Polynomials
ఈ అధ్యాయం బహుపదుల ప్రాథమిక భావనలను పరిచయం చేస్తుంది. మీరు బహుపదులను గుర్తించడం, వాటి డిగ్రీ, పదాలు మరియు గుణకాలను కనుగొనడం నేర్చుకుంటారు. బహుపదుల సున్నాలు, కారక సిద్ధాంతం మరియు మధ్య పదాన్ని విభజించడం ద్వారా కారకాలు కనుగొనడం వంటి ముఖ్యమైన అంశాలు కూడా ఇందులో ఉన్నాయి. బీజగణిత సర్వసమీకరణాలు మరియు వాటి అనువర్తనాలు కూడా వివరించబడ్డాయి. ఈ భావనలు ఉన్నత తరగతులలో సంక్లిష్ట బీజగణిత సమస్యలను పరిష్కరించడానికి పునాదిని ఏర్పరుస్తాయి.
बहुपद: परिचय और परिभाषा
बहुपद क्या है?
- एक बहुपद एक गणितीय व्यंजक है जिसमें चर (variables), गुणांक (coefficients) और घातांक (exponents) होते हैं, जिन्हें जोड़, घटाव और गुणा के संक्रियाओं का उपयोग करके संयोजित किया जाता है।
- चरों के घातांक हमेशा पूर्ण संख्याएँ (whole numbers) होने चाहिए (0, 1, 2, 3, ...)।
बहुपद की पहचान कैसे करें?
- पहचान: घातांक पूर्ण संख्याएँ हों।
- उदाहरण: \(3x^2 + 2x - 5\), \(y^3 - 7y + 1\), \(4\) (यह एक अचर बहुपद है, जहाँ चर की घात 0 है)।
- बहुपद नहीं: \(1/x\) या \(x^{-1}\) (घात -1, पूर्ण संख्या नहीं), \(\sqrt{x}\) या \(x^{1/2}\) (घात 1/2, पूर्ण संख्या नहीं), \(x^{2.7}\) (घात 2.7, पूर्ण संख्या नहीं)।
बहुपद के घटक:
- पद (Terms): बहुपद के वे भाग जो जोड़ या घटाव के चिन्हों से अलग होते हैं।
- उदाहरण: \(5x^3 - 2x^2 + 6x - 7\) में पद हैं: \(5x^3, -2x^2, 6x, -7\)।
- गुणांक (Coefficients): चर के साथ गुणा किया गया संख्यात्मक मान।
- उदाहरण: \(5x^3 - 2x^2 + 6x - 7\) में \(x^3\) का गुणांक 5 है, \(x^2\) का गुणांक -2 है, \(x\) का गुणांक 6 है।
- अचर पद (Constant Term): वह पद जिसमें कोई चर नहीं होता।
- उदाहरण: \(5x^3 - 2x^2 + 6x - 7\) में अचर पद -7 है।
- घात (Degree): बहुपद में चर की सबसे बड़ी घात।
- उदाहरण: \(5x^3 - 2x^2 + 6x - 7\) की घात 3 है।
बहुपद के प्रकार (पदों की संख्या के आधार पर):
- एकपदी (Monomial): एक पद वाला बहुपद।
- उदाहरण: \(3x\), \(5y^2\), \(7\)
- द्विपदी (Binomial): दो पदों वाला बहुपद।
- उदाहरण: \(2x + 5\), \(y^3 - 4\)
- त्रिपदी (Trinomial): तीन पदों वाला बहुपद।
- उदाहरण: \(x^2 + 3x - 1\), \(2y^4 - y^2 + 8\)
किसी भी बहुपद में चर की घात हमेशा एक पूर्ण संख्या (whole number) होनी चाहिए। यह बहुपद की सबसे महत्वपूर्ण पहचान है।
सामान्य गलती: \(x + \frac{1}{x}\) या \(\sqrt{x} + 5\) को बहुपद मान लेना। याद रखें, \(x^{-1}\) और \(x^{1/2}\) में घातांक पूर्ण संख्याएँ नहीं हैं।
एक चर वाले बहुपद
एक चर वाले बहुपद (Polynomials in one variable):
- वह बहुपद जिसमें केवल एक ही प्रकार का चर होता है।
- उदाहरण: \(P(x) = 3x^2 + 2x - 5\) (इसमें केवल 'x' चर है)।
- उदाहरण: \(Q(y) = y^3 - 7y + 1\) (इसमें केवल 'y' चर है)।
बहुपद की घात (Degree of a Polynomial):
- एक चर वाले बहुपद में, चर की सबसे बड़ी घात को बहुपद की घात कहते हैं।
- घात 1 (रैखिक बहुपद / Linear Polynomial): \(ax + b\) जहाँ \(a \neq 0\)।
- उदाहरण: \(2x + 3\), \(5y - 1\)
- घात 2 (द्विघाती बहुपद / Quadratic Polynomial): \(ax^2 + bx + c\) जहाँ \(a \neq 0\)।
- उदाहरण: \(x^2 - 4x + 3\), \(3y^2 + 2\)
- घात 3 (त्रिघाती बहुपद / Cubic Polynomial): \(ax^3 + bx^2 + cx + d\) जहाँ \(a \neq 0\)।
- उदाहरण: \(7x^3 - 2\), \(2y^3 + 5y^2 - y + 9\)
- अचर बहुपद (Constant Polynomial): एक संख्या (जैसे 5, -7, \(\frac{2}{3}\))।
- इसकी घात 0 होती है, क्योंकि इसे \(5x^0\) के रूप में लिखा जा सकता है।
- शून्य बहुपद (Zero Polynomial): संख्या 0 को शून्य बहुपद कहते हैं।
- इसकी घात अपरिभाषित (undefined) होती है।
बहुपद का मान (Value of a Polynomial):
- यदि \(P(x)\) एक बहुपद है, तो \(x\) के किसी विशिष्ट मान 'a' पर बहुपद का मान \(P(a)\) होता है।
- इसका अर्थ है कि हम बहुपद में \(x\) के स्थान पर 'a' रखते हैं और व्यंजक को सरल करते हैं।
- उदाहरण: यदि \(P(x) = x + 3\), तो \(x = 5\) पर \(P(5) = 5 + 3 = 8\)।
शून्य बहुपद की घात अपरिभाषित होती है, जबकि किसी भी गैर-शून्य अचर बहुपद की घात 0 होती है।
बहुपद के शून्यक
बहुपद के शून्यक (Zeroes of a Polynomial):
- एक बहुपद \(P(x)\) का शून्यक एक ऐसी वास्तविक संख्या 'c' होती है जिसके लिए \(P(c) = 0\) होता है।
- दूसरे शब्दों में, यह \(x\) का वह मान है जिसे बहुपद में रखने पर बहुपद का मान शून्य हो जाता है।
शून्यक कैसे ज्ञात करें?
- बहुपद \(P(x)\) को 0 के बराबर सेट करें और \(x\) के लिए हल करें।
- रैखिक बहुपद के लिए: यदि \(P(x) = ax + b\), तो शून्यक ज्ञात करने के लिए \(ax + b = 0\) रखें।
- \(ax = -b\)
- \(x = -\frac{b}{a}\)
- एक रैखिक बहुपद का हमेशा एक और केवल एक शून्यक होता है।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- क्या 0 एक बहुपद का शून्यक हो सकता है? हाँ, यदि \(P(0) = 0\) हो।
- उदाहरण: \(P(x) = x^2 - x\) के लिए, \(P(0) = 0^2 - 0 = 0\)। तो 0 एक शून्यक है।
- क्या बहुपद का शून्यक हमेशा 0 होता है? नहीं।
- उदाहरण: \(P(x) = x - 5\) का शून्यक 5 है, 0 नहीं।
- एक बहुपद के एक से अधिक शून्यक हो सकते हैं।
- उदाहरण: \(P(x) = x^2 - 4\) के शून्यक \(x = 2\) और \(x = -2\) हैं।
- एक गैर-शून्य अचर बहुपद का कोई शून्यक नहीं होता है। (जैसे \(P(x) = 7\), यह कभी 0 नहीं हो सकता।)
- शून्य बहुपद के प्रत्येक वास्तविक संख्या शून्यक होती है। (जैसे \(P(x) = 0\), \(x\) के किसी भी मान के लिए यह 0 होगा।)
वास्तविक जीवन में शून्यकों का उपयोग:
- यदि किसी वस्तु की ऊँचाई को \(h(t) = -5t^2 + 20t\) बहुपद द्वारा दर्शाया जाता है, तो शून्यक \(t\) के वे मान होते हैं जब वस्तु की ऊँचाई शून्य होती है (यानी, जब वह जमीन पर होती है)।
रैखिक बहुपद \(ax+b\) का शून्यक हमेशा \(-\frac{b}{a}\) होता है। इसे याद रखें, यह सीधा प्रश्न हो सकता है।
एक बहुपद की घात उसके शून्यकों की अधिकतम संख्या के बराबर होती है। उदाहरण के लिए, एक द्विघाती बहुपद के अधिकतम दो शून्यक हो सकते हैं।
शेषफल प्रमेय और गुणनखंड प्रमेय
शेषफल प्रमेय (Remainder Theorem):
- जब एक बहुपद \(P(x)\) को एक रैखिक बहुपद \((x - a)\) से विभाजित किया जाता है, तो शेषफल \(P(a)\) होता है।
- अर्थात्, \(P(x) = (x - a)Q(x) + R\), जहाँ \(R = P(a)\) शेषफल है और \(Q(x)\) भागफल है।
- यह लंबी भाग प्रक्रिया किए बिना शेषफल ज्ञात करने का एक त्वरित तरीका है।
गुणनखंड प्रमेय (Factor Theorem):
- कथन 1: यदि \(P(x)\) घात \(n \ge 1\) का एक बहुपद है और 'a' कोई वास्तविक संख्या है, तो \((x - a)\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड होगा, यदि \(P(a) = 0\) हो।
- कथन 2: यदि \((x - a)\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड है, तो \(P(a) = 0\) होगा।
- यह प्रमेय शेषफल प्रमेय का एक विशेष मामला है जहाँ शेषफल 0 होता है।
शेषफल प्रमेय का व्युत्पत्ति (Derivation of Remainder Theorem):
- यूक्लिड के विभाजन एल्गोरिथम के अनुसार, जब एक बहुपद \(P(x)\) को एक गैर-शून्य बहुपद \(g(x)\) से विभाजित किया जाता है, तो हमें बहुपद \(Q(x)\) (भागफल) और \(R(x)\) (शेषफल) प्राप्त होते हैं, जैसे कि \(P(x) = g(x) \cdot Q(x) + R(x)\), जहाँ \(R(x) = 0\) या \(\text{deg } R(x) < \text{deg } g(x)\)।
- यदि \(g(x)\) एक रैखिक बहुपद \((x - a)\) है, तो इसकी घात 1 है।
- इसलिए, शेषफल \(R(x)\) की घात 1 से कम होनी चाहिए, जिसका अर्थ है कि \(R(x)\) एक अचर होना चाहिए। मान लीजिए \(R(x) = R\)।
- तो, \(P(x) = (x - a)Q(x) + R\)।
- इस समीकरण में \(x = a\) रखने पर:
- \(P(a) = (a - a)Q(a) + R\)
- \(P(a) = (0)Q(a) + R\)
- \(P(a) = R\)
- अतः, शेषफल \(R\) बराबर \(P(a)\) है।
गुणनखंड प्रमेय का व्युत्पत्ति (Derivation of Factor Theorem):
- भाग (i) का प्रमाण: मान लीजिए \(P(a) = 0\)। शेषफल प्रमेय से, हम जानते हैं कि जब \(P(x)\) को \((x - a)\) से विभाजित किया जाता है, तो शेषफल \(P(a)\) होता है।
- चूंकि \(P(a) = 0\), शेषफल 0 है।
- इसका मतलब है कि \((x - a)\) बहुपद \(P(x)\) को पूरी तरह से विभाजित करता है, अर्थात \((x - a)\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड है।
- भाग (ii) का प्रमाण: मान लीजिए \((x - a)\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड है।
- इसका मतलब है कि \(P(x)\) को \((x - a)\) से विभाजित करने पर शेषफल 0 होता है।
- शेषफल प्रमेय से, हम जानते हैं कि शेषफल \(P(a)\) होता है।
- अतः, \(P(a) = 0\)।
शेषफल प्रमेय: \(P(x)\) को \((x-a)\) से भाग देने पर शेषफल \(P(a)\) होता है। गुणनखंड प्रमेय: \((x-a)\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड है \(\iff P(a)=0\).
गुणनखंड प्रमेय का उपयोग करके यह जांचना कि क्या \((x-a)\) एक गुणनखंड है, \(P(a)\) का मान ज्ञात करने से बहुत आसान होता है, बजाय लंबी भाग प्रक्रिया करने के।
मध्य पद को विभक्त करके द्विघाती बहुपद का गुणनखंड
मध्य पद को विभक्त करके गुणनखंड (Splitting the Middle Term):
- यह विधि द्विघाती बहुपदों \(ax^2 + bx + c\) (जहाँ \(a \neq 0\)) का गुणनखंड करने के लिए उपयोग की जाती है।
- लक्ष्य: मध्य पद \(bx\) को दो पदों में विभाजित करना है ताकि हम गुणनखंड कर सकें।
चरण-दर-चरण विधि:
- \(ac\) ज्ञात करें: \(a\) (\(x^2\) का गुणांक) और \(c\) (अचर पद) का गुणनफल ज्ञात करें।
- दो संख्याएँ \(p\) और \(q\) ज्ञात करें: ऐसी दो संख्याएँ \(p\) और \(q\) खोजें जिनका योग \(b\) (\(x\) का गुणांक) हो और जिनका गुणनफल \(ac\) हो।
- अर्थात्, \(p + q = b\) और \(p \times q = ac\)।
- मध्य पद को विभक्त करें: \(bx\) को \(px + qx\) के रूप में लिखें।
- बहुपद अब \(ax^2 + px + qx + c\) बन जाएगा।
- समूह बनाकर गुणनखंड करें: पहले दो पदों में से और अगले दो पदों में से सामान्य गुणनखंड निकालें।
- \(x(ax + p) + \frac{c}{q}(qx + c)\) या \(x(ax+p) + \frac{q}{a}(ax+p)\) (सही समूह बनाने के लिए सावधानी बरतें)।
- सही समूह बनाने पर, आपको एक सामान्य द्विपद गुणनखंड मिलेगा।
- सामान्य द्विपद गुणनखंड निकालें: सामान्य द्विपद गुणनखंड को बाहर निकालें।
उदाहरण: \(4x^2 + 11x + 6\) का गुणनखंड करें।
- \(a = 4, b = 11, c = 6\)।
- \(ac = 4 \times 6 = 24\)।
- हमें ऐसी दो संख्याएँ \(p\) और \(q\) चाहिए जिनका योग 11 हो और गुणनफल 24 हो।
- संभावित जोड़े जिनका गुणनफल 24 है: (1, 24), (2, 12), (3, 8), (4, 6)।
- इनमें से, \(3 + 8 = 11\)। तो, \(p = 3, q = 8\) (या इसके विपरीत)।
- मध्य पद को विभक्त करें: \(4x^2 + 3x + 8x + 6\)।
- समूह बनाकर गुणनखंड करें:
- \(x(4x + 3) + 2(4x + 3)\)
- सामान्य द्विपद गुणनखंड निकालें:
- \((4x + 3)(x + 2)\)
गुणनखंड प्रमेय से तुलना:
- मध्य पद को विभक्त करना अक्सर द्विघाती बहुपदों के लिए अधिक सीधा होता है, खासकर जब गुणनखंड पूर्णांक हों।
- गुणनखंड प्रमेय का उपयोग उच्च घात वाले बहुपदों के लिए या जब गुणनखंड ढूंढना मुश्किल हो, तब किया जाता है (एक शून्यक का अनुमान लगाकर)।
मध्य पद को विभक्त करने की विधि में, \(p\) और \(q\) के सही जोड़े को खोजने के लिए \(ac\) के सभी गुणनखंडों को व्यवस्थित रूप से सूचीबद्ध करना सहायक होता है।
साइन त्रुटियाँ: \(ac\) और \(b\) के चिन्हों पर ध्यान दें। यदि \(ac\) धनात्मक है, तो \(p\) और \(q\) के चिन्ह समान होंगे (दोनों धनात्मक यदि \(b\) धनात्मक है, दोनों ऋणात्मक यदि \(b\) ऋणात्मक है)। यदि \(ac\) ऋणात्मक है, तो \(p\) और \(q\) के चिन्ह विपरीत होंगे।
बीजगणितीय सर्वसमिकाएँ 1. (x+y)² = x²+2xy+y² 2. (x−y)² = x²−2xy+y² और 3. x²−y²= (x+y)(x−y)
बीजगणितीय सर्वसमिकाएँ (Algebraic Identities):
- एक सर्वसमिका एक समीकरण है जो चरों के सभी मानों के लिए सत्य होता है।
- ये व्यंजकों को सरल बनाने, गुणनखंड करने और गणनाओं को आसान बनाने के लिए शक्तिशाली उपकरण हैं।
महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ:
- \((x + y)^2 = x^2 + 2xy + y^2\)
- व्युत्पत्ति: \((x + y)^2 = (x + y)(x + y)\)
- \(= x(x + y) + y(x + y)\)
- \(= x^2 + xy + yx + y^2\)
- \(= x^2 + 2xy + y^2\)
- उपयोग: किसी द्विपद के वर्ग का विस्तार करने के लिए।
- उदाहरण: \((p + 5)^2 = p^2 + 2(p)(5) + 5^2 = p^2 + 10p + 25\)
- \((x - y)^2 = x^2 - 2xy + y^2\)
- व्युत्पत्ति: \((x - y)^2 = (x - y)(x - y)\)
- \(= x(x - y) - y(x - y)\)
- \(= x^2 - xy - yx + y^2\)
- \(= x^2 - 2xy + y^2\)
- उपयोग: किसी द्विपद के वर्ग का विस्तार करने के लिए।
- उदाहरण: \((a - 7)^2 = a^2 - 2(a)(7) + 7^2 = a^2 - 14a + 49\)
- \(x^2 - y^2 = (x + y)(x - y)\)
- व्युत्पत्ति: \((x + y)(x - y) = x(x - y) + y(x - y)\)
- \(= x^2 - xy + yx - y^2\)
- \(= x^2 - y^2\)
- उपयोग: दो वर्गों के अंतर का गुणनखंड करने के लिए।
- उदाहरण: \(m^2 - 36 = m^2 - 6^2 = (m + 6)(m - 6)\)
संख्यात्मक गणनाओं में उपयोग:
- उदाहरण: \(103^2\) का मान ज्ञात करें।
- \(103^2 = (100 + 3)^2 = 100^2 + 2(100)(3) + 3^2 = 10000 + 600 + 9 = 10609\)
- उदाहरण: \(98^2\) का मान ज्ञात करें।
- \(98^2 = (100 - 2)^2 = 100^2 - 2(100)(2) + 2^2 = 10000 - 400 + 4 = 9604\)
- उदाहरण: \(52 \times 48\) का मान ज्ञात करें।
- \(52 \times 48 = (50 + 2)(50 - 2) = 50^2 - 2^2 = 2500 - 4 = 2496\)
याद रखने योग्य: \((x+y)^2\) में मध्य पद \(+2xy\) होता है, जबकि \((x-y)^2\) में \(-2xy\) होता है। \(x^2-y^2\) में कोई मध्य पद नहीं होता।
ये सर्वसमिकाएँ न केवल विस्तार के लिए बल्कि गुणनखंडन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। यदि आपको \(x^2+2xy+y^2\) जैसा व्यंजक मिलता है, तो आप उसे सीधे \((x+y)^2\) के रूप में गुणनखंडित कर सकते हैं।
बीजगणितीय सर्वसमिकाएँ 1.(x+a)(x+b) = x²+(a+b)x+ab 2.(x+y+z)² = x²+y²+z²+2xy+2yz+2zx
महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ (जारी):
- \((x + a)(x + b) = x^2 + (a + b)x + ab\)
- व्युत्पत्ति: \((x + a)(x + b) = x(x + b) + a(x + b)\)
- \(= x^2 + xb + ax + ab\)
- \(= x^2 + (a + b)x + ab\)
- उपयोग: ऐसे द्विपदों को गुणा करने के लिए जिनका पहला पद समान हो।
- उदाहरण: \((x + 2)(x + 3) = x^2 + (2 + 3)x + (2)(3) = x^2 + 5x + 6\)
- उदाहरण: \((2a + 3)(2a - 4)\)
- यहाँ \(x = 2a, a = 3, b = -4\)
- \(= (2a)^2 + (3 + (-4))(2a) + (3)(-4)\)
- \(= 4a^2 + (-1)(2a) - 12\)
- \(= 4a^2 - 2a - 12\)
- \((x + y + z)^2 = x^2 + y^2 + z^2 + 2xy + 2yz + 2zx\)
- व्युत्पत्ति: \((x + y + z)^2 = ((x + y) + z)^2\)
- सर्वसमिका 1 का उपयोग करके: \((A + B)^2 = A^2 + 2AB + B^2\), जहाँ \(A = (x + y)\) और \(B = z\)
- \(= (x + y)^2 + 2(x + y)z + z^2\)
- \(= (x^2 + 2xy + y^2) + 2xz + 2yz + z^2\)
- पदों को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
- \(= x^2 + y^2 + z^2 + 2xy + 2yz + 2zx\)
- उपयोग: तीन पदों वाले व्यंजक के वर्ग का विस्तार करने के लिए।
- उदाहरण: \((a + 2b + 3c)^2\)
- यहाँ \(x = a, y = 2b, z = 3c\)
- \(= a^2 + (2b)^2 + (3c)^2 + 2(a)(2b) + 2(2b)(3c) + 2(3c)(a)\)
- \(= a^2 + 4b^2 + 9c^2 + 4ab + 12bc + 6ca\)
संख्यात्मक गणनाओं में उपयोग:
- उदाहरण: \(105 \times 107\) का मान ज्ञात करें।
- \(105 \times 107 = (100 + 5)(100 + 7)\)
- यहाँ \(x = 100, a = 5, b = 7\)
- \(= 100^2 + (5 + 7)(100) + (5)(7)\)
- \(= 10000 + 1200 + 35 = 11235\)
जब \((x+y+z)^2\) का विस्तार करते हैं, तो चिन्हों का विशेष ध्यान रखें। यदि कोई पद ऋणात्मक है, तो उसे \(y = -2b\) या \(z = -3c\) के रूप में प्रतिस्थापित करें।
सर्वसमिका \((x+a)(x+b)\) मध्य पद को विभक्त करने की विधि का आधार है।
बीजगणितीय सर्वसमिकाएँ 1.(x+y)³= x³+y³+3xy(x+y) 2. (x−y)³= x³−y³−3xy(x−y) 3. x³+y³+z³−3xyz= (x+y+z)(x²+y²+z²−xy−yz−zx)
महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ (जारी):
- \((x + y)^3 = x^3 + y^3 + 3xy(x + y)\) या \(x^3 + 3x^2y + 3xy^2 + y^3\)
- व्युत्पत्ति: \((x + y)^3 = (x + y)^2 (x + y)\)
- \(= (x^2 + 2xy + y^2)(x + y)\)
- \(= x^2(x + y) + 2xy(x + y) + y^2(x + y)\)
- \(= x^3 + x^2y + 2x^2y + 2xy^2 + xy^2 + y^3\)
- \(= x^3 + 3x^2y + 3xy^2 + y^3\)
- \(= x^3 + y^3 + 3xy(x + y)\) (3xy को सामान्य गुणनखंड के रूप में लेने पर)
- उपयोग: द्विपद के घन का विस्तार करने के लिए।
- उदाहरण: \((x + 2)^3 = x^3 + 2^3 + 3(x)(2)(x + 2)\)
- \(= x^3 + 8 + 6x(x + 2)\)
- \(= x^3 + 8 + 6x^2 + 12x\)
- \(= x^3 + 6x^2 + 12x + 8\)
- \((x - y)^3 = x^3 - y^3 - 3xy(x - y)\) या \(x^3 - 3x^2y + 3xy^2 - y^3\)
- व्युत्पत्ति: \((x - y)^3 = (x - y)^2 (x - y)\)
- \(= (x^2 - 2xy + y^2)(x - y)\)
- \(= x^2(x - y) - 2xy(x - y) + y^2(x - y)\)
- \(= x^3 - x^2y - 2x^2y + 2xy^2 + xy^2 - y^3\)
- \(= x^3 - 3x^2y + 3xy^2 - y^3\)
- \(= x^3 - y^3 - 3xy(x - y)\)
- उपयोग: द्विपद के घन का विस्तार करने के लिए।
- उदाहरण: \((2x - 4)^3 = (2x)^3 - 4^3 - 3(2x)(4)(2x - 4)\)
- \(= 8x^3 - 64 - 24x(2x - 4)\)
- \(= 8x^3 - 64 - 48x^2 + 96x\)
- \(= 8x^3 - 48x^2 + 96x - 64\)
- \(x^3 + y^3 + z^3 - 3xyz = (x + y + z)(x^2 + y^2 + z^2 - xy - yz - zx)\)
- व्युत्पत्ति (RHS से LHS):
- \((x + y + z)(x^2 + y^2 + z^2 - xy - yz - zx)\)
- \(= x(x^2 + y^2 + z^2 - xy - yz - zx) + y(x^2 + y^2 + z^2 - xy - yz - zx) + z(x^2 + y^2 + z^2 - xy - yz - zx)\)
- \(= x^3 + xy^2 + xz^2 - x^2y - xyz - x^2z \)
- \( + yx^2 + y^3 + yz^2 - xy^2 - y^2z - xyz \)
- \( + zx^2 + zy^2 + z^3 - xyz - yz^2 - z^2x\)
- समान पदों को रद्द करने पर (जैसे \(xy^2\) और \(-xy^2\), \(xz^2\) और \(-z^2x\), आदि):
- \(= x^3 + y^3 + z^3 - 3xyz\)
- विशेष स्थिति: यदि \(x + y + z = 0\) हो, तो \(x^3 + y^3 + z^3 = 3xyz\)।
- यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण परिणाम है और अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता है।
संख्यात्मक गणनाओं में उपयोग:
- उदाहरण: \(103^3\) का मान ज्ञात करें।
- \(103^3 = (100 + 3)^3 = 100^3 + 3^3 + 3(100)(3)(100 + 3)\)
- \(= 1000000 + 27 + 900(103)\)
- \(= 1000000 + 27 + 92700 = 1092727\)
- उदाहरण: \(999^3\) का मान ज्ञात करें।
- \(999^3 = (1000 - 1)^3 = 1000^3 - 1^3 - 3(1000)(1)(1000 - 1)\)
- \(= 1000000000 - 1 - 3000(999)\)
- \(= 1000000000 - 1 - 2997000\)
- \(= 997002999\)
घन सर्वसमिकाएँ:
- \((x+y)^3 = x^3+y^3+3xy(x+y)\)
- \((x-y)^3 = x^3-y^3-3xy(x-y)\)
- \(x^3+y^3+z^3-3xyz = (x+y+z)(x^2+y^2+z^2-xy-yz-zx)\)
- विशेष: यदि \(x+y+z=0\), तो \(x^3+y^3+z^3=3xyz\).
अंतिम सर्वसमिका \(x^3+y^3+z^3-3xyz\) का उपयोग अक्सर गुणनखंडन के लिए किया जाता है, खासकर जब \(x+y+z=0\) की स्थिति दी गई हो।