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AP · Class 9 · 🧮 Maths · Chapter 13

POLYNOMIALS

బహుపది యొక్క సున్నాలుశేష సిద్ధాంతంకారణాంక సిద్ధాంతంక్వాడ్రాటిక్ బహుపదుల కారణాంకీకరణఇంటిగ్రల్ రూట్ సిద్ధాంతం

ఈ అధ్యాయం బహుపదుల ప్రాథమిక భావనలను పరిచయం చేస్తుంది. బహుపది యొక్క విలువను కనుగొనడం, బహుపది యొక్క మూలాలు లేదా సున్నాలు, శేష సిద్ధాంతం మరియు కారణాంక సిద్ధాంతం గురించి విద్యార్థులు నేర్చుకుంటారు. క్వాడ్రాటిక్ బహుపదుల కారణాంకీకరణ, మధ్య పదాన్ని విభజించడం ద్వారా మరియు వర్గపూరణ పద్ధతి ద్వారా ఎలా చేయాలో వివరించబడింది. ఇంటిగ్రల్ రూట్ సిద్ధాంతం మరియు రేషనల్ రూట్ సిద్ధాంతం కూడా చర్చించబడ్డాయి. ఈ భావనలు బీజగణితంలో బలమైన పునాదిని నిర్మించడానికి మరియు భవిష్యత్ గణిత అధ్యయనాలకు చాలా ముఖ్యమైనవి.

बहुपद की परिभाषा और प्रकार

एक बहुपद एक बीजगणितीय व्यंजक होता है जिसमें चर (variables) और गुणांक (coefficients) होते हैं, और जिसमें केवल जोड़, घटाव, गुणा, और गैर-ऋणात्मक पूर्णांक घातांक (non-negative integer exponents) होते हैं।

  • चर (Variable): अक्षर जो विभिन्न मानों को दर्शाते हैं, जैसे \(x, y, z\)।
  • गुणांक (Coefficient): चर के साथ गुणा होने वाली संख्यात्मक मान, जैसे \(5x^2\) में 5।
  • घात (Exponent/Degree): चर की उच्चतम घात।

बहुपद के प्रकार

1. पदों की संख्या के आधार पर (Based on Number of Terms):
  • एकपदी (Monomial): केवल एक पद, जैसे \(5x\), \(7y^2\), \(10\)।
  • द्विपदी (Binomial): दो पद, जैसे \(x + 2\), \(3y^2 - 5\)।
  • त्रिपदी (Trinomial): तीन पद, जैसे \(x^2 + 2x + 1\), \(a^3 - 2a + 7\)।
2. घात के आधार पर (Based on Degree):
  • अचर बहुपद (Constant Polynomial): घात 0 होती है, जैसे \(5, -3\)। (शून्य बहुपद की घात अपरिभाषित होती है)।
  • रैखिक बहुपद (Linear Polynomial): घात 1 होती है, जैसे \(ax + b\) जहाँ \(a \neq 0\)।
  • द्विघात बहुपद (Quadratic Polynomial): घात 2 होती है, जैसे \(ax^2 + bx + c\) जहाँ \(a \neq 0\)।
  • त्रिघात बहुपद (Cubic Polynomial): घात 3 होती है, जैसे \(ax^3 + bx^2 + cx + d\) जहाँ \(a \neq 0\)।

मानक रूप (Standard Form)

एक बहुपद को उसके चरों की घातों के घटते क्रम में लिखना उसका मानक रूप कहलाता है। उदाहरण: \(4x^3 - 2x^2 + 7x - 1\)

बहुपद नहीं होने की शर्तें

  • चर की घात ऋणात्मक या भिन्न (fractional) नहीं होनी चाहिए। (जैसे \(x^{-1}\) या \(x^{1/2}\) वाले व्यंजक बहुपद नहीं हैं)
  • चर वर्गमूल के अंदर नहीं होना चाहिए। (जैसे \(\sqrt{x}\))
  • चर हर (denominator) में नहीं होना चाहिए। (जैसे \(1/x\))
📖నిర్వచనం

बहुपद (Polynomial): एक बीजगणितीय व्यंजक जिसमें चर की घातें केवल गैर-ऋणात्मक पूर्णांक होती हैं।

ముఖ్యమైనది

शून्य बहुपद (Zero Polynomial): \(P(x) = 0\) को शून्य बहुपद कहते हैं। इसकी घात अपरिभाषित होती है।

बहुपद के शून्यक (Zeros of a Polynomial)

एक वास्तविक संख्या \(\alpha\) बहुपद \(f(x)\) का शून्यक या मूल (root) कहलाती है, यदि \(f(\alpha) = 0\) हो।

  • बहुपद का मान (Value of a Polynomial): \(f(x)\) में \(x = \alpha\) रखने पर जो मान प्राप्त होता है, उसे \(f(\alpha)\) से दर्शाते हैं।
  • उदाहरण: यदि \(f(x) = 2x^3 - 13x^2 + 17x + 12\), तो \(x=1\) पर मान:

\(f(1) = 2(1)^3 - 13(1)^2 + 17(1) + 12 = 2 - 13 + 17 + 12 = 18\).

  • शून्यक का अर्थ: वह \(x\) का मान जिस पर बहुपद का मान शून्य हो जाए।
  • उदाहरण: \(f(x) = x^3 - 6x^2 + 11x - 6\) के लिए, \(x=3\) एक शून्यक है क्योंकि \(f(3) = 3^3 - 6(3)^2 + 11(3) - 6 = 27 - 54 + 33 - 6 = 0\).

रैखिक बहुपद का शून्यक

एक रैखिक बहुपद \(f(x) = ax + b\) का केवल एक शून्यक होता है, जो \(x = -b/a\) होता है।

  • कारण: \(ax + b = 0 \implies ax = -b \implies x = -b/a\).
📖నిర్వచనం

शून्यक (Zero/Root): चर का वह मान जिसके लिए बहुपद का मान शून्य हो जाता है।

💡సూచన

एक \(n\) घात वाले बहुपद के अधिकतम \(n\) वास्तविक शून्यक हो सकते हैं।

शेषफल प्रमेय (Remainder Theorem)

यदि \(p(x)\) एक बहुपद है जिसकी घात एक या एक से अधिक है, और \(a\) कोई वास्तविक संख्या है, तो जब \(p(x)\) को \((x - a)\) से विभाजित किया जाता है, तो शेषफल \(p(a)\) होता है।

प्रमेय का सत्यापन (Proof of Theorem)

जब \(p(x)\) को \((x - a)\) से विभाजित किया जाता है, तो हमें एक भागफल \(q(x)\) और एक शेषफल \(r(x)\) मिलता है। हम जानते हैं: भाज्य = भाजक \(\times\) भागफल + शेषफल \(p(x) = (x - a)q(x) + r(x)\)

चूंकि \((x - a)\) की घात 1 है, शेषफल \(r(x)\) की घात 1 से कम होनी चाहिए। इसलिए, \(r(x)\) एक अचर (constant) होगा, जिसे हम \(r\) मान सकते हैं। \(p(x) = (x - a)q(x) + r\)

अब, \(x = a\) रखने पर: \(p(a) = (a - a)q(a) + r\) \(p(a) = 0 \cdot q(a) + r\) \(p(a) = r\)

अतः, शेषफल \(p(a)\) है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यदि \(p(x)\) को \((x + a)\) से विभाजित किया जाए, तो शेषफल \(p(-a)\) होगा।
  • यदि \(p(x)\) को \((ax - b)\) से विभाजित किया जाए, तो शेषफल \(p(b/a)\) होगा।
  • यदि \(p(x)\) को \((ax + b)\) से विभाजित किया जाए, तो शेषफल \(p(-b/a)\) होगा।
🧮సూత్రం

शेषफल प्रमेय: \(p(x)\) को \((x - a)\) से विभाजित करने पर शेषफल \(p(a)\) होता है।

💡సూచన

शेषफल प्रमेय का उपयोग बिना वास्तविक विभाजन किए शेषफल ज्ञात करने के लिए किया जाता है। यह समय बचाता है।

गुणनखंड प्रमेय (Factor Theorem)

यदि \(p(x)\) एक बहुपद है जिसकी घात एक या एक से अधिक है, और \(a\) कोई वास्तविक संख्या है, तो:

  1. यदि \(p(a) = 0\) है, तो \((x - a)\) बहुपद \(p(x)\) का एक गुणनखंड होता है।
  2. यदि \((x - a)\) बहुपद \(p(x)\) का एक गुणनखंड है, तो \(p(a) = 0\) होता है।

प्रमेय का सत्यापन (Proof of Theorem)

भाग 1: यदि \(p(a) = 0\), तो \((x - a)\) बहुपद \(p(x)\) का एक गुणनखंड है। शेषफल प्रमेय के अनुसार, जब \(p(x)\) को \((x - a)\) से विभाजित किया जाता है, तो शेषफल \(p(a)\) होता है। यदि \(p(a) = 0\) है, तो शेषफल शून्य है। इसका अर्थ है कि \((x - a)\) बहुपद \(p(x)\) को पूरी तरह से विभाजित करता है, अर्थात \((x - a)\) बहुपद \(p(x)\) का एक गुणनखंड है।

भाग 2: यदि \((x - a)\) बहुपद \(p(x)\) का एक गुणनखंड है, तो \(p(a) = 0\) होता है। यदि \((x - a)\) बहुपद \(p(x)\) का एक गुणनखंड है, तो हम \(p(x)\) को \(p(x) = (x - a)q(x)\) के रूप में लिख सकते हैं, जहाँ \(q(x)\) कोई बहुपद है। \(x = a\) रखने पर: \(p(a) = (a - a)q(a)\) \(p(a) = 0 \cdot q(a)\) \(p(a) = 0\)

अतः, यदि \((x - a)\) एक गुणनखंड है, तो \(p(a) = 0\) होता है।

गुणनखंड ज्ञात करने के लिए उपयोग

गुणनखंड प्रमेय का उपयोग करके हम किसी बहुपद के गुणनखंड ज्ञात कर सकते हैं, खासकर त्रिघात बहुपदों के लिए।

  1. बहुपद के अचर पद (constant term) के गुणनखंडों में से \(x\) के संभावित मानों को परीक्षण करें।
  2. यदि किसी मान \(a\) के लिए \(p(a) = 0\) आता है, तो \((x - a)\) एक गुणनखंड है।
  3. फिर, बहुपद को \((x - a)\) से विभाजित करके अन्य गुणनखंड ज्ञात करें।
🧮సూత్రం

गुणनखंड प्रमेय: \(p(x)\) का एक गुणनखंड \((x - a)\) है यदि और केवल यदि \(p(a) = 0\) हो।

🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

छात्र अक्सर शेषफल प्रमेय और गुणनखंड प्रमेय को भ्रमित करते हैं। याद रखें, गुणनखंड प्रमेय शेषफल प्रमेय का एक विशेष मामला है जहाँ शेषफल शून्य होता है।

द्विघात बहुपदों का गुणनखंड (Factorisation of Quadratic Polynomials)

एक द्विघात बहुपद \(ax^2 + bx + c\) (जहाँ \(a \neq 0\)) का गुणनखंड करने के मुख्य दो तरीके हैं:

1. मध्य पद को विभाजित करके (By Splitting the Middle Term)

यह विधि \(x^2 + bx + c\) या \(ax^2 + bx + c\) प्रकार के बहुपदों के लिए उपयुक्त है।

चरण:

  1. \(a\) और \(c\) का गुणनफल \(ac\) ज्ञात करें।
  2. दो संख्याएँ \(p\) और \(q\) ज्ञात करें जिनका योग \(b\) के बराबर हो (यानी \(p + q = b\)) और गुणनफल \(ac\) के बराबर हो (यानी \(pq = ac\))।
  3. मध्य पद \(bx\) को \(px + qx\) के रूप में लिखें।
  4. पहले दो पदों और अंतिम दो पदों में से सामान्य गुणनखंड (common factors) निकालें।
  5. अब, पूरे व्यंजक में से सामान्य गुणनखंड निकालें।

उदाहरण: \(2x^2 + 7x + 6\) का गुणनखंड करें।

  1. \(ac = 2 \times 6 = 12\).
  2. \(b = 7\). हमें ऐसी दो संख्याएँ चाहिए जिनका योग 7 हो और गुणनफल 12 हो। ये संख्याएँ 3 और 4 हैं।
  3. \(2x^2 + 3x + 4x + 6\)
  4. \(x(2x + 3) + 2(2x + 3)\)
  5. \((2x + 3)(x + 2)\)

2. वर्ग पूरा करके (By Completing the Square)

यह विधि किसी भी द्विघात बहुपद के लिए काम करती है, लेकिन अक्सर मध्य पद को विभाजित करने से अधिक जटिल होती है।

चरण:

  1. यदि \(a \neq 1\) है, तो पूरे व्यंजक में से \(a\) को सामान्य गुणनखंड के रूप में बाहर निकालें: \(a[x^2 + (b/a)x + c/a]\)
  2. \(x^2 + (b/a)x\) को एक पूर्ण वर्ग बनाने के लिए \((b/2a)^2\) जोड़ें और घटाएँ।

\(x^2 + (b/a)x + (b/2a)^2 - (b/2a)^2 + c/a\)

  1. पहले तीन पदों को \((x + b/2a)^2\) के रूप में लिखें।
  2. शेष पदों को सरल करें और \(A^2 - B^2 = (A - B)(A + B)\) सर्वसमिका का उपयोग करें।

उदाहरण: \(x^2 - 31x + 220\) का गुणनखंड करें।

  1. \(x^2 - 2 \cdot (31/2)x + (31/2)^2 - (31/2)^2 + 220\)
  2. \((x - 31/2)^2 - 961/4 + 880/4\)
  3. \((x - 31/2)^2 - 81/4\)
  4. \((x - 31/2)^2 - (9/2)^2\)
  5. \((x - 31/2 - 9/2)(x - 31/2 + 9/2)\)
  6. \((x - 40/2)(x - 22/2)\)
  7. \((x - 20)(x - 11)\)
💡సూచన

मध्य पद को विभाजित करने की विधि आमतौर पर अधिक सीधी होती है, लेकिन यदि पूर्णांक गुणनखंड नहीं मिलते हैं, तो वर्ग पूरा करने की विधि या द्विघात सूत्र (Quadratic Formula) का उपयोग किया जा सकता है (हालांकि द्विघात सूत्र कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में नहीं है)।

గుర్తుంచుకోండి

जब \(ax^2 + bx + c\) का गुणनखंड करते हैं, तो \(ac\) के गुणनखंडों को देखें जो \(b\) के बराबर योग देते हैं।

त्रिघात बहुपदों का गुणनखंड (Factorisation of Cubic Polynomials)

त्रिघात बहुपद \(ax^3 + bx^2 + cx + d\) का गुणनखंड करने के लिए गुणनखंड प्रमेय का उपयोग किया जाता है।

चरण:

  1. संभावित शून्यक ज्ञात करें (Hit and Trial Method): अचर पद \(d\) के सभी गुणनखंडों (धनात्मक और ऋणात्मक) की सूची बनाएँ। ये संभावित पूर्णांक शून्यक हो सकते हैं।
  2. इनमें से किसी एक मान \(a\) के लिए \(p(a) = 0\) का परीक्षण करें। यदि \(p(a) = 0\) है, तो \((x - a)\) बहुपद का एक गुणनखंड है।
  3. भागफल ज्ञात करें: बहुपद \(p(x)\) को \((x - a)\) से लंबी विभाजन विधि (long division method) द्वारा विभाजित करें। भागफल एक द्विघात बहुपद होगा।
  4. द्विघात भागफल का गुणनखंड करें: प्राप्त द्विघात बहुपद का मध्य पद को विभाजित करके या वर्ग पूरा करके गुणनखंड करें।

उदाहरण: \(x^3 - 2x^2 - x + 2\) का गुणनखंड करें।

  1. अचर पद 2 के गुणनखंड: \(\pm 1, \pm 2\).
  2. \(x = 1\) पर परीक्षण करें:

\(p(1) = (1)^3 - 2(1)^2 - (1) + 2 = 1 - 2 - 1 + 2 = 0\) चूंकि \(p(1) = 0\), इसलिए \((x - 1)\) एक गुणनखंड है।

  1. \(x^3 - 2x^2 - x + 2\) को \((x - 1)\) से विभाजित करें।

` (x^2 - x - 2) x - 1 | x^3 - 2x^2 - x + 2 -(x^3 - x^2) ----------------- -x^2 - x -(-x^2 + x) ----------------- -2x + 2 -(-2x + 2) ----------------- 0 ` भागफल \(x^2 - x - 2\) है।

  1. द्विघात बहुपद \(x^2 - x - 2\) का गुणनखंड करें:

\(x^2 - 2x + x - 2\) \(x(x - 2) + 1(x - 2)\) \((x - 2)(x + 1)\)

अतः, \(x^3 - 2x^2 - x + 2 = (x - 1)(x - 2)(x + 1)\).

अखंड मूल प्रमेय (Integral Root Theorem)

यदि \(f(x)\) एक बहुपद है जिसके गुणांक पूर्णांक हैं और प्रमुख गुणांक (leading coefficient) 1 है, तो \(f(x)\) का कोई भी पूर्णांक मूल अचर पद का एक गुणनखंड होगा।

परिमेय मूल प्रमेय (Rational Root Theorem)

यदि \(b/c\) एक परिमेय भिन्न है जो न्यूनतम पदों में है, और \(b/c\) बहुपद \(f(x) = a_n x^n + ... + a_0\) का एक मूल है (जहाँ \(a_n \neq 0\) और गुणांक पूर्णांक हैं), तो \(b\) अचर पद \(a_0\) का एक गुणनखंड है और \(c\) प्रमुख गुणांक \(a_n\) का एक गुणनखंड है।

💡సూచన

त्रिघात बहुपदों के गुणनखंड करते समय, पहले एक गुणनखंड \((x-a)\) को हिट एंड ट्रायल विधि से ज्ञात करें, फिर लंबी विभाजन विधि का उपयोग करके शेष द्विघात बहुपद प्राप्त करें।

గుర్తుంచుకోండి

एक त्रिघात बहुपद के अधिकतम तीन शून्यक हो सकते हैं।

बीजगणितीय सर्वसमिकाएँ (Algebraic Identities)

बीजगणितीय सर्वसमिकाएँ वे समानताएँ हैं जो चर के सभी मानों के लिए सत्य होती हैं। इनका उपयोग बहुपदों के गुणनखंड करने, व्यंजकों को सरल बनाने और गणनाओं को आसान बनाने के लिए किया जाता है।

महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ

  1. \((a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2\)
  2. \((a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2\)
  3. \(a^2 - b^2 = (a - b)(a + b)\)
  4. \((x + a)(x + b) = x^2 + (a + b)x + ab\)
  5. \((a + b + c)^2 = a^2 + b^2 + c^2 + 2ab + 2bc + 2ca\)
  6. \((a + b)^3 = a^3 + b^3 + 3ab(a + b) = a^3 + b^3 + 3a^2b + 3ab^2\)
  7. \((a - b)^3 = a^3 - b^3 - 3ab(a - b) = a^3 - b^3 - 3a^2b + 3ab^2\)
  8. \(a^3 + b^3 = (a + b)(a^2 - ab + b^2)\)
  9. \(a^3 - b^3 = (a - b)(a^2 + ab + b^2)\)
  10. \(a^3 + b^3 + c^3 - 3abc = (a + b + c)(a^2 + b^2 + c^2 - ab - bc - ca)\)

विशेष स्थिति (Special Case)

यदि \(a + b + c = 0\) है, तो सर्वसमिका 10 से: \(a^3 + b^3 + c^3 - 3abc = (0)(a^2 + b^2 + c^2 - ab - bc - ca)\) \(a^3 + b^3 + c^3 - 3abc = 0\) \(a^3 + b^3 + c^3 = 3abc\)

यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण परिणाम है जिसका उपयोग कई समस्याओं को हल करने के लिए किया जाता है।

सर्वसमिकाओं का अनुप्रयोग

  • गुणनखंडन: सीधे गुणनखंड करने के बजाय सर्वसमिकाओं का उपयोग करके व्यंजकों का गुणनखंड करना।
  • उदाहरण: \(4x^2 - 9y^2 = (2x)^2 - (3y)^2 = (2x - 3y)(2x + 3y)\)
  • मान ज्ञात करना: बिना सीधे गुणा किए बड़े संख्याओं के गुणनफल या वर्गों का मान ज्ञात करना।
  • उदाहरण: \((103)^2 = (100 + 3)^2 = 100^2 + 2(100)(3) + 3^2 = 10000 + 600 + 9 = 10609\)
🧮సూత్రం

सबसे महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ:

  • \((a+b)^2 = a^2+2ab+b^2\)
  • \((a-b)^2 = a^2-2ab+b^2\)
  • \(a^2-b^2 = (a-b)(a+b)\)
  • \((x+a)(x+b) = x^2+(a+b)x+ab\)
  • \(a^3+b^3+c^3-3abc = (a+b+c)(a^2+b^2+c^2-ab-bc-ca)\)
  • यदि \(a+b+c=0\), तो \(a^3+b^3+c^3 = 3abc\)
గుర్తుంచుకోండి

सभी सर्वसमिकाओं को याद रखना और उन्हें सही ढंग से लागू करना महत्वपूर्ण है। अभ्यास से आप इन्हें आसानी से पहचान पाएंगे।

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