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AP · Class 10 · 🧮 Maths · Chapter 27

PROBABILITY

సంభావ్యత నిర్వచనంసంభావ్యత సూత్రంసాధ్యమయ్యే ఫలితాలుఅనుకూల ఫలితాలునాణెం టాస్ చేయడంపాచికలు వేయడం

సంభావ్యత అధ్యాయం ఒక సంఘటన జరిగే అవకాశాన్ని కొలవడానికి సంబంధించినది. ఈ అధ్యాయంలో, మీరు నాణేలను టాస్ చేయడం, పాచికలను వేయడం, కార్డులను గీయడం మరియు రంగు బంతులను ఎంచుకోవడం వంటి సాధారణ సంఘటనల సంభావ్యతను ఎలా లెక్కించాలో నేర్చుకుంటారు. ఇది రోజువారీ జీవితంలో నిర్ణయాలు తీసుకోవడానికి మరియు భవిష్యత్తు సంఘటనలను అంచనా వేయడానికి చాలా ముఖ్యమైన భావన.

संभाव्यता: एक परिचय (Probability: An Introduction)

संभाव्यता गणित की वह शाखा है जो यादृच्छिक घटनाओं के घटित होने की संभावना का अध्ययन करती है। यह हमें किसी घटना के होने की संभावना को मापने में मदद करती है।

  • यादृच्छिक प्रयोग (Random Experiment): एक प्रयोग जिसमें परिणाम की भविष्यवाणी पहले से नहीं की जा सकती है, लेकिन सभी संभावित परिणामों को जाना जाता है।
  • उदाहरण: एक सिक्का उछालना, एक पासा फेंकना।
  • परिणाम (Outcome): एक यादृच्छिक प्रयोग का एक संभावित परिणाम।
  • उदाहरण: एक सिक्का उछालने पर 'चित्त' (Head) या 'पट' (Tail) आना।
  • घटना (Event): एक प्रयोग के एक या अधिक परिणामों का संग्रह।
  • उदाहरण: एक पासा फेंकने पर एक सम संख्या प्राप्त करना (परिणाम: 2, 4, 6)।
  • नमूना स्थान (Sample Space): एक प्रयोग के सभी संभावित परिणामों का सेट। इसे 'S' से दर्शाया जाता है।
  • उदाहरण: एक सिक्का उछालने पर, S = {H, T}
  • उदाहरण: एक पासा फेंकने पर, S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}

संभाव्यता का मान हमेशा 0 और 1 के बीच होता है (0 और 1 सहित)।

  • P(E) = 0 का अर्थ है कि घटना असंभव है।
  • P(E) = 1 का अर्थ है कि घटना निश्चित है।
📖నిర్వచనం

संभाव्यता (Probability): किसी घटना के घटित होने की संभावना का संख्यात्मक माप।

ముఖ్యమైనది

संभाव्यता को अक्सर भिन्न (fraction), दशमलव (decimal) या प्रतिशत (percentage) के रूप में व्यक्त किया जाता है।

प्रायोगिक संभाव्यता (Experimental Probability)

प्रायोगिक संभाव्यता, जिसे अनुभवजन्य संभाव्यता भी कहा जाता है, एक प्रयोग के वास्तविक परिणामों पर आधारित होती है।

  • सूत्र:

$$P(E) = \frac{\text{अभिकल्पनाओं की संख्या जिसमें घटना E घटित हुई}}{\text{अभिकल्पनाओं की कुल संख्या}}$$

  • यह तब निर्धारित की जाती है जब हम वास्तव में एक प्रयोग करते हैं और परिणामों को रिकॉर्ड करते हैं।
  • जैसे-जैसे प्रयोगों की संख्या बढ़ती है, प्रायोगिक संभाव्यता सैद्धांतिक संभाव्यता के करीब आती जाती है। इसे बड़े अंकों का नियम (Law of Large Numbers) कहते हैं।

उदाहरण: एक सिक्के को 100 बार उछाला गया। चित्त 55 बार आया और पट 45 बार आया।

  • चित्त आने की प्रायोगिक संभाव्यता = \(\frac{55}{100} = 0.55\)
  • पट आने की प्रायोगिक संभाव्यता = \(\frac{45}{100} = 0.45\)
గుర్తుంచుకోండి

प्रायोगिक संभाव्यता प्रेक्षणों पर आधारित होती है, जबकि सैद्धांतिक संभाव्यता संभावित परिणामों पर आधारित होती है।

सैद्धांतिक संभाव्यता (Theoretical Probability)

सैद्धांतिक संभाव्यता, जिसे शास्त्रीय संभाव्यता भी कहा जाता है, किसी घटना के घटित होने की संभावना को निर्धारित करने के लिए तर्क और पूर्व ज्ञान का उपयोग करती है, बिना वास्तव में कोई प्रयोग किए।

  • सूत्र:

$$P(E) = \frac{\text{घटना E के अनुकूल परिणामों की संख्या}}{\text{संभावित परिणामों की कुल संख्या}}$$

  • यह सूत्र तभी लागू होता है जब सभी परिणाम समसंभाव्य (equally likely) हों।
  • समसंभाव्य परिणाम: वे परिणाम जिनके घटित होने की संभावना समान होती है।
  • उदाहरण: एक निष्पक्ष सिक्के के लिए, चित्त और पट आने की संभावना समान है।

उदाहरण: एक निष्पक्ष पासे को एक बार फेंका जाता है।

  • नमूना स्थान S = {1, 2, 3, 4, 5, 6} \(\Rightarrow\) कुल परिणाम = 6
  • एक सम संख्या प्राप्त करने की घटना E = {2, 4, 6} \(\Rightarrow\) अनुकूल परिणाम = 3
  • P(सम संख्या) = \(\frac{3}{6} = \frac{1}{2}\)
🧮సూత్రం

$$P(E) = \frac{\text{अनुकूल परिणामों की संख्या}}{\text{कुल परिणामों की संख्या}}$$ यह सूत्र बोर्ड परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

💡సూచన

समसंभाव्य परिणामों की पहचान करना महत्वपूर्ण है। यदि परिणाम समसंभाव्य नहीं हैं, तो इस सूत्र का सीधा उपयोग नहीं किया जा सकता है।

संभाव्यता की मूल अवधारणाएँ (Basic Concepts of Probability)

  • निश्चित घटना (Sure Event / Certain Event): एक घटना जो निश्चित रूप से घटित होगी। इसकी संभाव्यता 1 होती है।
  • उदाहरण: एक पासा फेंकने पर 7 से कम संख्या प्राप्त करना। P(E) = \(\frac{6}{6} = 1\)
  • असंभव घटना (Impossible Event): एक घटना जो कभी घटित नहीं हो सकती। इसकी संभाव्यता 0 होती है।
  • उदाहरण: एक पासा फेंकने पर 7 प्राप्त करना। P(E) = \(\frac{0}{6} = 0\)
  • प्राथमिक घटना (Elementary Event): एक घटना जिसमें प्रयोग का केवल एक ही परिणाम होता है।
  • उदाहरण: एक सिक्का उछालने पर 'चित्त' आना एक प्राथमिक घटना है।
  • एक प्रयोग की सभी प्राथमिक घटनाओं की संभाव्यताओं का योग हमेशा 1 होता है।
  • पूरक घटनाएँ (Complementary Events): यदि E एक घटना है, तो 'E नहीं' (not E) को E की पूरक घटना कहा जाता है, जिसे \(E'\) या \(\bar{E}\) से दर्शाया जाता है।
  • P(E) + P(E') = 1
  • या, P(E') = 1 - P(E)
  • उदाहरण: यदि 'बारिश होने' की संभाव्यता P(R) है, तो 'बारिश न होने' की संभाव्यता P(R') = 1 - P(R) होगी।

संभाव्यता का मान:

  • किसी भी घटना E के लिए, \(0 \le P(E) \le 1\).

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • जितनी अधिक बार आप एक प्रयोग करते हैं, प्रायोगिक संभाव्यता सैद्धांतिक संभाव्यता के उतनी ही करीब आती जाती है।
  • संभाव्यता में 'और' (AND) का अर्थ अक्सर गुणा (multiplication) से संबंधित होता है (स्वतंत्र घटनाओं के लिए), जबकि 'या' (OR) का अर्थ अक्सर जोड़ (addition) से संबंधित होता है (परस्पर अनन्य घटनाओं के लिए)।
🧮సూత్రం

पूरक घटनाएँ: \(P(E) + P(\bar{E}) = 1\)

🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

छात्र अक्सर \(P(E) > 1\) या \(P(E) < 0\) जैसी संभाव्यताएँ लिख देते हैं। याद रखें, संभाव्यता हमेशा 0 और 1 के बीच होती है।

ताश के पत्तों पर आधारित समस्याएँ (Problems Based on Playing Cards)

ताश के पत्तों से संबंधित समस्याओं को हल करने के लिए, ताश की गड्डी की संरचना को समझना महत्वपूर्ण है

  • कुल पत्ते: 52
  • सूट (Suits): 4 प्रकार के सूट होते हैं, प्रत्येक में 13 पत्ते होते हैं।
  • लाल सूट (Red Suits):
  • दिल (Hearts) - 13 पत्ते
  • ईंट (Diamonds) - 13 पत्ते
  • काले सूट (Black Suits):
  • हुकुम (Spades) - 13 पत्ते
  • चिड़ी (Clubs) - 13 पत्ते
  • प्रत्येक सूट में पत्ते: A (इक्का), 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, J (गुलाम), Q (बेगम), K (बादशाह)।
  • फेस कार्ड (Face Cards): वे पत्ते जिन पर चेहरे बने होते हैं।
  • प्रत्येक सूट में 3 फेस कार्ड होते हैं: गुलाम (Jack), बेगम (Queen), बादशाह (King)।
  • कुल फेस कार्ड = \(3 \times 4 = 12\)
  • इक्के (Aces): 4 इक्के होते हैं (प्रत्येक सूट में एक)।

संभाव्यता गणना के लिए:

  1. कुल संभावित परिणामों की संख्या (आमतौर पर 52) निर्धारित करें।
  2. घटना के अनुकूल परिणामों की संख्या निर्धारित करें।
  3. सूत्र \(P(E) = \frac{\text{अनुकूल परिणामों की संख्या}}{\text{कुल परिणामों की संख्या}}\) का उपयोग करें।
💡సూచన

ताश के पत्तों पर आधारित प्रश्न अक्सर बोर्ड परीक्षाओं में आते हैं। संरचना को अच्छी तरह से याद कर लें।

पासे और सिक्कों पर आधारित समस्याएँ (Problems Based on Dice and Coins)

ये संभाव्यता के सबसे आम उदाहरण हैं।

सिक्कों पर आधारित समस्याएँ (Problems Based on Coins)

  • एक सिक्का उछालना:
  • नमूना स्थान S = {H, T} (कुल 2 परिणाम)
  • P(H) = \(\frac{1}{2}\), P(T) = \(\frac{1}{2}\)
  • दो सिक्के उछालना:
  • नमूना स्थान S = {HH, HT, TH, TT} (कुल 4 परिणाम)
  • P(दो चित्त) = \(\frac{1}{4}\)
  • P(एक चित्त) = P(HT) + P(TH) = \(\frac{1}{4} + \frac{1}{4} = \frac{2}{4} = \frac{1}{2}\)
  • P(कम से कम एक चित्त) = P(HH, HT, TH) = \(\frac{3}{4}\)
  • तीन सिक्के उछालना:
  • नमूना स्थान S = {HHH, HHT, HTH, THH, HTT, THT, TTH, TTT} (कुल 8 परिणाम)
  • कुल परिणामों की संख्या \(= 2^n\), जहाँ n सिक्कों की संख्या है।

पासों पर आधारित समस्याएँ (Problems Based on Dice)

  • एक पासा फेंकना:
  • नमूना स्थान S = {1, 2, 3, 4, 5, 6} (कुल 6 परिणाम)
  • P(सम संख्या) = P({2, 4, 6}) = \(\frac{3}{6} = \frac{1}{2}\)
  • P(विषम संख्या) = P({1, 3, 5}) = \(\frac{3}{6} = \frac{1}{2}\)
  • P(अभाज्य संख्या) = P({2, 3, 5}) = \(\frac{3}{6} = \frac{1}{2}\)
  • दो पासे फेंकना:
  • कुल परिणामों की संख्या \(= 6 \times 6 = 36\)
  • नमूना स्थान एक तालिका के रूप में सबसे अच्छा दर्शाया गया है:

| (1,1) | (1,2) | (1,3) | (1,4) | (1,5) | (1,6) | |---|---|---|---|---|---| | (2,1) | (2,2) | (2,3) | (2,4) | (2,5) | (2,6) | | (3,1) | (3,2) | (3,3) | (3,4) | (3,5) | (3,6) | | (4,1) | (4,2) | (4,3) | (4,4) | (4,5) | (4,6) | | (5,1) | (5,2) | (5,3) | (5,4) | (5,5) | (5,6) | | (6,1) | (6,2) | (6,3) | (6,4) | (6,5) | (6,6) |

  • उदाहरण: दो पासों पर योग 7 आने की संभाव्यता।
  • अनुकूल परिणाम: (1,6), (2,5), (3,4), (4,3), (5,2), (6,1) \(\Rightarrow\) 6 परिणाम
  • P(योग 7) = \(\frac{6}{36} = \frac{1}{6}\)
  • कुल परिणामों की संख्या \(= 6^n\), जहाँ n पासों की संख्या है।
💡సూచన

दो पासों वाले प्रश्नों के लिए, नमूना स्थान की तालिका बनाना परिणामों को गिनने में मदद करता है और गलतियों से बचाता है।

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