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AP · Class 9 · 🧮 Maths · Chapter 15

Polynomials

బహుపది నిర్వచనంబహుపది డిగ్రీబహుపది శూన్యాలుకారక సిద్ధాంతంశేష సిద్ధాంతంబహుపదుల కారకాలు

బహుపదులు అధ్యాయం బీజగణితంలో ఒక ప్రాథమిక భావనను పరిచయం చేస్తుంది. ఈ అధ్యాయంలో, విద్యార్థులు బహుపదుల నిర్వచనం, వాటి రకాలు (ఏకపది, ద్విపది, త్రిపది), బహుపది యొక్క డిగ్రీ, బహుపదుల విలువ మరియు శూన్యాలు గురించి నేర్చుకుంటారు. కారక సిద్ధాంతం మరియు శేష సిద్ధాంతం వంటి ముఖ్యమైన సిద్ధాంతాలు కూడా వివరించబడతాయి. ఈ భావనలు ఉన్నత తరగతులలో సంక్లిష్ట బీజగణిత సమస్యలను పరిష్కరించడానికి పునాదిని ఏర్పరుస్తాయి.

बहुपद - परिचय और शब्दावली

बहुपद एक बीजगणितीय व्यंजक है जिसमें चर की घातें केवल पूर्ण संख्याएँ (whole numbers) होती हैं।

  • चर (Variable): अक्षर जो विभिन्न मान ले सकते हैं (जैसे \(x, y, z\))।
  • अचर (Constant): निश्चित मान वाले प्रतीक (जैसे \(2, -5, \pi\))।
  • पद (Term): बहुपद का प्रत्येक भाग जो \(+\) या \(-\) के चिन्हों से अलग होता है। एक पद में एक अचर और एक या अधिक चर हो सकते हैं जिनकी घातें पूर्ण संख्याएँ हों।
  • उदाहरण: \(4x^2\), \(-3x\), \(5\) ये सभी पद हैं।
  • गुणांक (Coefficient): किसी पद में चर के साथ गुणा किया गया संख्यात्मक मान।
  • उदाहरण: \(5x^3 - 2x^2 + 7x - 1\) में:
  • \(x^3\) का गुणांक \(5\) है।
  • \(x^2\) का गुणांक \(-2\) है।
  • \(x\) का गुणांक \(7\) है।
  • अचर पद \(-1\) है।
  • घात (Degree): किसी बहुपद में चर की सबसे बड़ी घात।
  • उदाहरण: \(5x^3 - 2x^2 + 7x - 1\) की घात \(3\) है।
  • बहुपद के प्रकार (पदों की संख्या के आधार पर):
  • एकपदी (Monomial): एक पद वाला बहुपद। उदाहरण: \(5x^2\), \(7y\), \(10\)
  • द्विपदी (Binomial): दो पदों वाला बहुपद। उदाहरण: \(x+y\), \(3x^2-5\)
  • त्रिपदी (Trinomial): तीन पदों वाला बहुपद। उदाहरण: \(x^2+2x+1\), \(a+b+c\)
  • बहुपद के प्रकार (घात के आधार पर):
  • रैखिक बहुपद (Linear Polynomial): घात \(1\) वाला बहुपद। उदाहरण: \(2x+3\), \(y-5\)
  • द्विघात बहुपद (Quadratic Polynomial): घात \(2\) वाला बहुपद। उदाहरण: \(x^2+2x+1\), \(3y^2-7\)
  • त्रिघात बहुपद (Cubic Polynomial): घात \(3\) वाला बहुपद। उदाहरण: \(x^3-4x^2+x-1\)

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • \(x + \frac{1}{x}\) या \(\sqrt{x} + 5\) बहुपद नहीं हैं क्योंकि चर की घातें पूर्ण संख्याएँ नहीं हैं (\(x^{-1}\) और \(x^{1/2}\))।
  • अचर बहुपद की घात \(0\) होती है (जैसे \(5 = 5x^0\))।
  • शून्य बहुपद (\(0\)) की घात अपरिभाषित होती है।
ముఖ్యమైనది

किसी बहुपद में चर की घात हमेशा पूर्ण संख्या (\(0, 1, 2, 3, ...\)) होनी चाहिए। यदि घात भिन्नात्मक या ऋणात्मक है, तो वह व्यंजक बहुपद नहीं है।

एक चर वाले बहुपद

एक चर वाला बहुपद वह होता है जिसमें केवल एक ही प्रकार का चर होता है। कक्षा 9 में हम मुख्य रूप से इन्हीं बहुपदों का अध्ययन करते हैं।

  • मानक रूप: एक चर वाले बहुपद को आमतौर पर \(P(x)\) से दर्शाया जाता है, जहाँ \(x\) चर है।
  • उदाहरण: \(P(x) = ax^n + bx^{n-1} + ... + kx + l\), जहाँ \(a, b, ..., k, l\) अचर हैं और \(n\) एक पूर्ण संख्या है।
  • बहुपद का मान: यदि \(P(x)\) एक बहुपद है, और \(a\) कोई वास्तविक संख्या है, तो \(P(x)\) में \(x\) के स्थान पर \(a\) रखने पर प्राप्त मान को \(P(a)\) से दर्शाया जाता है।
  • उदाहरण: यदि \(P(x) = x^2 - 2x + 1\), तो \(P(2) = (2)^2 - 2(2) + 1 = 4 - 4 + 1 = 1\)।

एक चर वाले बहुपद के उदाहरण:

  • \(2x + 5\) (रैखिक बहुपद)
  • \(3y^2 - 7y + 1\) (द्विघात बहुपद)
  • \(z^3 + 4z^2 - 2z + 8\) (त्रिघात बहुपद)

गैर-उदाहरण (बहुपद नहीं):

  • \(2x + \frac{3}{x}\) (क्योंकि \(\frac{3}{x} = 3x^{-1}\), घात ऋणात्मक है)
  • \(\sqrt{x} + 4\) (क्योंकि \(\sqrt{x} = x^{1/2}\), घात भिन्नात्मक है)
  • \(x^2 + y^2\) (यह दो चर वाला बहुपद है, एक चर वाला नहीं)
గుర్తుంచుకోండి

एक चर वाले बहुपद में, सभी पद एक ही चर के विभिन्न घातों में होते हैं।

बहुपद के शून्यक

बहुपद का शून्यक वह वास्तविक संख्या \(k\) है जिसके लिए बहुपद का मान शून्य हो जाता है, अर्थात \(P(k) = 0\)।

  • ज्यामितीय अर्थ: एक चर वाले बहुपद \(P(x)\) के शून्यक, ग्राफ \(y = P(x)\) के \(x\)-अक्ष को प्रतिच्छेद करने वाले बिंदुओं के \(x\)-निर्देशांक होते हैं।
  • रैखिक बहुपद के शून्यक:
  • एक रैखिक बहुपद \(ax+b\) (जहाँ \(a \neq 0\)) का केवल एक शून्यक होता है।
  • शून्यक ज्ञात करने के लिए, \(ax+b = 0\) रखें, तो \(x = -\frac{b}{a}\)।
  • द्विघात बहुपद के शून्यक:
  • एक द्विघात बहुपद के अधिकतम दो शून्यक हो सकते हैं।
  • ये शून्यक वास्तविक या अवास्तविक हो सकते हैं।
  • त्रिघात बहुपद के शून्यक:
  • एक त्रिघात बहुपद के अधिकतम तीन शून्यक हो सकते हैं।
  • सामान्यीकरण: \(n\) घात वाले बहुपद के अधिकतम \(n\) शून्यक हो सकते हैं।

शून्यक ज्ञात करने की विधि:

  1. बहुपद को \(P(x)\) के बराबर मानें।
  2. \(P(x) = 0\) रखें।
  3. \(x\) के लिए समीकरण को हल करें।

उदाहरण: बहुपद \(P(x) = 2x - 4\) का शून्यक ज्ञात करें।

  • \(2x - 4 = 0\)
  • \(2x = 4\)
  • \(x = 2\)

तो, \(2\) बहुपद \(P(x) = 2x - 4\) का शून्यक है।

📖నిర్వచనం

बहुपद का शून्यक: एक वास्तविक संख्या \(k\) बहुपद \(P(x)\) का शून्यक कहलाती है यदि \(P(k) = 0\) हो। इसे बहुपद का मूल (root) भी कहते हैं।

💡సూచన

यदि \(x=a\) बहुपद \(P(x)\) का शून्यक है, तो \((x-a)\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड होगा। यह शेषफल प्रमेय और गुणनखंड प्रमेय का आधार है।

शेषफल प्रमेय (Remainder Theorem)

शेषफल प्रमेय हमें बिना वास्तविक भाग किए बहुपद के भागफल का शेषफल ज्ञात करने में मदद करती है।

  • प्रमेय का कथन: यदि \(P(x)\) एक या एक से अधिक घात वाला कोई बहुपद है और इसे एक रैखिक बहुपद \((x-a)\) से भाग दिया जाता है, तो शेषफल \(P(a)\) होता है।

शेषफल प्रमेय का उपयोग:

  1. बहुपद \(P(x)\) को पहचानें।
  2. भाजक \((x-a)\) से \(a\) का मान ज्ञात करें (\(x-a=0 \Rightarrow x=a\))।
  3. बहुपद में \(x\) के स्थान पर \(a\) रखें और \(P(a)\) का मान ज्ञात करें। यही शेषफल होगा।

उदाहरण: बहुपद \(P(x) = x^3 + x^2 + x + 1\) को \((x+1)\) से भाग देने पर शेषफल ज्ञात करें।

  1. यहाँ \(P(x) = x^3 + x^2 + x + 1\)।
  2. भाजक \((x+1)\) है। इसे \((x-a)\) से तुलना करने पर, \(x+1 = x - (-1)\), तो \(a = -1\)।
  3. \(P(-1)\) ज्ञात करें:

\(P(-1) = (-1)^3 + (-1)^2 + (-1) + 1\) \(P(-1) = -1 + 1 - 1 + 1\) \(P(-1) = 0\) इसलिए, शेषफल \(0\) है।

शेषफल प्रमेय का महत्व:

  • यह हमें बताता है कि यदि \(P(a) = 0\) है, तो \((x-a)\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड है। यह गुणनखंड प्रमेय का आधार है।
  • यह बड़े बहुपदों को छोटे बहुपदों में गुणनखंडित करने में सहायक है।
🧮సూత్రం

शेषफल प्रमेय: \(P(x)\) को \((x-a)\) से भाग देने पर शेषफल \(P(a)\) होता है।

🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

भाजक \((x+a)\) होने पर, \(x\) का मान \(-a\) होता है, न कि \(a\)। हमेशा \(x-a=0\) से \(x\) का मान ज्ञात करें।

गुणनखंड प्रमेय (Factor Theorem)

गुणनखंड प्रमेय शेषफल प्रमेय का एक विशेष मामला है और बहुपदों के गुणनखंडन में बहुत उपयोगी है।

  • प्रमेय का कथन:
  1. यदि \(P(x)\) एक बहुपद है जिसकी घात \(1\) या \(1\) से अधिक है, और \(a\) कोई वास्तविक संख्या है, तो यदि \(P(a) = 0\) है, तो \((x-a)\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड होता है।
  2. इसके विपरीत, यदि \((x-a)\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड है, तो \(P(a) = 0\) होता है।

गुणनखंड प्रमेय का उपयोग:

  • किसी बहुपद के गुणनखंड ज्ञात करने के लिए।
  • यह जाँचने के लिए कि क्या कोई दिया गया रैखिक व्यंजक किसी बहुपद का गुणनखंड है।

उदाहरण 1: जाँच करें कि क्या \((x+2)\) बहुपद \(P(x) = x^3 + 3x^2 + 5x + 6\) का एक गुणनखंड है।

  1. भाजक \((x+2)\) से \(x = -2\) प्राप्त होता है।
  2. \(P(-2)\) ज्ञात करें:

\(P(-2) = (-2)^3 + 3(-2)^2 + 5(-2) + 6\) \(P(-2) = -8 + 3(4) - 10 + 6\) \(P(-2) = -8 + 12 - 10 + 6\) \(P(-2) = 0\)

  1. चूंकि \(P(-2) = 0\), गुणनखंड प्रमेय के अनुसार, \((x+2)\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड है।

उदाहरण 2: यदि \((x-1)\) बहुपद \(P(x) = 4x^3 + 3x^2 - 4x + k\) का एक गुणनखंड है, तो \(k\) का मान ज्ञात करें।

  1. चूंकि \((x-1)\) एक गुणनखंड है, गुणनखंड प्रमेय के अनुसार \(P(1) = 0\) होना चाहिए।
  2. \(P(1)\) ज्ञात करें और उसे \(0\) के बराबर रखें:

\(P(1) = 4(1)^3 + 3(1)^2 - 4(1) + k = 0\) \(4 + 3 - 4 + k = 0\) \(3 + k = 0\) \(k = -3\) इसलिए, \(k\) का मान \(-3\) है।

🧮సూత్రం

गुणनखंड प्रमेय: \((x-a)\) बहुपद \(P(x)\) का गुणनखंड है \(\iff P(a) = 0\) (यदि और केवल यदि \(P(a) = 0\))।

💡సూచన

त्रिघात बहुपदों के गुणनखंड करने के लिए, पहले हिट एंड ट्रायल विधि से एक शून्यक \(a\) ज्ञात करें (आमतौर पर \(a = \pm 1, \pm 2\) या अचर पद के गुणनखंडों में से)। फिर \((x-a)\) से बहुपद को भाग देकर द्विघात बहुपद प्राप्त करें और उसे मध्य पद को तोड़कर गुणनखंडित करें।

बीजगणितीय सर्वसमिकाएँ (Algebraic Identities)

बीजगणितीय सर्वसमिकाएँ ऐसे समीकरण होते हैं जो चरों के सभी मानों के लिए सत्य होते हैं। ये गुणनखंडन, विस्तार और समीकरणों को सरल बनाने में बहुत उपयोगी होते हैं।

महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ:

  1. \((a+b)^2 = a^2 + 2ab + b^2\)
  • उपयोग: \((x+3)^2 = x^2 + 2(x)(3) + 3^2 = x^2 + 6x + 9\)
  1. \((a-b)^2 = a^2 - 2ab + b^2\)
  • उपयोग: \((2x-5)^2 = (2x)^2 - 2(2x)(5) + 5^2 = 4x^2 - 20x + 25\)
  1. \(a^2 - b^2 = (a-b)(a+b)\)
  • उपयोग: \(9x^2 - 16 = (3x)^2 - 4^2 = (3x-4)(3x+4)\)
  1. \((x+a)(x+b) = x^2 + (a+b)x + ab\)
  • उपयोग: \((x+2)(x+3) = x^2 + (2+3)x + (2)(3) = x^2 + 5x + 6\)
  1. \((a+b+c)^2 = a^2 + b^2 + c^2 + 2ab + 2bc + 2ca\)
  • उपयोग: \((x+2y+3z)^2 = x^2 + (2y)^2 + (3z)^2 + 2(x)(2y) + 2(2y)(3z) + 2(3z)(x)\)

\(= x^2 + 4y^2 + 9z^2 + 4xy + 12yz + 6zx\)

  1. \((a+b)^3 = a^3 + b^3 + 3ab(a+b) = a^3 + 3a^2b + 3ab^2 + b^3\)
  • उपयोग: \((x+2)^3 = x^3 + 2^3 + 3(x)(2)(x+2) = x^3 + 8 + 6x(x+2) = x^3 + 8 + 6x^2 + 12x\)
  1. \((a-b)^3 = a^3 - b^3 - 3ab(a-b) = a^3 - 3a^2b + 3ab^2 - b^3\)
  • उपयोग: \((3x-1)^3 = (3x)^3 - 1^3 - 3(3x)(1)(3x-1) = 27x^3 - 1 - 9x(3x-1) = 27x^3 - 1 - 27x^2 + 9x\)
  1. \(a^3 + b^3 = (a+b)(a^2 - ab + b^2)\)
  • उपयोग: \(8x^3 + 27y^3 = (2x)^3 + (3y)^3 = (2x+3y)((2x)^2 - (2x)(3y) + (3y)^2)\)

\(= (2x+3y)(4x^2 - 6xy + 9y^2)\)

  1. \(a^3 - b^3 = (a-b)(a^2 + ab + b^2)\)
  • उपयोग: \(x^3 - 64 = x^3 - 4^3 = (x-4)(x^2 + 4x + 4^2) = (x-4)(x^2 + 4x + 16)\)
  1. \(a^3 + b^3 + c^3 - 3abc = (a+b+c)(a^2 + b^2 + c^2 - ab - bc - ca)\)
  • विशेष स्थिति: यदि \(a+b+c = 0\) है, तो \(a^3 + b^3 + c^3 = 3abc\)
  • उपयोग: \((-12)^3 + 7^3 + 5^3\) का मान ज्ञात करें। यहाँ \(a=-12, b=7, c=5\)।

\(a+b+c = -12 + 7 + 5 = 0\)। अतः, \((-12)^3 + 7^3 + 5^3 = 3(-12)(7)(5) = 3(-420) = -1260\)

मध्य पद को तोड़कर गुणनखंडन (Splitting the Middle Term):

  • द्विघात बहुपद \(ax^2 + bx + c\) के गुणनखंड करने के लिए, हम \(b\) को दो संख्याओं \(p\) और \(q\) में तोड़ते हैं, इस प्रकार कि \(p+q = b\) और \(pq = ac\) हो।
  • फिर \(ax^2 + px + qx + c\) को समूहन विधि से गुणनखंडित करते हैं।

उदाहरण: \(x^2 + 5x + 6\) का गुणनखंड करें।

  • यहाँ \(a=1, b=5, c=6\)। हमें ऐसी दो संख्याएँ चाहिए जिनका योग \(5\) हो और गुणनफल \(1 \times 6 = 6\) हो। ये संख्याएँ \(2\) और \(3\) हैं।
  • \(x^2 + 2x + 3x + 6\)
  • \(x(x+2) + 3(x+2)\)
  • \((x+2)(x+3)\)
ముఖ్యమైనది

सर्वसमिकाएँ समीकरणों से भिन्न होती हैं। सर्वसमिकाएँ चरों के सभी मानों के लिए सत्य होती हैं, जबकि समीकरण केवल कुछ विशिष्ट मानों के लिए सत्य होते हैं।

💡సూచన

सर्वसमिकाओं को याद करना और उनका सही उपयोग करना गुणनखंडन और विस्तार के प्रश्नों में समय बचाता है। विशेष रूप से \(a^3+b^3+c^3-3abc\) वाली सर्वसमिका और उसकी विशेष स्थिति \(a+b+c=0 \Rightarrow a^3+b^3+c^3=3abc\) पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

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