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AP · Class 8 · 🧮 Maths · Chapter 29

Understanding Quadrilaterals

చతుర్భుజాల నిర్వచనంకుంభాకార మరియు పుటాకార బహుభుజాలుచతుర్భుజం కోణాల మొత్తం ధర్మంబహుభుజి బాహ్య కోణాల మొత్తంసమాంతర చతుర్భుజం ధర్మాలురాంబస్ ధర్మాలు

ఈ అధ్యాయం చతుర్భుజాల ప్రాథమిక అంశాలను పరిచయం చేస్తుంది. మీరు చతుర్భుజాల నిర్వచనం, వాటి శీర్షాలు, భుజాలు, కోణాలు, ఆసన్న భుజాలు, ఎదురు భుజాలు, ఆసన్న కోణాలు, ఎదురు కోణాలు మరియు కర్ణాల గురించి నేర్చుకుంటారు. కుంభాకార మరియు పుటాకార బహుభుజాల మధ్య తేడాలను తెలుసుకుంటారు. సాధారణ మరియు అసాధారణ బహుభుజాలను గుర్తిస్తారు. చతుర్భుజాల కోణాల మొత్తం ధర్మాన్ని నిరూపించడం మరియు బాహ్య కోణాల మొత్తం ధర్మాన్ని అర్థం చేసుకోవడం వంటివి కూడా ఈ అధ్యాయంలో ఉన్నాయి. సమాంతర చతుర్భుజం, రాంబస్, ట్రెపీజియం మరియు గాలిపటం వంటి వివిధ రకాల చతుర్భుజాల ధర్మాలను కూడా మీరు విశ్లేషిస్తారు.

चतुर्भुज और उसके अवयव

एक चतुर्भुज एक चार भुजाओं वाला बहुभुज है। इसमें चार शीर्ष (vertices), चार भुजाएँ (sides) और चार कोण (angles) होते हैं।

  • शीर्ष (Vertices): A, B, C, D (चित्र में)
  • भुजाएँ (Sides): AB, BC, CD, DA
  • कोण (Angles): \(\angle A, \angle B, \angle C, \angle D\) या \(\angle DAB, \angle ABC, \angle BCD, \angle CDA\)
  • विकर्ण (Diagonals): दो गैर-लगातार शीर्षों को जोड़ने वाला रेखाखंड। AC और BD चतुर्भुज ABCD के विकर्ण हैं।

अवयवों के प्रकार:

  • आसन्न भुजाएँ (Adjacent Sides): एक सामान्य शीर्ष वाली भुजाएँ। जैसे (AB, BC), (BC, CD), (CD, DA), (DA, AB)।
  • विपरीत भुजाएँ (Opposite Sides): कोई सामान्य शीर्ष नहीं रखने वाली भुजाएँ। जैसे (AB, CD), (BC, DA)।
  • आसन्न कोण (Adjacent Angles): एक सामान्य भुजा वाले कोण। जैसे (\(\angle A, \angle B\)), (\(\angle B, \angle C\)), (\(\angle C, \angle D\)), (\(\angle D, \angle A\))।
  • विपरीत कोण (Opposite Angles): कोई सामान्य भुजा नहीं रखने वाले कोण। जैसे (\(\angle A, \angle C\)), (\(\angle B, \angle D\))।
  • अभ्यंतर (Interior): चतुर्भुज के अंदर का क्षेत्र।
  • बाह्य (Exterior): चतुर्भुज के बाहर का क्षेत्र।

[IMAGE: TODO: चतुर्भुज ABCD का एक चित्र जिसमें शीर्ष, भुजाएँ, कोण और विकर्ण दर्शाए गए हों]

📖నిర్వచనం

एक चतुर्भुज एक बंद आकृति है जो चार रेखाखंडों से बनी होती है।

बहुभुज: उत्तल, अवतल, नियमित, अनियमित

बहुभुज (Polygon):

  • तीन या अधिक रेखाखंडों से बनी एक बंद सरल आकृति
  • उदाहरण: त्रिभुज (3 भुजाएँ), चतुर्भुज (4 भुजाएँ), पंचभुज (5 भुजाएँ), षट्भुज (6 भुजाएँ), आदि।

उत्तल और अवतल बहुभुज:

  • उत्तल बहुभुज (Convex Polygon):
  • कोई भी विकर्ण बहुभुज के बाहर नहीं होता
  • सभी आंतरिक कोण 180° से कम होते हैं।
  • उदाहरण: वर्ग, आयत, त्रिभुज।
  • अवतल बहुभुज (Concave Polygon):
  • कम से कम एक विकर्ण बहुभुज के बाहर होता है
  • कम से कम एक आंतरिक कोण 180° से अधिक (प्रतिवर्ती कोण) होता है।
  • उदाहरण: एक तीर का आकार (arrowhead shape)।

[IMAGE: TODO: उत्तल और अवतल बहुभुजों के उदाहरण]

ముఖ్యమైనది

एक सरल बंद वक्र जो केवल रेखाखंडों से बना होता है, बहुभुज कहलाता है।

नियमित और अनियमित बहुभुज

नियमित बहुभुज (Regular Polygon):

  • एक बहुभुज जिसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की हों और सभी आंतरिक कोण समान माप के हों।
  • ये समबाहु (equilateral) और समकोणीय (equiangular) दोनों होते हैं।
  • उदाहरण: वर्ग (सभी भुजाएँ समान, सभी कोण 90°), समबाहु त्रिभुज (सभी भुजाएँ समान, सभी कोण 60°)।

अनियमित बहुभुज (Irregular Polygon):

  • एक बहुभुज जिसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की न हों या सभी आंतरिक कोण समान माप के न हों
  • उदाहरण: आयत (भुजाएँ समान नहीं, कोण समान), विषमबाहु त्रिभुज (भुजाएँ और कोण समान नहीं)।

[IMAGE: TODO: नियमित और अनियमित बहुभुजों के उदाहरण]

గుర్తుంచుకోండి

सभी नियमित बहुभुज उत्तल होते हैं।

चतुर्भुज का कोण योग गुणधर्म

किसी भी चतुर्भुज के सभी आंतरिक कोणों का योग 360° होता है

  • एक चतुर्भुज ABCD में, \(\angle A + \angle B + \angle C + \angle D = 360^\circ\).

यह क्यों होता है?

  1. एक चतुर्भुज को एक विकर्ण (जैसे AC) खींचकर दो त्रिभुजों में विभाजित किया जा सकता है।
  2. त्रिभुज ABC और त्रिभुज ADC बनते हैं।
  3. हम जानते हैं कि त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है।
  • त्रिभुज ABC में: \(\angle BAC + \angle B + \angle BCA = 180^\circ\)
  • त्रिभुज ADC में: \(\angle DAC + \angle D + \angle DCA = 180^\circ\)
  1. दोनों त्रिभुजों के कोणों का योग करने पर:

\((\angle BAC + \angle B + \angle BCA) + (\angle DAC + \angle D + \angle DCA) = 180^\circ + 180^\circ\) \(\angle BAC + \angle DAC + \angle B + \angle BCA + \angle DCA + \angle D = 360^\circ\)

  1. चूंकि \(\angle BAC + \angle DAC = \angle A\) और \(\angle BCA + \angle DCA = \angle C\), तो:

\(\angle A + \angle B + \angle C + \angle D = 360^\circ\)

[IMAGE: TODO: एक चतुर्भुज ABCD जिसमें विकर्ण AC खींचा गया है, और कोणों को दर्शाया गया है]

🧮సూత్రం

बहुभुज के आंतरिक कोणों का योग: एक n-भुजाओं वाले बहुभुज के आंतरिक कोणों का योग \((n-2) \times 180^\circ\) होता है।

  • त्रिभुज (n=3): \((3-2) \times 180^\circ = 180^\circ\)
  • चतुर्भुज (n=4): \((4-2) \times 180^\circ = 360^\circ\)
  • पंचभुज (n=5): \((5-2) \times 180^\circ = 540^\circ\)

बहुभुज के बाह्य कोणों का योग

किसी भी उत्तल बहुभुज के सभी बाह्य कोणों का योग हमेशा 360° होता है, चाहे उसकी भुजाओं की संख्या कुछ भी हो।

  • यह गुणधर्म त्रिभुज, चतुर्भुज, पंचभुज, आदि सभी बहुभुजों पर लागू होता है।

इसे कैसे समझें?

  1. कल्पना कीजिए कि आप एक बहुभुज की भुजाओं के साथ चल रहे हैं।
  2. प्रत्येक शीर्ष पर, आप एक बाह्य कोण के बराबर मुड़ते हैं।
  3. जब आप बहुभुज के चारों ओर एक पूरा चक्कर लगाकर प्रारंभिक बिंदु पर वापस आते हैं, तो आपने कुल 360° का एक पूरा मोड़ लिया होता है।
  • यह सभी बाह्य कोणों का योग है।

[IMAGE: TODO: एक बहुभुज जिसमें बाह्य कोणों को दर्शाया गया है, और एक व्यक्ति उसके चारों ओर चल रहा है]

💡సూచన

नियमित बहुभुज के प्रत्येक बाह्य कोण का माप \(\frac{360^\circ}{n}\) होता है, जहाँ n भुजाओं की संख्या है।

चतुर्भुजों के प्रकार और उनके गुणधर्म

विभिन्न प्रकार के चतुर्भुजों को उनके भुजाओं, कोणों और विकर्णों के विशिष्ट गुणधर्मों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।

1. समलंब (Trapezium/Trapezoid):

  • एक जोड़ी विपरीत भुजाएँ समांतर होती हैं
  • समद्विबाहु समलंब (Isosceles Trapezium): गैर-समांतर भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं।
  • आधार कोण (base angles) समान होते हैं।
  • विकर्ण समान लंबाई के होते हैं।

2. पतंग (Kite):

  • आसन्न भुजाओं के दो अलग-अलग जोड़े समान लंबाई के होते हैं
  • विकर्ण एक दूसरे के लंबवत होते हैं।
  • एक विकर्ण दूसरे विकर्ण को समद्विभाजित करता है।
  • एक विकर्ण विपरीत कोणों के एक जोड़े को समद्विभाजित करता है।
  • विपरीत कोणों का एक जोड़ा समान होता है।

3. समांतर चतुर्भुज (Parallelogram):

  • विपरीत भुजाओं के दोनों जोड़े समांतर होते हैं
  • गुणधर्म:
  • विपरीत भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं।
  • विपरीत कोण समान होते हैं।
  • आसन्न कोण संपूरक (sum to 180°) होते हैं।
  • विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

4. समचतुर्भुज (Rhombus):

  • एक समांतर चतुर्भुज जिसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं
  • समांतर चतुर्भुज के सभी गुणधर्म लागू होते हैं।
  • अतिरिक्त गुणधर्म:
  • विकर्ण एक दूसरे के लंबवत समद्विभाजक होते हैं।
  • विकर्ण कोणों को समद्विभाजित करते हैं।

5. आयत (Rectangle):

  • एक समांतर चतुर्भुज जिसका प्रत्येक कोण 90° होता है
  • समांतर चतुर्भुज के सभी गुणधर्म लागू होते हैं।
  • अतिरिक्त गुणधर्म:
  • सभी कोण 90° होते हैं।
  • विकर्ण समान लंबाई के होते हैं।

6. वर्ग (Square):

  • एक आयत जिसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं। (या एक समचतुर्भुज जिसका प्रत्येक कोण 90° होता है।)
  • समांतर चतुर्भुज, समचतुर्भुज और आयत के सभी गुणधर्म लागू होते हैं।
  • अतिरिक्त गुणधर्म:
  • सभी भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं।
  • सभी कोण 90° होते हैं।
  • विकर्ण समान लंबाई के होते हैं और एक दूसरे के लंबवत समद्विभाजक होते हैं।

[IMAGE: TODO: विभिन्न प्रकार के चतुर्भुजों के चित्र]

గుర్తుంచుకోండి

वर्ग एक विशेष प्रकार का आयत और एक विशेष प्रकार का समचतुर्भुज दोनों है।

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