Real Numbers
ఈ అధ్యాయం వాస్తవ సంఖ్యల గురించి, ముఖ్యంగా హేతుబద్ధ సంఖ్యల దశాంశ విస్తరణల గురించి వివరిస్తుంది. అకరణీయ సంఖ్యల హారాలు మరియు వాటి దశాంశ విస్తరణల మధ్య సంబంధాన్ని గుర్తించడంపై దృష్టి సారించబడింది. అంతమయ్యే మరియు అంతం కాని ఆవర్తన దశాంశాలను వేరు చేయడం, అలాగే పూర్ణాంకాలను వాటి ప్రధాన కారకాల లబ్దంగా వ్యక్తీకరించడం వంటివి ఇందులో ఉంటాయి. ఈ భావనలు సంఖ్యల వ్యవస్థను అర్థం చేసుకోవడానికి మరియు గణిత సమస్యలను పరిష్కరించడానికి చాలా ముఖ్యమైనవి.
यूक्लिडियन डिवीज़न लेम्मा (Euclidean Division Lemma)
यूक्लिडियन डिवीज़न लेम्मा एक सिद्ध कथन है जिसका उपयोग अन्य कथनों को सिद्ध करने के लिए किया जाता है।
- लेम्मा (Lemma): एक सिद्ध कथन जिसका उपयोग किसी अन्य कथन को सिद्ध करने के लिए किया जाता है।
- एल्गोरिथम (Algorithm): समस्याओं को हल करने के लिए अच्छी तरह से परिभाषित चरणों की एक श्रृंखला।
यूक्लिडियन डिवीज़न लेम्मा का कथन
दो धनात्मक पूर्णांकों \(a\) और \(b\) के लिए, अद्वितीय पूर्णांक \(q\) और \(r\) मौजूद होते हैं जो \(a = bq + r\) को संतुष्ट करते हैं, जहाँ \(0 \le r < b\)।
- यहाँ, \(a\) = भाज्य (dividend), \(b\) = भाजक (divisor), \(q\) = भागफल (quotient), \(r\) = शेषफल (remainder)।
- यह मूल रूप से 'भाज्य = भाजक \(\times\) भागफल + शेषफल' का एक औपचारिक कथन है।
यूक्लिडियन डिवीज़न एल्गोरिथम (Euclidean Division Algorithm)
यह दो धनात्मक पूर्णांकों का HCF (Highest Common Factor) ज्ञात करने की एक तकनीक है।
चरण-दर-चरण विधि:
- चरण 1: दो धनात्मक पूर्णांकों \(c\) और \(d\) पर यूक्लिडियन डिवीज़न लेम्मा लागू करें, जहाँ \(c > d\)। हम \(c = dq + r\) लिखते हैं, जहाँ \(0 \le r < d\)।
- चरण 2:
- यदि \(r = 0\) है, तो \(d\) संख्याओं \(c\) और \(d\) का HCF है।
- यदि \(r \ne 0\) है, तो भाजक \(d\) और शेषफल \(r\) पर यूक्लिडियन डिवीज़न लेम्मा लागू करें।
- चरण 3: इस प्रक्रिया को तब तक जारी रखें जब तक शेषफल शून्य न हो जाए। इस चरण में भाजक ही आवश्यक HCF होगा।
उदाहरण: 455 और 42 का HCF ज्ञात करें।
- \(455 = 42 \times 10 + 35\) (यहाँ \(r = 35 \ne 0\))
- \(42 = 35 \times 1 + 7\) (यहाँ \(r = 7 \ne 0\))
- \(35 = 7 \times 5 + 0\) (यहाँ \(r = 0\))
- अंतिम भाजक 7 है, इसलिए HCF(455, 42) = 7।
यूक्लिडियन डिवीज़न एल्गोरिथम केवल धनात्मक पूर्णांकों के लिए लागू होता है।
बोर्ड परीक्षाओं में यूक्लिडियन डिवीज़न एल्गोरिथम का उपयोग करके HCF ज्ञात करने के प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। चरणों को स्पष्ट रूप से लिखें।
अंकगणित का मौलिक प्रमेय (Fundamental Theorem of Arithmetic)
यह प्रमेय बताता है कि प्रत्येक भाज्य संख्या (composite number) को अभाज्य संख्याओं (prime numbers) के गुणनफल के रूप में विशिष्ट रूप से व्यक्त किया जा सकता है, चाहे अभाज्य गुणनखंडों का क्रम कुछ भी हो।
- अभाज्य संख्या (Prime Number): एक संख्या जिसके ठीक दो गुणनखंड होते हैं: 1 और स्वयं संख्या (जैसे 2, 3, 5, 7, 11)।
- भाज्य संख्या (Composite Number): एक संख्या जिसके दो से अधिक गुणनखंड होते हैं (जैसे 4, 6, 8, 9, 10)।
प्रमेय का कथन
प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में अद्वितीय रूप से व्यक्त किया जा सकता है, और यह गुणनखंडन अभाज्य गुणनखंडों के क्रम के बिना अद्वितीय होता है।
उदाहरण:
- \(12 = 2 \times 2 \times 3 = 2^2 \times 3\)
- \(30 = 2 \times 3 \times 5\)
- \(156 = 2 \times 2 \times 3 \times 13 = 2^2 \times 3 \times 13\)
HCF और LCM ज्ञात करने के लिए अनुप्रयोग
अंकगणित के मौलिक प्रमेय का उपयोग करके दो या दो से अधिक धनात्मक पूर्णांकों का HCF और LCM ज्ञात किया जा सकता है।
- HCF (Highest Common Factor): दी गई संख्याओं में प्रत्येक उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड की सबसे छोटी घात का गुणनफल।
- LCM (Least Common Multiple): दी गई संख्याओं में प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड की सबसे बड़ी घात का गुणनफल।
सूत्र: किन्हीं दो धनात्मक पूर्णांकों \(a\) और \(b\) के लिए, \(HCF(a, b) \times LCM(a, b) = a \times b\)।
उदाहरण: 6 और 20 का HCF और LCM ज्ञात करें।
- \(6 = 2 \times 3\)
- \(20 = 2 \times 2 \times 5 = 2^2 \times 5\)
- HCF(6, 20): उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड 2 है। इसकी सबसे छोटी घात \(2^1\) है। इसलिए, HCF = 2।
- LCM(6, 20): सभी अभाज्य गुणनखंड 2, 3, 5 हैं। इनकी सबसे बड़ी घातें \(2^2\), \(3^1\), \(5^1\) हैं। इसलिए, LCM = \(2^2 \times 3 \times 5 = 4 \times 3 \times 5 = 60\)।
सत्यापन: \(HCF(6, 20) \times LCM(6, 20) = 2 \times 60 = 120\) \(a \times b = 6 \times 20 = 120\) इसलिए, \(HCF \times LCM = a \times b\) सत्यापित होता है।
अभाज्य गुणनखंडन (Prime Factorization): किसी संख्या को उसके अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में व्यक्त करना।
छात्र अक्सर HCF और LCM के लिए अभाज्य गुणनखंडों की घातों को चुनने में भ्रमित हो जाते हैं। याद रखें: HCF के लिए सबसे छोटी घात, LCM के लिए सबसे बड़ी घात।
अपरिमेय संख्याएँ (Irrational Numbers)
एक संख्या जिसे \(p/q\) के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता, जहाँ \(p\) और \(q\) पूर्णांक हैं और \(q \ne 0\) है, उसे अपरिमेय संख्या कहते हैं।
- अपरिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार अशांत और अनावर्ती (non-terminating and non-repeating) होता है।
- उदाहरण: \(\sqrt{2}, \sqrt{3}, \sqrt{5}, \pi, 0.101101110...\)
\(\sqrt{2}\) के अपरिमेय होने का प्रमाण (Proof that \(\sqrt{2}\) is Irrational)
हम विरोधाभास द्वारा प्रमाण (proof by contradiction) विधि का उपयोग करते हैं।
चरण-दर-चरण प्रमाण:
- मान लें: मान लीजिए \(\sqrt{2}\) एक परिमेय संख्या है।
- परिमेय रूप में व्यक्त करें: यदि \(\sqrt{2}\) परिमेय है, तो इसे \(a/b\) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ \(a\) और \(b\) सह-अभाज्य पूर्णांक (co-prime integers) हैं (अर्थात, उनका 1 के अलावा कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है) और \(b \ne 0\)।
\(\sqrt{2} = a/b\)
- दोनों पक्षों का वर्ग करें: \(2 = a^2/b^2 \Rightarrow a^2 = 2b^2\)
- निष्कर्ष 1: इसका अर्थ है कि \(a^2\) 2 से विभाज्य है। अंकगणित के मौलिक प्रमेय के अनुसार, यदि \(p\) एक अभाज्य संख्या है और \(p\) \(a^2\) को विभाजित करता है, तो \(p\) \(a\) को भी विभाजित करेगा। इसलिए, \(a\) भी 2 से विभाज्य है।
- \(a\) को \(2c\) के रूप में लिखें: चूंकि \(a\) 2 से विभाज्य है, हम \(a = 2c\) लिख सकते हैं, जहाँ \(c\) कोई पूर्णांक है।
- \(a\) का मान प्रतिस्थापित करें: \((2c)^2 = 2b^2 \Rightarrow 4c^2 = 2b^2 \Rightarrow 2c^2 = b^2\)
- निष्कर्ष 2: इसका अर्थ है कि \(b^2\) 2 से विभाज्य है। उपरोक्त तर्क के अनुसार, \(b\) भी 2 से विभाज्य है।
- विरोधाभास: हमने पाया कि \(a\) और \(b\) दोनों 2 से विभाज्य हैं। लेकिन हमने शुरू में माना था कि \(a\) और \(b\) सह-अभाज्य हैं (अर्थात, उनका 1 के अलावा कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है)। यह एक विरोधाभास है।
- निष्कर्ष: यह विरोधाभास हमारी प्रारंभिक धारणा के कारण उत्पन्न हुआ है कि \(\sqrt{2}\) एक परिमेय संख्या है। इसलिए, हमारी धारणा गलत है। अतः, \(\sqrt{2}\) एक अपरिमेय संख्या है।
\(\sqrt{3}, \sqrt{5}\) आदि के अपरिमेय होने का प्रमाण
इसी तरह, हम \(\sqrt{3}\), \(\sqrt{5}\) आदि के अपरिमेय होने का प्रमाण दे सकते हैं, जहाँ 2 को संबंधित अभाज्य संख्या (3 या 5) से बदल दिया जाता है।
अपरिमेय संख्याओं से संबंधित संक्रियाएँ
- एक परिमेय और एक अपरिमेय संख्या का योग या घटाव हमेशा अपरिमेय होता है। (उदा. \(2 + \sqrt{3}\))
- एक अशून्य परिमेय और एक अपरिमेय संख्या का गुणनफल या भागफल हमेशा अपरिमेय होता है। (उदा. \(2\sqrt{3}\), \(5/\sqrt{2}\))
- दो अपरिमेय संख्याओं का योग, घटाव, गुणनफल या भागफल परिमेय या अपरिमेय हो सकता है। (उदा. \(\sqrt{2} + (-\sqrt{2}) = 0\) (परिमेय), \(\sqrt{2} \times \sqrt{2} = 2\) (परिमेय), \(\sqrt{2} + \sqrt{3}\) (अपरिमेय))
अंकगणित का मौलिक प्रमेय इस प्रमाण का एक महत्वपूर्ण आधार है।
बोर्ड परीक्षा में \(\sqrt{2}, \sqrt{3}, \sqrt{5}\) या \(a + b\sqrt{c}\) प्रकार की संख्याओं के अपरिमेय होने का प्रमाण बहुत महत्वपूर्ण है। यह लगभग हर साल पूछा जाता है।
परिमेय संख्याओं और उनके दशमलव प्रसार का पुनरीक्षण (Revisiting Rational Numbers and their Decimal Expansions)
हम जानते हैं कि परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार या तो शांत (terminating) होते हैं या अशांत आवर्ती (non-terminating repeating) होते हैं।
प्रमेय 1: शांत दशमलव प्रसार
मान लीजिए \(x = p/q\) एक परिमेय संख्या है, जहाँ \(p\) और \(q\) सह-अभाज्य हैं और \(q \ne 0\) है। यदि \(q\) का अभाज्य गुणनखंडन \(2^n 5^m\) के रूप का है, जहाँ \(n\) और \(m\) ऋणेतर पूर्णांक (non-negative integers) हैं, तो \(x\) का दशमलव प्रसार शांत होता है।
उदाहरण:
- \(3/8 = 3/2^3\). यहाँ \(q = 2^3 = 2^3 5^0\). यह \(2^n 5^m\) के रूप का है, इसलिए \(3/8 = 0.375\) (शांत).
- \(13/125 = 13/5^3\). यहाँ \(q = 5^3 = 2^0 5^3\). यह \(2^n 5^m\) के रूप का है, इसलिए \(13/125 = 0.104\) (शांत).
- \(7/80 = 7/(2^4 \times 5)\). यहाँ \(q = 2^4 5^1\). यह \(2^n 5^m\) के रूप का है, इसलिए \(7/80 = 0.0875\) (शांत).
प्रमेय 2: अशांत आवर्ती दशमलव प्रसार
मान लीजिए \(x = p/q\) एक परिमेय संख्या है, जहाँ \(p\) और \(q\) सह-अभाज्य हैं और \(q \ne 0\) है। यदि \(q\) का अभाज्य गुणनखंडन \(2^n 5^m\) के रूप का नहीं है, जहाँ \(n\) और \(m\) ऋणेतर पूर्णांक हैं, तो \(x\) का दशमलव प्रसार अशांत आवर्ती होता है।
उदाहरण:
- \(1/3\). यहाँ \(q = 3\). यह \(2^n 5^m\) के रूप का नहीं है। इसलिए \(1/3 = 0.333...\) (अशांत आवर्ती).
- \(1/7\). यहाँ \(q = 7\). यह \(2^n 5^m\) के रूप का नहीं है। इसलिए \(1/7 = 0.142857142857...\) (अशांत आवर्ती).
- \(13/30 = 13/(2 \times 3 \times 5)\). यहाँ \(q = 2 \times 3 \times 5\). इसमें 3 का गुणनखंड है, इसलिए यह \(2^n 5^m\) के रूप का नहीं है। इसलिए \(13/30 = 0.4333...\) (अशांत आवर्ती).
बिना वास्तविक विभाजन के दशमलव प्रसार का निर्धारण
किसी परिमेय संख्या \(p/q\) का दशमलव प्रसार शांत होगा या अशांत आवर्ती होगा, यह जानने के लिए, हमें केवल \(q\) के अभाज्य गुणनखंडों की जांच करनी होगी।
- पहले \(p/q\) को उसके सरलतम रूप में लाएँ (यानी, \(p\) और \(q\) सह-अभाज्य हों)।
- \(q\) का अभाज्य गुणनखंडन करें।
- यदि \(q\) के अभाज्य गुणनखंडन में केवल 2 और/या 5 हैं, तो दशमलव प्रसार शांत होगा।
- यदि \(q\) के अभाज्य गुणनखंडन में 2 और 5 के अलावा कोई अन्य अभाज्य गुणनखंड है, तो दशमलव प्रसार अशांत आवर्ती होगा।
यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि \(p/q\) अपने सरलतम रूप में हो, इससे पहले कि आप \(q\) के अभाज्य गुणनखंडों की जांच करें। उदाहरण के लिए, \(14/70 = 1/5\) (शांत), लेकिन यदि आप 70 के गुणनखंड देखते हैं \((2 \times 5 \times 7)\), तो आप गलत निष्कर्ष निकाल सकते हैं।