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AP · Class 9 · 📘 Social · Chapter 9

POPULATION

జనాభా పరిమాణంజనాభా పంపిణీజనాభా సాంద్రతజనాభా వృద్ధిజననాలుమరణాలు

ఈ అధ్యాయం జనాభా యొక్క ప్రాముఖ్యతను వివరిస్తుంది, ఇది సామాజిక అధ్యయనాలలో ఒక ముఖ్యమైన అంశం. జనాభా పరిమాణం, పంపిణీ, సాంద్రత మరియు వృద్ధిని ప్రభావితం చేసే కారకాల గురించి విద్యార్థులు నేర్చుకుంటారు. జననాలు, మరణాలు మరియు వలసల ద్వారా జనాభా ఎలా మారుతుందో కూడా ఇది వివరిస్తుంది. కౌమార జనాభా యొక్క ప్రాముఖ్యత మరియు జాతీయ జనాభా విధానం యొక్క లక్ష్యాలు కూడా చర్చించబడ్డాయి. ఈ అంశాలను అర్థం చేసుకోవడం దేశ అభివృద్ధి మరియు వనరుల ప్రణాళికను అర్థం చేసుకోవడానికి చాలా అవసరం.

जनसंख्या का आकार और वितरण

जनसंख्या किसी देश के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है। यह वह आधार है जिस पर अन्य संसाधनों का मूल्यांकन किया जाता है।

  • जनसंख्या का महत्व:
  • प्राकृतिक संसाधन (जैसे नदियाँ, पहाड़, खनिज) तभी 'संसाधन' बनते हैं जब मनुष्य उन्हें उपयोगी बनाते हैं।
  • मनुष्य ही प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके समाज और अर्थव्यवस्था का निर्माण करते हैं।
  • वे ही सामाजिक और आर्थिक घटनाओं का अध्ययन करने वाले होते हैं।
  • जनसंख्या अध्ययन के मुख्य पहलू:
  1. जनसंख्या का आकार और वितरण: किसी क्षेत्र में कितने लोग रहते हैं और वे कहाँ केंद्रित हैं?
  2. जनसंख्या वृद्धि और परिवर्तन की प्रक्रियाएँ: जनसंख्या कैसे बढ़ती या घटती है?
  3. जनसंख्या की विशेषताएँ या गुण: उनकी उम्र, लिंग, साक्षरता स्तर, व्यवसाय और स्वास्थ्य की स्थिति क्या है?
  • जनगणना (Census):
  • एक देश में जनसंख्या की आधिकारिक गणना।
  • भारत में पहली जनगणना 1872 में हुई, लेकिन पहली पूर्ण जनगणना 1881 में हुई।
  • तब से हर 10 साल में जनगणना होती है।
  • यह जनसंख्या से संबंधित व्यापक जानकारी प्रदान करती है।
📖నిర్వచనం

जनसंख्या (Population): किसी निश्चित क्षेत्र में एक निश्चित समय पर रहने वाले लोगों की कुल संख्या।

ముఖ్యమైనది

भारत की जनसंख्या विश्व की कुल जनसंख्या का 17.5% है, जबकि इसका क्षेत्रफल विश्व के कुल क्षेत्रफल का केवल 2.4% है।

भारत की जनसंख्या का आकार और संख्यानुसार वितरण

  • 2011 की जनगणना के अनुसार:
  • भारत की जनसंख्या 1210.6 मिलियन (121 करोड़) थी।
  • यह जनसंख्या 3.28 मिलियन वर्ग किमी के विशाल क्षेत्र पर असमान रूप से वितरित है।
  • राज्यों का वितरण:
  • उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है (लगभग 199 मिलियन लोग)। यह भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 16% है।
  • हिमालयी क्षेत्र के राज्य जैसे सिक्किम (0.6 मिलियन) और लक्षद्वीप (64,429) की जनसंख्या बहुत कम है।
  • भारत की लगभग आधी जनसंख्या केवल पांच राज्यों में रहती है: उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश
  • जनसंख्या का असमान वितरण:
  • यह विभिन्न भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक कारकों के कारण होता है।
  • मैदानी क्षेत्र, शहरीकरण और औद्योगीकरण वाले क्षेत्रों में जनसंख्या अधिक केंद्रित होती है।
💡సూచన

जनगणना 2011 के आंकड़े बोर्ड परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। विशेष रूप से सबसे अधिक/कम जनसंख्या वाले राज्य और भारत की कुल जनसंख्या का प्रतिशत याद रखें।

भारत की जनसंख्या का घनत्व के अनुसार वितरण

  • जनसंख्या घनत्व (Population Density):
  • प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की संख्या।
  • यह जनसंख्या वितरण को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।
  • भारत विश्व के सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाले देशों में से एक है।
  • 2011 की जनगणना के अनुसार:
  • भारत का औसत जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी था।
  • राज्यवार भिन्नता:
  • उच्च घनत्व वाले राज्य:
  • बिहार (1102 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) सबसे अधिक घनत्व वाला राज्य है।
  • पश्चिम बंगाल (1029), केरल (859), उत्तर प्रदेश (828)।
  • इन क्षेत्रों में सपाट मैदान, उपजाऊ मिट्टी और पर्याप्त वर्षा होती है, जो कृषि और जीवनयापन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ प्रदान करती हैं।
  • कम घनत्व वाले राज्य:
  • अरुणाचल प्रदेश (17 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) सबसे कम घनत्व वाला राज्य है।
  • मिजोरम (52), सिक्किम (86), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (46)।
  • इन क्षेत्रों में पहाड़ी इलाका, पथरीला भूभाग, कम वर्षा या शुष्क परिस्थितियाँ और दुर्गम जलवायु होती है, जो जीवनयापन के लिए प्रतिकूल होती हैं।
  • केंद्र शासित प्रदेशों का घनत्व:
  • दिल्ली का जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है (11,297 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)।
  • भौगोलिक कारकों का प्रभाव:
  • पहाड़ी और पठारी क्षेत्र: कम जनसंख्या घनत्व (जैसे हिमालयी राज्य, प्रायद्वीपीय पठार)।
  • उत्तरी मैदान: उच्च जनसंख्या घनत्व (जैसे गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान)।
  • तटीय मैदान: मध्यम से उच्च घनत्व।
🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

छात्र अक्सर जनसंख्या के आकार और जनसंख्या घनत्व को भ्रमित करते हैं। याद रखें, आकार कुल संख्या है, जबकि घनत्व प्रति इकाई क्षेत्र में संख्या है।

जनसंख्या वृद्धि

  • जनसंख्या वृद्धि (Population Growth):
  • किसी निश्चित अवधि के दौरान किसी क्षेत्र के निवासियों की संख्या में परिवर्तन।
  • इसे निरपेक्ष वृद्धि (Absolute Increase) या प्रतिशत वृद्धि (Percentage Increase) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
  • निरपेक्ष वृद्धि:
  • पिछले दशक की जनसंख्या को वर्तमान दशक की जनसंख्या से घटाकर प्राप्त की जाती है।
  • उदाहरण: 2001 की जनसंख्या - 1991 की जनसंख्या।
  • वार्षिक वृद्धि दर (Annual Growth Rate):
  • प्रति वर्ष प्रतिशत में वृद्धि।
  • भारत की वार्षिक वृद्धि दर 2011 में 1.64% थी।
  • भारत में जनसंख्या वृद्धि की प्रवृत्तियाँ:
  • 1901-1921: स्थिर वृद्धि।
  • 1921-1951: धीमी वृद्धि।
  • 1951-1981: तीव्र वृद्धि (जनसंख्या विस्फोट)। मृत्यु दर में कमी और जन्म दर में उच्चता के कारण।
  • 1981 के बाद: वृद्धि दर में धीरे-धीरे कमी आई है, लेकिन जनसंख्या अभी भी बढ़ रही है।
  • यह परिवार नियोजन कार्यक्रमों और शिक्षा के प्रसार के कारण हुआ है।
  • जनसंख्या वृद्धि के प्रभाव:
  • संसाधनों पर दबाव (भोजन, पानी, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य)।
  • बेरोजगारी।
  • पर्यावरण प्रदूषण।
  • गरीबी।
గుర్తుంచుకోండి

भारत में 1981 के बाद से जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट आई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जनसंख्या कम हो रही है। इसका मतलब है कि जनसंख्या कम दर से बढ़ रही है

जनसंख्या परिवर्तन/वृद्धि की प्रक्रियाएँ

जनसंख्या में परिवर्तन तीन मुख्य प्रक्रियाओं के कारण होता है: जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास

  • 1. जन्म दर (Birth Rate):
  • प्रति 1000 व्यक्तियों पर एक वर्ष में जीवित जन्मों की संख्या।
  • भारत में जन्म दर हमेशा मृत्यु दर से अधिक रही है, जो जनसंख्या वृद्धि का एक प्रमुख कारण है।
  • 2. मृत्यु दर (Death Rate):
  • प्रति 1000 व्यक्तियों पर एक वर्ष में होने वाली मौतों की संख्या।
  • भारत में मृत्यु दर में तेजी से गिरावट आई है, खासकर 1980 के दशक के बाद।
  • यह स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, संक्रामक रोगों पर नियंत्रण और पोषण में सुधार के कारण हुआ है।
  • कम मृत्यु दर भी जनसंख्या वृद्धि में योगदान करती है।
  • 3. प्रवास (Migration):
  • लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना।
  • यह जनसंख्या के आकार और संरचना दोनों को प्रभावित करता है।
  • आंतरिक प्रवास: देश के भीतर (गाँव से शहर)।
  • अंतर्राष्ट्रीय प्रवास: देशों के बीच।
  • प्रवास के कारण:
  • पुश कारक (Push Factors): गरीबी, बेरोजगारी, राजनीतिक अस्थिरता, प्राकृतिक आपदाएँ (मूल स्थान से दूर धकेलते हैं)।
  • पुल कारक (Pull Factors): बेहतर रोजगार के अवसर, बेहतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ, बेहतर जीवन स्तर (गंतव्य स्थान की ओर आकर्षित करते हैं)।
  • भारत में प्रवास का पैटर्न:
  • भारत में अधिकांश प्रवास ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों की ओर होता है।
  • शहरों में रोजगार के अवसर और बेहतर जीवन स्तर की तलाश में लोग गाँवों से शहरों की ओर पलायन करते हैं।
  • प्रवास से शहरों में जनसंख्या बढ़ती है और ग्रामीण क्षेत्रों में कमी आती है, जिससे शहरीकरण होता है।
  • प्रवास जनसंख्या की आयु और लिंग संरचना को भी बदलता है। उदाहरण के लिए, शहरों में युवा पुरुषों का अनुपात बढ़ जाता है।
📖నిర్వచనం

जन्म दर: प्रति 1000 व्यक्तियों पर जीवित जन्मों की संख्या। मृत्यु दर: प्रति 1000 व्यक्तियों पर होने वाली मौतों की संख्या। प्रवास: लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना।

किशोर जनसंख्या

  • किशोर जनसंख्या (Adolescent Population):
  • 10 से 19 वर्ष की आयु वर्ग के लोग।
  • भारत की जनसंख्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा (लगभग 20%)।
  • यह भविष्य के लिए संभावित संसाधन हैं।
  • किशोरों की चुनौतियाँ:
  • पोषण संबंधी आवश्यकताएँ: कुपोषण, एनीमिया (विशेषकर लड़कियों में)।
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ: यौन संचारित रोग (STD), एचआईवी/एड्स।
  • शिक्षा का अभाव: स्कूल छोड़ने की दर, विशेषकर लड़कियों में।
  • बाल विवाह: विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।
  • नशीली दवाओं का दुरुपयोग: शहरी क्षेत्रों में बढ़ती समस्या।
  • अज्ञानता और जागरूकता की कमी: स्वास्थ्य, पोषण और यौन शिक्षा के बारे में।
  • किशोरों के लिए कार्यक्रम:
  • सरकार ने किशोरों को पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा प्रदान करने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं।
  • इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किशोरों को जिम्मेदार और उत्पादक नागरिक बनाना है।
  • राष्ट्रीय जनसंख्या नीति में भी किशोरों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
ముఖ్యమైనది

भारत में किशोर जनसंख्या का अनुपात बहुत अधिक है, जो देश के लिए एक जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) का अवसर प्रस्तुत करता है, बशर्ते उन्हें उचित शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल प्रदान किए जाएँ।

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति

  • राष्ट्रीय जनसंख्या नीति (National Population Policy - NPP):
  • भारत सरकार द्वारा जनसंख्या को नियंत्रित करने और जनसंख्या के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई नीतियाँ।
  • NPP 2000 सबसे महत्वपूर्ण नीति है।
  • NPP 2000 के मुख्य उद्देश्य:
  • तत्काल उद्देश्य: स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढाँचे, गर्भनिरोधक और स्वास्थ्य कर्मियों की आवश्यकताओं को पूरा करना।
  • मध्यम अवधि के उद्देश्य: 2010 तक कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate - TFR) को प्रतिस्थापन स्तर (Replacement Level) पर लाना।
  • दीर्घकालिक उद्देश्य: 2045 तक स्थिर जनसंख्या प्राप्त करना।
  • NPP 2000 की प्रमुख विशेषताएँ और कार्यक्रम:
  • 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना।
  • शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate - IMR) को प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 30 से कम करना।
  • मातृ मृत्यु दर (Maternal Mortality Rate - MMR) को प्रति 1 लाख जीवित जन्मों पर 100 से कम करना।
  • टीकों द्वारा रोके जा सकने वाले सभी रोगों के लिए बच्चों का सार्वभौमिक टीकाकरण प्राप्त करना।
  • लड़कियों के विवाह की आयु बढ़ाना: 18 वर्ष से अधिक, और आदर्श रूप से 20 वर्ष से अधिक।
  • परिवार नियोजन को बढ़ावा देना: गर्भनिरोधक सेवाओं तक पहुँच बढ़ाना।
  • किशोरों के लिए विशेष नीतियाँ:
  • अवांछित गर्भधारण को रोकना।
  • बाल विवाह को प्रोत्साहित न करना।
  • पोषण संबंधी सेवाएँ प्रदान करना।
  • यौन संचारित रोगों से बचाव के लिए शिक्षा।
  • जनसंख्या नीति का महत्व:
  • यह जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए एक व्यापक ढाँचा प्रदान करती है।
  • यह सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती है।
💡సూచన

NPP 2000 के उद्देश्य और किशोरों से संबंधित प्रावधान बोर्ड परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। इन्हें अच्छी तरह से याद करें।

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