HomeAPClass 8Physical_Science › Some Natural Phenomena
AP · Class 8 · 📘 Physical_Science · Chapter 8

Some Natural Phenomena

ఆవేశాల ఉత్పత్తిమెరుపులుభూకంపాలురిక్టర్ స్కేల్సీస్మోగ్రాఫ్మెరుపుల భద్రత

ఈ అధ్యాయం విద్యుత్ ఆవేశాలు, మెరుపులు, భూకంపాలు వంటి సహజ దృగ్విషయాలను వివరిస్తుంది. వస్తువులను రుద్దడం ద్వారా ఆవేశాలు ఎలా ఉత్పత్తి అవుతాయి, ఆవేశాల రకాలు మరియు వాటి మధ్య పరస్పర చర్యలు, ఆవేశాల బదిలీ, మెరుపులు ఎలా సంభవిస్తాయి మరియు మెరుపుల నుండి రక్షణ చర్యలు వంటి అంశాలను ఇది వివరిస్తుంది. అలాగే, భూకంపాలు ఎలా సంభవిస్తాయి, వాటి కారణాలు, రిక్టర్ స్కేల్, సీస్మోగ్రాఫ్ మరియు భూకంపాల నుండి రక్షణ చర్యల గురించి కూడా ఈ అధ్యాయం తెలియజేస్తుంది. ఈ జ్ఞానం విద్యార్థులకు ప్రకృతి శక్తులను అర్థం చేసుకోవడానికి మరియు సురక్షితంగా ఉండటానికి సహాయపడుతుంది.

चार्जिंग बाय रबिंग (Charging by Rubbing)

जब दो वस्तुओं को आपस में रगड़ा जाता है, तो उनमें इलेक्ट्रिक चार्ज उत्पन्न हो जाता है। इस प्रक्रिया को चार्जिंग बाय रबिंग या घर्षण द्वारा आवेशित करना कहते हैं।

  • उदाहरण:
  • प्लास्टिक स्केल को सूखे बालों से रगड़ने पर वह कागज के छोटे टुकड़ों को आकर्षित करता है।
  • कांच की छड़ को रेशम के कपड़े से रगड़ने पर वह आवेशित हो जाती है।
  • गुब्बारे को ऊनी कपड़े से रगड़ने पर वह दीवार से चिपक जाता है।
  • कारण: रगड़ने से एक वस्तु से इलेक्ट्रॉन दूसरी वस्तु में स्थानांतरित हो जाते हैं, जिससे दोनों वस्तुएँ आवेशित हो जाती हैं। एक वस्तु इलेक्ट्रॉन खोकर पॉजिटिव चार्ज प्राप्त करती है और दूसरी इलेक्ट्रॉन प्राप्त करके नेगेटिव चार्ज प्राप्त करती है।
  • स्टैटिक चार्ज (Static Charges): ये वे इलेक्ट्रिक चार्ज होते हैं जो एक जगह पर स्थिर रहते हैं और प्रवाहित नहीं होते। रगड़ने से उत्पन्न चार्ज अक्सर स्टैटिक होते हैं।
  • चार्ज्ड ऑब्जेक्ट्स (Charged Objects): वे वस्तुएँ जिन पर रगड़ने या किसी अन्य प्रक्रिया से चार्ज आ जाता है, उन्हें आवेशित वस्तुएँ कहते हैं।
📖నిర్వచనం

चार्जिंग बाय रबिंग (Charging by Rubbing): वह प्रक्रिया जिसमें दो वस्तुओं को आपस में रगड़ने से उनमें इलेक्ट्रिक चार्ज उत्पन्न होता है।

ముఖ్యమైనది

इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण ही वस्तुओं के आवेशित होने का कारण है।

चार्ज के प्रकार और उनकी अंतःक्रिया (Types of Charges and their Interaction)

इलेक्ट्रिक चार्ज दो प्रकार के होते हैं: पॉजिटिव चार्ज और नेगेटिव चार्ज

  • चार्ज की अंतःक्रिया (Interaction of Charges):
  • समान चार्ज एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं (Like charges repel each other)
  • उदाहरण: दो पॉजिटिव चार्ज एक-दूसरे से दूर हटेंगे। दो नेगेटिव चार्ज भी एक-दूसरे से दूर हटेंगे।
  • विपरीत चार्ज एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं (Unlike charges attract each other)
  • उदाहरण: एक पॉजिटिव चार्ज और एक नेगेटिव चार्ज एक-दूसरे के करीब आएंगे।
  • इलेक्ट्रोस्कोप (Electroscope):
  • यह एक ऐसा उपकरण है जिसका उपयोग किसी वस्तु पर चार्ज की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है।
  • कार्यप्रणाली: जब कोई आवेशित वस्तु इलेक्ट्रोस्कोप के ऊपरी सिरे के संपर्क में लाई जाती है, तो चार्ज धातु की छड़ और पत्ती तक पहुँच जाता है। समान चार्ज होने के कारण पत्तियाँ एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करती हैं और फैल जाती हैं। पत्तियों का फैलना चार्ज की उपस्थिति को दर्शाता है।
  • सरल इलेक्ट्रोस्कोप का निर्माण: एक खाली जैम की बोतल, एक कार्डबोर्ड का टुकड़ा, एक पेपर क्लिप और एल्यूमीनियम फॉयल की दो पतली पट्टियों का उपयोग करके बनाया जा सकता है।
  • डिस्चार्ज्ड ऑब्जेक्ट्स (Discharged Objects): जब कोई आवेशित वस्तु अपना चार्ज खो देती है (चार्ज के स्थानांतरण के कारण), तो उसे डिस्चार्ज्ड वस्तु कहा जाता है।
📖నిర్వచనం

इलेक्ट्रोस्कोप (Electroscope): एक उपकरण जो किसी वस्तु पर इलेक्ट्रिक चार्ज की उपस्थिति का पता लगाता है।

💡సూచన

इलेक्ट्रोस्कोप का चित्र बनाना और उसके भागों को नामांकित करना अक्सर परीक्षा में पूछा जाता है।

चार्ज का स्थानांतरण और अर्थिंग (Transfer of Charge and Earthing)

चार्ज एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित हो सकता है।

  • चार्ज का स्थानांतरण (Transfer of Charge):
  • रगड़ने से उत्पन्न इलेक्ट्रिक चार्ज स्थिर (static) होते हैं। वे अपने आप प्रवाहित नहीं होते।
  • जब चार्ज प्रवाहित होते हैं, तो वे इलेक्ट्रिक करंट बनाते हैं।
  • इलेक्ट्रिक चार्ज को एक आवेशित वस्तु से दूसरी वस्तु में धातु कंडक्टर के माध्यम से स्थानांतरित किया जा सकता है। धातुएँ इलेक्ट्रॉनों को आसानी से प्रवाहित होने देती हैं।
  • उदाहरण: इलेक्ट्रोस्कोप में, चार्ज आवेशित वस्तु से धातु की छड़ के माध्यम से एल्यूमीनियम फॉयल की पत्तियों तक स्थानांतरित होता है।
  • अर्थिंग (Earthing):
  • आवेशित वस्तु से चार्ज को पृथ्वी में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को अर्थिंग कहते हैं।
  • पृथ्वी को इलेक्ट्रिक चार्ज का एक विशाल जलाशय माना जाता है, जो अतिरिक्त चार्ज को अवशोषित कर सकती है।
  • महत्व:
  • यह हमें बिजली के झटकों से बचाता है जो बिजली के उपकरणों में लीकेज के कारण हो सकते हैं।
  • बिजली गिरने की स्थिति में, लाइटनिंग कंडक्टर के माध्यम से चार्ज को सुरक्षित रूप से पृथ्वी में प्रवाहित करता है, जिससे इमारतों को नुकसान से बचाया जा सके।
  • घरों और इमारतों में अर्थिंग वायर सुरक्षा के लिए लगाया जाता है।
📖నిర్వచనం

अर्थिंग (Earthing): आवेशित वस्तु से इलेक्ट्रिक चार्ज को पृथ्वी में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया।

ముఖ్యమైనది

धातुएँ विद्युत की सुचालक होती हैं और चार्ज को आसानी से स्थानांतरित करती हैं।

बिजली (Lightning) की कहानी

बिजली एक प्राकृतिक घटना है जो तूफानों के दौरान होती है और इसमें इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज शामिल होता है।

  • बिजली का कारण (Causes of Lightning):
  • तूफानों के विकास के दौरान, हवा की धाराएँ ऊपर की ओर चलती हैं और पानी की बूँदें नीचे की ओर चलती हैं।
  • इस गति के कारण बादलों के भीतर चार्ज का पृथक्करण (separation) होता है।
  • पॉजिटिव चार्ज बादलों के ऊपरी किनारों के पास जमा होते हैं।
  • नेगेटिव चार्ज बादलों के निचले किनारों के पास जमा होते हैं।
  • जमीन के पास भी पॉजिटिव चार्ज का संचय होता है।
  • जब संचित चार्ज का परिमाण बहुत बड़ा हो जाता है, तो हवा (जो सामान्यतः बिजली की कुचालक होती है) चार्ज के प्रवाह का विरोध करने में असमर्थ हो जाती है।
  • नेगेटिव और पॉजिटिव चार्ज मिलते हैं, जिससे प्रकाश की चमकदार धारियाँ और ध्वनि उत्पन्न होती है। इसी को हम बिजली कहते हैं।
  • इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज (Electric Discharge):
  • चार्ज के इस प्रवाह को, जो ऊर्जा की रिहाई के साथ होता है, इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज कहते हैं।
  • यह बादलों के भीतर (इंट्रा-क्लाउड), बादलों के बीच (क्लाउड-टू-क्लाउड), या बादल और पृथ्वी के बीच (क्लाउड-टू-ग्राउंड) हो सकता है।
  • बिजली के दौरान उत्पन्न होने वाली तेज आवाज गरज (thunder) कहलाती है। यह बिजली के कारण हवा के अचानक गर्म होने और फैलने से उत्पन्न होती है।
  • लाइटनिंग कंडक्टर (Lightning Conductors):
  • ये धातु की छड़ें होती हैं जो इमारतों को बिजली से बचाने के लिए लगाई जाती हैं।
  • इमारत से ऊंची स्थापित की जाती हैं और इनका ऊपरी सिरा नुकीला होता है।
  • निचला सिरा जमीन में गहराई तक दबाया जाता है और एक मोटी धातु की प्लेट से जुड़ा होता है।
  • जब बिजली गिरती है, तो चार्ज कंडक्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से पृथ्वी में प्रवाहित हो जाता है, जिससे इमारत को नुकसान से बचाया जा सके।
  • यह अर्थिंग के सिद्धांत पर काम करता है।
📖నిర్వచనం

इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज (Electric Discharge): चार्ज का प्रवाह जो ऊर्जा की रिहाई के साथ होता है, जैसे बिजली में।

ముఖ్యమైనది

बिजली गिरने पर उत्पन्न होने वाली ध्वनि को गरज कहते हैं।

बिजली से सुरक्षा (Lightning Safety)

बिजली एक खतरनाक प्राकृतिक घटना है, इसलिए इसके दौरान सुरक्षा उपायों का पालन करना महत्वपूर्ण है।

  • घर के बाहर सुरक्षा (Safety Outside the House):
  • खुले वाहन (जैसे मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, खुली कारें) सुरक्षित नहीं हैं।
  • खुले मैदान, ऊँचे पेड़, पार्कों में आश्रय, ऊँची जगहें बिजली के झटके से नहीं बचातीं।
  • तूफान के दौरान छाता ले जाना अच्छा विचार नहीं है।
  • सुरक्षित जगह ढूँढें:
  • यदि जंगल में हों, तो छोटे पेड़ों के नीचे आश्रय लें।
  • यदि कोई आश्रय उपलब्ध न हो और खुले मैदान में हों, तो सभी पेड़ों से दूर रहें।
  • खंभों या अन्य धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
  • जमीन पर लेटें नहीं। इसके बजाय, अपने घुटनों पर बैठें और अपने सिर को हाथों के बीच रखें (कौच पोजीशन)। यह आपको बिजली गिरने के लिए सबसे छोटा लक्ष्य बनाता है।
  • यदि कार या वाहन के अंदर हों, तो दरवाजे और खिड़कियां बंद करके अंदर ही रहें। कार की धातु की बॉडी एक फैराडे केज के रूप में कार्य करती है, जो चार्ज को बाहर रखती है।
  • घर के अंदर सुरक्षा (Safety Inside the House):
  • टेलीफोन और बिजली के तारों के संपर्क से बचें।
  • नहाना या पानी से संबंधित कोई भी गतिविधि करने से बचें, क्योंकि पानी बिजली का सुचालक है।
  • बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें, जैसे टीवी, कंप्यूटर, रेफ्रिजरेटर।
  • बिजली के उपकरणों के पास न रहें।
  • घर के अंदर सबसे सुरक्षित जगहें हैं।
  • लाइटनिंग कंडक्टर का महत्व: ये इमारतों को बिजली के सीधे झटके से बचाते हैं, चार्ज को सुरक्षित रूप से जमीन में प्रवाहित कर देते हैं।
గుర్తుంచుకోండి

बिजली के दौरान 'कौच पोजीशन' (squat low on the ground, hands on knees, head between hands) अपनाना सबसे सुरक्षित है यदि कोई आश्रय न हो।

🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में खड़े रहना बहुत खतरनाक हो सकता है।

भूकंप (Earthquake)

भूकंप पृथ्वी की सतह का अचानक हिलना या काँपना है जो पृथ्वी की पपड़ी के अंदर गहरे विक्षोभ के कारण होता है।

  • भूकंप का कारण (Causes of Earthquake):
  • पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत, जिसे क्रस्ट (Crust) कहते हैं, एक टुकड़े में नहीं है। यह कई बड़े और छोटे टुकड़ों में बंटी हुई है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) कहते हैं।
  • ये प्लेटें लगातार गतिमान रहती हैं।
  • जब ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं, एक-दूसरे के नीचे खिसकती हैं (सबडक्शन), या एक-दूसरे से रगड़ती हुई गुजरती हैं, तो पृथ्वी की क्रस्ट में तनाव उत्पन्न होता है।
  • जब यह तनाव बहुत अधिक हो जाता है, तो यह अचानक ऊर्जा छोड़ता है, जिससे पृथ्वी की सतह पर कंपन होता है, जिसे भूकंप कहते हैं।
  • भूकंप के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होता है।
  • भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती
  • भूकंपीय/फॉल्ट ज़ोन (Seismic/Fault Zones):
  • पृथ्वी की क्रस्ट पर प्लेटों की सीमाएँ कमजोर क्षेत्र होती हैं जहाँ भूकंप आने की सबसे अधिक संभावना होती है।
  • इन क्षेत्रों को भूकंपीय ज़ोन या फॉल्ट ज़ोन कहते हैं। भारत में, कश्मीर, हिमालयी क्षेत्र, उत्तर-पूर्वी राज्य, कच्छ का रण, राजस्थान और गंगा के मैदान के कुछ हिस्से भूकंपीय ज़ोन में आते हैं। दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्र भी भूकंपीय ज़ोन में हैं।
  • भूकंप की शक्ति (Power of Earthquake):
  • भूकंप की शक्ति को परिमाण (Magnitude) के रूप में व्यक्त किया जाता है, जिसे रिक्टर स्केल (Richter Scale) पर मापा जाता है।
  • रिक्टर स्केल एक लॉगरेथमिक स्केल है, जिसका अर्थ है कि स्केल पर परिमाण में 2 की वृद्धि का मतलब 1000 गुना अधिक विनाशकारी ऊर्जा है।
  • उदाहरण: 6 परिमाण का भूकंप 4 परिमाण के भूकंप से 1000 गुना अधिक शक्तिशाली होता है।
  • रिक्टर स्केल पर 7 से अधिक परिमाण वाले भूकंप को विनाशकारी माना जाता है।
  • भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves):
  • पृथ्वी के अंदर गहरे कंपन से उत्पन्न होने वाली तरंगों को भूकंपीय तरंगें कहते हैं।
  • ये तरंगें पृथ्वी की सतह पर फैलती हैं और कंपन का कारण बनती हैं।
  • सिस्मोग्राफ (Seismograph):
  • यह एक उपकरण है जो भूकंपीय तरंगों को रिकॉर्ड करता है।
  • इसमें एक कंपन करने वाली छड़ या पेंडुलम होता है जो कंपन होने पर हिलना शुरू कर देता है।
  • सिस्मोग्राफ द्वारा रिकॉर्ड किए गए ग्राफ को सिस्मोग्राम कहते हैं, जिसका उपयोग भूकंप के परिमाण और स्थान का पता लगाने के लिए किया जाता है।
📖నిర్వచనం

भूकंप (Earthquake): पृथ्वी की सतह का अचानक हिलना जो पृथ्वी की क्रस्ट के अंदर गहरे विक्षोभ के कारण होता है।

ముఖ్యమైనది

भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती, लेकिन भूकंपीय ज़ोन की पहचान की जा सकती है।

🧮సూత్రం

रिक्टर स्केल पर परिमाण में 1 की वृद्धि = भूकंपीय तरंगों के आयाम में 10 गुना वृद्धि और ऊर्जा में लगभग 32 गुना वृद्धि। परिमाण में 2 की वृद्धि = ऊर्जा में \(32 \times 32 \approx 1000\) गुना वृद्धि।

भूकंप से सुरक्षा (Protection from Earthquake)

भूकंप के दौरान जान-माल की सुरक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय किए जा सकते हैं।

  • संरचनात्मक उपाय (Structural Measures):
  • उच्च भूकंपीय क्षेत्रों में, इमारतों का निर्माण इस तरह से किया जाना चाहिए कि वे बड़े झटकों का सामना कर सकें।
  • हल्की छतों वाले मिट्टी के घर नुकसान को कम करने में मदद कर सकते हैं।
  • अलमारियों और शेल्फों को दीवारों से कसकर फिक्स किया जाना चाहिए ताकि वे गिरें नहीं।
  • भूकंप के दौरान आग लगने की संभावना होती है, इसलिए इमारतों में उचित अग्निशमन उपकरण होने चाहिए।
  • इमारतों की डिजाइन में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के कोड का पालन करना चाहिए।
  • कुछ इमारतों में भूकंप-रोधी डिजाइन (जैसे शॉक एब्जॉर्बर) का उपयोग किया जाता है।
  • घर के अंदर सुरक्षा (Safety Indoors):
  • मेज के नीचे आश्रय लें और हिलना बंद होने तक वहीं रहें।
  • लंबी और भारी वस्तुओं से दूर रहें जो आप पर गिर सकती हैं।
  • यदि बिस्तर पर हों, तो उठें नहीं, अपने सिर को तकिए से बचाएं।
  • खिड़कियों, दर्पणों और चिमनियों से दूर रहें।
  • लिफ्ट का उपयोग न करें, सीढ़ियों का उपयोग करें।
  • घर के बाहर सुरक्षा (Safety Outdoors):
  • एक खुली जगह ढूँढें, बिजली के तारों और इमारतों से दूर।
  • यदि कार में हों, तो एक खुली जगह पर जाएँ और कंपन बंद होने तक कार के अंदर ही रहें।
  • ऊँचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  • पुलों और ओवरपास से दूर रहें।
  • तत्काल कार्रवाई (Immediate Action):
  • शांत रहें और घबराएँ नहीं।
  • दूसरों को शांत रहने में मदद करें।
  • आपातकालीन सेवाओं को सूचित करें यदि आवश्यक हो।
💡సూచన

भूकंप से सुरक्षा के लिए 'क्या करें' और 'क्या न करें' की सूची अक्सर परीक्षा में पूछी जाती है।

గుర్తుంచుకోండి

भूकंप के दौरान सबसे महत्वपूर्ण नियम है: 'ड्रॉप, कवर और होल्ड ऑन' (Drop, Cover, and Hold On) - झुकें, खुद को ढकें और किसी मजबूत चीज़ को पकड़े रहें।

Ask SAAVI — Free