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AP · Class 10 · 🧮 Maths · Chapter 12

Areas Related to Circles

వృత్తం యొక్క వైశాల్యంవృత్తం యొక్క చుట్టుకొలతవృత్త సెక్టార్ వైశాల్యంవృత్త సెగ్మెంట్ వైశాల్యంవృత్తం యొక్క వ్యాసార్థం

ఈ అధ్యాయం వృత్తం యొక్క వైశాల్యం మరియు చుట్టుకొలత, సెక్టార్ మరియు సెగ్మెంట్ వైశాల్యాలను కనుగొనడం వంటి భావనలను వివరిస్తుంది. వివిధ ఆకారాల వైశాల్యాలను లెక్కించడానికి ఈ సూత్రాలను ఎలా ఉపయోగించాలో నేర్చుకుంటారు. ఇది నిజ జీవిత సమస్యలను పరిష్కరించడంలో సహాయపడుతుంది మరియు తదుపరి తరగతులలో ఉన్నత స్థాయి గణిత భావనలకు పునాది వేస్తుంది.

वृत्त की परिधि और क्षेत्रफल: एक पुनरावलोकन

इस खंड में, हम वृत्त की मूल अवधारणाओं और उनके संबंधित सूत्रों को दोहराएंगे, जो पिछले अध्यायों में सीखे गए हैं।

  • वृत्त (Circle): एक निश्चित बिंदु (केंद्र) से समान दूरी पर स्थित सभी बिंदुओं का बिंदुपथ।
  • त्रिज्या (Radius, r): केंद्र से वृत्त पर किसी भी बिंदु तक की दूरी।
  • व्यास (Diameter, d): वृत्त के केंद्र से होकर गुजरने वाली और वृत्त पर दो बिंदुओं को जोड़ने वाली रेखा खंड। d = 2r
  • परिधि (Circumference, C): वृत्त के चारों ओर की दूरी। इसे वृत्त का परिमाप भी कहते हैं।
  • क्षेत्रफल (Area, A): वृत्त द्वारा घेरा गया स्थान।

महत्वपूर्ण सूत्र:

  • वृत्त की परिधि: C = 2πr या C = πd
  • वृत्त का क्षेत्रफल: A = πr²

जहां π (पाई) एक गणितीय स्थिरांक है, जिसका अनुमानित मान 22/7 या 3.14 होता है। प्रश्न में दिए गए मान का उपयोग करें, अन्यथा 22/7 का उपयोग करें।

याद रखें: π एक अपरिमेय संख्या है।

इकाइयों का ध्यान रखें:

  • यदि त्रिज्या/व्यास cm में है, तो परिधि cm में और क्षेत्रफल cm² में होगा।
  • यदि त्रिज्या/व्यास m में है, तो परिधि m में और क्षेत्रफल में होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न प्रकार:

  1. दो वृत्तों की परिधि/क्षेत्रफल का योग: यदि दो वृत्तों की परिधि C₁ और C₂ है, तो नए वृत्त की परिधि C = C₁ + C₂ होगी। इसी प्रकार, क्षेत्रफल के लिए A = A₁ + A₂
  2. पहिए द्वारा तय की गई दूरी: एक चक्कर में पहिए द्वारा तय की गई दूरी उसकी परिधि के बराबर होती है।
  • कुल दूरी = चक्करों की संख्या × पहिए की परिधि
  • चक्करों की संख्या = कुल दूरी / पहिए की परिधि

गति और समय की इकाइयों को संगत बनाना महत्वपूर्ण है (जैसे km/hr को cm/min में बदलना)।

🧮సూత్రం

वृत्त की परिधि: C = 2πr वृत्त का क्षेत्रफल: A = πr²

💡సూచన

यदि प्रश्न में π का मान नहीं दिया गया है, तो π = 22/7 का उपयोग करें। यदि π = 3.14 दिया गया है, तो उसी का उपयोग करें।

एक वृत्त के त्रिज्यखंड और वृत्तखंड का क्षेत्रफल

वृत्त के भागों के क्षेत्रफल की गणना करना इस अध्याय का मुख्य भाग है।

त्रिज्यखंड (Sector of a Circle):

  • दो त्रिज्याओं और संगत चाप से घिरा वृत्त का क्षेत्र।
  • एक वृत्त में दो प्रकार के त्रिज्यखंड होते हैं: लघु त्रिज्यखंड (Minor Sector) और दीर्घ त्रिज्यखंड (Major Sector)।
त्रिज्यखंड से संबंधित सूत्र:
  1. त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल (Area of Sector):
  • यदि केंद्र पर कोण θ (डिग्री में) है, तो त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल A_{sector} = (θ / 360°) × πr²
  • यह सूत्र वृत्त के कुल क्षेत्रफल का वह भाग है जो कोण θ द्वारा निर्धारित होता है।
  1. चाप की लंबाई (Length of Arc):
  • यदि केंद्र पर कोण θ (डिग्री में) है, तो चाप की लंबाई L_{arc} = (θ / 360°) × 2πr
  • यह सूत्र वृत्त की कुल परिधि का वह भाग है जो कोण θ द्वारा निर्धारित होता है।

वृत्तखंड (Segment of a Circle):

  • एक जीवा और संगत चाप से घिरा वृत्त का क्षेत्र।
  • एक वृत्त में दो प्रकार के वृत्तखंड होते हैं: लघु वृत्तखंड (Minor Segment) और दीर्घ वृत्तखंड (Major Segment)।
वृत्तखंड से संबंधित सूत्र:
  1. लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल (Area of Minor Segment):
  • A_{minor segment} = A_{sector} - A_{triangle}
  • A_{minor segment} = (θ / 360°) × πr² - (1/2)r²sinθ
  • यदि θ = 90° है, तो A_{triangle} = (1/2)r²
  • यदि θ = 60° है, तो A_{triangle} = (√3/4)r² (समबाहु त्रिभुज)।
  1. दीर्घ वृत्तखंड का क्षेत्रफल (Area of Major Segment):
  • A_{major segment} = A_{circle} - A_{minor segment}
  • A_{major segment} = πr² - A_{minor segment}

घड़ी की सुइयों द्वारा बनाया गया कोण:

  • मिनट की सुई: 60 मिनट में 360° घूमती है, यानी 1 मिनट में 6°।
  • घंटे की सुई: 12 घंटे में 360° घूमती है, यानी 1 घंटे में 30° या 1 मिनट में 0.5°।

इन अवधारणाओं का उपयोग करके घड़ी की सुइयों द्वारा तय किए गए क्षेत्रफल की गणना की जा सकती है।

🧮సూత్రం

त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल: A_{sector} = (θ / 360°) × πr² चाप की लंबाई: L_{arc} = (θ / 360°) × 2πr

🧮సూత్రం

लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल: A_{minor segment} = (θ / 360°) × πr² - (1/2)r²sinθ दीर्घ वृत्तखंड का क्षेत्रफल: A_{major segment} = πr² - A_{minor segment}

🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

त्रिज्यखंड और वृत्तखंड के क्षेत्रफल की गणना करते समय θ को डिग्री में रखना न भूलें। यदि θ रेडियन में दिया गया है, तो उसे डिग्री में बदलें (π रेडियन = 180°)।

वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफलों का संयोजन

इस खंड में, हम विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों (जैसे वर्ग, त्रिभुज, आयत) के साथ वृत्तों के संयोजन से बने क्षेत्रों के क्षेत्रफल की गणना करना सीखेंगे। इन समस्याओं में अक्सर छायांकित क्षेत्रों का क्षेत्रफल ज्ञात करना होता है।

सामान्य रणनीतियाँ:

  1. आकृति को पहचानें: दी गई आकृति में कौन से वृत्त, त्रिज्यखंड, वृत्तखंड, वर्ग, त्रिभुज आदि शामिल हैं, उन्हें पहचानें।
  2. उपयोगी सूत्रों को सूचीबद्ध करें: प्रत्येक पहचान की गई आकृति के लिए आवश्यक क्षेत्रफल या परिधि के सूत्रों को लिखें।
  3. भागों में विभाजित करें: जटिल आकृतियों को सरल, ज्ञात आकृतियों में विभाजित करें।
  4. जोड़ें या घटाएं: वांछित क्षेत्रफल प्राप्त करने के लिए इन सरल आकृतियों के क्षेत्रफलों को जोड़ें या घटाएं।
  • उदाहरण: एक वर्ग में खुदे हुए वृत्त का क्षेत्रफल = वर्ग का क्षेत्रफल - वृत्त का क्षेत्रफल
  • उदाहरण: एक त्रिज्यखंड के अंदर एक त्रिभुज को हटाने पर वृत्तखंड का क्षेत्रफल मिलता है।

विशिष्ट प्रकार की समस्याएं:

  • वर्ग के अंदर वृत्त/त्रिज्यखंड: अक्सर वर्ग के कोनों से काटे गए त्रिज्यखंड या वर्ग के अंदर खुदे हुए वृत्त से संबंधित होते हैं।
  • त्रिभुज के अंदर वृत्त/त्रिज्यखंड: विशेष रूप से समबाहु त्रिभुज के शीर्षों को केंद्र मानकर खींचे गए वृत्तों या त्रिज्यखंडों से संबंधित होते हैं।
  • संकेन्द्रीय वृत्त: एक ही केंद्र वाले दो या दो से अधिक वृत्तों के बीच के वलय (ring) का क्षेत्रफल।
  • वलय का क्षेत्रफल = πR² - πr² = π(R² - r²) जहाँ R बाहरी वृत्त की त्रिज्या और r आंतरिक वृत्त की त्रिज्या है।
  • दैनिक जीवन के अनुप्रयोग: रेसिंग ट्रैक, ब्रोच, छाता, कार के वाइपर, लाइटहाउस आदि से संबंधित समस्याएं।

इन समस्याओं को हल करने के लिए, आपको आकृतियों को ध्यान से देखना होगा और यह समझना होगा कि कौन से क्षेत्र को जोड़ना है और कौन से को घटाना है।

महत्वपूर्ण विचार:

  • समरूपता: यदि आकृति सममित है, तो आप एक छोटे हिस्से का क्षेत्रफल ज्ञात करके उसे गुणा कर सकते हैं।
  • पाइथागोरस प्रमेय: अक्सर त्रिज्या, जीवा की लंबाई और केंद्र से जीवा की दूरी के बीच संबंध ज्ञात करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • त्रिकोणमिति: sinθ का उपयोग त्रिभुज के क्षेत्रफल की गणना के लिए किया जाता है, खासकर जब कोण 90° या 60° न हो।
గుర్తుంచుకోండి

जटिल आकृतियों के क्षेत्रफल की गणना करते समय, हमेशा आकृति को सरल भागों में तोड़ने का प्रयास करें जिनके सूत्र आपको ज्ञात हों।

💡సూచన

छायांकित क्षेत्र के प्रश्नों में, अक्सर एक बड़ी आकृति के क्षेत्रफल में से एक या अधिक छोटी आकृतियों के क्षेत्रफल को घटाना होता है। आरेख को ध्यान से देखें।

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