Triangles
త్రిభుజాలు అధ్యాయం విద్యార్థులకు సారూప్య చిత్రాలు మరియు త్రిభుజాల భావనను పరిచయం చేస్తుంది. ఇది ప్రాథమిక అనుపాత సిద్ధాంతం (BPT) మరియు దాని అనువర్తనాలను వివరిస్తుంది. AA, SSS మరియు SAS వంటి త్రిభుజాల సరూపతా ప్రమాణాలను కూడా ఈ అధ్యాయం వివరంగా చర్చిస్తుంది. ఈ భావనలు జ్యామితిలో లోతైన అవగాహనకు పునాది వేస్తాయి మరియు నిజ జీవిత సమస్యలను పరిష్కరించడంలో ఉపయోగపడతాయి.
समरूप आकृतियों का परिचय
समरूप आकृतियाँ (Similar Figures)
- समरूप आकृतियाँ वे आकृतियाँ होती हैं जिनका आकार समान होता है, लेकिन माप समान होना आवश्यक नहीं है।
- उदाहरण: दो वृत्त, दो वर्ग, दो समबाहु त्रिभुज हमेशा समरूप होते हैं, भले ही उनकी त्रिज्याएँ/भुजाएँ अलग-अलग हों।
सर्वांगसम आकृतियाँ (Congruent Figures)
- सर्वांगसम आकृतियाँ वे आकृतियाँ होती हैं जिनका आकार और माप दोनों समान होते हैं।
- सर्वांगसम आकृतियाँ एक-दूसरे की अधिरोपित (superimpose) हो सकती हैं।
समरूपता और सर्वांगसमता के बीच संबंध
- सभी सर्वांगसम आकृतियाँ हमेशा समरूप होती हैं।
- लेकिन सभी समरूप आकृतियाँ हमेशा सर्वांगसम नहीं होती हैं।
- समरूपता को
~प्रतीक से दर्शाया जाता है।
बहुभुजों की समरूपता
दो बहुभुज (समान संख्या में भुजाओं वाले) समरूप होते हैं यदि:
- उनके संगत कोण बराबर हों।
- उनकी संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों (समानुपातिक हों)।
याद रखें: इन दोनों शर्तों का एक साथ पूरा होना आवश्यक है। यदि केवल एक शर्त पूरी होती है, तो बहुभुज समरूप नहीं हो सकते।
उदाहरण:
- दो वर्ग हमेशा समरूप होते हैं क्योंकि उनके सभी कोण 90° होते हैं और भुजाओं का अनुपात हमेशा समान होता है।
- दो आयत हमेशा समरूप नहीं होते। उनके कोण 90° होते हैं, लेकिन भुजाओं का अनुपात अलग-अलग हो सकता है।
- दो समबाहु त्रिभुज हमेशा समरूप होते हैं।
समरूप आकृतियाँ (Similar Figures): वे आकृतियाँ जिनका आकार समान होता है लेकिन माप समान होना आवश्यक नहीं है।
दो बहुभुज समरूप होते हैं यदि उनके संगत कोण बराबर हों और उनकी संगत भुजाएँ समानुपातिक हों।
समरूप त्रिभुज – अर्थ और मूल बातें
समरूप त्रिभुजों की परिभाषा
दो त्रिभुज समरूप कहलाते हैं यदि:
- उनके संगत कोण बराबर हों।
- उनकी संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों।
यदि $\triangle ABC \sim \triangle DEF$ है, तो इसका अर्थ है:
- $\angle A = \angle D$, $\angle B = \angle E$, $\angle C = \angle F$
- $\frac{AB}{DE} = \frac{BC}{EF} = \frac{AC}{DF}$
समरूपता के लिए आवश्यक शर्तें
- त्रिभुजों के मामले में, यदि संगत कोण बराबर हैं, तो संगत भुजाएँ स्वचालित रूप से समानुपातिक होंगी, और इसके विपरीत।
- इसलिए, त्रिभुजों के लिए, समरूपता सिद्ध करने के लिए केवल एक शर्त (या तो कोण या भुजा अनुपात) की आवश्यकता होती है, जो बहुभुजों से अलग है।
सर्वांगसम त्रिभुज और समरूप त्रिभुज
- सर्वांगसम त्रिभुज: वे त्रिभुज जिनके संगत कोण और संगत भुजाएँ दोनों बराबर हों।
- समरूप त्रिभुज: वे त्रिभुज जिनके संगत कोण बराबर हों और संगत भुजाएँ समानुपातिक हों।
महत्वपूर्ण संबंध:
- सभी सर्वांगसम त्रिभुज समरूप होते हैं। (क्योंकि संगत कोण बराबर होते हैं और भुजाओं का अनुपात 1:1 होता है)
- सभी समरूप त्रिभुज सर्वांगसम नहीं होते हैं। (क्योंकि उनकी भुजाओं का अनुपात 1:1 के अलावा कुछ भी हो सकता है)
उदाहरण:
यदि $\triangle ABC$ की भुजाएँ 3, 4, 5 हैं और $\triangle PQR$ की भुजाएँ 6, 8, 10 हैं।
- भुजाओं का अनुपात: $\frac{3}{6} = \frac{1}{2}$, $\frac{4}{8} = \frac{1}{2}$, $\frac{5}{10} = \frac{1}{2}$
- चूंकि सभी संगत भुजाएँ समान अनुपात में हैं, इसलिए $\triangle ABC \sim \triangle PQR$।
- यदि ये समकोण त्रिभुज हैं, तो इनके संगत कोण भी बराबर होंगे।
समरूप त्रिभुज (Similar Triangles): दो त्रिभुज समरूप होते हैं यदि उनके संगत कोण बराबर हों और उनकी संगत भुजाएँ समानुपातिक हों।
त्रिभुजों के लिए, यदि उनके संगत कोण बराबर हैं, तो वे समरूप होते हैं। यदि उनकी संगत भुजाएँ समानुपातिक हैं, तो वे समरूप होते हैं।
आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (BPT) – कथन, व्याख्या और प्रमाण
आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (Basic Proportionality Theorem - BPT) या थेल्स प्रमेय
कथन: यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समांतर एक रेखा खींची जाए, जो अन्य दो भुजाओं को भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करे, तो वह अन्य दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है।
BPT की व्याख्या
- त्रिभुज $\triangle ABC$ में, यदि रेखा $DE$ भुजा $BC$ के समांतर है ($DE \parallel BC$),
- और $D$ भुजा $AB$ पर है, $E$ भुजा $AC$ पर है,
- तो $\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$।
BPT का विलोम (Converse of BPT)
कथन: यदि एक रेखा किसी त्रिभुज की दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है, तो वह रेखा तीसरी भुजा के समांतर होती है।
BPT के विलोम की व्याख्या
- त्रिभुज $\triangle ABC$ में, यदि रेखा $DE$ भुजा $AB$ और $AC$ को इस प्रकार प्रतिच्छेद करती है कि $\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$,
- तो $DE \parallel BC$।
BPT का प्रमाण (Proof of BPT)
दिया है: $\triangle ABC$ में, $DE \parallel BC$, जहाँ $D$ भुजा $AB$ पर और $E$ भुजा $AC$ पर है। सिद्ध करना है: $\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$
रचना:
- $B$ को $E$ से और $C$ को $D$ से मिलाएँ।
- $DM \perp AC$ और $EN \perp AB$ खींचें।
प्रमाण:
- $\text{क्षेत्रफल}(\triangle ADE) = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} = \frac{1}{2} \times AD \times EN$
- $\text{क्षेत्रफल}(\triangle DBE) = \frac{1}{2} \times DB \times EN$ (क्योंकि $EN$ $\triangle DBE$ के लिए भी ऊँचाई है, $DB$ आधार है)
- $\frac{\text{क्षेत्रफल}(\triangle ADE)}{\text{क्षेत्रफल}(\triangle DBE)} = \frac{\frac{1}{2} \times AD \times EN}{\frac{1}{2} \times DB \times EN} = \frac{AD}{DB}$ ...(1)
- पुनः, $\text{क्षेत्रफल}(\triangle ADE) = \frac{1}{2} \times AE \times DM$
- $\text{क्षेत्रफल}(\triangle DEC) = \frac{1}{2} \times EC \times DM$
- $\frac{\text{क्षेत्रफल}(\triangle ADE)}{\text{क्षेत्रफल}(\triangle DEC)} = \frac{\frac{1}{2} \times AE \times DM}{\frac{1}{2} \times EC \times DM} = \frac{AE}{EC}$ ...(2)
- हम जानते हैं कि एक ही आधार और समांतर रेखाओं के बीच बने त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है।
- यहाँ, $\triangle DBE$ और $\triangle DEC$ एक ही आधार $DE$ पर और समांतर रेखाओं $DE \parallel BC$ के बीच बने हैं।
- इसलिए, $\text{क्षेत्रफल}(\triangle DBE) = \text{क्षेत्रफल}(\triangle DEC)$ ...(3)
- समीकरण (1), (2) और (3) से:
$\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$
अतः सिद्ध हुआ।
आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (BPT): यदि $\triangle ABC$ में $DE \parallel BC$, तो $\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$।
BPT और इसके विलोम का कथन और प्रमाण बोर्ड परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है। आरेख बनाना और चरणों को स्पष्ट रूप से लिखना महत्वपूर्ण है।
BPT के अनुप्रयोग
BPT के महत्वपूर्ण परिणाम (Corollaries)
यदि $\triangle ABC$ में $DE \parallel BC$ है, तो BPT के अनुसार $\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$। इस परिणाम से अन्य उपयोगी संबंध भी प्राप्त होते हैं:
- पहला परिणाम:
$\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$ दोनों पक्षों में 1 जोड़ने पर: $\frac{AD}{DB} + 1 = \frac{AE}{EC} + 1$ $\frac{AD + DB}{DB} = \frac{AE + EC}{EC}$ $\frac{AB}{DB} = \frac{AC}{EC}$
- दूसरा परिणाम:
$\frac{DB}{AD} = \frac{EC}{AE}$ (BPT का व्युत्क्रम) दोनों पक्षों में 1 जोड़ने पर: $\frac{DB}{AD} + 1 = \frac{EC}{AE} + 1$ $\frac{DB + AD}{AD} = \frac{EC + AE}{AE}$ $\frac{AB}{AD} = \frac{AC}{AE}$
BPT के अनुप्रयोग के उदाहरण
BPT का उपयोग अज्ञात भुजाओं की लंबाई ज्ञात करने और ज्यामितीय समस्याओं को हल करने के लिए किया जाता है।
उदाहरण 1: अज्ञात लंबाई ज्ञात करना
$ riangle ABC$ में, $DE \parallel BC$। यदि $AD = 3 \text{ सेमी}$, $DB = 6 \text{ सेमी}$ और $AE = 2 \text{ सेमी}$ है, तो $EC$ ज्ञात कीजिए।
हल: चूंकि $DE \parallel BC$, BPT द्वारा: $\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$ $\frac{3}{6} = \frac{2}{EC}$ $\frac{1}{2} = \frac{2}{EC}$ $EC = 2 \times 2 = 4 \text{ सेमी}$
उदाहरण 2: मध्यबिंदु प्रमेय (Mid-point Theorem) का प्रमाण BPT का उपयोग करके
कथन: किसी त्रिभुज की दो भुजाओं के मध्यबिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड तीसरी भुजा के समांतर होता है और उसका आधा होता है।
प्रमाण (समांतरता भाग):
- $ riangle ABC$ में, मान लीजिए $D$ भुजा $AB$ का मध्यबिंदु है और $E$ भुजा $AC$ का मध्यबिंदु है।
- तो, $AD = DB \implies \frac{AD}{DB} = 1$
- और $AE = EC \implies \frac{AE}{EC} = 1$
- इसलिए, $\frac{AD}{DB} = \frac{AE}{EC}$
- BPT के विलोम द्वारा, $DE \parallel BC$।
चतुर्भुज में BPT का अनुप्रयोग (Trapezium Example)
समस्या: एक समलंब $ABCD$ में, $AB \parallel DC$ और इसके विकर्ण एक दूसरे को $O$ पर प्रतिच्छेद करते हैं। दर्शाइए कि $\frac{AO}{BO} = \frac{CO}{DO}$।
हल:
- $O$ से होकर $AB$ के समांतर एक रेखा $EO$ खींचिए, जो $AD$ को $E$ पर प्रतिच्छेद करती है।
- चूंकि $EO \parallel AB$ और $AB \parallel DC$, तो $EO \parallel DC$ भी होगा।
- $ riangle DAB$ में, $EO \parallel AB$ (रचना द्वारा)।
BPT द्वारा: $\frac{DE}{EA} = \frac{DO}{OB}$ ...(1)
- $ riangle ADC$ में, $EO \parallel DC$ (सिद्ध किया गया)।
BPT द्वारा: $\frac{AE}{ED} = \frac{AO}{OC}$ ...(2)
- समीकरण (1) को पलटने पर: $\frac{EA}{DE} = \frac{OB}{DO}$ ...(3)
- समीकरण (2) और (3) से:
$\frac{AO}{OC} = \frac{OB}{DO}$ इसे पुनर्व्यवस्थित करने पर: $\frac{AO}{BO} = \frac{CO}{DO}$
अतः सिद्ध हुआ।
BPT लागू करते समय, सुनिश्चित करें कि रेखा वास्तव में त्रिभुज की एक भुजा के समांतर है। यदि समांतरता नहीं दी गई है, तो आप BPT का उपयोग नहीं कर सकते।
BPT के परिणाम $\frac{AB}{DB} = \frac{AC}{EC}$ और $\frac{AB}{AD} = \frac{AC}{AE}$ को याद रखना समस्याओं को तेजी से हल करने में मदद करता है।
AA समरूपता कसौटी – कथन और अनुप्रयोग
AA (कोण-कोण) समरूपता कसौटी
कथन: यदि एक त्रिभुज के दो कोण क्रमशः दूसरे त्रिभुज के दो संगत कोणों के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
AA कसौटी की व्याख्या
- यदि $\triangle ABC$ और $\triangle DEF$ में,
$\angle A = \angle D$ और $\angle B = \angle E$
- तो $\triangle ABC \sim \triangle DEF$।
क्यों केवल दो कोण पर्याप्त हैं?
- हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग $180^\circ$ होता है।
- यदि दो कोण बराबर हैं, तो तीसरा कोण भी स्वचालित रूप से बराबर होगा।
- अर्थात, यदि $\angle A = \angle D$ और $\angle B = \angle E$, तो $\angle C = 180^\circ - (\angle A + \angle B)$ और $\angle F = 180^\circ - (\angle D + \angle E)$।
- चूंकि $\angle A + \angle B = \angle D + \angle E$, इसलिए $\angle C = \angle F$।
- इसलिए, AAA (कोण-कोण-कोण) कसौटी को AA कसौटी के रूप में संक्षिप्त किया जा सकता है।
AA कसौटी का अनुप्रयोग
AA कसौटी का उपयोग अक्सर तब किया जाता है जब हमें त्रिभुजों के कोणों के बारे में जानकारी होती है या उन्हें आसानी से ज्ञात किया जा सकता है (जैसे समांतर रेखाओं या ऊर्ध्वाधर विपरीत कोणों से)।
उदाहरण 1: समरूप त्रिभुजों की पहचान करना
$ riangle ABC$ में $\angle A = 50^\circ$, $\angle B = 70^\circ$। $ riangle PQR$ में $\angle P = 50^\circ$, $\angle Q = 70^\circ$। क्या $ riangle ABC \sim \triangle PQR$ है?
हल:
- दिया है: $\angle A = \angle P = 50^\circ$
- दिया है: $\angle B = \angle Q = 70^\circ$
- चूंकि दो संगत कोण बराबर हैं, AA समरूपता कसौटी द्वारा, $\triangle ABC \sim \triangle PQR$।
उदाहरण 2: अज्ञात भुजा ज्ञात करना
यदि $ riangle ABC \sim \triangle PQR$ और $AB = 4 \text{ सेमी}$, $PQ = 6 \text{ सेमी}$, $BC = 5 \text{ सेमी}$। $\angle B = \angle Q = 60^\circ$। $QR$ ज्ञात कीजिए।
हल:
- चूंकि $ riangle ABC \sim \triangle PQR$, उनकी संगत भुजाएँ समानुपातिक होंगी।
- $\frac{AB}{PQ} = \frac{BC}{QR} = \frac{AC}{PR}$
- हमें $AB$, $PQ$, $BC$ और $QR$ ज्ञात करना है।
- $\frac{4}{6} = \frac{5}{QR}$
- $\frac{2}{3} = \frac{5}{QR}$
- $2 \times QR = 3 \times 5$
- $QR = \frac{15}{2} = 7.5 \text{ सेमी}$
ध्यान दें: इस उदाहरण में, $\angle B = \angle Q = 60^\circ$ जानकारी AA कसौटी के लिए पर्याप्त है, लेकिन भुजाओं का अनुपात भी दिया गया है, जो SSS या SAS के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
AA समरूपता कसौटी: यदि एक त्रिभुज के दो कोण क्रमशः दूसरे त्रिभुज के दो संगत कोणों के बराबर हों, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।
AA कसौटी का उपयोग तब करें जब आपको कोणों के बारे में जानकारी हो। यह सबसे सीधी समरूपता कसौटी है।
SSS (भुजा-भुजा-भुजा) समरूपता कसौटी – कथन और अनुप्रयोग
SSS (भुजा-भुजा-भुजा) समरूपता कसौटी
कथन: यदि दो त्रिभुजों में, एक त्रिभुज की भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की संगत भुजाओं के समानुपातिक हों, तो उनके संगत कोण बराबर होते हैं और इसलिए दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
SSS कसौटी की व्याख्या
- यदि $\triangle ABC$ और $\triangle DEF$ में,
$\frac{AB}{DE} = \frac{BC}{EF} = \frac{AC}{DF}$
- तो $\triangle ABC \sim \triangle DEF$।
- इस स्थिति में, संगत कोण भी बराबर होंगे: $\angle A = \angle D$, $\angle B = \angle E$, $\angle C = \angle F$।
SSS कसौटी का अनुप्रयोग
SSS कसौटी का उपयोग तब किया जाता है जब हमें त्रिभुजों की सभी भुजाओं की लंबाई ज्ञात हो और हमें उनकी समरूपता की जाँच करनी हो।
उदाहरण 1: समरूप त्रिभुजों की पहचान करना
क्या $\triangle ABC$ जिसकी भुजाएँ $AB=3 \text{ सेमी}$, $BC=4 \text{ सेमी}$, $AC=5 \text{ सेमी}$ हैं, $\triangle PQR$ जिसकी भुजाएँ $PQ=6 \text{ सेमी}$, $QR=8 \text{ सेमी}$, $PR=10 \text{ सेमी}$ हैं, के समरूप है?
हल:
- संगत भुजाओं का अनुपात ज्ञात करें:
$\frac{AB}{PQ} = \frac{3}{6} = \frac{1}{2}$ $\frac{BC}{QR} = \frac{4}{8} = \frac{1}{2}$ $\frac{AC}{PR} = \frac{5}{10} = \frac{1}{2}$
- चूंकि सभी संगत भुजाओं का अनुपात समान है ($\frac{1}{2}$), SSS समरूपता कसौटी द्वारा, $\triangle ABC \sim \triangle PQR$।
उदाहरण 2: अज्ञात भुजा ज्ञात करना
$ riangle XYZ$ में $XY=6 \text{ सेमी}$, $YZ=9 \text{ सेमी}$, $XZ=12 \text{ सेमी}$। $ riangle LMN$ में $LM=2 \text{ सेमी}$, $MN=3 \text{ सेमी}$। यदि $ riangle XYZ \sim \triangle LMN$, तो $LN$ ज्ञात कीजिए।
हल:
- चूंकि $ riangle XYZ \sim \triangle LMN$, उनकी संगत भुजाएँ समानुपातिक होंगी।
- $\frac{XY}{LM} = \frac{YZ}{MN} = \frac{XZ}{LN}$
- दिए गए मानों को प्रतिस्थापित करें:
$\frac{6}{2} = \frac{9}{3} = \frac{12}{LN}$
- पहले दो अनुपातों से: $\frac{6}{2} = 3$ और $\frac{9}{3} = 3$। तो अनुपात 3 है।
- अब तीसरे अनुपात का उपयोग करें:
$3 = \frac{12}{LN}$ $LN = \frac{12}{3} = 4 \text{ सेमी}$
महत्वपूर्ण: संगत भुजाओं का सही मिलान करना महत्वपूर्ण है। सबसे छोटी भुजा को सबसे छोटी भुजा से, मध्यम को मध्यम से और सबसे बड़ी को सबसे बड़ी से मिलाएं।
SSS समरूपता कसौटी: यदि दो त्रिभुजों की संगत भुजाएँ समानुपातिक हों, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।
SSS कसौटी में, भुजाओं को समानुपातिक होना चाहिए, न कि बराबर। सर्वांगसमता के लिए भुजाएँ बराबर होती हैं।
SAS (भुजा-कोण-भुजा) समरूपता कसौटी – कथन और अनुप्रयोग
SAS (भुजा-कोण-भुजा) समरूपता कसौटी
कथन: यदि एक त्रिभुज का एक कोण दूसरे त्रिभुज के एक कोण के बराबर हो और इन कोणों को बनाने वाली भुजाएँ समानुपातिक हों, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
SAS कसौटी की व्याख्या
- यदि $\triangle ABC$ और $\triangle DEF$ में,
$\angle A = \angle D$ और $\frac{AB}{DE} = \frac{AC}{DF}$
- तो $\triangle ABC \sim \triangle DEF$।
महत्वपूर्ण बिंदु
- कोण दोनों भुजाओं के बीच का अंतर्निहित कोण (included angle) होना चाहिए। यदि कोण अंतर्निहित नहीं है, तो कसौटी लागू नहीं होती।
SAS कसौटी का अनुप्रयोग
SAS कसौटी का उपयोग तब किया जाता है जब हमें दो भुजाओं की लंबाई और उनके बीच के कोण के बारे में जानकारी हो।
उदाहरण 1: समरूप त्रिभुजों की पहचान करना
$ riangle ABC$ में $AB=4 \text{ सेमी}$, $AC=6 \text{ सेमी}$ और $\angle A = 50^\circ$। $ riangle PQR$ में $PQ=6 \text{ सेमी}$, $PR=9 \text{ सेमी}$ और $\angle P = 50^\circ$। क्या $ riangle ABC \sim \triangle PQR$ है?
हल:
- कोणों की जाँच करें: $\angle A = \angle P = 50^\circ$ (बराबर हैं)।
- अंतर्निहित भुजाओं के अनुपात की जाँच करें:
$\frac{AB}{PQ} = \frac{4}{6} = \frac{2}{3}$ $\frac{AC}{PR} = \frac{6}{9} = \frac{2}{3}$
- चूंकि अंतर्निहित कोण बराबर है और उसे बनाने वाली भुजाएँ समानुपातिक हैं, SAS समरूपता कसौटी द्वारा, $\triangle ABC \sim \triangle PQR$।
उदाहरण 2: अज्ञात भुजा ज्ञात करना
$ riangle LMN$ में $LM=5 \text{ सेमी}$, $LN=8 \text{ सेमी}$ और $\angle L = 70^\circ$। $ riangle PQR$ में $PQ=10 \text{ सेमी}$, $\angle P = 70^\circ$। यदि $ riangle LMN \sim \triangle PQR$, तो $PR$ ज्ञात कीजिए।
हल:
- चूंकि $ riangle LMN \sim \triangle PQR$, संगत कोण बराबर होंगे और संगत भुजाएँ समानुपातिक होंगी।
- दिया है $\angle L = \angle P = 70^\circ$।
- संगत भुजाओं का अनुपात:
$\frac{LM}{PQ} = \frac{LN}{PR}$
- दिए गए मानों को प्रतिस्थापित करें:
$\frac{5}{10} = \frac{8}{PR}$ $\frac{1}{2} = \frac{8}{PR}$
- $PR = 2 \times 8 = 16 \text{ सेमी}$
याद रखें: SAS कसौटी में, कोण का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। यह उन दो भुजाओं के बीच होना चाहिए जिनका अनुपात लिया जा रहा है।
SAS समरूपता कसौटी: यदि एक त्रिभुज का एक कोण दूसरे त्रिभुज के एक कोण के बराबर हो और इन कोणों को बनाने वाली भुजाएँ समानुपातिक हों, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।
छात्र अक्सर अंतर्निहित कोण की शर्त को भूल जाते हैं। यदि कोण उन दो भुजाओं के बीच नहीं है जिनका अनुपात लिया जा रहा है, तो SAS लागू नहीं होता।
मिश्रित समस्याएँ – त्रिभुजों की सभी समरूपता कसौटियों का अनुप्रयोग
समरूपता कसौटियों का चयन
समस्याओं को हल करते समय, सही समरूपता कसौटी (AA, SSS, या SAS) का चयन करना महत्वपूर्ण है। यहाँ एक त्वरित मार्गदर्शिका दी गई है:
- AA (कोण-कोण) कसौटी: जब आपको दो त्रिभुजों के दो संगत कोणों के बराबर होने की जानकारी हो या आप उन्हें आसानी से ज्ञात कर सकें। यह अक्सर तब उपयोगी होता है जब समांतर रेखाएँ, ऊर्ध्वाधर विपरीत कोण, या उभयनिष्ठ कोण शामिल हों।
- SSS (भुजा-भुजा-भुजा) कसौटी: जब आपको दोनों त्रिभुजों की सभी तीन संगत भुजाओं की लंबाई ज्ञात हो और आपको उनके अनुपात की जाँच करनी हो।
- SAS (भुजा-कोण-भुजा) कसौटी: जब आपको दो संगत भुजाओं की लंबाई और उनके बीच के अंतर्निहित कोण की जानकारी हो। सुनिश्चित करें कि कोण वास्तव में उन दो भुजाओं के बीच है।
विभिन्न कसौटियों का उपयोग करके हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 (AA कसौटी का उपयोग करके):
एक $1.6 \text{ मीटर}$ लंबी लड़की एक लैंपपोस्ट से $4.8 \text{ मीटर}$ दूर खड़ी है। लैंपपोस्ट की ऊँचाई $6.4 \text{ मीटर}$ है। लड़की की छाया की लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल:
- मान लीजिए लैंपपोस्ट $AB$ है और लड़की $CD$ है। लड़की की छाया $DE$ है।
- $ riangle ABE$ और $ riangle CDE$ में:
- $\angle B = \angle D = 90^\circ$ (दोनों जमीन पर लंबवत हैं)
- $\angle E = \angle E$ (उभयनिष्ठ कोण)
- AA समरूपता कसौटी द्वारा, $\triangle ABE \sim \triangle CDE$।
- इसलिए, संगत भुजाएँ समानुपातिक होंगी:
$\frac{AB}{CD} = \frac{BE}{DE}$
- दिया है: $AB = 6.4 \text{ मी}$, $CD = 1.6 \text{ मी}$, $BD = 4.8 \text{ मी}$।
- मान लीजिए छाया की लंबाई $DE = x \text{ मी}$। तो $BE = BD + DE = 4.8 + x \text{ मी}$।
- $\frac{6.4}{1.6} = \frac{4.8 + x}{x}$
- $4 = \frac{4.8 + x}{x}$
- $4x = 4.8 + x$
- $3x = 4.8$
- $x = \frac{4.8}{3} = 1.6 \text{ मी}$
- अतः, लड़की की छाया की लंबाई $1.6 \text{ मीटर}$ है।
उदाहरण 2 (SSS कसौटी का उपयोग करके):
दो त्रिभुज $ riangle PQR$ और $ riangle XYZ$ दिए गए हैं। $PQ=3 \text{ सेमी}$, $QR=4 \text{ सेमी}$, $PR=5 \text{ सेमी}$। $XY=7.5 \text{ सेमी}$, $YZ=10 \text{ सेमी}$, $XZ=12.5 \text{ सेमी}$। क्या ये त्रिभुज समरूप हैं?
हल:
- संगत भुजाओं के अनुपात की जाँच करें:
$\frac{PQ}{XY} = \frac{3}{7.5} = \frac{30}{75} = \frac{2}{5}$ $\frac{QR}{YZ} = \frac{4}{10} = \frac{2}{5}$ $\frac{PR}{XZ} = \frac{5}{12.5} = \frac{50}{125} = \frac{2}{5}$
- चूंकि सभी संगत भुजाओं का अनुपात समान है ($\frac{2}{5}$), SSS समरूपता कसौटी द्वारा, $\triangle PQR \sim \triangle XYZ$।
उदाहरण 3 (SAS कसौटी का उपयोग करके):
$ riangle ABC$ में $AB=6 \text{ सेमी}$, $BC=8 \text{ सेमी}$ और $\angle B = 60^\circ$। $ riangle DEF$ में $DE=9 \text{ सेमी}$, $EF=12 \text{ सेमी}$ और $\angle E = 60^\circ$। क्या $ riangle ABC \sim \triangle DEF$ है?
हल:
- कोणों की जाँच करें: $\angle B = \angle E = 60^\circ$ (बराबर हैं)।
- अंतर्निहित भुजाओं के अनुपात की जाँच करें:
$\frac{AB}{DE} = \frac{6}{9} = \frac{2}{3}$ $\frac{BC}{EF} = \frac{8}{12} = \frac{2}{3}$
- चूंकि अंतर्निहित कोण बराबर है और उसे बनाने वाली भुजाएँ समानुपातिक हैं, SAS समरूपता कसौटी द्वारा, $\triangle ABC \sim \triangle DEF$।
समस्या-समाधान में, सबसे पहले कोणों की जानकारी देखें। यदि दो कोण ज्ञात हैं, तो AA सबसे आसान है। यदि सभी भुजाएँ ज्ञात हैं, तो SSS। यदि दो भुजाएँ और अंतर्निहित कोण ज्ञात हैं, तो SAS।
जब दो त्रिभुज समरूप सिद्ध हो जाते हैं, तो आप उनकी संगत भुजाओं के अनुपात की समानता और संगत कोणों की समानता का उपयोग करके अज्ञात मान ज्ञात कर सकते हैं।