HomeChhattisgarhClass 10Maths › दो चरों का रैखिक समीकरण
दो चरों का रैखिक समीकरण
Chhattisgarh · Class 10 · 🧮 Maths · Chapter 2

दो चरों का रैखिक समीकरण

दो चरों का रैखिक समीकरणआलेखी विधिप्रतिस्थापन विधिविलोपन विधिसमीकरण निकाय के हल के प्रकार

यह अध्याय दो चरों वाले रैखिक समीकरणों को समझने और उन्हें हल करने के विभिन्न तरीकों पर केंद्रित है। छात्र समीकरणों को बनाने, आलेखी विधि (ग्राफिकल मेथड), प्रतिस्थापन विधि (सब्स्टीट्यूशन मेथड) और विलोपन विधि (एलिमिनेशन मेथड) का उपयोग करके समीकरणों को हल करना सीखते हैं। इसमें समीकरणों के हल के प्रकार (अद्वितीय हल, कोई हल नहीं, अनंत हल) का अवलोकन करना और अज्ञात गुणांकों का मान ज्ञात करना भी शामिल है। यह अध्याय वास्तविक जीवन की समस्याओं को गणितीय समीकरणों में बदलने और उन्हें हल करने के लिए महत्वपूर्ण कौशल विकसित करता है।

दो चरों का रैखिक समीकरण का परिचय

एक रैखिक समीकरण वह समीकरण होता है जिसमें चर की अधिकतम घात एक होती है। जब समीकरण में दो चर होते हैं, तो इसे दो चरों का रैखिक समीकरण कहते हैं।

  • मानक रूप: \(ax + by + c = 0\), जहाँ \(a, b, c\) वास्तविक संख्याएँ हैं और \(a \neq 0, b \neq 0\) हैं।
  • उदाहरण: \(2x + 3y = 5\), \(x - y = 0\), \(y = 3x + 2\)
  • विशेषता: दो चरों वाले रैखिक समीकरण का आलेख हमेशा एक सीधी रेखा होता है।
📖परिभाषा

रैखिक समीकरण: एक ऐसा समीकरण जिसमें चर की अधिकतम घात 1 हो। दो चरों का रैखिक समीकरण: एक ऐसा रैखिक समीकरण जिसमें दो अज्ञात चर हों।

समीकरण बनाना

दैनिक जीवन की विभिन्न परिस्थितियों को गणितीय रूप में व्यक्त करने के लिए समीकरण बनाए जाते हैं।

  • एक चर वाले समीकरण: यदि समस्या में केवल एक अज्ञात राशि है, तो एक चर का रैखिक समीकरण बनता है।
  • उदाहरण: एक खंभे का एक-चौथाई नीला, एक-तिहाई लाल और शेष 10 मीटर काला है। खंभे की कुल लंबाई \(x\) मीटर मानने पर समीकरण: \(x = \frac{x}{4} + \frac{x}{3} + 10\).
  • दो चर वाले समीकरण: यदि समस्या में दो अज्ञात राशियाँ हैं, तो दो चरों का रैखिक समीकरण बनता है।
  • उदाहरण: एक बैग में 50 पैसे के \(x\) सिक्के और 1 रुपये के \(y\) सिक्के हैं। कुल 100 सिक्के हैं। समीकरण: \(x + y = 100\).

महत्वपूर्ण: अकेले एक दो चर वाले रैखिक समीकरण से दोनों चरों का अद्वितीय मान ज्ञात नहीं किया जा सकता। इसके लिए कम से कम दो स्वतंत्र समीकरणों की आवश्यकता होती है, जिन्हें समीकरण निकाय या युगपद् समीकरण कहते हैं।

महत्त्वपूर्ण

किसी समस्या को हल करने के लिए, अज्ञात राशियों को चर मानकर गणितीय संबंध स्थापित करना ही समीकरण बनाना कहलाता है।

युगपद् समीकरण

जब दो या दो से अधिक रैखिक समीकरणों को एक साथ हल किया जाता है ताकि सभी चरों के मान ज्ञात किए जा सकें, तो उन्हें युगपद् रैखिक समीकरण या समीकरण निकाय कहते हैं।

  • आवश्यकता: दो अज्ञात चरों के मान ज्ञात करने के लिए कम से कम दो स्वतंत्र रैखिक समीकरणों की आवश्यकता होती है।
  • उदाहरण:
  • सौरभ और संतोष के पास कुल 8 रुपये हैं: \(x + y = 8\)
  • पिता ने सौरभ को संतोष से तीन गुना रुपये दिए: \(x = 3y\)
  • इन दोनों समीकरणों को एक साथ हल करने पर \(x=6, y=2\) प्राप्त होता है।

युगपद् समीकरणों को हल करने की विधियाँ:

  1. आलेखी विधि (Graphical Method)
  2. बीजीय विधियाँ (Algebraic Methods)
  • प्रतिस्थापन विधि (Substitution Method)
  • विलोपन विधि (Elimination Method)
📖परिभाषा

युगपद् समीकरण: दो या दो से अधिक रैखिक समीकरणों का समूह जिन्हें एक साथ हल किया जाता है।

समीकरणों के हल की आलेखी विधि

इस विधि में, प्रत्येक रैखिक समीकरण को एक सीधी रेखा के रूप में ग्राफ पर दर्शाया जाता है। इन रेखाओं के प्रतिच्छेदन बिंदु (यदि कोई हो) के निर्देशांक ही समीकरण निकाय के हल होते हैं।

चरण:

  1. प्रत्येक समीकरण के लिए \(x\) के कुछ मानों के लिए \(y\) के संगत मान ज्ञात करके एक सारणी बनाएँ।
  2. सारणी में प्राप्त बिंदुओं को ग्राफ पेपर पर अंकित करें।
  3. इन बिंदुओं को मिलाकर सीधी रेखाएँ खींचें।
  4. दोनों रेखाओं के प्रतिच्छेदन बिंदु के निर्देशांक ज्ञात करें। यही \(x\) और \(y\) के मान समीकरण निकाय के हल होते हैं।

हल के प्रकार (आलेखी निरूपण के आधार पर):

  • अद्वितीय हल (Unique Solution): जब दोनों रेखाएँ एक-दूसरे को एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं। यह प्रतिच्छेदन बिंदु ही अद्वितीय हल होता है।
  • [IMAGE: TODO: प्रतिच्छेदी रेखाओं का ग्राफ]
  • कोई हल नहीं (No Solution): जब दोनों रेखाएँ समांतर होती हैं और कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं। इस स्थिति में कोई उभयनिष्ठ बिंदु नहीं होता।
  • [IMAGE: TODO: समांतर रेखाओं का ग्राफ]
  • अनंततः अनेक हल (Infinitely Many Solutions): जब दोनों रेखाएँ संपाती होती हैं, अर्थात् एक-दूसरे के ऊपर स्थित होती हैं। इस स्थिति में सभी बिंदु उभयनिष्ठ होते हैं।
  • [IMAGE: TODO: संपाती रेखाओं का ग्राफ]
💡सुझाव

ग्राफ पेपर पर बिंदुओं को सही ढंग से अंकित करना और स्केल का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। प्रतिच्छेदन बिंदु के निर्देशांक ही आपका उत्तर होते हैं।

समीकरणों के हल की बीजीय विधियाँ

आलेखी विधि कभी-कभी सटीक हल नहीं दे पाती, खासकर जब प्रतिच्छेदन बिंदु पूर्णांक न हों। इसलिए, बीजीय विधियाँ अधिक सटीक होती हैं।

1. प्रतिस्थापन विधि (Substitution Method)

इस विधि में, एक समीकरण से एक चर का मान दूसरे चर के पदों में व्यक्त किया जाता है और फिर उसे दूसरे समीकरण में प्रतिस्थापित (substitute) किया जाता है।

चरण:

  1. किसी एक समीकरण से एक चर (जैसे \(y\)) को दूसरे चर (जैसे \(x\)) के पदों में व्यक्त करें। उदाहरण के लिए, \(y = f(x)\).
  2. इस \(y\) के मान को दूसरे समीकरण में प्रतिस्थापित करें। इससे एक चर वाला समीकरण प्राप्त होगा।
  3. एक चर वाले समीकरण को हल करके उस चर का मान ज्ञात करें।
  4. ज्ञात चर के मान को पहले वाले व्यंजक (जैसे \(y = f(x)\)) में रखकर दूसरे चर का मान ज्ञात करें।

उदाहरण: \(x + y = 35\) ...(1) \(2x + y = 49\) ...(2)

  1. समीकरण (1) से \(y\) का मान \(x\) के पदों में: \(y = 35 - x\) ...(3)
  2. \(y\) के इस मान को समीकरण (2) में रखने पर:

\(2x + (35 - x) = 49\) \(x + 35 = 49\) \(x = 49 - 35\) \(x = 14\)

  1. \(x = 14\) को समीकरण (3) में रखने पर:

\(y = 35 - 14\) \(y = 21\) हल: \(x = 14, y = 21\).

2. विलोपन विधि (Elimination Method)

इस विधि में, एक चर को समीकरणों से विलोपित (eliminate) करने के लिए समीकरणों को जोड़ा या घटाया जाता है, जिससे एक चर वाला समीकरण प्राप्त होता है।

चरण:

  1. दिए गए समीकरणों को \(a_1x + b_1y = c_1\) और \(a_2x + b_2y = c_2\) के रूप में लिखें।
  2. किसी एक चर (जैसे \(x\) या \(y\)) के गुणांकों को बराबर करने के लिए समीकरणों को उपयुक्त गैर-शून्य संख्या से गुणा करें।
  3. यदि समान गुणांक वाले चर के चिह्न समान हैं, तो समीकरणों को घटाएँ। यदि चिह्न विपरीत हैं, तो समीकरणों को जोड़ें। इससे एक चर विलोपित हो जाएगा।
  4. एक चर वाले समीकरण को हल करके उस चर का मान ज्ञात करें।
  5. ज्ञात चर के मान को किसी भी मूल समीकरण में रखकर दूसरे चर का मान ज्ञात करें।

उदाहरण: \(2x - y = 90\) ...(1) \(x - 3y = -40\) ...(2)

  1. \(x\) के गुणांकों को बराबर करने के लिए समीकरण (2) को 2 से गुणा करें:

\(2(x - 3y) = 2(-40)\) \(2x - 6y = -80\) ...(3)

  1. समीकरण (1) से समीकरण (3) को घटाने पर (क्योंकि \(x\) के गुणांक समान चिह्न के हैं):

\((2x - y) - (2x - 6y) = 90 - (-80)\) \(2x - y - 2x + 6y = 90 + 80\) \(5y = 170\) \(y = \frac{170}{5}\) \(y = 34\)

  1. \(y = 34\) को समीकरण (1) में रखने पर:

\(2x - 34 = 90\) \(2x = 90 + 34\) \(2x = 124\) \(x = \frac{124}{2}\) \(x = 62\) हल: \(x = 62, y = 34\).

💡सुझाव

प्रतिस्थापन विधि तब अधिक सुविधाजनक होती है जब किसी एक समीकरण में किसी एक चर का गुणांक 1 हो। विलोपन विधि तब बेहतर होती है जब गुणांकों को आसानी से बराबर किया जा सके।

अवलोकन से समीकरण निकाय के हल के प्रकार का पता लगाना

दो चरों वाले रैखिक समीकरणों के निकाय \(a_1x + b_1y + c_1 = 0\) और \(a_2x + b_2y + c_2 = 0\) के हल के प्रकार को उनके गुणांकों के अनुपात की तुलना करके निर्धारित किया जा सकता है।

| गुणांकों का अनुपात | आलेखी निरूपण | हल की संख्या | संगतता | |:---------------------|:------------------|:-----------------|:------------| | \(\frac{a_1}{a_2} \neq \frac{b_1}{b_2}\) | प्रतिच्छेदी रेखाएँ | अद्वितीय हल | संगत (Consistent) | | \(\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} = \frac{c_1}{c_2}\) | संपाती रेखाएँ | अनंततः अनेक हल | संगत (Consistent) | | \(\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} \neq \frac{c_1}{c_2}\) | समांतर रेखाएँ | कोई हल नहीं | असंगत (Inconsistent) |

उदाहरण:

  • अद्वितीय हल: \(3x + 5y = 12\), \(4x + 2y = 5\)
  • \(a_1=3, b_1=5, c_1=12\)
  • \(a_2=4, b_2=2, c_2=5\)
  • \(\frac{a_1}{a_2} = \frac{3}{4}\), \(\frac{b_1}{b_2} = \frac{5}{2}\)
  • चूंकि \(\frac{3}{4} \neq \frac{5}{2}\), अतः अद्वितीय हल है।
  • कोई हल नहीं: \(5x + 3y = 12\), \(15x + 9y = 15\)
  • \(a_1=5, b_1=3, c_1=12\)
  • \(a_2=15, b_2=9, c_2=15\)
  • \(\frac{a_1}{a_2} = \frac{5}{15} = \frac{1}{3}\)
  • \(\frac{b_1}{b_2} = \frac{3}{9} = \frac{1}{3}\)
  • \(\frac{c_1}{c_2} = \frac{12}{15} = \frac{4}{5}\)
  • चूंकि \(\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} \neq \frac{c_1}{c_2}\), अतः कोई हल नहीं है।
  • अनंततः अनेक हल: \(15x - 3y = 14\), \(60x - 12y = 56\)
  • \(a_1=15, b_1=-3, c_1=14\)
  • \(a_2=60, b_2=-12, c_2=56\)
  • \(\frac{a_1}{a_2} = \frac{15}{60} = \frac{1}{4}\)
  • \(\frac{b_1}{b_2} = \frac{-3}{-12} = \frac{1}{4}\)
  • \(\frac{c_1}{c_2} = \frac{14}{56} = \frac{1}{4}\)
  • चूंकि \(\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} = \frac{c_1}{c_2}\), अतः अनंततः अनेक हल हैं।
🧮सूत्र

दो रैखिक समीकरणों \(a_1x + b_1y + c_1 = 0\) और \(a_2x + b_2y + c_2 = 0\) के लिए:

  • अद्वितीय हल: \(\frac{a_1}{a_2} \neq \frac{b_1}{b_2}\)
  • अनंततः अनेक हल: \(\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} = \frac{c_1}{c_2}\)
  • कोई हल नहीं: \(\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} \neq \frac{c_1}{c_2}\)

चरों के अज्ञात गुणांक का मान पता करना

कभी-कभी समीकरण निकाय में कोई एक गुणांक अज्ञात (जैसे \(k\)) होता है, और हमें उस \(k\) का मान ज्ञात करना होता है ताकि समीकरण निकाय एक विशिष्ट प्रकार का हल (अद्वितीय, कोई नहीं, या अनंत) रखता हो।

चरण:

  1. दिए गए समीकरणों को मानक रूप \(a_1x + b_1y + c_1 = 0\) और \(a_2x + b_2y + c_2 = 0\) में लिखें।
  2. \(a_1, b_1, c_1, a_2, b_2, c_2\) के मानों की पहचान करें, जिसमें अज्ञात गुणांक भी शामिल होगा।
  3. हल के प्रकार के लिए संबंधित अनुपात की शर्त (जैसा कि ऊपर तालिका में है) का उपयोग करें।
  4. प्राप्त समीकरण या असमानता को हल करके अज्ञात गुणांक का मान ज्ञात करें।

उदाहरण 1: अद्वितीय हल के लिए \(k\) का मान समीकरण: \(x - ky = 2\), \(3x + 2y = -5\) \(x - ky - 2 = 0\) \(3x + 2y + 5 = 0\) यहाँ \(a_1=1, b_1=-k, c_1=-2\) \(a_2=3, b_2=2, c_2=5\) अद्वितीय हल के लिए शर्त: \(\frac{a_1}{a_2} \neq \frac{b_1}{b_2}\) \(\frac{1}{3} \neq \frac{-k}{2}\) \(2 \neq -3k\) \(k \neq \frac{-2}{3}\) अतः, \(k\) के \(\frac{-2}{3}\) के अतिरिक्त सभी वास्तविक मानों के लिए अद्वितीय हल होगा।

उदाहरण 2: अनंततः अनेक हल के लिए \(k\) का मान समीकरण: \((k - 3)x + 3y = k\), \(kx + ky = 12\) यहाँ \(a_1=k-3, b_1=3, c_1=k\) \(a_2=k, b_2=k, c_2=12\) अनंततः अनेक हल के लिए शर्त: \(\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} = \frac{c_1}{c_2}\) \(\frac{k-3}{k} = \frac{3}{k} = \frac{k}{12}\)

  • पहले दो अनुपातों से: \(\frac{k-3}{k} = \frac{3}{k} \Rightarrow k-3 = 3 \Rightarrow k = 6\)
  • दूसरे और तीसरे अनुपातों से: \(\frac{3}{k} = \frac{k}{12} \Rightarrow k^2 = 36 \Rightarrow k = \pm 6\)
  • पहले और तीसरे अनुपातों से: \(\frac{k-3}{k} = \frac{k}{12} \Rightarrow 12(k-3) = k^2 \Rightarrow k^2 - 12k + 36 = 0 \Rightarrow (k-6)^2 = 0 \Rightarrow k = 6\)

सभी शर्तों को संतुष्ट करने वाला \(k\) का मान 6 है।

🚧ग़लत धारणा

अज्ञात गुणांक वाले प्रश्नों में, सभी अनुपातों की शर्तों को ध्यान से जाँचें। यदि \(k\) के अलग-अलग मान प्राप्त होते हैं, तो वह मान चुनें जो सभी शर्तों को संतुष्ट करता हो।

समीकरण से कथन बनाना

कभी-कभी, हमें दिए गए समीकरण निकाय से एक शाब्दिक समस्या (कथन) बनानी होती है। यह समझने में मदद करता है कि गणितीय मॉडल वास्तविक दुनिया की समस्याओं का प्रतिनिधित्व कैसे करते हैं।

चरण:

  1. प्रत्येक चर \(x\) और \(y\) को एक विशिष्ट वस्तु या राशि (जैसे संख्या, आयु, कीमत, दूरी) के रूप में परिभाषित करें।
  2. प्रत्येक समीकरण में चरों और स्थिरांकों के बीच के संबंध को शाब्दिक रूप में व्यक्त करें।
  3. एक सुसंगत और तार्किक कहानी या समस्या बनाएँ जो दोनों समीकरणों को दर्शाती हो।

उदाहरण 1: समीकरण निकाय: \(x + y = 45\) ...(1) \(x - y = 13\) ...(2)

  • कथन: दो संख्याओं का योग 45 है और उनका अंतर 13 है। संख्याएँ ज्ञात कीजिए। (यहाँ \(x\) और \(y\) दो संख्याएँ हैं।)
  • वैकल्पिक कथन: एक किताब और एक कॉपी के मूल्यों का योग 45 रुपये है, और उनके मूल्यों का अंतर 13 रुपये है। किताब और कॉपी का मूल्य ज्ञात कीजिए। (यहाँ \(x\) किताब का मूल्य और \(y\) कॉपी का मूल्य है।)

उदाहरण 2: समीकरण निकाय: \(x - \frac{1}{y} = 2\) ...(1) \(\frac{x}{y} + \frac{3}{2} = 3\) ...(2)

यह थोड़ा जटिल लग सकता है, लेकिन इसे भिन्न के संदर्भ में सोचा जा सकता है। यदि \(x\) अंश है और \(y\) हर है।

  • कथन: किसी भिन्न के अंश में 1 घटाने पर वह भिन्न 2 के बराबर हो जाता है। यदि उसके हर में 3/2 जोड़ दिया जाए तो भिन्न 3 के बराबर हो जाता है।
  • (नोट: यह उदाहरण NCERT पाठ्यपुस्तक से थोड़ा भिन्न है, जहाँ \(x - \frac{1}{y} = 2\) को \(x - 1 = 2y\) या \(x/y - 1/y = 2\) के रूप में व्याख्या किया जा सकता है। यहाँ मूल पाठ में दिए गए उदाहरण के अनुसार व्याख्या की गई है।)

यह अभ्यास आपकी समस्या-निर्माण और गणितीय तर्क क्षमता को बढ़ाता है।

याद रखें

समीकरणों से कथन बनाते समय, चरों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें और सुनिश्चित करें कि कथन गणितीय संबंधों को सही ढंग से दर्शाता है।

Ask SAAVI — Free