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AP · Class 10 · 🧮 Maths · Chapter 33

TRIGONOMETRY MCQ

త్రికోణమితి నిష్పత్తులుత్రికోణమితి గుర్తింపులుప్రత్యేక కోణాల త్రికోణమితి విలువలుపూరక కోణాల త్రికోణమితి నిష్పత్తులుఎత్తులు మరియు దూరాలు

త్రికోణమితి అనేది గణితంలో ఒక ముఖ్యమైన శాఖ, ఇది త్రిభుజాల భుజాలు మరియు కోణాల మధ్య సంబంధాలను అధ్యయనం చేస్తుంది. ఈ అధ్యాయం త్రికోణమితి నిష్పత్తులు (సైన్, కోసైన్, టాంజెంట్, కోసెక్, సెక్, కాట్), వాటి విలువల పట్టిక, త్రికోణమితి గుర్తింపులు మరియు ఎత్తులు, దూరాల సమస్యలను పరిష్కరించడానికి వాటి అనువర్తనాలను కవర్ చేస్తుంది. ఇది మీ సమస్య పరిష్కార నైపుణ్యాలను పెంపొందించడానికి మరియు త్రికోణమితి భావనలను బలోపేతం చేయడానికి సహాయపడుతుంది.

त्रिकोणमितीय अनुपात (T-Ratios)

एक समकोण त्रिभुज में, न्यून कोण के संदर्भ में भुजाओं के अनुपात को त्रिकोणमितीय अनुपात कहते हैं।

  • समकोण त्रिभुज ABC (∠B = 90°):
  • कोण A के लिए:
  • लंब (Perpendicular, P): कोण A के सामने वाली भुजा (BC)
  • आधार (Base, B): कोण A से संलग्न भुजा (AB)
  • कर्ण (Hypotenuse, H): समकोण के सामने वाली भुजा (AC) (सबसे लंबी भुजा)
  • छह त्रिकोणमितीय अनुपात:
  • sin A = P/H = BC/AC
  • cos A = B/H = AB/AC
  • tan A = P/B = BC/AB
  • cosec A = H/P = AC/BC (sin A का व्युत्क्रम)
  • sec A = H/B = AC/AB (cos A का व्युत्क्रम)
  • cot A = B/P = AB/BC (tan A का व्युत्क्रम)
  • महत्वपूर्ण संबंध:
  • tan A = sin A / cos A
  • cot A = cos A / sin A
  • पाइथागोरस प्रमेय:
  • H² = P² + B² या AC² = AB² + BC²
  • याद रखने का तरीका (निमोनिक):
  • पंडित बद्री प्रसाद, हर हर बोले, सोना चांदी तोले
  • P/H = Sin
  • B/H = Cos
  • P/B = Tan
ముఖ్యమైనది

त्रिकोणमितीय अनुपात केवल न्यून कोणों (0° और 90° के बीच) के लिए परिभाषित होते हैं।

💡సూచన

MCQs में, यदि एक T-ratio दिया गया है, तो पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके त्रिभुज की तीसरी भुजा ज्ञात करें और फिर आवश्यक T-ratio निकालें।

विशिष्ट कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात

विशिष्ट कोणों (0°, 30°, 45°, 60°, 90°) के त्रिकोणमितीय अनुपातों के मानों को याद रखना MCQs के लिए महत्वपूर्ण है।

  • मानों की सारणी:

| कोण (θ) | 0° | 30° | 45° | 60° | 90° | | :------ | :- | :-- | :-- | :-- | :-- | | sin θ | 0 | 1/2 | 1/√2 | √3/2 | 1 | | cos θ | 1 | √3/2 | 1/√2 | 1/2 | 0 | | tan θ | 0 | 1/√3 | 1 | √3 | अपरिभाषित | | cosec θ | अपरिभाषित | 2 | √2 | 2/√3 | 1 | | sec θ | 1 | 2/√3 | √2 | 2 | अपरिभाषित | | cot θ | अपरिभाषित | √3 | 1 | 1/√3 | 0 |

  • याद रखने के लिए ट्रिक्स:
  • sin θ के लिए: √(0/4), √(1/4), √(2/4), √(3/4), √(4/4) के वर्गमूल निकालें।
  • cos θ के लिए: sin θ के मानों को उलटे क्रम में लिखें।
  • tan θ के लिए: tan θ = sin θ / cos θ का उपयोग करें।
  • कुछ महत्वपूर्ण अवलोकन:
  • जैसे-जैसे θ 0° से 90° तक बढ़ता है, sin θ का मान 0 से 1 तक बढ़ता है।
  • जैसे-जैसे θ 0° से 90° तक बढ़ता है, cos θ का मान 1 से 0 तक घटता है।
  • sin 0° = 0, cos 0° = 1, tan 0° = 0
  • sin 90° = 1, cos 90° = 0, tan 90° = अपरिभाषित
🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

अक्सर छात्र tan 90° और cot 0° को 0 मान लेते हैं, जबकि ये अपरिभाषित होते हैं।

💡సూచన

MCQs में, सीधे मानों को प्रतिस्थापित करके गणना करें। यदि कोई मान याद न हो, तो उसे तुरंत सारणी से जांच लें।

त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ

त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ वे समीकरण हैं जो कोणों के सभी मानों के लिए सत्य होते हैं जिनके लिए संबंधित त्रिकोणमितीय अनुपात परिभाषित होते हैं।

  • तीन मूलभूत सर्वसमिकाएँ:
  1. sin² θ + cos² θ = 1
  • इससे व्युत्पन्न: sin² θ = 1 - cos² θ और cos² θ = 1 - sin² θ
  1. 1 + tan² θ = sec² θ (θ ≠ 90° के लिए)
  • इससे व्युत्पन्न: tan² θ = sec² θ - 1 और sec² θ - tan² θ = 1
  1. 1 + cot² θ = cosec² θ (θ ≠ 0° के लिए)
  • इससे व्युत्पन्न: cot² θ = cosec² θ - 1 और cosec² θ - cot² θ = 1
  • अन्य महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ/संबंध:
  • cosec θ = 1 / sin θ
  • sec θ = 1 / cos θ
  • cot θ = 1 / tan θ
  • tan θ = sin θ / cos θ
  • cot θ = cos θ / sin θ
  • MCQs में उपयोग:
  • व्यंजकों को सरल बनाने के लिए।
  • एक T-ratio को दूसरे में बदलने के लिए।
  • दिए गए समीकरणों को हल करने के लिए।
  • सरलीकरण के लिए युक्तियाँ:
  • सभी पदों को sin और cos में बदलने का प्रयास करें।
  • बीजगणितीय सर्वसमिकाओं ((a+b)², (a-b)², a²-b²) का उपयोग करें।
  • हर का परिमेयकरण (rationalization) करें यदि आवश्यक हो।
🧮సూత్రం

sin² θ + cos² θ = 1 1 + tan² θ = sec² θ 1 + cot² θ = cosec² θ

💡సూచన

MCQs में, यदि आपको व्यंजक को सरल बनाना है, तो दिए गए विकल्पों पर भी ध्यान दें। कभी-कभी विकल्प ही आपको सही दिशा दिखा सकते हैं।

🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

sin² θ का अर्थ (sin θ)² है, sin θ² नहीं।

पूरक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात

यदि दो कोणों का योग 90° हो, तो वे पूरक कोण कहलाते हैं। (जैसे A और 90°-A)

  • पूरक कोणों के संबंध:
  • sin (90° - A) = cos A
  • cos (90° - A) = sin A
  • tan (90° - A) = cot A
  • cot (90° - A) = tan A
  • sec (90° - A) = cosec A
  • cosec (90° - A) = sec A
  • MCQs में उपयोग:
  • उन व्यंजकों को सरल बनाने के लिए जहाँ कोणों का योग 90° हो।
  • उदाहरण: sin 20° / cos 70° = sin 20° / cos (90° - 20°) = sin 20° / sin 20° = 1
  • उदाहरण: tan 10° tan 80° = tan 10° tan (90° - 10°) = tan 10° cot 10° = tan 10° (1/tan 10°) = 1
  • शून्य और 90° के लिए विशेष मामले:
  • sin (90° - 0°) = cos 0°sin 90° = 1
  • cos (90° - 0°) = sin 0°cos 90° = 0
  • tan (90° - 0°) = cot 0°tan 90° = अपरिभाषित
  • cot (90° - 0°) = tan 0°cot 90° = 0
గుర్తుంచుకోండి

जब भी आपको sin के साथ cos, tan के साथ cot, या sec के साथ cosec दिखे और कोणों का योग 90° हो, तो पूरक कोणों के संबंधों का उपयोग करें।

💡సూచన

MCQs में अक्सर ऐसे प्रश्न आते हैं जहाँ sin² A + sin² B = 1 या tan A tan B = 1 होता है, यदि A + B = 90°

ऊंचाई और दूरी (त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग)

त्रिकोणमिति का उपयोग वस्तुओं की ऊँचाई और उनके बीच की दूरी ज्ञात करने के लिए किया जाता है, जिन्हें सीधे मापना संभव नहीं होता।

  • महत्वपूर्ण शब्दावली:
  • दृष्टि रेखा (Line of Sight): प्रेक्षक की आँख से वस्तु तक खींची गई रेखा।
  • क्षैतिज रेखा (Horizontal Line): प्रेक्षक की आँख से जमीन के समानांतर खींची गई रेखा।
  • उन्नयन कोण (Angle of Elevation): जब वस्तु प्रेक्षक की आँख के स्तर से ऊपर होती है, तो दृष्टि रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच बनने वाला कोण।
  • अवनमन कोण (Angle of Depression): जब वस्तु प्रेक्षक की आँख के स्तर से नीचे होती है, तो दृष्टि रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच बनने वाला कोण।
  • अवनमन कोण हमेशा क्षैतिज रेखा के साथ बनता है, न कि ऊर्ध्वाधर रेखा के साथ।
  • अवनमन कोण = उन्नयन कोण (एकांतर अंतः कोण)
  • समस्या-समाधान के चरण:
  1. चित्र बनाएँ: समस्या को एक समकोण त्रिभुज के रूप में चित्रित करें। सभी ज्ञात ऊँचाई, दूरियाँ और कोणों को चिह्नित करें।
  2. T-ratio चुनें: ज्ञात और अज्ञात राशियों के बीच संबंध स्थापित करने के लिए उपयुक्त त्रिकोणमितीय अनुपात (sin, cos, tan) चुनें।
  • ऊँचाई और आधार के लिए tan या cot
  • ऊँचाई/आधार और कर्ण के लिए sin या cos, cosec या sec
  1. समीकरण हल करें: अज्ञात राशि ज्ञात करने के लिए समीकरण को हल करें।
  • सामान्य परिदृश्य:
  • एक बिंदु से मीनार की ऊँचाई ज्ञात करना।
  • दो बिंदुओं से मीनार की ऊँचाई ज्ञात करना (जब बिंदु एक ही तरफ या विपरीत तरफ हों)।
  • नदी की चौड़ाई ज्ञात करना।
  • पेड़ का टूटना और उसका जमीन से कोण बनाना।
  • याद रखने योग्य कोण और अनुपात:
  • tan 30° = 1/√3
  • tan 45° = 1
  • tan 60° = √3
  • ये मान अक्सर उपयोग होते हैं।
🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

अवनमन कोण को अक्सर ऊर्ध्वाधर के साथ बना दिया जाता है, जो गलत है। यह हमेशा क्षैतिज रेखा के साथ बनता है।

💡సూచన

MCQs में, चित्र बनाने में समय बचाएं यदि आप मानसिक रूप से स्थिति की कल्पना कर सकते हैं। सीधे T-ratio संबंध स्थापित करें।

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