रेखाखण्ड
यह अध्याय छात्रों को ज्यामिति की मूलभूत अवधारणाओं जैसे बंद और खुली आकृतियाँ, सरल रेखाएँ, वक्र रेखाएँ, किरणें, रेखाखंड और संरेख बिंदु से परिचित कराता है। छात्र रेखाखंडों की तुलना करना, उनका योग और अंतर ज्ञात करना तथा समानांतर रेखाओं की पहचान करना सीखते हैं। यह अध्याय दैनिक जीवन में इन ज्यामितीय आकृतियों के उपयोग को समझने में मदद करता है।
रेखाखण्ड
ज्यामिति में, विभिन्न प्रकार की आकृतियाँ होती हैं, जिनमें से कुछ खुली और कुछ बंद होती हैं।
बंद आकृतियाँ
- एक बंद आकृति वह होती है जहाँ आप किसी भी बिंदु से शुरू करके, बिना पेंसिल उठाए, उसी बिंदु पर वापस आ सकते हैं और आकृति के किसी भी भाग पर दो बार चलने की आवश्यकता नहीं होती।
- उदाहरण: वृत्त, त्रिभुज, वर्ग।
- [IMAGE: basic_geometric_shapes_fig39] में वृत्त, त्रिभुज, वर्ग और षट्भुज बंद आकृतियों के उदाहरण हैं।
खुली आकृतियाँ
- एक खुली आकृति वह होती है जहाँ आप किसी भी बिंदु से शुरू करके, बिना पेंसिल उठाए, उसी बिंदु पर वापस नहीं आ सकते, या आपको आकृति के किसी भाग पर दो बार चलना पड़ता है।
- उदाहरण: अक्षर 'P', 'U' आकार की आकृति, या अधूरी बहुभुज।
- [IMAGE: an_open_figure_fig38] और [IMAGE: open_curved_shape_fig12] खुली आकृतियों के उदाहरण हैं।
रेखाओं के प्रकार
- सीधी रेखाएँ: ये वे रेखाएँ हैं जो सीधे पथ पर चलती हैं। ज्यामितीय आकृतियों में अक्सर सीधी रेखाओं का उपयोग होता है।
- वक्र रेखाएँ: ये वे रेखाएँ हैं जो मुड़ी हुई या घुमावदार होती हैं।
- दोनों प्रकार की रेखाओं से बनी आकृतियाँ: कुछ आकृतियाँ सीधी और वक्र दोनों रेखाओं का उपयोग करके बनाई जाती हैं।
| चित्र क्रं. | बंद आकृति / खुली आकृति | किस प्रकार की रेखाओं से बनी है (सीधी / वक्र / दोनों प्रकार की) | |:----------|:---------------------|:-----------------------------------------------------------| | 3 | खुली आकृति | वक्र रेखा | | 4 | बंद आकृति | सीधी रेखा | | 5 | खुली आकृति | सीधी रेखा | | 6 | बंद आकृति | वक्र रेखा | | 7 | खुली आकृति | दोनों प्रकार की | | 8 | बंद आकृति | दोनों प्रकार की | | 9 | खुली आकृति | सीधी रेखा | | 10 | बंद आकृति | सीधी रेखा | | 11 | खुली आकृति | वक्र रेखा |
खुली आकृति: वह आकृति जिसके प्रारंभिक और अंतिम बिंदु नहीं मिलते हैं। बंद आकृति: वह आकृति जिसके प्रारंभिक और अंतिम बिंदु मिलते हैं, और जो पूरी तरह से घिरी हुई होती है।
संकेत का उपयोग कर सरल रेखा खींचना
सरल रेखा
- एक सरल रेखा एक सीधी रेखा होती है जिसे दोनों ओर अनंत तक बढ़ाया जा सकता है। इसका कोई अंत बिंदु नहीं होता।
- कॉपी पर सरल रेखा को पूरी तरह से खींचना संभव नहीं है क्योंकि यह अनंत होती है। इसे संकेत के रूप में दर्शाया जाता है।
- संकेत के रूप में, सरल रेखा के दोनों सिरों पर तीर के निशान लगाए जाते हैं, जो यह दर्शाते हैं कि रेखा दोनों दिशाओं में अनंत तक फैली हुई है।
- [IMAGE: a_line_fig360] में एक सरल रेखा को दोनों ओर तीर के निशान के साथ दिखाया गया है।
किरण
- एक किरण एक सीधी रेखा का वह भाग है जिसका एक निश्चित प्रारंभिक बिंदु होता है और वह एक दिशा में अनंत तक बढ़ती रहती है।
- किरण की भी कोई निश्चित लंबाई नहीं होती क्योंकि यह एक दिशा में अनंत होती है।
- किरण को दर्शाने के लिए, प्रारंभिक बिंदु पर एक बिंदु और दूसरी दिशा में एक तीर का निशान लगाया जाता है।
- [IMAGE: ray_xy_fig13] में किरण XY को बिंदु X से शुरू होकर Y की दिशा में अनंत तक बढ़ते हुए दिखाया गया है।
- [IMAGE: ray_ap_fig_svg] में किरण AP को बिंदु A से शुरू होकर P की दिशा में अनंत तक बढ़ते हुए दिखाया गया है।
रेखा, किरण और रेखाखण्ड में अंतर
| विशेषता | रेखा (Line) | किरण (Ray) | रेखाखण्ड (Line Segment) | |:-----------|:-------------------------------------------|:--------------------------------------------|:-----------------------------------------------| | प्रारंभिक बिंदु | कोई नहीं (दोनों ओर अनंत) | एक निश्चित प्रारंभिक बिंदु | दो निश्चित अंत बिंदु | | अंतिम बिंदु | कोई नहीं (दोनों ओर अनंत) | कोई नहीं (एक ओर अनंत) | दो निश्चित अंत बिंदु | | लंबाई | अनंत (मापी नहीं जा सकती) | अनंत (मापी नहीं जा सकती) | निश्चित (मापी जा सकती है) | | प्रतीक | \(\overleftrightarrow{AB}\) या \(l\) | \(\overrightarrow{AB}\) या \(OA\) | \(\overline{AB}\) या \(AB\) | | उदाहरण | क्षितिज, अनंत सड़क | सूर्य की किरणें, टॉर्च की रोशनी | पेंसिल, मेज का किनारा, माचिस की तीली |
एक सरल रेखा को दोनों ओर तीर के निशान से दर्शाया जाता है, जबकि एक किरण को एक ओर बिंदु और दूसरी ओर तीर के निशान से दर्शाया जाता है।
क्रियाकलाप (ACTIVITY) 2
बिंदुओं से रेखाएँ खींचना
- एक बिंदु से: एक अकेले बिंदु से अनगिनत सरल रेखाएँ खींची जा सकती हैं। ये सभी रेखाएँ उस एक ही बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch03_t3_scene1] यह दर्शाता है कि एक बिंदु से कितनी रेखाएँ गुजर सकती हैं।
- दो बिंदुओं से: दो भिन्न बिंदुओं से होकर केवल एक और केवल एक ही सरल रेखा खींची जा सकती है।
- यह ज्यामिति का एक मूलभूत सिद्धांत है।
क्रियाकलाप 2 के उत्तर
- क्या आप P बिन्दु से खींची गई सरल रेखाओं को गिन सकते हैं?
- नहीं, एक बिंदु से अनगिनत सरल रेखाएँ खींची जा सकती हैं, इसलिए उन्हें गिना नहीं जा सकता।
- क्या आप Q बिन्दु से खींची गई सरल रेखाओं को गिन सकते हैं?
- नहीं, Q बिंदु से भी अनगिनत सरल रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
- आप ऐसी कितनी सरल रेखाएँ खींच सकते हैं जो P एवं Q दोनों बिन्दुओं से होकर गुजरती हों?
- केवल एक सरल रेखा खींची जा सकती है जो दो भिन्न बिंदुओं P और Q से होकर गुजरती है।
किसी एक बिंदु से अनंत रेखाएँ खींची जा सकती हैं। दो भिन्न बिंदुओं से केवल एक सरल रेखा खींची जा सकती है।
रेखाखंड
रेखाखंड की परिभाषा
- रेखाखंड एक सरल रेखा का निश्चित भाग होता है जिसके दो निश्चित अंत बिंदु होते हैं।
- इसकी लंबाई मापी जा सकती है।
- यह रेखा और किरण से भिन्न होता है क्योंकि इसकी लंबाई सीमित होती है।
- उदाहरण: त्रिभुज की भुजाएँ, चतुर्भुज की भुजाएँ।
- [IMAGE: geometric_shapes_line_segment_and_triangle_fig30] में त्रिभुज की भुजाएँ और एक अलग रेखाखण्ड DE दर्शाया गया है।
- [IMAGE: line_segment_fig3] में रेखाखण्ड PQ को दो अंत बिंदुओं P और Q के साथ दिखाया गया है।
रेखाखंड की विशेषताएँ
- निश्चित लंबाई: रेखाखंड की लंबाई को स्केल या डिवाइडर जैसे उपकरणों से मापा जा सकता है।
- दो अंत बिंदु: इसके दो स्पष्ट रूप से परिभाषित अंत बिंदु होते हैं।
- सबसे छोटी दूरी: दो बिंदुओं के बीच की सबसे छोटी दूरी हमेशा एक रेखाखंड होती है जो उन दोनों बिंदुओं को जोड़ती है।
- [IMAGE: shortest_distance_between_two_points_figdiagram638d] यह दर्शाता है कि दो बिंदुओं के बीच सबसे छोटी दूरी एक सीधी रेखा (रेखाखंड) होती है।
क्रियाकलाप 3 के उत्तर
- चित्र 18 में रेखाखंडों की पहचान कर उनकी संख्या ज्ञात कीजिए। सभी रेखाखण्डों के नाम भी लिखें।
- चित्र 18 एक त्रिभुज RST है। इसमें 3 रेखाखंड हैं।
- रेखाखंडों के नाम: \(\overline{RS}\), \(\overline{ST}\), \(\overline{TR}\)।
- चित्र 18 व 19 में कटान बिंदुओं की संख्या ज्ञात कीजिए। कौन से रेखाखंड किन कटान बिंदुओं पर एक दूसरे को काटते हैं?
- चित्र 18 (त्रिभुज RST) में कोई कटान बिंदु नहीं है (यदि भुजाओं को विस्तारित न किया जाए)।
- चित्र 19 (चतुर्भुज PDE F) में भी कोई कटान बिंदु नहीं है (यदि भुजाओं को विस्तारित न किया जाए)।
- यदि आकृतियों के अंदर विकर्ण खींचे जाते, तो कटान बिंदु होते।
- रेखाखण्ड क्या है? अपने शब्दों में लिखिए।
- रेखाखण्ड एक सीधी रेखा का वह भाग है जिसके दो निश्चित अंत बिंदु होते हैं और जिसकी लंबाई मापी जा सकती है। यह दो बिंदुओं के बीच की सबसे छोटी दूरी होती है।
क्रियाकलाप 4 के उत्तर
- मीना कहती है P से Q तक की सबसे कम दूरी का मार्ग रेखाखंड ही है। क्या आप सहमत हैं? क्यों?
- हाँ, मैं सहमत हूँ। दो बिंदुओं के बीच की सबसे कम दूरी हमेशा एक सीधी रेखा होती है, और इस सीधी रेखा के भाग को रेखाखंड कहते हैं। कोई भी वक्र पथ या टेढ़ा-मेढ़ा पथ हमेशा रेखाखंड से लंबा होगा। [IMAGE: shortest_distance_between_two_points_figdiagram638d] इस बात को स्पष्ट करता है।
रेखाखंड (Line Segment): एक सीधी रेखा का वह भाग जिसके दो निश्चित अंत बिंदु होते हैं और जिसकी लंबाई मापी जा सकती है।
संरेख बिंदु
संरेख बिंदु (Collinear Points)
- तीन या अधिक बिंदु जो एक ही सीधी रेखा पर स्थित होते हैं, उन्हें संरेख बिंदु कहते हैं।
- [IMAGE: collinear_points_fig1] में बिंदु P, Q, R एक ही सीधी रेखा पर स्थित हैं, इसलिए वे संरेख बिंदु हैं।
- चित्र 24 में बिंदु X, Y, Z और L एक ही सरल रेखा पर स्थित हैं, अतः ये संरेख बिंदु हैं।
असंरेख बिंदु (Non-collinear Points)
- तीन या अधिक बिंदु जो एक ही सीधी रेखा पर स्थित नहीं होते हैं, उन्हें असंरेख बिंदु कहते हैं।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch03_t5_scene2] असंरेख बिंदुओं की अवधारणा को स्पष्ट करता है।
- चित्र 23 में बिंदु A, B और C एक ही रेखाखंड पर स्थित नहीं हैं, इसलिए वे असंरेख बिंदु हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
- दो बिंदु हमेशा संरेख होते हैं क्योंकि उनसे होकर हमेशा एक सीधी रेखा खींची जा सकती है।
- संरेख बिंदुओं का उपयोग ज्यामितीय आकृतियों जैसे त्रिभुज या अन्य बहुभुज बनाने के लिए नहीं किया जा सकता, क्योंकि त्रिभुज बनाने के लिए तीन असंरेख बिंदुओं की आवश्यकता होती है।
संरेख बिंदु: तीन या अधिक बिंदु जो एक ही सीधी रेखा पर स्थित होते हैं। असंरेख बिंदु: तीन या अधिक बिंदु जो एक ही सीधी रेखा पर स्थित नहीं होते हैं।
रेखाखंडों की तुलना
रेखाखंडों की तुलना का अर्थ है यह पता लगाना कि दिए गए रेखाखंडों में से कौन सा बड़ा है या कौन सा छोटा है। इसकी तीन मुख्य विधियाँ हैं:
1. अवलोकन द्वारा तुलना
- यह सबसे सरल विधि है, जहाँ आप केवल देखकर रेखाखंडों की लंबाई का अनुमान लगाते हैं।
- यह विधि तब प्रभावी होती है जब रेखाखंडों की लंबाई में स्पष्ट अंतर हो।
- [IMAGE: comparison_of_line_segments_fig37] में रेखाखंड CD स्पष्ट रूप से AB से लंबा है।
- सीमाएँ: जब रेखाखंडों की लंबाई लगभग समान होती है, तो केवल अवलोकन से सही तुलना करना मुश्किल हो सकता है। चित्र 27 और 28 में AB और MN की लंबाई को केवल देखकर बताना मुश्किल है।
2. स्केल की सहायता से मापन
- यह रेखाखंडों की लंबाई मापने और तुलना करने की एक सटीक विधि है।
- विधि:
- अपनी कॉपी पर एक बिंदु A बनाइए।
- स्केल को इस प्रकार रखिए कि स्केल पर बना '0' का निशान बिंदु A पर आए।
- अब रेखा का दूसरा छोर स्केल के किस निशान तक पहुँच रहा है, उसे देखिए।
- उदाहरण के लिए, यदि बिंदु B स्केल पर 5 के निशान पर आता है, तो रेखाखंड AB की लंबाई 5 सेमी है।
- [IMAGE: line_segment_pq_fig15] में एक रेखाखंड PQ को स्केल से मापते हुए दिखाया गया है।
- सावधानियाँ:
- माप लेते समय स्केल को रेखाखंड के ठीक ऊपर और सीधा रखना चाहिए।
- आँख की स्थिति भी महत्वपूर्ण है; माप को लंबवत देखना चाहिए ताकि लंबन त्रुटि (parallax error) से बचा जा सके।
- यदि स्केल पुराना है और '0' का निशान घिस गया है, तो किसी अन्य पूर्ण संख्या (जैसे 1 सेमी) से मापना शुरू कर सकते हैं और अंतिम माप से प्रारंभिक माप को घटा सकते हैं।
3. डिवाइडर द्वारा मापन
- डिवाइडर एक उपकरण है जिसमें दो नुकीले सिरे होते हैं, जिनका उपयोग लंबाई को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने या तुलना करने के लिए किया जाता है।
- यह विधि तब उपयोगी होती है जब सीधे स्केल का उपयोग करना मुश्किल हो, जैसे कि किसी घुमावदार सतह या किसी वस्तु के अंदर की दूरी मापने के लिए।
- विधि:
- डिवाइडर के दोनों सिरों को रेखाखंड के अंत बिंदुओं पर रखिए।
- डिवाइडर को सावधानी से उठाइए ताकि उसके सिरों के बीच की दूरी न बदले।
- अब डिवाइडर को स्केल पर रखिए और उसके सिरों के बीच की दूरी को पढ़िए।
- [IMAGE: the_divider_tool_fig142] एक डिवाइडर उपकरण को दर्शाता है।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch03_t7_scene3] में डिवाइडर का उपयोग करके रेखाखंडों का अंतर दिखाया गया है।
- [IMAGE: division_of_a_line_segment_figstep2placeprotractor] में रेखाखंड के विभाजन में डिवाइडर का अप्रत्यक्ष उपयोग होता है।
क्रियाकलाप 5 के उत्तर
- छात्रों को चित्र 32-38 में दिए गए रेखाखंडों को स्केल और डिवाइडर की सहायता से मापना होगा और उनकी लंबाई के बढ़ते क्रम में लिखना होगा। यह एक व्यावहारिक अभ्यास है।
रेखाखंडों को मापते समय, स्केल को हमेशा सीधा रखें और लंबन त्रुटि से बचने के लिए अपनी आँख को माप के निशान के ठीक ऊपर रखें।
दो या दो से अधिक रेखाखंडों की लंबाई के योग के बराबर की लंबाई का रेखाखंड खींचना · रेखाखंडों के अंतर के बराबर रेखाखंड खींचना
रेखाखंडों का योग
- दो या दो से अधिक रेखाखंडों की लंबाई के योग के बराबर एक नया रेखाखंड खींचने के लिए, हम डिवाइडर का उपयोग करते हैं।
- चरण-दर-चरण विधि:
- एक लंबी सरल रेखा XY खींचिए।
- डिवाइडर को पहले रेखाखंड AB की लंबाई के बराबर खोलिए।
- रेखा XY पर कोई बिंदु P लीजिए। P को केंद्र मानकर, AB के बराबर का चाप काटिए जो XY को Q पर काटे। अब \(PQ = AB\) है।
- डिवाइडर को दूसरे रेखाखंड CD की लंबाई के बराबर खोलिए। Q को केंद्र मानकर, CD के बराबर का चाप काटिए जो XY को R पर काटे। अब \(QR = CD\) है।
- यदि तीसरा रेखाखंड EF है, तो डिवाइडर को EF के बराबर खोलिए। R को केंद्र मानकर, EF के बराबर का चाप काटिए जो XY को S पर काटे। अब \(RS = EF\) है।
- परिणामी रेखाखंड PS की लंबाई \(PS = PQ + QR + RS\) होगी, जो \(PS = AB + CD + EF\) के बराबर है।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch03_t7_scene4] योग और अंतर के सिद्धांत को दर्शाता है।
रेखाखंडों का अंतर
- दो रेखाखंडों की लंबाई के अंतर के बराबर एक नया रेखाखंड खींचने के लिए भी डिवाइडर का उपयोग किया जाता है।
- चरण-दर-चरण विधि:
- एक लंबी सरल रेखा XY खींचिए। उस पर कोई बिंदु P लीजिए।
- डिवाइडर को बड़े रेखाखंड AB की लंबाई के बराबर खोलिए।
- P को केंद्र मानकर, AB के बराबर का चाप रेखा XY पर काटिए जो Q पर कटे। अब \(PQ = AB\) है।
- डिवाइडर को छोटे रेखाखंड CD की लंबाई के बराबर खोलिए।
- Q को केंद्र मानकर, CD के बराबर का चाप P की दिशा में रेखा XY पर काटिए। यह चाप R पर कटेगा।
- परिणामी रेखाखंड PR की लंबाई \(PR = PQ - QR\) होगी, जो \(PR = AB - CD\) के बराबर है।
- महत्वपूर्ण: योग करते समय चाप एक ही दिशा में काटे जाते हैं, जबकि अंतर करते समय दूसरा चाप विपरीत दिशा में काटा जाता है ताकि लंबाई घटाई जा सके।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch03_t7_scene3] रेखाखंडों के अंतर की प्रक्रिया को दर्शाता है।
क्रियाकलाप के उत्तर
- क्या AB = PQ, CD = QR, EF = RS है? क्यों?
- हाँ, AB = PQ, CD = QR, EF = RS है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमने डिवाइडर का उपयोग करके मूल रेखाखंडों की लंबाई को नई रेखा XY पर स्थानांतरित किया है। डिवाइडर की सेटिंग बदलने से पहले प्रत्येक चाप मूल रेखाखंड की लंबाई के बराबर होता है।
- यहाँ PQ के विपरीत दिशा में चाप क्यों काटा गया है? योग करते समय चाप एक ही दिशा में काटे गए थे। कारणों को अपनी कॉपी में लिखिए।
- अंतर ज्ञात करने के लिए, हमें बड़े रेखाखंड में से छोटे रेखाखंड की लंबाई को घटाना होता है। जब हम Q से P की दिशा में चाप काटते हैं, तो हम PQ की लंबाई में से QR की लंबाई को घटाते हैं, जिससे PR की लंबाई प्राप्त होती है जो अंतर के बराबर होती है। योग में, हम लंबाइयों को जोड़ते हैं, इसलिए चाप एक ही दिशा में काटे जाते हैं।
रेखाखंडों का योग करते समय, सभी चाप एक ही दिशा में काटे जाते हैं। रेखाखंडों का अंतर करते समय, दूसरा चाप पहले चाप के विपरीत दिशा में काटा जाता है।
समान्तर रेखाएँ
रेखाओं के युग्मों का अवलोकन
- जब दो रेखाएँ एक तल में खींची जाती हैं, तो उनके बीच दो मुख्य संबंध हो सकते हैं: वे प्रतिच्छेदी हो सकती हैं या समानांतर।
- [IMAGE: cg_c6_maths_ch03_t8_scene1] रेखाओं के युग्मों का अवलोकन करने की आवश्यकता को दर्शाता है।
1. प्रतिच्छेदी रेखाएँ (Intersecting Lines)
- दो रेखाएँ जो एक दूसरे को एक ही बिंदु पर काटती हैं, उन्हें प्रतिच्छेदी रेखाएँ कहते हैं।
- जिस बिंदु पर वे काटती हैं, उसे प्रतिच्छेदन बिंदु (Point of Intersection) कहते हैं।
- यदि दो रेखाएँ अभी नहीं काट रही हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ाने पर वे एक दूसरे को काटेंगी, तो वे भी प्रतिच्छेदी रेखाएँ कहलाती हैं।
- [IMAGE: intersecting_lines_and_point_of_intersection_fig15] में दो रेखाएँ एक बिंदु P पर प्रतिच्छेद कर रही हैं।
- [IMAGE: intersecting_lines_and_point_of_intersection_fig58] में रेखाएँ AB और CD बिंदु O पर प्रतिच्छेद कर रही हैं।
- [IMAGE: intersecting_and_perpendicular_lines_fig837] में लंबवत रेखाएँ भी प्रतिच्छेदी रेखाएँ होती हैं।
2. समानांतर रेखाएँ (Parallel Lines)
- दो रेखाएँ जो एक ही तल में स्थित होती हैं और एक दूसरे को कभी नहीं काटतीं, चाहे उन्हें कितना भी आगे बढ़ाया जाए, उन्हें समानांतर रेखाएँ कहते हैं।
- समानांतर रेखाओं के बीच की लंबवत दूरी हमेशा समान रहती है।
- आप डिवाइडर का उपयोग करके दो रेखाओं के बीच की दूरी को कई बिंदुओं पर मापकर यह जांच सकते हैं कि वे समानांतर हैं या नहीं। यदि दूरी हर जगह समान है, तो वे समानांतर हैं।
- [IMAGE: examples_of_parallel_lines_fig4] में रूलर, किताब और दरवाजे के किनारों को समानांतर रेखाओं के उदाहरण के रूप में दिखाया गया है।
- [IMAGE: parallel_lines_and_a_transversal_fig13] में दो समानांतर रेखाएँ l और m एक तिर्यक रेखा n द्वारा काटी जा रही हैं।
- [IMAGE: parallel_lines_and_a_transversal_figp26] एक और उदाहरण है।
दैनिक जीवन में उदाहरण
- समानांतर रेखाएँ: रेलवे ट्रैक, नोटबुक की लाइनें, मेज के विपरीत किनारे, खिड़की के ग्रिल, श्यामपट्ट के किनारे।
- प्रतिच्छेदी रेखाएँ: अंग्रेजी अक्षर 'X', कैंची की भुजाएँ, सड़क का चौराहा, घड़ी की सुइयाँ (कुछ निश्चित समय पर)।
क्रियाकलाप के उत्तर
- इनमें कहाँ-कहाँ हमें समांतर रेखाखंडों के उदाहरण मिलते हैं?
- कक्षा का श्यामपट्ट: विपरीत किनारे समानांतर होते हैं।
- खिड़की: विपरीत किनारे समानांतर होते हैं।
- दरवाजे: विपरीत किनारे समानांतर होते हैं।
- दीवारें: विपरीत दीवारें समानांतर होती हैं।
- ज्यामिति-बॉक्स: विपरीत किनारे समानांतर होते हैं।
- मेज: विपरीत किनारे समानांतर होते हैं।
- पुस्तक: विपरीत किनारे समानांतर होते हैं।
- स्केल: लंबे किनारे समानांतर होते हैं।
- आप अपनी कॉपी में एक सूची बनाइए जिसमें पांच प्रतिच्छेदी रेखाखंडों तथा पांच समांतर रेखाखंडों के उदाहरण हों।
- प्रतिच्छेदी रेखाखंड: कैंची की भुजाएँ, अंग्रेजी अक्षर 'X', सड़क का चौराहा, घड़ी की सुइयाँ (3 बजे या 9 बजे), पतंग की डंडियाँ।
- समानांतर रेखाखंड: रेलवे ट्रैक, नोटबुक की लाइनें, मेज के विपरीत किनारे, खिड़की के ग्रिल, सीढ़ी के डंडे।
प्रतिच्छेदी रेखाएँ: वे रेखाएँ जो एक बिंदु पर एक-दूसरे को काटती हैं। समानांतर रेखाएँ: वे रेखाएँ जो एक ही तल में होती हैं और कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं। उनके बीच की लंबवत दूरी हमेशा समान रहती है।