Real Numbers
ఈ అధ్యాయం వాస్తవ సంఖ్యల పరిచయంతో ప్రారంభమవుతుంది, సహజ సంఖ్యలు, పూర్ణాంకాలు, అకరణీయ మరియు కరణీయ సంఖ్యల వంటి వాటి ఉపసమితులను వివరిస్తుంది. యూక్లిడ్ భాగహార అల్గోరిథంను ఉపయోగించి రెండు ధన పూర్ణాంకాల గ.సా.భా (HCF) కనుగొనడం మరియు అకరణీయ సంఖ్యల దశాంశ విస్తరణలను అర్థం చేసుకోవడం వంటివి ఇందులో ఉన్నాయి. కరణీయ సంఖ్యలను నిరూపించడం కూడా ఈ అధ్యాయంలో ఒక ముఖ్యమైన భాగం. ఇది సంఖ్యా వ్యవస్థపై బలమైన పునాదిని అందిస్తుంది.
यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (Euclid's Division Lemma)
यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका दो धनात्मक पूर्णांकों के HCF (Highest Common Factor) को ज्ञात करने की एक विधि है।
- प्रमेयिका: दो धनात्मक पूर्णांक $a$ और $b$ दिए होने पर, ऐसी अद्वितीय पूर्ण संख्याएँ $q$ और $r$ विद्यमान हैं कि $a = bq + r$, जहाँ $0 \le r < b$।
- यहाँ, $a$ = भाज्य (Dividend), $b$ = भाजक (Divisor), $q$ = भागफल (Quotient), $r$ = शेषफल (Remainder)।
- यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम (Euclid's Division Algorithm):
- यह एल्गोरिथम दो धनात्मक पूर्णांकों के HCF को ज्ञात करने की एक तकनीक है।
- यह यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका पर आधारित है।
- एल्गोरिथम के चरण:
- दो धनात्मक पूर्णांक $c$ और $d$ (जहाँ $c > d$) लें। उन पर यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका लागू करें: $c = dq + r$, जहाँ $0 \le r < d$।
- यदि $r = 0$, तो $d$ ही $c$ और $d$ का HCF है।
- यदि $r \ne 0$, तो भाजक $d$ और शेषफल $r$ पर यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका लागू करें।
- इस प्रक्रिया को तब तक जारी रखें जब तक शेषफल शून्य न हो जाए। इस स्थिति में, भाजक ही वांछित HCF होगा।
- उपयोग:
- दो धनात्मक पूर्णांकों का HCF ज्ञात करना।
- संख्याओं के गुणों को सिद्ध करना (जैसे कि किसी धनात्मक पूर्णांक का वर्ग $3m$ या $3m+1$ के रूप का होता है)।
यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम केवल धनात्मक पूर्णांकों के लिए लागू होता है।
HCF (Highest Common Factor): दो या दो से अधिक संख्याओं का सबसे बड़ा उभयनिष्ठ गुणनखंड। इसे GCD (Greatest Common Divisor) भी कहते हैं।
अंकगणित की आधारभूत प्रमेय (Fundamental Theorem of Arithmetic)
अंकगणित की आधारभूत प्रमेय पूर्णांकों के गुणनखंडन से संबंधित है।
- प्रमेय: प्रत्येक भाज्य संख्या (Composite Number) को अभाज्य संख्याओं (Prime Numbers) के एक अद्वितीय गुणनफल के रूप में व्यक्त (गुणनखंडित) किया जा सकता है, और यह गुणनखंडन (factors के क्रम को छोड़कर) अद्वितीय होता है।
- उदाहरण: $12 = 2 \times 2 \times 3 = 2^2 \times 3$
- उदाहरण: $30 = 2 \times 3 \times 5$
- अभाज्य गुणनखंडन विधि द्वारा HCF और LCM ज्ञात करना:
- HCF: दी गई संख्याओं के प्रत्येक उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड (common prime factor) की सबसे छोटी घात (smallest power) का गुणनफल।
- LCM: दी गई संख्याओं से संबंधित प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड (every prime factor involved) की सबसे बड़ी घात (greatest power) का गुणनफल।
- संबंध (Relationship):
- किन्हीं दो धनात्मक पूर्णांकों $a$ और $b$ के लिए:
$HCF(a, b) \times LCM(a, b) = a \times b$
- यह संबंध केवल दो संख्याओं के लिए मान्य है, तीन या अधिक संख्याओं के लिए नहीं।
- उपयोग:
- अभाज्य गुणनखंडन द्वारा HCF और LCM ज्ञात करना।
- सिद्ध करना कि कुछ संख्याएँ अपरिमेय हैं (अप्रत्यक्ष रूप से)।
- परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार की प्रकृति का निर्धारण करना।
$HCF(a, b) \times LCM(a, b) = a \times b$
संख्या 1 न तो अभाज्य है और न ही भाज्य। यह एक अद्वितीय संख्या है।
अपरिमेय संख्याओं का पुनर्भ्रमण (Revisiting Irrational Numbers)
अपरिमेय संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिन्हें $\frac{p}{q}$ के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता, जहाँ $p$ और $q$ पूर्णांक हैं और $q \ne 0$।
- गुण:
- इनका दशमलव प्रसार असांत अनावर्ती (non-terminating non-repeating) होता है।
- उदाहरण: $\sqrt{2}, \sqrt{3}, \sqrt{5}, \pi$, आदि।
- अपरिमेयता सिद्ध करना (Proof of Irrationality):
- अपरिमेयता सिद्ध करने के लिए अक्सर विरोधाभास विधि (Method of Contradiction) का उपयोग किया जाता है।
- विधि के चरण:
- मान लें कि दी गई संख्या परिमेय है।
- इसे $\frac{a}{b}$ के रूप में व्यक्त करें, जहाँ $a$ और $b$ सह-अभाज्य (co-prime) पूर्णांक हैं ($b \ne 0$)।
- गणितीय संक्रियाओं का उपयोग करके एक विरोधाभास उत्पन्न करें (जैसे कि यह दिखाना कि $a$ और $b$ का एक उभयनिष्ठ गुणनखंड है, जो हमारी प्रारंभिक धारणा के विपरीत है)।
- निष्कर्ष निकालें कि हमारी प्रारंभिक धारणा गलत थी, और इसलिए संख्या अपरिमेय है।
- प्रमेय 1.3: मान लीजिए $p$ एक अभाज्य संख्या है। यदि $p$, $a^2$ को विभाजित करता है, तो $p$, $a$ को भी विभाजित करेगा, जहाँ $a$ एक धनात्मक पूर्णांक है।
- यह प्रमेय अपरिमेयता सिद्ध करने में महत्वपूर्ण है।
$\sqrt{2}, \sqrt{3}, \sqrt{5}$ की अपरिमेयता सिद्ध करना बोर्ड परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है। इन सिद्धियों के चरणों को अच्छी तरह से समझें और अभ्यास करें।
अपरिमेयता सिद्ध करते समय $a$ और $b$ को सह-अभाज्य मानना न भूलें। यही विरोधाभास का आधार है।
परिमेय संख्याओं और उनके दशमलव प्रसार का पुनर्भ्रमण (Revisiting Rational Numbers and their Decimal Expansions)
परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार या तो सांत (terminating) होते हैं या असांत आवर्ती (non-terminating repeating) होते हैं।
- प्रमेय 1.5 (सांत दशमलव प्रसार):
- मान लीजिए $x = \frac{p}{q}$ एक परिमेय संख्या है, जहाँ $p$ और $q$ सह-अभाज्य हैं और $q \ne 0$।
- यदि $q$ का अभाज्य गुणनखंडन $2^n 5^m$ के रूप का है, जहाँ $n$ और $m$ ऋणेतर पूर्णांक हैं, तो $x$ का दशमलव प्रसार सांत होगा।
- प्रमेय 1.6 (असांत आवर्ती दशमलव प्रसार):
- मान लीजिए $x = \frac{p}{q}$ एक परिमेय संख्या है, जहाँ $p$ और $q$ सह-अभाज्य हैं और $q \ne 0$।
- यदि $q$ का अभाज्य गुणनखंडन $2^n 5^m$ के रूप का नहीं है, जहाँ $n$ और $m$ ऋणेतर पूर्णांक हैं, तो $x$ का दशमलव प्रसार असांत आवर्ती होगा।
- दशमलव प्रसार ज्ञात करना (बिना लंबी विभाजन प्रक्रिया के):
- यदि हर $q$ का गुणनखंड $2^n 5^m$ के रूप का है, तो अंश और हर को उपयुक्त संख्या से गुणा करके हर को $10^k$ के रूप में बदलें।
- उदाहरण: $\frac{3}{8} = \frac{3}{2^3} = \frac{3 \times 5^3}{2^3 \times 5^3} = \frac{375}{10^3} = 0.375$
- उपयोग:
- बिना लंबी विभाजन प्रक्रिया के यह निर्धारित करना कि परिमेय संख्या का दशमलव प्रसार सांत है या असांत आवर्ती।
- दशमलव प्रसार को सीधे लिखना।
किसी परिमेय संख्या $\frac{p}{q}$ के दशमलव प्रसार की प्रकृति निर्धारित करने से पहले $p$ और $q$ को सह-अभाज्य बनाना महत्वपूर्ण है।
दशमलव प्रसार की प्रकृति पर आधारित प्रश्न (सांत या असांत आवर्ती) अक्सर 1 या 2 अंक के लिए पूछे जाते हैं। हर के अभाज्य गुणनखंडन पर ध्यान दें।