त्रिभुज एवं चतुर्भुज
यह अध्याय छात्रों को त्रिभुजों और चतुर्भुजों की बुनियादी अवधारणाओं से परिचित कराता है। इसमें त्रिभुजों के विभिन्न प्रकार (भुजाओं और कोणों के आधार पर), उनके आंतरिक और बाहरी कोणों के गुण, और त्रिभुज निर्माण के नियम शामिल हैं। चतुर्भुजों के लिए, यह उनकी परिभाषा, भागों (शीर्ष, भुजाएँ, विकर्ण, कोण), और विभिन्न प्रकारों जैसे समांतर चतुर्भुज, आयत, समचतुर्भुज, वर्ग और समलम्ब चतुर्भुज का परिचय देता है। यह अध्याय छात्रों को ज्यामितीय आकृतियों को पहचानने और उनके गुणों को समझने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
त्रिभुज एवं चतुर्भुज
ज्यामिति में, त्रिभुज और चतुर्भुज दो मूलभूत बंद आकृतियाँ हैं।
त्रिभुज क्या है?
- तीन रेखाखंडों से बनी बंद आकृति को त्रिभुज कहते हैं।
- त्रिभुज बनाने के लिए तीन बिंदु एक सरल रेखा में नहीं होने चाहिए। यदि तीन बिंदु एक सरल रेखा में हों, तो वे एक सीधी रेखा बनाते हैं, त्रिभुज नहीं।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch09_t1_scene3] में त्रिभुज की सही परिभाषा देखें।
त्रिभुज की पहचान:
- त्रिभुज में तीन भुजाएँ और तीन शीर्ष होते हैं।
- त्रिभुज हमेशा एक बंद आकृति होती है।
- [IMAGE: a_triangle_fig14], [IMAGE: a_triangle_fig28], [IMAGE: a_triangle_figd1] त्रिभुज के उदाहरण हैं।
चतुर्भुज क्या है?
- चार रेखाखंडों से बनी बंद आकृति को चतुर्भुज कहते हैं।
- चतुर्भुज में चार भुजाएँ, चार शीर्ष और चार कोण होते हैं।
- [IMAGE: a_quadrilateral_fig16], [IMAGE: quadrilateral_fig43], [IMAGE: quadrilateral_fig848] चतुर्भुज के उदाहरण हैं।
खुली और बंद आकृतियाँ:
- खुली आकृति: वह आकृति जिसके सिरे आपस में नहीं जुड़े होते हैं।
- बंद आकृति: वह आकृति जिसके सभी सिरे आपस में जुड़े होते हैं, जिससे कोई खुला मार्ग नहीं बचता।
- त्रिभुज और चतुर्भुज दोनों बंद आकृतियाँ हैं।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch09_t9_scene2] में खुली और बंद आकृतियों की पहचान देखें।
त्रिभुज: तीन ऐसे बिन्दु जो एक सरल रेखा में न हों, उन्हें रेखाखण्डों द्वारा मिलाने पर जो बंद आकृति बनती है, वही त्रिभुज है।
चतुर्भुज: चार भुजाओं से घिरी हुई बंद आकृति को चतुर्भुज कहते हैं।
त्रिभुज के भाग
एक त्रिभुज के मुख्य तीन भाग होते हैं:
- शीर्ष (Vertices):
- त्रिभुज के कोने जहाँ दो भुजाएँ मिलती हैं, शीर्ष कहलाते हैं।
- एक त्रिभुज में तीन शीर्ष होते हैं।
- उदाहरण के लिए, त्रिभुज ABC में A, B और C शीर्ष हैं।
- [IMAGE: vertices_of_a_triangle_fig72] में त्रिभुज के शीर्ष देखें।
- भुजाएँ (Sides):
- त्रिभुज के शीर्षों को जोड़ने वाले रेखाखंड भुजाएँ कहलाते हैं।
- एक त्रिभुज में तीन भुजाएँ होती हैं।
- उदाहरण के लिए, त्रिभुज ABC में AB, BC और CA भुजाएँ हैं।
- [IMAGE: triangle_abc_fig7] में त्रिभुज की भुजाओं का नामांकन देखें।
- कोण (Angles):
- दो भुजाओं के मिलने से शीर्ष पर बनने वाली आकृति को कोण कहते हैं।
- एक त्रिभुज में तीन कोण होते हैं।
- उदाहरण के लिए, त्रिभुज ABC में ∠ABC, ∠BCA और ∠CAB तीन कोण हैं।
- [IMAGE: triangle_abc_fig27] में त्रिभुज के कोण देखें।
- [IMAGE: parts_of_a_triangle_figpictographforsportspreferences] त्रिभुज के विभिन्न भागों को दर्शाता है।
त्रिभुज के अन्तःकोण
अन्तःकोण की परिभाषा:
- किसी त्रिभुज की तीन भुजाओं द्वारा घिरे हुए क्षेत्र में जो कोण बनते हैं, वे सभी अन्तःकोण कहलाते हैं।
- एक त्रिभुज में तीन अन्तःकोण होते हैं।
- [IMAGE: triangle_abc_fig27] में त्रिभुज के अन्तःकोणों को देखें।
त्रिभुज के अन्तःकोणों का योग गुणधर्म:
- किसी भी त्रिभुज के तीनों अन्तःकोणों का योगफल हमेशा 180° होता है।
- यह ज्यामिति का एक मौलिक सिद्धांत है।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch09_t3_scene3] इस नियम को स्पष्ट करता है।
अनुप्रयोग:
- यदि हमें किसी त्रिभुज के दो कोणों का माप पता हो, तो हम तीसरे कोण का माप आसानी से ज्ञात कर सकते हैं।
- उदाहरण: यदि एक त्रिभुज के दो कोण 60° और 70° हैं, तो तीसरा कोण होगा:
\(180° - (60° + 70°) = 180° - 130° = 50°\)
| त्रिभुज | कोण 1 | कोण 2 | कोण 3 | योगफल (कोण 1 + कोण 2 + कोण 3) | |---|---|---|---|---| | ABC | \(\angle A\) | \(\angle B\) | \(\angle C\) | \(\angle A + \angle B + \angle C = 180°\) |
यह गुणधर्म सभी प्रकार के त्रिभुजों पर लागू होता है।
त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म: किसी भी त्रिभुज के तीनों अन्तःकोणों का योगफल 180° होता है।
त्रिभुज के बहिष्कोण
बहिष्कोण की परिभाषा:
- तीनों भुजाओं से घिरे क्षेत्र के बाहर, त्रिभुज की किसी एक भुजा को किसी एक दिशा में आगे बढ़ाने पर बना कोण बहिष्कोण कहलाता है।
- [IMAGE: exterior_and_interior_angles_of_a_triangle_fig88] में बहिष्कोण को दर्शाया गया है।
निकटस्थ अंतःकोण और दूरस्थ अंतःकोण:
- निकटस्थ अंतःकोण: बहिष्कोण से जुड़ा हुआ अंतःकोण, जो बहिष्कोण के साथ एक रैखिक युग्म बनाता है, निकटस्थ अंतःकोण कहलाता है।
- दूरस्थ अंतःकोण: त्रिभुज के बचे हुए दो अंतःकोण जो बहिष्कोण से दूर होते हैं, दूरस्थ अंतःकोण कहलाते हैं।
- [IMAGE: exterior_angle_of_a_triangle_fig7] में बहिष्कोण और निकटस्थ अंतःकोण को पहचानें।
बहिष्कोण गुणधर्म:
- किसी त्रिभुज के किसी एक बहिष्कोण का मान उसके दूरस्थ अंतःकोणों के माप के योग के बराबर होता है।
- उदाहरण: यदि त्रिभुज ABC की भुजा BC को D तक बढ़ाया जाए, तो बहिष्कोण \(\angle ACD\) होगा।
- \(\angle ACD = \angle BAC + \angle ABC\)
- यहाँ \(\angle BAC\) और \(\angle ABC\) दूरस्थ अंतःकोण हैं, और \(\angle BCA\) निकटस्थ अंतःकोण है।
- [IMAGE: external_angle_of_a_triangle_fig26] इस गुणधर्म को दर्शाता है।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- बहिष्कोण तभी बनता है जब त्रिभुज की एक भुजा को सीधी रेखा में आगे बढ़ाया जाए।
- यदि बढ़ाई गई रेखा सीधी नहीं है, तो बहिष्कोण नहीं बनेगा।
बहिष्कोण गुणधर्म: त्रिभुज का बहिष्कोण अपने दोनों दूरस्थ अंतःकोणों के योग के बराबर होता है।
भुजाओं के मापों के आधार पर त्रिभुज का वर्गीकरण
त्रिभुजों को उनकी भुजाओं की लंबाई के आधार पर तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
- विषमबाहु त्रिभुज (Scalene Triangle):
- वह त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ असमान माप की हों।
- तीनों कोणों के माप भी अलग-अलग होते हैं।
- [IMAGE: triangle_with_side_lengths_fig4] एक विषमबाहु त्रिभुज का उदाहरण है।
- समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles Triangle):
- वह त्रिभुज जिसकी कोई भी दो भुजाएँ बराबर माप की हों तथा तीसरी भुजा अलग माप की हो।
- बराबर भुजाओं के सामने वाले कोण भी बराबर होते हैं।
- [IMAGE: types_of_triangles_figdiagram636] में समद्विबाहु त्रिभुज देखें।
- समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle):
- वह त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ बराबर माप की हों।
- तीनों कोण भी बराबर होते हैं, और प्रत्येक कोण 60° का होता है।
- [IMAGE: equilateral_triangle_fig28], [IMAGE: equilateral_triangle_fig5] समबाहु त्रिभुज के उदाहरण हैं।
| प्रकार | भुजाओं की विशेषता | कोणों की विशेषता | |---|---|---| | विषमबाहु | तीनों भुजाएँ असमान | तीनों कोण असमान | | समद्विबाहु | दो भुजाएँ बराबर | बराबर भुजाओं के सम्मुख दो कोण बराबर | | समबाहु | तीनों भुजाएँ बराबर | तीनों कोण बराबर (प्रत्येक 60°) |
[IMAGE: cg_c6_maths_ch09_t5_scene3] त्रिभुजों को मापने और वर्गीकृत करने की प्रक्रिया समझाता है।
कोणों के आधार पर त्रिभुज का वर्गीकरण
त्रिभुजों को उनके कोणों के माप के आधार पर भी तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
- न्यूनकोण त्रिभुज (Acute-angled Triangle):
- वह त्रिभुज जिसका प्रत्येक कोण 90° से कम (न्यूनकोण) होता है।
- [IMAGE: types_of_triangles_figdiagram636] में न्यूनकोण त्रिभुज देखें।
- समकोण त्रिभुज (Right-angled Triangle):
- वह त्रिभुज जिसका एक कोण ठीक 90° (समकोण) होता है।
- किसी भी त्रिभुज में एक से अधिक समकोण नहीं हो सकते।
- समकोण के सामने वाली भुजा को कर्ण (Hypotenuse) कहते हैं, जो त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा होती है।
- [IMAGE: right_angled_triangle_abc_fig59], [IMAGE: right_angled_triangle_fig1] समकोण त्रिभुज के उदाहरण हैं।
- अधिक कोण त्रिभुज (Obtuse-angled Triangle):
- वह त्रिभुज जिसका एक कोण 90° से अधिक (अधिक कोण) होता है।
- किसी भी त्रिभुज में एक से अधिक अधिक कोण नहीं हो सकते।
- [IMAGE: types_of_triangles_figdiagram636] में अधिक कोण त्रिभुज देखें।
| प्रकार | कोणों की विशेषता | |---|---| | न्यूनकोण त्रिभुज | प्रत्येक कोण \(< 90°\) | | समकोण त्रिभुज | एक कोण \(= 90°\) | | अधिक कोण त्रिभुज | एक कोण \(> 90°\) |
[IMAGE: cg_c6_maths_ch09_t6_scene2] त्रिभुजों के वर्गीकरण को सारांशित करता है।
कोण एवं भुजाओं के आधार पर त्रिभुज का वर्गीकरण
त्रिभुजों को भुजाओं और कोणों दोनों के आधार पर भी वर्गीकृत किया जा सकता है। यह वर्गीकरण त्रिभुज के गुणों को और अधिक स्पष्ट करता है:
- समबाहु न्यूनकोण त्रिभुज:
- तीनों भुजाएँ बराबर होती हैं।
- तीनों कोण 60° के होते हैं (जो 90° से कम हैं)।
- सभी समबाहु त्रिभुज न्यूनकोण त्रिभुज होते हैं।
- [IMAGE: equilateral_triangle_fig5] में समबाहु त्रिभुज के कोण देखें।
- समद्विबाहु समकोण त्रिभुज:
- दो भुजाएँ बराबर होती हैं।
- एक कोण 90° का होता है।
- बराबर भुजाओं के सम्मुख दो कोण 45° के होते हैं।
- [IMAGE: congruent_right_angled_triangles_fig40] में समद्विबाहु समकोण त्रिभुज देखें।
- विषमबाहु समकोण त्रिभुज:
- तीनों भुजाएँ असमान होती हैं।
- एक कोण 90° का होता है।
- शेष दो कोण भी असमान और न्यूनकोण होते हैं।
- समद्विबाहु अधिक कोण त्रिभुज:
- दो भुजाएँ बराबर होती हैं।
- एक कोण 90° से अधिक होता है।
- बराबर भुजाओं के सम्मुख दो कोण न्यूनकोण होते हैं।
- विषमबाहु अधिक कोण त्रिभुज:
- तीनों भुजाएँ असमान होती हैं।
- एक कोण 90° से अधिक होता है।
- शेष दो कोण भी असमान और न्यूनकोण होते हैं।
निष्कर्ष:
- विषमबाहु त्रिभुज: तीनों भुजाएँ और तीनों कोण अलग-अलग माप के होते हैं।
- समद्विबाहु त्रिभुज: दो भुजाएँ और दो कोण बराबर होते हैं।
- समबाहु त्रिभुज: तीनों भुजाएँ और तीनों कोण बराबर होते हैं (प्रत्येक 60°)।
त्रिभुज बनने की शर्तें
किसी भी त्रिभुज की रचना करने के लिए कुछ विशेष शर्तें होती हैं। यदि ये शर्तें पूरी नहीं होतीं, तो त्रिभुज बनाना संभव नहीं होता।
त्रिभुज असमिका गुणधर्म (Triangle Inequality Property):
- शर्त 1: किसी त्रिभुज की दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होना चाहिए।
- यदि \(a, b, c\) किसी त्रिभुज की भुजाएँ हैं, तो:
- \(a + b > c\)
- \(b + c > a\)
- \(c + a > b\)
- शर्त 2: यदि त्रिभुज की दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से कम हो या बराबर हो, तो त्रिभुज नहीं बनेगा।
- उदाहरण 1 (योग कम): भुजाएँ 5 सेमी, 9 सेमी और 3 सेमी।
- \(5 + 3 = 8\) सेमी, जो \(9\) सेमी से कम है। अतः त्रिभुज नहीं बनेगा।
- उदाहरण 2 (योग बराबर): भुजाएँ 5 सेमी, 7 सेमी और 12 सेमी।
- \(5 + 7 = 12\) सेमी, जो तीसरी भुजा \(12\) सेमी के बराबर है। अतः त्रिभुज नहीं बनेगा।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch09_t8_scene3] इन निष्कर्षों को स्पष्ट करता है।
त्रिभुज बनाने के लिए चरण (उदाहरण):
- माप: 8 सेमी, 10 सेमी और 12 सेमी लंबी भुजाएँ।
- जाँच:
- \(8 + 10 = 18 > 12\) (सत्य)
- \(10 + 12 = 22 > 8\) (सत्य)
- \(8 + 12 = 20 > 10\) (सत्य)
- निष्कर्ष: इन मापों से त्रिभुज बनाना संभव है। [IMAGE: triangle_with_side_lengths_fig4] में ऐसा त्रिभुज देखें।
यह गुणधर्म त्रिभुज की रचना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
त्रिभुज बनने की शर्त: किसी त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योगफल हमेशा तीसरी भुजा से अधिक होना चाहिए।
चतुर्भुज
चतुर्भुज की परिभाषा:
- चार रेखाखंडों से घिरी हुई बंद आकृति को चतुर्भुज कहते हैं।
- [IMAGE: a_quadrilateral_fig16] एक सामान्य चतुर्भुज को दर्शाता है।
चतुर्भुज के उदाहरण:
- पतंग
- कबड्डी का मैदान
- पुस्तक
- कॉपी
- कमरे का फर्श
चतुर्भुज की पहचान:
- इसमें चार भुजाएँ होती हैं।
- यह हमेशा एक बंद आकृति होती है।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch09_t12_scene1] में चार सींकों से बने चतुर्भुज के उदाहरण देखें।
खुली और बंद आकृतियों का अंतर:
- यदि चार रेखाखंडों को जोड़ने पर आकृति बंद नहीं होती, तो वह चतुर्भुज नहीं कहलाएगी।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch09_t9_scene1] और [IMAGE: cg_c6_maths_ch09_t9_scene2] खुली और बंद आकृतियों की अवधारणा को स्पष्ट करते हैं।
चतुर्भुज: चार भुजाओं से घिरी हुई बंद आकृति को चतुर्भुज कहते हैं।
चतुर्भुज के अंग
एक चतुर्भुज के मुख्य अंग निम्नलिखित हैं:
- शीर्ष (Vertices):
- जहाँ दो भुजाएँ मिलती हैं, वह बिंदु चतुर्भुज का शीर्ष कहलाता है।
- एक चतुर्भुज में चार शीर्ष होते हैं।
- उदाहरण के लिए, चतुर्भुज ABCD में A, B, C और D शीर्ष हैं।
- [IMAGE: parts_of_a_quadrilateral_fig41] में चतुर्भुज के शीर्ष देखें।
- भुजाएँ (Sides):
- चतुर्भुज को बनाने वाले रेखाखंड भुजाएँ कहलाते हैं।
- एक चतुर्भुज में चार भुजाएँ होती हैं।
- उदाहरण के लिए, चतुर्भुज ABCD में AB, BC, CD और DA भुजाएँ हैं।
- [IMAGE: quadrilateral_abcd_fig11] में चतुर्भुज की भुजाओं की मापें देखें।
- विकर्ण (Diagonals):
- आसन्न शीर्षों को छोड़कर अन्य शीर्षों को जोड़ने वाला रेखाखंड विकर्ण कहलाता है।
- एक चतुर्भुज में दो विकर्ण होते हैं।
- उदाहरण के लिए, चतुर्भुज ABCD में AC और BD दो विकर्ण हैं।
- [IMAGE: quadrilateral_and_its_diagonal_fig845] में चतुर्भुज का विकर्ण देखें।
- कोण (Angles):
- प्रत्येक शीर्ष पर एक अंतःकोण बनता है।
- एक चतुर्भुज में चार अंतःकोण होते हैं।
- उदाहरण के लिए, चतुर्भुज ABCD में ∠BAD, ∠ADC, ∠DCB और ∠CBA चार अंतःकोण हैं।
- [IMAGE: angles_in_a_quadrilateral_fig821] में चतुर्भुज के कोण देखें।
संलग्न भुजाएँ और सम्मुख भुजाएँ:
- संलग्न भुजाएँ (Adjacent Sides): वे भुजाएँ जिनका एक शीर्ष उभयनिष्ठ होता है।
- उदाहरण: चतुर्भुज KLMN में NK और KL संलग्न भुजाएँ हैं।
- सम्मुख भुजाएँ (Opposite Sides): वे भुजाएँ जो एक-दूसरे के सामने होती हैं और जिनका कोई उभयनिष्ठ शीर्ष नहीं होता।
- उदाहरण: चतुर्भुज KLMN में NK और LM सम्मुख भुजाएँ हैं।
- [IMAGE: elements_of_a_quadrilateral_fig10] में संलग्न और सम्मुख भुजाएँ देखें।
चतुर्भुज के अन्तः कोणों का योग
चतुर्भुज के अन्तः कोणों का योग गुणधर्म:
- किसी भी चतुर्भुज के चारों अन्तः कोणों का योगफल हमेशा 360° होता है।
- इसे चार समकोण भी कहा जा सकता है (क्योंकि \(4 \times 90° = 360°\)).
उपपत्ति (Proof):
- एक चतुर्भुज ABCD लीजिए।
- कोई एक विकर्ण खींचिए, जैसे AC।
- विकर्ण AC चतुर्भुज को दो त्रिभुजों में बाँटता है: \(\triangle ABC\) और \(\triangle ADC\).
- [IMAGE: quadrilateral_and_its_diagonal_fig845] में विकर्ण द्वारा विभाजित चतुर्भुज देखें।
- हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों अन्तः कोणों का योग 180° होता है।
- \(\triangle ABC\) के कोणों का योग \(= \angle BAC + \angle ABC + \angle BCA = 180°\)
- \(\triangle ADC\) के कोणों का योग \(= \angle DAC + \angle ADC + \angle DCA = 180°\)
- चतुर्भुज के चारों अन्तः कोणों का योग इन दोनों त्रिभुजों के कोणों के योग के बराबर होगा:
- \(\angle A + \angle B + \angle C + \angle D = (\angle BAC + \angle DAC) + \angle ABC + (\angle BCA + \angle DCA) + \angle ADC\)
- \(\angle A + \angle B + \angle C + \angle D = \angle A_{total} + \angle B + \angle C_{total} + \angle D\)
- \(\angle A_{total} + \angle B + \angle C_{total} + \angle D = 180° + 180° = 360°\)
- [IMAGE: angles_in_a_quadrilateral_fig821] चतुर्भुज के चारों अंतःकोणों को दर्शाता है।
यह गुणधर्म सभी प्रकार के चतुर्भुजों पर लागू होता है।
चतुर्भुज के कोण योग गुणधर्म: किसी भी चतुर्भुज के चारों अन्तः कोणों का योगफल 360° होता है।
चतुर्भुज के प्रकार
चतुर्भुजों को उनकी भुजाओं और कोणों के गुणों के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
- समांतर चतुर्भुज (Parallelogram):
- वह चतुर्भुज जिसकी सम्मुख भुजाएँ परस्पर समांतर एवं बराबर हों।
- सम्मुख कोण भी बराबर होते हैं।
- [IMAGE: parallelogram_abcd_fig25], [IMAGE: parallelogram_abcd_fig854] समांतर चतुर्भुज के उदाहरण हैं।
- आयत (Rectangle):
- वह समांतर चतुर्भुज जिसका प्रत्येक कोण 90° का हो।
- सम्मुख भुजाएँ बराबर और समांतर होती हैं।
- विकर्ण बराबर होते हैं और एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
- [IMAGE: rectangle_abcd_fig842], [IMAGE: rectangle_abcd_figdiagram425] आयत के उदाहरण हैं।
- वर्ग (Square):
- वह समचतुर्भुज जिसका प्रत्येक कोण 90° का हो।
- इसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।
- यह एक विशेष प्रकार का आयत और समचतुर्भुज दोनों है।
- [IMAGE: square_abcd_fig3], [IMAGE: square_abcd_fig863] वर्ग के उदाहरण हैं।
- समचतुर्भुज (Rhombus):
- वह समांतर चतुर्भुज जिसकी सभी भुजाएँ बराबर लम्बाई की हों।
- सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
- विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
- [IMAGE: a_rhombus_fig12], [IMAGE: rhombus_abcd_fig838] समचतुर्भुज के उदाहरण हैं।
- पतंगाकार चतुर्भुज (Kite):
- वह चतुर्भुज जिसमें संलग्न भुजाओं के दो अलग-अलग युग्म बराबर होते हैं।
- एक विकर्ण दूसरे विकर्ण को समकोण पर समद्विभाजित करता है।
- [IMAGE: kite_quadrilateral_fig9] पतंगाकार चतुर्भुज का उदाहरण है।
- विषमबाहु चतुर्भुज (Scalene Quadrilateral):
- वह चतुर्भुज जिसकी कोई भी भुजा बराबर नहीं होती और कोई भी सम्मुख भुजा समांतर नहीं होती।
- [IMAGE: scalene_quadrilateral_fig74] विषमबाहु चतुर्भुज का उदाहरण है।
- समलंब चतुर्भुज (Trapezium/Trapezoid):
- वह चतुर्भुज जिसकी सम्मुख भुजाओं का केवल एक युग्म समांतर होता है।
- [IMAGE: trapezium_abcd_figp24], [IMAGE: trapezoid_fig50] समलंब चतुर्भुज के उदाहरण हैं।
| प्रकार | भुजाओं के गुण | कोणों के गुण | विकर्णों के गुण | |---|---|---|---| | समांतर चतुर्भुज | सम्मुख भुजाएँ समांतर व बराबर | सम्मुख कोण बराबर | एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं | | आयत | सम्मुख भुजाएँ समांतर व बराबर | प्रत्येक कोण 90° | बराबर होते हैं, एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं | | वर्ग | सभी भुजाएँ बराबर | प्रत्येक कोण 90° | बराबर होते हैं, एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं | | समचतुर्भुज | सभी भुजाएँ बराबर | सम्मुख कोण बराबर | एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं | | पतंगाकार चतुर्भुज | संलग्न भुजाओं के दो युग्म बराबर | एक युग्म सम्मुख कोण बराबर | एक विकर्ण दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करता है | | विषमबाहु चतुर्भुज | कोई भुजा बराबर नहीं | कोई कोण बराबर नहीं | कोई विशेष गुण नहीं | | समलंब चतुर्भुज | सम्मुख भुजाओं का एक युग्म समांतर | कोई विशेष गुण नहीं | कोई विशेष गुण नहीं |
[IMAGE: cg_c6_maths_ch09_t12_scene4] चतुर्भुजों के अन्य प्रकारों और उनके वर्गीकरण को सारांशित करता है।