधित्व:
- चर को दर्शाने के लिए हिंदी या अंग्रेजी वर्णमाला के किसी भी अक्षर का उपयोग किया जा सकता है।
- जैसे: 'अ', 'ब', 'स' या 'p', 'q', 'r' या 'x', 'y', 'z'।
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- बीजीय व्यंजक (Algebraic Expressions):
- जब चर और अचर राशियों को गणितीय संक्रियाओं (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) से जोड़ा जाता है, तो हमें बीजीय व्यंजक प्राप्त होते हैं।
- उदाहरण:
- यदि एक टॉफी का मूल्य
xरुपये है, तो 20 टॉफियों का मूल्य20xरुपये होगा। यहाँ20xएक बीजीय व्यंजक है। - यदि एक डिब्बे में
चचॉक हैं और उसमें से 5 चॉक निकाल दिए जाएँ, तो बचे हुए चॉक की संख्याच - 5होगी। - यदि डिब्बे में
चचॉक हैं और उसमें 3 चॉक डाल दिए जाएँ, तो कुल चॉक की संख्याच + 3होगी। - [IMAGE: cg_c6_maths_ch11_t2_scene2]
- चरों के उपयोग से सामान्य नियम बनाना:
- चरों का उपयोग करके हम ऐसे सूत्र या नियम बना सकते हैं जो विभिन्न मानों के लिए लागू होते हैं।
- उदाहरण 1: वर्ग का परिमाप
- यदि वर्ग की भुजा की लंबाई
aइकाई है, तो वर्ग का परिमाप4 × aया4aइकाई होगा। - यहाँ
aएक चर है।aका मान बदलने पर वर्ग का परिमाप भी बदल जाता है। - [IMAGE: cg_c6_maths_ch11_t2_scene3]
- उदाहरण 2: टॉफी के पैकेट का मूल्य
- एक पैकेट में 20 टॉफियाँ हैं। यदि 1 टॉफी का मूल्य
xरुपये है, तो पैकेट का मूल्य20xरुपये होगा। - यहाँ
xएक चर है।xका मान बदलने पर पैकेट का मूल्य भी बदल जाता है।
- बीजीय भाग:
- किसी व्यंजक का वह भाग जिसमें चर राशि होती है, बीजीय भाग कहलाता है।
- उदाहरण:
20xमेंxबीजीय भाग है।4aमेंaबीजीय भाग है।
- गुणांक (Coefficient):
- किसी चर के साथ गुणा में लिखी गई अचर राशि को उसका गुणांक कहते हैं।
- उदाहरण:
20xमें20गुणांक है।4aमें4गुणांक है।
बीजीय व्यंजक: चर और अचर राशियों को गणितीय संक्रियाओं (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) से जोड़ने पर बनने वाला गणितीय कथन। उदाहरण: \(x+5\), \(3y-2\), \(4a\).
यह न सोचें कि चर केवल 'x', 'y', 'z' ही होते हैं। कोई भी अक्षर, जैसे 'a', 'b', 'c', 'p', 'q', 'r' या हिंदी अक्षर 'अ', 'ब', 'स' भी चर के रूप में उपयोग किए जा सकते हैं।
चर राशियों का उपयोग करके सामान्य नियम बनाना
चरों का उपयोग करके हम विभिन्न गणितीय संबंधों और नियमों को सामान्यीकृत कर सकते हैं।
- किसी संख्या के बाद आने वाली संख्या (अनुवर्ती):
- यदि कोई संख्या
xहै, तो उसके बाद आने वाली संख्याx + 1होगी। - उदाहरण: 4 के बाद \(4+1=5\), 1000 के बाद \(1000+1=1001\)।
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- किसी संख्या के पहले आने वाली संख्या (पूर्ववर्ती):
- यदि कोई संख्या
xहै, तो उसके पहले आने वाली संख्याx - 1होगी। - उदाहरण: 5 के पहले \(5-1=4\), 1001 के पहले \(1001-1=1000\)।
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- सम संख्याएँ (Even Numbers):
- वे संख्याएँ जो 2 से पूर्णतः विभाजित होती हैं।
- किसी भी प्राकृत संख्या
nके लिए,2nहमेशा एक सम संख्या होगी। - उदाहरण: यदि \(n=1\), \(2n=2\); यदि \(n=2\), \(2n=4\); यदि \(n=3\), \(2n=6\)।
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- विषम संख्याएँ (Odd Numbers):
- वे संख्याएँ जो 2 से पूर्णतः विभाजित नहीं होती हैं।
- विषम संख्याएँ हमेशा सम संख्याओं के ठीक पहले या बाद में आती हैं।
- किसी भी प्राकृत संख्या
nके लिए,2n - 1या2n + 1हमेशा एक विषम संख्या होगी। - उदाहरण: यदि \(n=1\), \(2n-1=1\), \(2n+1=3\); यदि \(n=2\), \(2n-1=3\), \(2n+1=5\)।
- संख्या श्रृंखलाओं के लिए nवाँ पद:
- चरों का उपयोग करके हम ऐसी संख्या श्रृंखलाओं के लिए सामान्य नियम (nवाँ पद) बना सकते हैं जो किसी विशिष्ट पैटर्न का पालन करती हैं।
- यह हमें श्रृंखला में किसी भी पद का मान ज्ञात करने में मदद करता है।
| क्र. | संख्याएँ जो किसी नियम से जुड़ी हुई है। | पहला पद | दूसरा पद | तीसरा पद | सातवां पद | नौवां पद | nवाँ पद | |:----|:-------------------------------------|:--------|:---------|:---------|:----------|:---------|:--------| | 1 | 3, 6, 9, 12, इत्यादि | 3 | 6 | 9 | 21 | 27 | \(3n\) | | 2 | 5, 8, 11, 14,..... इत्यादि | 5 | 8 | 11 | 23 | 29 | \(3n+2\)| | 3 | 3, 7, 11, 15,..... इत्यादि | 3 | 7 | 11 | 27 | 35 | \(4n-1\)|
अनुवर्ती संख्या: \(x+1\) पूर्ववर्ती संख्या: \(x-1\) सम संख्या: \(2n\) विषम संख्या: \(2n-1\) या \(2n+1\)
संख्या श्रृंखलाओं के nवें पद वाले प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। पैटर्न को ध्यान से पहचानें (क्या संख्याएँ जुड़ रही हैं, घट रही हैं, गुणा हो रही हैं, या किसी निश्चित संख्या से गुणा होकर कुछ जुड़/घट रहा है)।