HomeAPClass 8Maths › INTRODUCTION TO GRAPHS
AP · Class 8 · 🧮 Maths · Chapter 8

INTRODUCTION TO GRAPHS

బార్ గ్రాఫ్‌లుపై చార్ట్‌లుహిస్టోగ్రామ్‌లురేఖాగ్రాఫ్‌లుకార్టీసియన్ ప్లేన్‌లో పాయింట్‌లను ప్లాట్ చేయడంకోఆర్డినేట్‌లు

ఈ అధ్యాయం గ్రాఫ్‌లకు పరిచయం చేస్తుంది, వివిధ రకాల గ్రాఫ్‌లు మరియు వాటి ఉపయోగాలు వివరిస్తుంది. బార్ గ్రాఫ్‌లు, పై చార్ట్‌లు, డబుల్ బార్ గ్రాఫ్‌లు, హిస్టోగ్రామ్‌లు మరియు పిక్టోగ్రాఫ్‌ల వంటి వాటిని డేటాను సమర్థవంతంగా సూచించడానికి ఎలా ఉపయోగించాలో నేర్చుకుంటారు. రేఖాగ్రాఫ్‌లు మరియు లీనియర్ గ్రాఫ్‌లను ప్లాట్ చేయడం, అలాగే కార్టీసియన్ ప్లేన్‌లో పాయింట్‌ల కోఆర్డినేట్‌లను కనుగొనడం మరియు ప్లాట్ చేయడంపై దృష్టి సారిస్తుంది. ఈ నైపుణ్యాలు డేటా విశ్లేషణ మరియు గణితంలో తదుపరి అధ్యయనాలకు పునాదిని అందిస్తాయి.

ग्राफ़ का परिचय और प्रकार

ग्राफ़ डेटा को दृश्य रूप से प्रस्तुत करने का एक तरीका है, जिससे जानकारी को समझना और तुलना करना आसान हो जाता है।

ग्राफ़ के विभिन्न प्रकार

  • बार ग्राफ़ (Bar Graph):
  • श्रेणियों की तुलना करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • आयताकार बार होते हैं जिनकी ऊँचाई या लंबाई मानों के समानुपाती होती है।
  • उदाहरण: विभिन्न महीनों में बेची गई किताबों की संख्या।
  • पाई चार्ट (Pie Chart):
  • एक पूरे के हिस्सों को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • एक वृत्त को सेक्टरों में विभाजित किया जाता है, जहाँ प्रत्येक सेक्टर का आकार उसके द्वारा दर्शाए गए मान के समानुपाती होता है।
  • कुल योग हमेशा 100% या 360° होता है।
  • उदाहरण: एक परिवार के मासिक खर्चों का वितरण।
  • हिस्टोग्राम (Histogram):
  • निरंतर डेटा (continuous data) को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है, जिसे श्रेणियों या 'वर्ग अंतरालों' में बांटा गया हो।
  • बार एक-दूसरे से सटे होते हैं, जो डेटा की निरंतरता को दर्शाते हैं।
  • उदाहरण: छात्रों के अंकों का वितरण (0-10, 10-20, आदि)।
  • लाइन ग्राफ़ (Line Graph):
  • समय के साथ डेटा में बदलाव को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • बिंदुओं को रेखा खंडों से जोड़ा जाता है।
  • उदाहरण: एक शहर का तापमान एक सप्ताह में कैसे बदलता है।
  • डबल बार ग्राफ़ (Double Bar Graph):
  • दो डेटा सेटों की तुलना करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • प्रत्येक श्रेणी के लिए दो बार होते हैं, जो विभिन्न डेटा सेटों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • उदाहरण: दो अलग-अलग वर्षों में विभिन्न विषयों में छात्रों का प्रदर्शन।
  • पिक्टोग्राफ़ (Pictograph):
  • डेटा को चित्रों या प्रतीकों का उपयोग करके दर्शाया जाता है।
  • प्रत्येक प्रतीक एक निश्चित संख्यात्मक मान का प्रतिनिधित्व करता है।
  • उदाहरण: एक कारखाने में उत्पादित कारों की संख्या, जहाँ एक कार का प्रतीक 100 कारों का प्रतिनिधित्व करता है।
ముఖ్యమైనది

सही ग्राफ़ का चुनाव डेटा के प्रकार और आप क्या दिखाना चाहते हैं, इस पर निर्भर करता है।

कार्तीय तल और निर्देशांक

कार्तीय तल (Cartesian Plane)

  • यह दो लंबवत संख्या रेखाओं से बनता है जो एक दूसरे को शून्य पर काटती हैं।
  • क्षैतिज रेखा को x-अक्ष (x-axis) कहते हैं।
  • ऊर्ध्वाधर रेखा को y-अक्ष (y-axis) कहते हैं।
  • दोनों अक्षों के प्रतिच्छेदन बिंदु को मूल बिंदु (Origin) कहते हैं, जिसके निर्देशांक \((0,0)\) होते हैं।
  • कार्तीय तल को चार चतुर्थांशों (Quadrants) में विभाजित किया जाता है।

निर्देशांक (Coordinates)

  • एक बिंदु की स्थिति को क्रमित युग्म (ordered pair) \((x, y)\) द्वारा दर्शाया जाता है।
  • x-निर्देशांक (x-coordinate) या भुज (Abscissa): y-अक्ष से बिंदु की लंबवत दूरी। यह दर्शाता है कि बिंदु x-अक्ष पर कितना दूर है।
  • y-निर्देशांक (y-coordinate) या कोटि (Ordinate): x-अक्ष से बिंदु की लंबवत दूरी। यह दर्शाता है कि बिंदु y-अक्ष पर कितना दूर है।

चतुर्थांश (Quadrants)

  • प्रथम चतुर्थांश (I Quadrant): \((+, +)\) - x और y दोनों धनात्मक।
  • द्वितीय चतुर्थांश (II Quadrant): \((-, +)\) - x ऋणात्मक, y धनात्मक।
  • तृतीय चतुर्थांश (III Quadrant): \((-, -)\) - x और y दोनों ऋणात्मक।
  • चतुर्थ चतुर्थांश (IV Quadrant): \((+, -)\) - x धनात्मक, y ऋणात्मक।

अक्षों पर बिंदु

  • x-अक्ष पर बिंदु: \((x, 0)\) के रूप में होते हैं (y-निर्देशांक हमेशा शून्य होता है)।
  • y-अक्ष पर बिंदु: \((0, y)\) के रूप में होते हैं (x-निर्देशांक हमेशा शून्य होता है)।
  • मूल बिंदु: \((0, 0)\) - यह दोनों अक्षों पर स्थित होता है।
📖నిర్వచనం

भुज (Abscissa): एक बिंदु का x-निर्देशांक। कोटि (Ordinate): एक बिंदु का y-निर्देशांक।

🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

हमेशा पहले x-निर्देशांक और फिर y-निर्देशांक लिखें। \((x, y)\) ≠ \((y, x)\) जब तक \(x=y\) न हो।

बिंदुओं को प्लॉट करना

कार्तीय तल पर एक बिंदु \((x, y)\) को प्लॉट करने के चरण:

  1. x-अक्ष पर x-निर्देशांक का पता लगाएँ: मूल बिंदु \((0,0)\) से शुरू करें। यदि x धनात्मक है, तो दाईं ओर जाएँ; यदि ऋणात्मक है, तो बाईं ओर जाएँ।
  2. y-अक्ष पर y-निर्देशांक का पता लगाएँ: x-अक्ष पर उस बिंदु से, y-निर्देशांक के लिए लंबवत चलें। यदि y धनात्मक है, तो ऊपर जाएँ; यदि ऋणात्मक है, तो नीचे जाएँ।
  3. बिंदु चिह्नित करें: जहाँ दोनों दिशाएँ मिलती हैं, वहाँ बिंदु को चिह्नित करें और उसे उसके निर्देशांक से लेबल करें।

उदाहरण: बिंदुओं को प्लॉट करना

  • \(A(3, 2)\): मूल बिंदु से 3 इकाई दाईं ओर, फिर 2 इकाई ऊपर जाएँ।
  • \(B(-4, 1)\): मूल बिंदु से 4 इकाई बाईं ओर, फिर 1 इकाई ऊपर जाएँ।
  • \(C(-2, -3)\): मूल बिंदु से 2 इकाई बाईं ओर, फिर 3 इकाई नीचे जाएँ।
  • \(D(5, -2)\): मूल बिंदु से 5 इकाई दाईं ओर, फिर 2 इकाई नीचे जाएँ।
  • \(E(0, 4)\): मूल बिंदु से 4 इकाई ऊपर जाएँ (यह y-अक्ष पर है)।
  • \(F(-3, 0)\): मूल बिंदु से 3 इकाई बाईं ओर जाएँ (यह x-अक्ष पर है)।
💡సూచన

ग्राफ़ पेपर पर बिंदुओं को प्लॉट करते समय, पैमाना (scale) स्पष्ट रूप से लिखें। उदाहरण के लिए, 'x-अक्ष पर 1 इकाई = 1 सेमी' या 'y-अक्ष पर 1 इकाई = 10 रुपये'।

रैखिक ग्राफ़

रैखिक ग्राफ़ (Linear Graph)

  • एक ग्राफ़ जो एक सीधी रेखा बनाता है, उसे रैखिक ग्राफ़ कहते हैं।
  • यह तब बनता है जब दो मात्राएँ प्रत्यक्ष रूप से आनुपातिक (directly proportional) होती हैं या उनके बीच एक रैखिक संबंध होता है।
  • एक रैखिक ग्राफ़ बनाने के लिए, कम से कम दो बिंदुओं की आवश्यकता होती है, लेकिन सटीकता के लिए तीन या अधिक बिंदु प्लॉट करना बेहतर होता है।

रैखिक ग्राफ़ बनाने के चरण

  1. डेटा तालिका बनाएँ: दो संबंधित मात्राओं के लिए मानों का एक सेट तैयार करें।
  2. पैमाना चुनें: x-अक्ष और y-अक्ष के लिए उपयुक्त पैमाना चुनें ताकि सभी डेटा बिंदुओं को ग्राफ़ पेपर पर समायोजित किया जा सके।
  3. बिंदुओं को प्लॉट करें: डेटा तालिका से प्रत्येक क्रमित युग्म \((x, y)\) को ग्राफ़ पर प्लॉट करें।
  4. बिंदुओं को जोड़ें: यदि बिंदु एक सीधी रेखा में हैं, तो उन्हें एक सीधी रेखा से जोड़ें। यदि वे एक सीधी रेखा में नहीं हैं, तो यह एक रैखिक ग्राफ़ नहीं है।

रैखिक ग्राफ़ के गुण

  • एक सीधी रेखा।
  • स्थिर ढलान (constant slope): y में परिवर्तन और x में परिवर्तन का अनुपात हमेशा समान रहता है।
  • समीकरण \(y = mx + c\) द्वारा दर्शाया जा सकता है, जहाँ \(m\) ढलान है और \(c\) y-अक्ष पर अंतःखंड (y-intercept) है।

रैखिक ग्राफ़ के अनुप्रयोग

  • दूरी-समय ग्राफ़ (Distance-Time Graph)
  • आय-व्यय ग्राफ़ (Income-Expenditure Graph)
  • तापमान-समय ग्राफ़ (Temperature-Time Graph)
🧮సూత్రం

रैखिक समीकरण का सामान्य रूप: \(y = mx + c\) जहाँ:

  • \(m\) = ढलान (slope)
  • \(c\) = y-अंतःखंड (y-intercept)

ग्राफ़ के अनुप्रयोग

ग्राफ़ विभिन्न क्षेत्रों में डेटा का विश्लेषण और व्याख्या करने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण हैं।

वास्तविक जीवन में ग्राफ़ के उपयोग

  • मौसम पूर्वानुमान: तापमान, वर्षा, हवा की गति आदि के रुझानों को दर्शाने के लिए लाइन ग्राफ़ का उपयोग किया जाता है।
  • स्टॉक मार्केट: स्टॉक की कीमतों में उतार-चढ़ाव को ट्रैक करने के लिए लाइन ग्राफ़ का उपयोग किया जाता है।
  • जनसंख्या वृद्धि: समय के साथ जनसंख्या में बदलाव को दर्शाने के लिए लाइन ग्राफ़ का उपयोग किया जाता है।
  • खेल: खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना करने के लिए बार ग्राफ़ या डबल बार ग्राफ़ का उपयोग किया जाता है।
  • अर्थशास्त्र: विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना करने या आर्थिक रुझानों को दर्शाने के लिए विभिन्न ग्राफ़ का उपयोग किया जाता है।
  • विज्ञान: प्रयोगों के परिणामों को दर्शाने और चर के बीच संबंधों को समझने के लिए ग्राफ़ का उपयोग किया जाता है।

ग्राफ़ से जानकारी निकालना

  • रुझान (Trends): क्या डेटा बढ़ रहा है, घट रहा है, या स्थिर है?
  • पैटर्न (Patterns): क्या कोई नियमित पैटर्न या चक्र हैं?
  • तुलना (Comparisons): विभिन्न श्रेणियों या समय अवधियों के बीच क्या अंतर हैं?
  • उच्चतम/न्यूनतम मान (Maximum/Minimum Values): सबसे अधिक या सबसे कम मान क्या हैं?
  • अनुमान (Predictions): ग्राफ़ में रुझानों के आधार पर भविष्य के मानों का अनुमान लगाना।
గుర్తుంచుకోండి

ग्राफ़ जटिल डेटा को सरल और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करते हैं, जिससे निर्णय लेना आसान हो जाता है।

Ask SAAVI — Free