HomeAPClass 10Maths › SURFACE AREA AND VOLUME
AP · Class 10 · 🧮 Maths · Chapter 10

SURFACE AREA AND VOLUME

ఘన వస్తువుల కలయికల ఉపరితల వైశాల్యంఘన వస్తువుల కలయికల ఘనపరిమాణంశంకువు ఛేదకంశంకువు ఛేదకం వక్రతల వైశాల్యంశంకువు ఛేదకం సంపూర్ణతల వైశాల్యంశంకువు ఛేదకం ఘనపరిమాణం

ఈ అధ్యాయం ఘన వస్తువుల ఉపరితల వైశాల్యాలు మరియు ఘనపరిమాణాలను లెక్కించడంపై దృష్టి పెడుతుంది. స్థూపం, శంకువు, గోళం, అర్ధగోళం వంటి ప్రాథమిక ఘన వస్తువుల కలయికల ఉపరితల వైశాల్యాలు మరియు ఘనపరిమాణాలను కనుగొనడం నేర్చుకుంటారు. అలాగే, శంకువు ఛేదకం (frustum) యొక్క ఉపరితల వైశాల్యం మరియు ఘనపరిమాణం గురించి కూడా వివరిస్తుంది. ఈ భావనలు రోజువారీ జీవితంలో వివిధ వస్తువుల కొలతలను అర్థం చేసుకోవడానికి మరియు ఇంజనీరింగ్, నిర్మాణ రంగాలలో చాలా ముఖ్యమైనవి.

संयोजित ठोसों का पृष्ठीय क्षेत्रफल

जब दो या दो से अधिक मूल ठोसों (जैसे घनाभ, घन, बेलन, शंकु, गोला, अर्धगोला) को मिलाकर एक नया ठोस बनाया जाता है, तो हमें उस नए ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करना होता है।

  • मुख्य विचार: जब ठोसों को जोड़ा जाता है, तो उनके कुछ भाग एक-दूसरे से चिपक जाते हैं और दिखाई नहीं देते। हमें केवल उन सतहों का क्षेत्रफल ज्ञात करना होता है जो बाहर से दिखाई देती हैं
  • विधि:
  1. संयोजित ठोस को बनाने वाले मूल ठोसों की पहचान करें।
  2. प्रत्येक मूल ठोस के उन पृष्ठीय क्षेत्रों को निर्धारित करें जो संयोजन के बाद भी दिखाई देते हैं।
  3. इन सभी दिखाई देने वाले पृष्ठीय क्षेत्रों को जोड़कर कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल प्राप्त करें।
  • उदाहरण:
  • बेलन पर शंकु: यदि एक बेलन के ऊपर एक शंकु रखा जाता है (जैसे टेंट), तो कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल होगा: बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + बेलन के आधार का क्षेत्रफल (यदि टेंट का आधार जमीन पर है)।
  • बेलन के दोनों सिरों पर अर्धगोले: (जैसे कैप्सूल) कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल होगा: बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + 2 × अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
  • घनाभ पर अर्धगोला: (जैसे खिलौना) कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल होगा: घनाभ का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल - अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल + अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

महत्वपूर्ण सूत्र:

| ठोस आकृति | वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) | कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA) | | :--------- | :-------------------------- | :------------------------- | | घनाभ | \(2h(l+b)\) | \(2(lb+bh+hl)\) | | घन | \(4a^2\) | \(6a^2\) | | बेलन | \(2\pi rh\) | \(2\pi r(r+h)\) | | शंकु | \(\pi rl\) | \(\pi r(r+l)\) | | गोला | \(4\pi r^2\) | \(4\pi r^2\) | | अर्धगोला | \(2\pi r^2\) | \(3\pi r^2\) |

💡సూచన

संयोजित ठोसों का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करते समय, हमेशा उन सतहों पर ध्यान दें जो बाहर से दिखाई देती हैं। जो सतहें एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं, उन्हें कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल में शामिल नहीं किया जाता है।

🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

छात्र अक्सर संयोजित ठोसों के कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल को मूल ठोसों के कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल के योग के रूप में गलत तरीके से गणना करते हैं। यह गलत है! हमेशा केवल दिखाई देने वाले पृष्ठीय क्षेत्रफल को जोड़ें।

संयोजित ठोसों का आयतन

जब दो या दो से अधिक मूल ठोसों को मिलाकर एक नया ठोस बनाया जाता है, तो उस नए ठोस का आयतन ज्ञात करना पृष्ठीय क्षेत्रफल से अधिक सीधा होता है।

  • मुख्य विचार: आयतन ठोस द्वारा घेरे गए स्थान की माप है। जब ठोसों को जोड़ा जाता है, तो उनके आयतन सीधे जुड़ जाते हैं, भले ही वे एक-दूसरे से जुड़े हों।
  • विधि:
  1. संयोजित ठोस को बनाने वाले मूल ठोसों की पहचान करें।
  2. प्रत्येक मूल ठोस का आयतन ज्ञात करें।
  3. इन सभी मूल ठोसों के आयतनों को जोड़कर कुल आयतन प्राप्त करें।
  • उदाहरण:
  • बेलन पर शंकु: (जैसे अनाज का भंडार) कुल आयतन होगा: बेलन का आयतन + शंकु का आयतन
  • बेलन के दोनों सिरों पर अर्धगोले: (जैसे कैप्सूल) कुल आयतन होगा: बेलन का आयतन + 2 × अर्धगोले का आयतन
  • घनाभ से शंकु काटा गया: (जैसे लकड़ी का खिलौना) शेष ठोस का आयतन होगा: घनाभ का आयतन - शंकु का आयतन

महत्वपूर्ण सूत्र:

| ठोस आकृति | आयतन (V) | | :--------- | :-------- | | घनाभ | \(l \times b \times h\) | | घन | \(a^3\) | | बेलन | \(\pi r^2 h\) | | शंकु | \(\frac{1}{3} \pi r^2 h\) | | गोला | \(\frac{4}{3} \pi r^3\) | | अर्धगोला | \(\frac{2}{3} \pi r^3\) |

ముఖ్యమైనది

आयतन के मामले में, ठोसों को जोड़ने या हटाने पर आयतन सीधे जुड़ते या घटते हैं। पृष्ठीय क्षेत्रफल की तरह, 'छिपी हुई' सतहों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

शंकु का छिन्नक (Frustum of a Cone)

एक शंकु का छिन्नक वह भाग होता है जो एक शंकु को उसके आधार के समानांतर एक तल द्वारा काटने पर प्राप्त होता है, और शंकु के शीर्ष को हटा दिया जाता है।

  • उदाहरण: बाल्टी, गिलास, फनल (कीप)।
  • विशेषताएं:
  • इसमें दो वृत्ताकार आधार होते हैं, जिनकी त्रिज्याएँ अलग-अलग होती हैं (बड़ा आधार \(R\) और छोटा आधार \(r\))।
  • इसकी एक ऊँचाई \(h\) और एक तिर्यक ऊँचाई \(l\) होती है।

शंकु के छिन्नक के सूत्र:

  1. तिर्यक ऊँचाई (Slant Height), \(l\)):

\(l = \sqrt{h^2 + (R-r)^2}\)

  1. वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved Surface Area, CSA):

\(CSA = \pi (R+r)l\)

  1. कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area, TSA):

\(TSA = \pi (R+r)l + \pi R^2 + \pi r^2\)

  • यहाँ, \(\pi R^2\) बड़े आधार का क्षेत्रफल है और \(\pi r^2\) छोटे आधार का क्षेत्रफल है।
  1. आयतन (Volume, V):

\(V = \frac{1}{3} \pi h (R^2 + r^2 + Rr)\)

शंकु के छिन्नक के सूत्रों की व्युत्पत्ति (Derivation):

छिन्नक को एक बड़े शंकु से एक छोटे शंकु को काटकर प्राप्त किया जाता है।

  • माना बड़े शंकु की ऊँचाई \(H\) और त्रिज्या \(R\) है।
  • माना छोटे शंकु की ऊँचाई \(h'\) और त्रिज्या \(r\) है।
  • छिन्नक की ऊँचाई \(h = H - h'\) है।

समान त्रिभुजों के गुणधर्म से: \(\frac{r}{R} = \frac{h'}{H} = \frac{l'}{L}\) (जहाँ \(L\) बड़े शंकु की तिर्यक ऊँचाई और \(l'\) छोटे शंकु की तिर्यक ऊँचाई है)

आयतन की व्युत्पत्ति: छिन्नक का आयतन = बड़े शंकु का आयतन - छोटे शंकु का आयतन \(V = \frac{1}{3} \pi R^2 H - \frac{1}{3} \pi r^2 h'\) \(V = \frac{1}{3} \pi (R^2 H - r^2 h')\)

समान त्रिभुजों के गुणधर्म से, \(h' = \frac{r}{R} H\) और \(H = \frac{R}{r} h'\)

\(V = \frac{1}{3} \pi (R^2 H - r^2 \frac{r}{R} H)\) \(V = \frac{1}{3} \pi H (R^2 - \frac{r^3}{R})\) \(V = \frac{1}{3} \pi H \frac{R^3 - r^3}{R}\)

अब, \(H = \frac{hR}{R-r}\) (यह संबंध \(h = H - h'\) और \(\frac{r}{R} = \frac{h'}{H}\) से प्राप्त होता है)

\(V = \frac{1}{3} \pi \frac{hR}{R-r} \frac{(R-r)(R^2+Rr+r^2)}{R}\) \(V = \frac{1}{3} \pi h (R^2+Rr+r^2)\)

वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल की व्युत्पत्ति: छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = बड़े शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल - छोटे शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \(CSA = \pi R L - \pi r l'\)

समान त्रिभुजों के गुणधर्म से, \(l' = \frac{r}{R} L\) और \(L = \frac{R}{R-r} l\) (जहाँ \(l\) छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई है)

\(CSA = \pi R L - \pi r (\frac{r}{R} L)\) \(CSA = \pi L (R - \frac{r^2}{R})\) \(CSA = \pi L \frac{R^2 - r^2}{R}\)

अब, \(L = \frac{lR}{R-r}\)

\(CSA = \pi \frac{lR}{R-r} \frac{(R-r)(R+r)}{R}\) \(CSA = \pi (R+r)l\)

🧮సూత్రం

शंकु के छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई: \(l = \sqrt{h^2 + (R-r)^2}\) शंकु के छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल: \(CSA = \pi (R+r)l\) शंकु के छिन्नक का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल: \(TSA = \pi (R+r)l + \pi R^2 + \pi r^2\) शंकु के छिन्नक का आयतन: \(V = \frac{1}{3} \pi h (R^2 + r^2 + Rr)\)

గుర్తుంచుకోండి

शंकु का छिन्नक बोर्ड परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके सभी सूत्र और उनकी व्युत्पत्ति को अच्छी तरह से समझें।

Ask SAAVI — Free