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AP · Class 9 · 📘 Physical_Science · Chapter 8

FORCE AND LAWS OF MOTION

బలంసమతుల్య బలాలుఅసమతుల్య బలాలుజడత్వంన్యూటన్ మొదటి నియమంన్యూటన్ రెండవ నియమం

ఈ అధ్యాయం బలం యొక్క కారణం మరియు స్వభావాన్ని వివరిస్తుంది, సమతుల్య మరియు అసమతుల్య బలాల మధ్య తేడాలను వివరిస్తుంది. గెలీలియో మరియు అరిస్టాటిల్ ప్రయోగాలను అన్వేషిస్తుంది, న్యూటన్ యొక్క మూడు గమన నియమాలను పరిచయం చేస్తుంది. జడత్వం మరియు దాని రకాలు, ద్రవ్యరాశి మరియు గమనానికి మధ్య సంబంధం, అలాగే చర్య-ప్రతిచర్య బలాల గురించి కూడా చర్చిస్తుంది. రోజువారీ జీవితంలో ఈ సూత్రాలను ఎలా వర్తింపజేయాలో విద్యార్థులు నేర్చుకుంటారు.

बल (Force), संतुलित (Balanced) और असंतुलित (Unbalanced) बल

बल (Force)

  • परिभाषा: बल एक बाहरी प्रयास है जो किसी वस्तु की विराम अवस्था, गति की अवस्था, गति की दिशा या आकार को बदलता है या बदलने की कोशिश करता है।
  • प्रभाव: बल निम्नलिखित में से कोई भी प्रभाव उत्पन्न कर सकता है:
  • विराम अवस्था में रखी वस्तु को गति में लाना।
  • गतिमान वस्तु की चाल बदलना (बढ़ाना या घटाना)।
  • गतिमान वस्तु की दिशा बदलना।
  • गतिमान वस्तु को रोकना।
  • वस्तु का आकार या आकृति बदलना।
  • मात्रक: बल का SI मात्रक न्यूटन (Newton) है, जिसे 'N' से दर्शाया जाता है।
  • प्रकार: बल को मुख्य रूप से दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है: संतुलित बल और असंतुलित बल।

संतुलित बल (Balanced Forces)

  • परिभाषा: जब किसी वस्तु पर लगने वाले सभी बलों का परिणामी बल (Net Force) शून्य होता है, तो ऐसे बलों को संतुलित बल कहते हैं।
  • प्रभाव: संतुलित बल किसी वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन नहीं लाते हैं।
  • यदि वस्तु विराम अवस्था में है, तो वह विराम अवस्था में ही रहेगी।
  • यदि वस्तु एकसमान वेग से गति कर रही है, तो वह उसी वेग से गति करती रहेगी।
  • उदाहरण:
  • रस्सी-कूद (Tug-of-war) में जब दोनों टीमें बराबर बल लगाती हैं, तो रस्सी नहीं हिलती।
  • मेज पर रखी किताब पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल (नीचे की ओर) और मेज द्वारा लगाया गया अभिलंब बल (ऊपर की ओर) एक-दूसरे को संतुलित करते हैं।
  • किसी रबर के गुब्बारे को दबाने पर उसका आकार बदलता है, लेकिन वह गति नहीं करता।

असंतुलित बल (Unbalanced Forces)

  • परिभाषा: जब किसी वस्तु पर लगने वाले सभी बलों का परिणामी बल (Net Force) शून्य नहीं होता है, तो ऐसे बलों को असंतुलित बल कहते हैं।
  • प्रभाव: असंतुलित बल ही किसी वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन लाते हैं।
  • वे विराम अवस्था में रखी वस्तु को गति में ला सकते हैं।
  • वे गतिमान वस्तु की चाल या दिशा को बदल सकते हैं।
  • वे गतिमान वस्तु को रोक सकते हैं।
  • उदाहरण:
  • फुटबॉल को किक मारना: किक मारने पर फुटबॉल गति में आ जाती है।
  • चलती हुई साइकिल पर ब्रेक लगाना: ब्रेक लगाने पर साइकिल रुक जाती है।
  • रस्सी-कूद में जब एक टीम दूसरी टीम से अधिक बल लगाती है, तो रस्सी अधिक बल वाली टीम की ओर खिंच जाती है।

संतुलित और असंतुलित बलों में अंतर

| विशेषता | संतुलित बल (Balanced Forces) | असंतुलित बल (Unbalanced Forces) | |:--------------|:-----------------------------------------------------------|:---------------------------------------------------------------------| | परिणामी बल | शून्य (Net force = 0) | शून्य नहीं (Net force ≠ 0) | | गति पर प्रभाव | गति की अवस्था में परिवर्तन नहीं लाते। विराम वस्तु विराम में, गतिमान वस्तु एकसमान गति में रहती है। | गति की अवस्था में परिवर्तन लाते हैं। विराम वस्तु को गति में ला सकते हैं, गतिमान वस्तु की चाल/दिशा बदल सकते हैं या उसे रोक सकते हैं। | | आकार पर प्रभाव | वस्तु का आकार बदल सकते हैं। | वस्तु का आकार बदल सकते हैं। | | उदाहरण | मेज पर रखी किताब, रस्सी-कूद में बराबर बल लगाना। | फुटबॉल को किक मारना, चलती साइकिल पर ब्रेक लगाना। |

ముఖ్యమైనది

किसी वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन लाने के लिए हमेशा एक असंतुलित बल की आवश्यकता होती है।

गैलीलियो के प्रयोग और अवलोकन

गैलीलियो के प्रयोग (Galileo's Experiments)

  • पृष्ठभूमि: अरस्तू का मानना था कि किसी वस्तु को गतिमान रखने के लिए लगातार बल की आवश्यकता होती है। गैलीलियो ने इस विचार को चुनौती दी।
  • झुकाव वाले तल पर प्रयोग (Experiment on Inclined Planes):
  • प्रयोग 1: एक गेंद को एक चिकने झुकाव वाले तल से नीचे लुढ़काया गया।
  • अवलोकन: गेंद की चाल बढ़ती है।
  • प्रयोग 2: एक गेंद को एक चिकने झुकाव वाले तल पर ऊपर की ओर धकेला गया।
  • अवलोकन: गेंद की चाल घटती है।
  • प्रयोग 3: एक गेंद को एक चिकने क्षैतिज तल पर लुढ़काया गया।
  • अवलोकन: गेंद की चाल अपरिवर्तित रहती है, अर्थात वह एकसमान वेग से चलती रहती है।

गैलीलियो के दोहरे झुकाव वाले तल का प्रयोग (Galileo's Double Inclined Plane Experiment)

  • सेटअप: दो चिकने झुकाव वाले तल एक-दूसरे के सामने रखे गए। एक गेंद को एक तल से नीचे छोड़ा गया।
  • अवलोकन:
  • यदि दोनों तल समान झुकाव वाले हों, तो गेंद दूसरे तल पर उतनी ही ऊँचाई तक जाती है जहाँ से उसे छोड़ा गया था।
  • यदि दूसरे तल का झुकाव कम कर दिया जाए, तो गेंद पहले से अधिक दूरी तय करती है ताकि वह उतनी ही ऊँचाई तक पहुँच सके।
  • यदि दूसरे तल को क्षैतिज बना दिया जाए (शून्य झुकाव), तो गेंद कभी नहीं रुकेगी और अनंत दूरी तक चलती रहेगी, क्योंकि उसे अपनी प्रारंभिक ऊँचाई तक पहुँचने के लिए कभी भी उतनी ऊँचाई नहीं मिलेगी।

गैलीलियो के निष्कर्ष (Galileo's Conclusions)

  • किसी वस्तु को एकसमान गति में रखने के लिए किसी बल की आवश्यकता नहीं होती है, बशर्ते उस पर कोई बाहरी असंतुलित बल (जैसे घर्षण) कार्य न कर रहा हो।
  • वस्तुएँ अपनी गति की अवस्था को बनाए रखने की प्रवृत्ति रखती हैं। यह प्रवृत्ति बाद में जड़त्व (Inertia) के रूप में जानी गई।
  • घर्षण बल ही वह बल है जो गतिमान वस्तुओं को धीमा करता है और अंततः रोक देता है। यदि घर्षण अनुपस्थित हो, तो वस्तुएँ एकसमान वेग से चलती रहेंगी।

अरस्तू के विचार का खंडन: गैलीलियो के प्रयोगों ने अरस्तू के इस विचार को गलत साबित किया कि गति को बनाए रखने के लिए निरंतर बल की आवश्यकता होती है। गैलीलियो ने दिखाया कि बल गति में परिवर्तन का कारण बनता है, न कि गति को बनाए रखने का।

ముఖ్యమైనది

गैलीलियो के प्रयोगों ने न्यूटन के गति के पहले नियम की नींव रखी। उन्होंने 'जड़त्व' की अवधारणा को स्पष्ट किया।

न्यूटन का गति का पहला नियम (जड़त्व का नियम)

न्यूटन का गति का पहला नियम (Newton's First Law of Motion)

  • कथन: प्रत्येक वस्तु अपनी विराम अवस्था या एकसमान सरल रेखीय गति की अवस्था में बनी रहती है, जब तक कि उस पर कोई बाहरी असंतुलित बल कार्य न करे।
  • अन्य नाम: इस नियम को जड़त्व का नियम (Law of Inertia) भी कहते हैं, क्योंकि यह वस्तुओं के जड़त्व के गुण को परिभाषित करता है।
  • जड़त्व (Inertia): किसी वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी विराम अवस्था या एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है, जड़त्व कहलाता है।

न्यूटन के पहले नियम के उदाहरण (Examples of Newton's First Law)

  • बस में यात्री:
  • जब एक खड़ी बस अचानक चलती है, तो यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं (जड़त्व के कारण)।
  • जब एक चलती बस अचानक रुकती है, तो यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं (गति के जड़त्व के कारण)।
  • कारम बोर्ड (Carrom Board): स्ट्राइकर से कैरम की गोटियों के ढेर के सबसे नीचे वाली गोटी को तेजी से मारने पर केवल वही गोटी बाहर निकलती है, बाकी ढेर अपनी जगह पर रहता है।
  • पेड़ की शाखाएँ हिलाना: पेड़ की शाखाओं को तेजी से हिलाने पर पत्ते और फल नीचे गिर जाते हैं।
  • कालीन को डंडे से पीटना: धूल के कण कालीन से बाहर आ जाते हैं क्योंकि कालीन गति में आता है, लेकिन धूल के कण विराम के जड़त्व के कारण अपनी जगह पर रहने की कोशिश करते हैं।
  • कांच पर रखा सिक्का: एक गिलास पर रखे कार्डबोर्ड पर रखे सिक्के को तेजी से कार्डबोर्ड हटाने पर सिक्का गिलास में गिर जाता है।

जड़त्व और द्रव्यमान (Inertia and Mass)

  • जड़त्व वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है।
  • जिस वस्तु का द्रव्यमान अधिक होता है, उसका जड़त्व भी अधिक होता है।
  • उदाहरण: एक साइकिल को धकेलना एक कार को धकेलने से आसान होता है, क्योंकि कार का द्रव्यमान अधिक होता है, इसलिए उसका जड़त्व भी अधिक होता है।

जड़त्व के प्रकार (Types of Inertia)

  1. विराम का जड़त्व (Inertia of Rest):
  • वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी विराम अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है।
  • उदाहरण: बस के अचानक चलने पर यात्री का पीछे की ओर गिरना।
  1. गति का जड़त्व (Inertia of Motion):
  • वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है।
  • उदाहरण: चलती बस के अचानक रुकने पर यात्री का आगे की ओर गिरना।
  1. दिशा का जड़त्व (Inertia of Direction):
  • वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी गति की दिशा में परिवर्तन का विरोध करती है।
  • उदाहरण: चलती हुई कार के अचानक मुड़ने पर यात्री का एक ओर झुक जाना।
📖నిర్వచనం

जड़त्व (Inertia): किसी वस्तु का वह प्राकृतिक गुण जो उसकी गति की अवस्था (विराम या एकसमान गति) में परिवर्तन का विरोध करता है।

ముఖ్యమైనది

न्यूटन का पहला नियम गुणात्मक रूप से बल को परिभाषित करता है, यह बताता है कि बल क्या करता है (गति की अवस्था में परिवर्तन)।

संवेग (Momentum) और न्यूटन का गति का दूसरा नियम

संवेग (Momentum)

  • परिभाषा: किसी वस्तु का संवेग उसके द्रव्यमान और वेग का गुणनफल होता है। यह वस्तु की गति की मात्रा का माप है।
  • सूत्र: \(p = mv\)
  • जहाँ, \(p\) = संवेग, \(m\) = द्रव्यमान, \(v\) = वेग।
  • मात्रक: संवेग का SI मात्रक किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड (kg m/s) है।
  • सदिश राशि: संवेग एक सदिश राशि है, जिसकी दिशा वही होती है जो वेग की होती है।
  • महत्व: संवेग यह बताता है कि किसी वस्तु को रोकने के लिए कितना बल आवश्यक होगा। अधिक संवेग वाली वस्तु को रोकना अधिक कठिन होता है।
  • उदाहरण: एक छोटी गोली में बहुत अधिक वेग होने के कारण उसका संवेग अधिक होता है, जिससे वह घातक हो सकती है। एक धीमी गति से चलती हुई बड़ी ट्रक का संवेग भी बहुत अधिक होता है।

न्यूटन का गति का दूसरा नियम (Newton's Second Law of Motion)

  • कथन: किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस पर लगाए गए असंतुलित बल के समानुपाती होती है और यह परिवर्तन बल की दिशा में होता है।
  • गणितीय सूत्र का व्युत्पत्ति (Derivation of Mathematical Formula):
  • माना किसी वस्तु का द्रव्यमान \(m\) है।
  • प्रारंभिक वेग \(u\) और \(t\) समय बाद अंतिम वेग \(v\) हो जाता है।
  • प्रारंभिक संवेग \(p_1 = mu\)
  • अंतिम संवेग \(p_2 = mv\)
  • संवेग में परिवर्तन \(\Delta p = p_2 - p_1 = mv - mu = m(v-u)\)
  • संवेग में परिवर्तन की दर \(\frac{\Delta p}{t} = \frac{m(v-u)}{t}\)
  • चूँकि \(a = \frac{v-u}{t}\) (त्वरण की परिभाषा),
  • संवेग में परिवर्तन की दर \(= ma\)
  • न्यूटन के दूसरे नियम के अनुसार, लगाया गया बल \(F\) संवेग में परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है:

\(F \propto ma\)

  • समानुपाती स्थिरांक \(k\) का उपयोग करने पर: \(F = kma\)
  • यदि बल, द्रव्यमान और त्वरण के मात्रकों को इस प्रकार परिभाषित किया जाए कि \(k=1\) हो, तो:

\(F = ma\)

  • बल का मात्रक:
  • \(F = ma\) से, बल का SI मात्रक किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड वर्ग (kg m/s²) है।
  • इस मात्रक को न्यूटन (Newton) कहते हैं।
  • 1 न्यूटन: 1 न्यूटन वह बल है जो 1 kg द्रव्यमान की वस्तु में 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न करता है।

न्यूटन के दूसरे नियम के अनुप्रयोग (Applications of Newton's Second Law)

  • क्रिकेट खिलाड़ी द्वारा गेंद पकड़ना: एक क्रिकेट खिलाड़ी तेजी से आती हुई गेंद को पकड़ते समय अपने हाथों को पीछे खींचता है। इससे गेंद के संवेग में परिवर्तन का समय बढ़ जाता है, जिससे बल का प्रभाव कम हो जाता है और खिलाड़ी को चोट कम लगती है। (\(F \propto \frac{\Delta p}{\Delta t}\) में, \(\Delta t\) बढ़ने से \(F\) घटता है।)
  • ऊँची कूद और लंबी कूद में गद्दे/रेत का उपयोग: एथलीटों को चोट से बचाने के लिए गद्दे या रेत का ढेर बिछाया जाता है। यह गिरने पर संवेग परिवर्तन के समय को बढ़ाता है, जिससे बल का प्रभाव कम होता है।
  • गाड़ियों में शॉक एब्जॉर्बर (Shock Absorbers): ये झटकों के कारण होने वाले बल के प्रभाव को कम करने के लिए संवेग परिवर्तन के समय को बढ़ाते हैं।
  • चोट लगने के उदाहरण: एक छोटी गोली भी बहुत अधिक वेग के कारण घातक हो सकती है (उच्च संवेग)। एक तेज गति से आती क्रिकेट गेंद एक दर्शक को चोट पहुँचा सकती है, जबकि एक टेबल टेनिस गेंद नहीं।

न्यूटन का पहला नियम दूसरे नियम का विशेष मामला: यदि \(F=0\) है, तो \(ma=0\) होगा। यदि \(m \neq 0\), तो \(a=0\) होगा। \(a=0\) का अर्थ है कि वस्तु या तो विराम में है या एकसमान वेग से गति कर रही है, जो न्यूटन का पहला नियम है।

🧮సూత్రం

संवेग (Momentum): \(p = mv\) न्यूटन का दूसरा नियम: \(F = ma\)

💡సూచన

न्यूटन के दूसरे नियम पर आधारित संख्यात्मक प्रश्न (numerical problems) बोर्ड परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। \(F=ma\) और \(p=mv\) सूत्रों का सही उपयोग करना सीखें।

न्यूटन का गति का तीसरा नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम)

न्यूटन का गति का तीसरा नियम (Newton's Third Law of Motion)

  • कथन: प्रत्येक क्रिया के लिए, सदैव एक समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।
  • मुख्य बिंदु:
  • क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
  • ये बल हमेशा परिमाण में समान होते हैं।
  • ये बल हमेशा दिशा में विपरीत होते हैं।
  • क्रिया और प्रतिक्रिया बल कभी भी एक-दूसरे को रद्द नहीं करते हैं क्योंकि वे अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
  • उदाहरण:
  • चलना: हम जमीन पर पीछे की ओर बल (क्रिया) लगाते हैं, और जमीन हम पर आगे की ओर समान और विपरीत बल (प्रतिक्रिया) लगाती है, जिससे हम आगे बढ़ते हैं।
  • नाव से कूदना: जब कोई व्यक्ति नाव से किनारे पर कूदता है (क्रिया), तो नाव पीछे की ओर हटती है (प्रतिक्रिया)।
  • बंदूक का प्रतिक्षेप (Recoil of Gun): जब बंदूक से गोली चलाई जाती है (क्रिया), तो बंदूक पीछे की ओर झटका देती है (प्रतिक्रिया)। गोली का द्रव्यमान कम होने के कारण उसका वेग बहुत अधिक होता है, जबकि बंदूक का द्रव्यमान अधिक होने के कारण उसका वेग कम होता है।
  • रॉकेट का प्रक्षेपण: रॉकेट नीचे की ओर गर्म गैसों को बाहर निकालता है (क्रिया), और गैसें रॉकेट पर ऊपर की ओर बल (प्रतिक्रिया) लगाती हैं, जिससे रॉकेट ऊपर उठता है।
  • पक्षी का उड़ना: पक्षी अपने पंखों से हवा को नीचे धकेलता है (क्रिया), और हवा पक्षी पर ऊपर की ओर बल (प्रतिक्रिया) लगाती है, जिससे पक्षी ऊपर उड़ता है।
  • तैरना: तैराक पानी को पीछे धकेलता है (क्रिया), और पानी तैराक को आगे धकेलता है (प्रतिक्रिया)।

क्रिया और प्रतिक्रिया बल एक-दूसरे को रद्द क्यों नहीं करते?

  • क्रिया और प्रतिक्रिया बल एक-दूसरे को रद्द नहीं करते क्योंकि वे हमेशा अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं
  • उदाहरण के लिए, जब आप दीवार पर धक्का देते हैं, तो आप दीवार पर बल लगाते हैं (क्रिया), और दीवार आप पर बल लगाती है (प्रतिक्रिया)। आपके द्वारा लगाया गया बल दीवार पर कार्य करता है, और दीवार द्वारा लगाया गया बल आप पर कार्य करता है। चूंकि बल अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य कर रहे हैं, इसलिए वे एक-दूसरे को संतुलित नहीं कर सकते।

क्रिया-प्रतिक्रिया और त्वरण (Action-Reaction and Acceleration)

  • यद्यपि क्रिया और प्रतिक्रिया बल परिमाण में समान होते हैं, फिर भी वे हमेशा समान त्वरण उत्पन्न नहीं करते हैं।
  • इसका कारण यह है कि त्वरण द्रव्यमान पर निर्भर करता है (\(a = F/m\))।
  • यदि क्रिया और प्रतिक्रिया बल अलग-अलग द्रव्यमान वाली वस्तुओं पर कार्य करते हैं, तो वे अलग-अलग त्वरण उत्पन्न करेंगे।
  • उदाहरण: बंदूक से गोली चलाने पर, गोली का द्रव्यमान बहुत कम होता है, इसलिए वह बहुत अधिक त्वरण प्राप्त करती है। बंदूक का द्रव्यमान अधिक होता है, इसलिए वह कम त्वरण (प्रतिक्षेप) प्राप्त करती है।
గుర్తుంచుకోండి

न्यूटन के तीसरे नियम में क्रिया और प्रतिक्रिया बल एक ही समय पर उत्पन्न होते हैं, ऐसा नहीं है कि एक पहले और दूसरा बाद में आता है।

🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

छात्र अक्सर सोचते हैं कि क्रिया और प्रतिक्रिया बल एक-दूसरे को रद्द कर देते हैं। याद रखें, वे अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, इसलिए वे एक-दूसरे को संतुलित नहीं कर सकते।

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