The Real Number System
ఈ అధ్యాయం వాస్తవ సంఖ్యా వ్యవస్థ యొక్క ప్రాథమిక భావనలను వివరిస్తుంది. సహజ సంఖ్యలు, పూర్ణాంకాలు, అకరణీయ సంఖ్యలు మరియు కరణీయ సంఖ్యలతో సహా సంఖ్యల వర్గీకరణను విద్యార్థులు నేర్చుకుంటారు. సంఖ్యా రేఖపై సంఖ్యలను పోల్చడం మరియు అమర్చడం, అలాగే పూర్ణాంకాలపై కూడిక, తీసివేత, గుణకారం మరియు భాగహారం వంటి ప్రాథమిక గణిత కార్యకలాపాలను కూడా ఈ అధ్యాయం వివరిస్తుంది. ఇది సంఖ్యా భావనల యొక్క బలమైన పునాదిని నిర్మిస్తుంది, ఇది ఉన్నత స్థాయి గణితానికి అవసరం.
यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (Euclid's Division Lemma)
यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका दो धनात्मक पूर्णांकों (positive integers) के बीच के संबंध को बताती है।
- कथन: दो धनात्मक पूर्णांक $a$ और $b$ दिए होने पर, ऐसी अद्वितीय पूर्ण संख्याएँ (unique whole numbers) $q$ और $r$ विद्यमान हैं कि $a = bq + r$, जहाँ $0 \le r < b$।
- यहाँ:
- $a$ = भाज्य (Dividend)
- $b$ = भाजक (Divisor)
- $q$ = भागफल (Quotient)
- $r$ = शेषफल (Remainder)
- महत्व: यह प्रमेयिका यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम का आधार है, जिसका उपयोग दो धनात्मक पूर्णांकों का HCF (Highest Common Factor) ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
- यह प्रमेयिका केवल धनात्मक पूर्णांकों के लिए लागू होती है।
उदाहरण:
- यदि $a = 17$ और $b = 5$, तो $17 = 5 \times 3 + 2$। यहाँ $q = 3$ और $r = 2$। ध्यान दें कि $0 \le 2 < 5$।
- यदि $a = 10$ और $b = 2$, तो $10 = 2 \times 5 + 0$। यहाँ $q = 5$ और $r = 0$। ध्यान दें कि $0 \le 0 < 2$।
यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (Euclid's Division Lemma): दो धनात्मक पूर्णांक $a$ और $b$ के लिए, $a = bq + r$ जहाँ $0 \le r < b$।
यह प्रमेयिका केवल धनात्मक पूर्णांकों के लिए है। इसका उपयोग HCF ज्ञात करने में होता है।
यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम (Euclid's Division Algorithm)
यह दो धनात्मक पूर्णांकों का HCF ज्ञात करने की एक विधि है। यह यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका पर आधारित है।
चरण:
- दो धनात्मक पूर्णांक $c$ और $d$ (जहाँ $c > d$) पर यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका लागू करें। हमें $c = dq + r$ प्राप्त होता है, जहाँ $0 \le r < d$।
- यदि $r = 0$, तो $d$ ही $c$ और $d$ का HCF है।
- यदि $r \ne 0$, तो $d$ और $r$ पर यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका लागू करें।
- इस प्रक्रिया को तब तक जारी रखें जब तक शेषफल शून्य न हो जाए। इस स्थिति में, भाजक (divisor) ही वांछित HCF होगा।
उदाहरण: 135 और 225 का HCF ज्ञात करें।
- चरण 1: $225 > 135$। यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका लागू करने पर:
$225 = 135 \times 1 + 90$
- चरण 2: शेषफल $90 \ne 0$। अब $135$ और $90$ पर प्रमेयिका लागू करें:
$135 = 90 \times 1 + 45$
- चरण 3: शेषफल $45 \ne 0$। अब $90$ और $45$ पर प्रमेयिका लागू करें:
$90 = 45 \times 2 + 0$
- चरण 4: शेषफल $0$ है। इस चरण का भाजक $45$ है।
- अतः, $135$ और $225$ का HCF $45$ है।
अनुप्रयोग:
- यह एल्गोरिथम किसी भी दो धनात्मक पूर्णांकों का HCF ज्ञात करने के लिए बहुत प्रभावी है।
- इसका उपयोग संख्याओं के गुणों को सिद्ध करने में भी किया जाता है, जैसे कि किसी धनात्मक पूर्णांक का वर्ग या घन किस रूप का होता है।
बोर्ड परीक्षा में HCF ज्ञात करने के लिए यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथम का उपयोग करने वाले प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से लिखें।
छात्र अक्सर $r < b$ की शर्त को भूल जाते हैं। शेषफल हमेशा भाजक से छोटा होता है।
अंकगणित की आधारभूत प्रमेय (Fundamental Theorem of Arithmetic)
यह प्रमेय संख्याओं के गुणनखंडन (factorization) से संबंधित है।
- कथन: प्रत्येक भाज्य संख्या (composite number) को अभाज्य संख्याओं (prime numbers) के एक अद्वितीय गुणनफल (unique product) के रूप में व्यक्त (गुणनखंडित) किया जा सकता है, और यह गुणनखंडन अभाज्य गुणनखंडों के आने वाले क्रम के बिना अद्वितीय होता है।
- सरल शब्दों में: हर भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणा के रूप में लिखा जा सकता है, और यह तरीका हमेशा एक ही होता है (बस अभाज्य संख्याओं का क्रम बदल सकता है)।
- उदाहरण:
- $12 = 2 \times 2 \times 3 = 2^2 \times 3$
- $30 = 2 \times 3 \times 5$
- $156 = 2 \times 2 \times 3 \times 13 = 2^2 \times 3 \times 13$
अनुप्रयोग:
- HCF और LCM ज्ञात करना:
- HCF: दी गई संख्याओं में प्रत्येक उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड की सबसे छोटी घात (smallest power) का गुणनफल।
- LCM: दी गई संख्याओं में प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड की सबसे बड़ी घात (greatest power) का गुणनफल।
- महत्वपूर्ण संबंध: किन्हीं दो धनात्मक पूर्णांकों $a$ और $b$ के लिए, $HCF(a, b) \times LCM(a, b) = a \times b$। यह संबंध केवल दो संख्याओं के लिए सत्य है, तीन या अधिक संख्याओं के लिए नहीं।
- परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार की प्रकृति की जाँच करना:
- यदि किसी परिमेय संख्या $\frac{p}{q}$ (जहाँ $p$ और $q$ सह-अभाज्य हैं) के हर $q$ का अभाज्य गुणनखंडन $2^n 5^m$ के रूप का है (जहाँ $n, m$ ऋणेतर पूर्णांक हैं), तो इसका दशमलव प्रसार शांत (terminating) होगा।
- यदि $q$ का अभाज्य गुणनखंडन $2^n 5^m$ के रूप का नहीं है, तो इसका दशमलव प्रसार अशांत आवर्ती (non-terminating repeating) होगा।
उदाहरण: $6$ और $20$ का HCF और LCM ज्ञात करें।
- $6 = 2^1 \times 3^1$
- $20 = 2^2 \times 5^1$
- $HCF(6, 20) = 2^1 = 2$ (उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड की सबसे छोटी घात)
- $LCM(6, 20) = 2^2 \times 3^1 \times 5^1 = 4 \times 3 \times 5 = 60$ (प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड की सबसे बड़ी घात)
- जाँच: $HCF(6, 20) \times LCM(6, 20) = 2 \times 60 = 120$
- $a \times b = 6 \times 20 = 120$
- अतः, $HCF \times LCM = a \times b$ सत्यापित होता है।
$HCF(a, b) \times LCM(a, b) = a \times b$
अंकगणित की आधारभूत प्रमेय का उपयोग करके HCF और LCM ज्ञात करना यूक्लिड एल्गोरिथम की तुलना में बड़ी संख्याओं के लिए अधिक सुविधाजनक हो सकता है। यह संबंध $HCF \times LCM = a \times b$ बोर्ड परीक्षा में एक आम प्रश्न है।
अपरिमेय संख्याओं का पुनर्भ्रमण (Revisiting Irrational Numbers)
अपरिमेय संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिन्हें $\frac{p}{q}$ के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता, जहाँ $p$ और $q$ पूर्णांक हैं और $q \ne 0$।
- इनका दशमलव प्रसार अशांत अनावर्ती (non-terminating non-repeating) होता है।
- उदाहरण: $\sqrt{2}, \sqrt{3}, \sqrt{5}, \pi, 0.101101110...$
प्रमेय 1.3: मान लीजिए $p$ एक अभाज्य संख्या है। यदि $p, a^2$ को विभाजित करता है, तो $p, a$ को भी विभाजित करेगा, जहाँ $a$ एक धनात्मक पूर्णांक है।
- उदाहरण: यदि $3, 36 (6^2)$ को विभाजित करता है, तो $3, 6$ को भी विभाजित करेगा।
अपरिमेयता सिद्ध करना: अपरिमेय संख्याओं की अपरिमेयता सिद्ध करने के लिए हम प्रायः विरोधाभास विधि (Method of Contradiction) का उपयोग करते हैं।
चरण:
- यह मानकर शुरू करें कि दी गई संख्या एक परिमेय संख्या है।
- इसे $\frac{a}{b}$ के रूप में व्यक्त करें, जहाँ $a$ और $b$ सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और $b \ne 0$।
- गणितीय संक्रियाएँ करें और एक विरोधाभास पर पहुँचें (जैसे कि $a$ और $b$ सह-अभाज्य नहीं हैं, या कोई अभाज्य संख्या दोनों को विभाजित करती है)।
- यह विरोधाभास हमारी प्रारंभिक धारणा को गलत साबित करता है, जिससे यह निष्कर्ष निकलता है कि संख्या अपरिमेय है।
उदाहरण: $\sqrt{2}$ की अपरिमेयता सिद्ध करना।
- चरण 1: मान लीजिए $\sqrt{2}$ एक परिमेय संख्या है।
- चरण 2: तो, $\sqrt{2} = \frac{a}{b}$ जहाँ $a$ और $b$ सह-अभाज्य पूर्णांक हैं और $b \ne 0$।
- चरण 3: दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
$2 = \frac{a^2}{b^2}$ $a^2 = 2b^2$ ...(i) इसका अर्थ है कि $a^2, 2$ से विभाज्य है। प्रमेय 1.3 के अनुसार, यदि $2, a^2$ को विभाजित करता है, तो $2, a$ को भी विभाजित करेगा। तो, हम $a = 2c$ लिख सकते हैं, जहाँ $c$ कोई पूर्णांक है। $a$ का मान समीकरण (i) में रखने पर: $(2c)^2 = 2b^2$ $4c^2 = 2b^2$ $2c^2 = b^2$ इसका अर्थ है कि $b^2, 2$ से विभाज्य है। प्रमेय 1.3 के अनुसार, यदि $2, b^2$ को विभाजित करता है, तो $2, b$ को भी विभाजित करेगा।
- चरण 4: हमने पाया कि $2, a$ को भी विभाजित करता है और $2, b$ को भी विभाजित करता है। इसका मतलब है कि $a$ और $b$ का एक उभयनिष्ठ गुणनखंड $2$ है।
लेकिन, हमने शुरू में माना था कि $a$ और $b$ सह-अभाज्य हैं (यानी, उनका $1$ के अलावा कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है)। यह एक विरोधाभास है। अतः, हमारी प्रारंभिक धारणा कि $\sqrt{2}$ एक परिमेय संख्या है, गलत है। इसलिए, $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है।
अपरिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार अशांत अनावर्ती होता है।
$\sqrt{2}, \sqrt{3}, \sqrt{5}$ की अपरिमेयता सिद्ध करना बोर्ड परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण और अक्सर पूछा जाने वाला प्रश्न है। इसके चरणों को अच्छी तरह से समझें और अभ्यास करें।
परिमेय संख्याओं और उनके दशमलव प्रसार का पुनर्भ्रमण (Revisiting Rational Numbers and Their Decimal Expansions)
परिमेय संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिन्हें $\frac{p}{q}$ के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ $p$ और $q$ पूर्णांक हैं, $q \ne 0$, और $p, q$ सह-अभाज्य हैं।
दशमलव प्रसार के प्रकार:
- शांत दशमलव प्रसार (Terminating Decimal Expansion): वे दशमलव प्रसार जो कुछ अंकों के बाद समाप्त हो जाते हैं।
- उदाहरण: $0.5, 2.75, 3.125$
- अशांत आवर्ती दशमलव प्रसार (Non-terminating Repeating Decimal Expansion): वे दशमलव प्रसार जो कभी समाप्त नहीं होते, लेकिन अंकों का एक ब्लॉक बार-बार दोहराता है।
- उदाहरण: $0.333..., 1.272727..., 5.123123...$
प्रमेय 1.5: मान लीजिए $x$ एक परिमेय संख्या है जिसका दशमलव प्रसार शांत है। तब $x$ को $\frac{p}{q}$ के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ $p$ और $q$ सह-अभाज्य हैं, और $q$ का अभाज्य गुणनखंडन $2^n 5^m$ के रूप का है, जहाँ $n, m$ ऋणेतर पूर्णांक हैं।
प्रमेय 1.6: मान लीजिए $x = \frac{p}{q}$ एक परिमेय संख्या है, जहाँ $p$ और $q$ सह-अभाज्य हैं। यदि $q$ का अभाज्य गुणनखंडन $2^n 5^m$ के रूप का है, जहाँ $n, m$ ऋणेतर पूर्णांक हैं, तो $x$ का दशमलव प्रसार शांत होता है।
प्रमेय 1.7: मान लीजिए $x = \frac{p}{q}$ एक परिमेय संख्या है, जहाँ $p$ और $q$ सह-अभाज्य हैं। यदि $q$ का अभाज्य गुणनखंडन $2^n 5^m$ के रूप का नहीं है, जहाँ $n, m$ ऋणेतर पूर्णांक हैं, तो $x$ का दशमलव प्रसार अशांत आवर्ती होता है।
बिना लंबी विभाजन प्रक्रिया के दशमलव प्रसार की प्रकृति ज्ञात करना:
- दी गई परिमेय संख्या को $\frac{p}{q}$ के सरलतम रूप में लिखें (अर्थात, $p$ और $q$ सह-अभाज्य हों)।
- हर $q$ का अभाज्य गुणनखंडन करें।
- यदि $q$ का अभाज्य गुणनखंडन केवल $2$ की घातों, केवल $5$ की घातों, या $2$ और $5$ दोनों की घातों के रूप का है (अर्थात $2^n 5^m$ के रूप का है), तो दशमलव प्रसार शांत होगा।
- यदि $q$ के अभाज्य गुणनखंडन में $2$ या $5$ के अलावा कोई अन्य अभाज्य गुणनखंड आता है, तो दशमलव प्रसार अशांत आवर्ती होगा।
उदाहरण:
- $\frac{13}{3125}$: $3125 = 5^5$। यह $2^0 5^5$ के रूप का है। अतः, दशमलव प्रसार शांत है।
- $\frac{17}{8}$: $8 = 2^3$। यह $2^3 5^0$ के रूप का है। अतः, दशमलव प्रसार शांत है।
- $\frac{64}{455}$: $455 = 5 \times 7 \times 13$। हर में $7$ और $13$ जैसे अभाज्य गुणनखंड हैं। अतः, दशमलव प्रसार अशांत आवर्ती है।
- $\frac{15}{1600}$: पहले सरलतम रूप में लाएँ। $\frac{15}{1600} = \frac{3}{320}$। अब $320 = 2^6 \times 5^1$। यह $2^n 5^m$ के रूप का है। अतः, दशमलव प्रसार शांत है।
शांत दशमलव प्रसार के लिए, हर $q$ का अभाज्य गुणनखंडन $2^n 5^m$ के रूप का होना चाहिए।
संख्या को $\frac{p}{q}$ के सरलतम रूप में लाना न भूलें। उदाहरण के लिए, $\frac{6}{15} = \frac{2}{5}$। यहाँ हर $5$ है, जो $2^0 5^1$ के रूप का है, इसलिए शांत है। यदि सीधे $15$ का गुणनखंडन करते, तो $3 \times 5$ आता और गलती से अशांत आवर्ती मान लेते।